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गुना में शुरू हुआ ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान, पुलिस ने ली नशामुक्ति की शपथ

गुना में पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान की शुरुआत बुधवार को पुलिस लाइन से की गई। अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नशामुक्ति की शपथ ली और इसके बाद शहर में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। एसपी ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नशे से दूर रहने और समाज को जागरूक करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज बनाने की शुरुआत स्वयं से करनी होगी। जब पुलिसकर्मी इस संकल्प का पालन करेंगे, तभी समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। एएसपी ने समझाई अभियान की रूपरेखा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन ने अभियान की रूपरेखा बताते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशा करता दिखाई दे तो उसे समझाने और सही राह दिखाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को जागरूक करना भी उनकी अहम भूमिका है। पुलिस लाइन से जयस्तंभ चौराहे तक निकली जागरूकता रैली शपथ ग्रहण के बाद पुलिस लाइन से जयस्तंभ चौराहे तक बाइक और पैदल जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के दौरान पुलिसकर्मियों ने लोगों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी और नशामुक्त समाज बनाने का संदेश दिया। ‘हर पुलिसकर्मी बने नशामुक्ति का दूत’ एसपी हितिका वासल ने कहा कि गुना जिले में नशे की समस्या चिंताजनक है और इसका समाधान जनभागीदारी से ही संभव है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की कि वे गांव-गांव और शहर के हर इलाके में जाकर लोगों को जागरूक करें और ‘नशामुक्ति के दूत’ की भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि आज लिया गया यह संकल्प तभी सफल होगा, जब इसका संदेश समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचे। अधिक जानकारी और मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ की ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें www.deshharpal.com
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खंडवा में साइबर ठगी का नया तरीका: RTO चालान की APK फाइल डाउनलोड करते ही छात्र के खाते से उड़ गए ₹59 हजार

खंडवा में जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक’ चलाए जाने के बावजूद साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ताजा मामले में एक बीएससी छात्र को व्हाट्सएप पर RTO चालान के नाम से APK फाइल भेजकर 59 हजार रुपए से अधिक की ठगी कर ली गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। RTO चालान की फर्जी APK फाइल बनी ठगी का जरिया कोतवाली पुलिस के अनुसार, पीड़ित करण डूडवे खरगोन जिले के भीकनगांव का निवासी है। वह वर्तमान में खंडवा की एक निजी यूनिवर्सिटी से बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर रहा है और गणेश तलाई क्षेत्र में किराए के मकान में रहता है। करण ने पुलिस को बताया कि 8 जुलाई की सुबह करीब 11:45 बजे उसके मोबाइल पर बैंक से दो ट्रांजेक्शन के मैसेज आए। पहला ट्रांजेक्शन ₹49,999 और दूसरा ₹8,999 का था। खाते की जांच करने पर पता चला कि उसके अकाउंट से कुल ₹59,466 निकाल लिए गए हैं। पीड़ित का कहना है कि यह ठगी व्हाट्सएप पर मिले RTO चालान की APK फाइल डाउनलोड करने के बाद हुई। दो यूट्यूबर पर ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज इधर, पंधाना थाना पुलिस ने दो स्थानीय यूट्यूबरों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, गोपाल सावनेर और लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्ष्मण केल्दे पर आरोप है कि उन्होंने मोहनपुर पंचायत के सचिव रामप्रकाश मोरे से 50 हजार रुपए की मांग की। शिकायत में कहा गया है कि दोनों सड़क और नाली से जुड़े मुद्दों पर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांग रहे थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर ठगी से बचने के लिए रखें ये सावधानियां अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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अक्षर पटेल का ऑलराउंड शो, शुभमन गिल की कप्तानी पारी; भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर पहला वनडे जीता

बर्मिंघम। ऑलराउंडर अक्षर पटेल के शानदार प्रदर्शन और कप्तान शुभमन गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे मुकाबले में 6 विकेट से हराकर सीरीज में विजयी शुरुआत की। एजबेस्टन मैदान पर खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 262 रन बनाकर हासिल कर लिया। अक्षर पटेल ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। कप्तान शुभमन गिल ने 80 रन बनाए, लेकिन मैच के दौरान क्रैम्प्स की समस्या के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। शुरुआती झटकों के बाद गिल ने संभाली पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 101 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम की पारी को संभाला। श्रेयस 35 रन बनाकर रनआउट हुए, जबकि केएल राहुल बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभालते हुए पांचवें विकेट के लिए 102 रन की अविजित साझेदारी की और भारत को शानदार जीत दिलाई। जो रूट और लियाम डॉसन ने इंग्लैंड को संभाला इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। इंग्लैंड की शुरुआत मजबूत रही और टीम ने 61 रन तक कोई विकेट नहीं गंवाया, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए महज 19 रन के भीतर 5 विकेट झटक दिए। मध्यक्रम में जो रूट ने 76 रन और लियाम डॉसन ने 68 रन की अहम पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से निभाई अहम भूमिका भारतीय गेंदबाजों में अक्षर पटेल सबसे सफल रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने 2-2 विकेट हासिल किए। जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अक्षर पटेल ने टीम इंडिया की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई और भारत ने सीरीज की शानदार शुरुआत की। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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CAG रिपोर्ट में जल जीवन मिशन की पोल: छत्तीसगढ़ में 33% नल कनेक्शन गैर-कार्यशील, ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा

रायपुर। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर खामियों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार कमजोर योजना, धीमा क्रियान्वयन, निगरानी की कमी और गलत रिपोर्टिंग के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक स्थिरता प्रभावित हुई है। मार्च 2024 तक की अवधि पर आधारित ‘छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का प्रदर्शन ऑडिट’ रिपोर्ट मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसके लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद मिशन के कार्यों में तेजी आई है। योजना निर्माण में गंभीर खामियां CAG की रिपोर्ट के मुताबिक जल जीवन मिशन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कई स्थानों पर गांव स्तर की कार्ययोजना तैयार किए बिना ही जिला स्तरीय योजनाएं बना दी गईं, जबकि राज्य स्तरीय कार्ययोजना तैयार ही नहीं की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर जल सुरक्षा योजना नहीं बनाई गई, जिससे जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता और योजनाओं के रखरखाव की स्पष्ट रणनीति विकसित नहीं हो सकी। 33 प्रतिशत नल कनेक्शन निकले गैर-कार्यशील रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) लगाए गए। हालांकि, इनमें से 13.31 लाख (करीब 33%) कनेक्शन गैर-कार्यशील पाए गए। इसके पीछे सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप स्थापित नहीं होना प्रमुख कारण बताए गए हैं। ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा राज्य के 19,656 गांवों को मार्च 2024 तक ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64 प्रतिशत) ही इस लक्ष्य तक पहुंच सके। ऑडिट में ऐसे मामले भी सामने आए, जहां अधूरे कार्यों के बावजूद गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित कर दिया गया। किसी भी जिले में 100% कवरेज नहीं मार्च 2024 तक राज्य के 33 में से किसी भी जिले और 146 में से किसी भी विकासखंड में 100 प्रतिशत नल जल कवरेज नहीं था। योजनाओं की प्रगति बेहद धीमी रिपोर्ट के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 29,153 सिंगल विलेज स्कीम में से मार्च 2024 तक केवल 172 योजनाएं पूरी हो सकीं। इनमें भी सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को योजनाओं का संचालन सौंपा गया। वहीं, स्वीकृत 70 मल्टी विलेज स्कीम में से मार्च 2025 तक एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे करीब 9.85 लाख घरों तक सतही जल स्रोतों से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ। सोलर आधारित योजनाओं में भी अनियमितताएं CAG ने पाया कि कई सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक नल कनेक्शन जोड़ दिए गए। इसके कारण 28,984 परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी कमियां रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार केंद्र और राज्यांश मिलाकर 6,480.04 करोड़ रुपये की आवश्यक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही। साथ ही मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि और CSR जैसी योजनाओं के संसाधनों के समन्वय के लिए भी कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई। जल गुणवत्ता जांच की व्यवस्था कमजोर राज्य की 75 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से केवल 4 प्रयोगशालाएं ही सभी 13 निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों की जांच करने में सक्षम पाई गईं। इसके अलावा 37 प्रतिशत प्रयोगशालाओं को NABL की मान्यता प्राप्त नहीं थी। रिपोर्ट में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार जल गुणवत्ता जांच नहीं होने की बात कही गई है। CAG की प्रमुख सिफारिशें रिपोर्ट में सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार मिशन को खराब स्थिति में छोड़कर गई थी, जिसके कारण परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समय-सीमा 2024 से बढ़ाकर 2028 तक कर दी है। मार्च 2026 में स्वीकृत मिशन के दूसरे चरण को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके।
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रायपुर में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा

रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा 16 जुलाई को धार्मिक आस्था, वैदिक परंपराओं और भव्य आयोजन के साथ निकाली जाएगी। वहीं बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा माता सुभद्रा के तीनों रथों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रथयात्रा से पहले 14 जुलाई की शाम 6 बजे भगवान का नेत्रोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और सनातन परंपरा का भी प्रतीक माना जाता है। भक्त और भगवान के मिलन का महापर्व श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा भक्तों और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। वर्ष में केवल इसी अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। 11 वैदिक पंडित कराएंगे विशेष पूजन रथयात्रा के दिन सुबह 11 वैदिक पंडितों के सान्निध्य में भगवान का विशेष अभिषेक, पूजन और हवन कराया जाएगा। चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर सहित विभिन्न सुगंधित द्रव्यों से भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान को गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल वाद्यों की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा की सबसे प्रमुख परंपराओं में शामिल ‘छेरा पहरा’ का निर्वहन इस वर्ष भी किया जाएगा। परंपरा के अनुसार राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई करेंगे। यह परंपरा सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। भजन, झांकियों और लोकनृत्य से गूंजेगा शहर रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों द्वारा भजन-कीर्तन, आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से सपरिवार रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है। रायपुर और छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सरकार और बोर्ड से 10 दिन में मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि “कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता।” हालांकि, नीति को लागू करने में सामने आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, CBSE और संबंधित पक्षों से 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। यह नीति शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू की गई है। इसके तहत छात्रों को दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़नी होगी। इससे कई छात्रों को पहले से पढ़ी जा रही भाषाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। क्या है विवाद? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CBSE ने पर्याप्त तैयारी के बिना नई भाषा नीति लागू कर दी है। उनके मुताबिक कई स्कूलों में संबंधित भाषाओं के शिक्षक, पाठ्यपुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े अहम सवाल और जवाब 1. मामला क्या है? सुप्रीम कोर्ट में CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इनमें कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। हालांकि, CBSE ने 6 जून को संशोधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि इस वर्ष कक्षा 10 के छात्रों को तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। 2. नए नियम में क्या बदलाव हुआ है? पहले कई छात्र अंग्रेजी के साथ एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच या जर्मन) पढ़ते थे। नए नियम के अनुसार अब तीन भाषाओं में से कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य है। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही चुनी जा सकेगी। 3. याचिका किसने दायर की? यह याचिका छात्र यशिका भंडारी, अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी की ओर से दायर की गई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर, मुकुल रोहतगी और गोपाल शंकरनारायणन ने पैरवी की। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। 4. याचिकाकर्ताओं की मुख्य आपत्ति क्या है? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था अचानक लागू कर दी गई। कई भारतीय भाषाओं की किताबें उपलब्ध नहीं हैं और अधिकांश स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक भी नहीं हैं। ऐसे में छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 5. किताबों को लेकर क्या दलील दी गई? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं में से फिलहाल केवल तीन भाषाओं की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं। ऐसे में बाकी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करना व्यवहारिक रूप से कठिन होगा। 6. शिक्षकों की कमी पर क्या कहा गया? याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि नई भारतीय भाषाएं पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता होगी, लेकिन इतने कम समय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण संभव नहीं है। 7. क्या विदेशी भाषाएं बंद हो जाएंगी? नहीं। छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन इसके साथ उन्हें दो भारतीय भाषाएं भी पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में होगी। 8. क्या तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा होगी? नहीं। CBSE ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा (R3) का अलग बोर्ड एग्जाम नहीं होगा, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त परीक्षा का दबाव न बढ़े। 9. अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार, CBSE और NCERT अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी। नई शिक्षा नीति 2020 क्या है? भारत सरकार ने 29 जुलाई 2020 को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को मंजूरी दी थी। यह 34 वर्षों बाद देश की शिक्षा व्यवस्था में किया गया सबसे बड़ा बदलाव माना जाता है। इससे पहले शिक्षा नीति 1986 में लागू हुई थी, जिसे 1992 में संशोधित किया गया था। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना, छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकसित करना है। केंद्र सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से 2030 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। चूंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए इसे लागू करने में केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की भूमिका होती है। देश, शिक्षा और करियर से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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बिलासपुर: CM हेल्पलाइन शिकायतों के खराब निराकरण पर PHE के ईई को नोटिस, कलेक्टर ने अधिकारियों को लगाई फटकार

बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) रूपेश कुमार धनंजय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। टीएल (समय-सीमा) बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा करने के बजाय उनका गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समय-सीमा का पालन करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। एकल शिक्षकीय स्कूलों में जल्द होंगे अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एकल शिक्षकीय स्कूलों में तत्काल अतिथि शिक्षक नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं भी ली जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। जर्जर स्कूल भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएं। ऐसे विद्यालयों के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करने और नए भवन या अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी लगाई फटकार जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए डीएमएफ की राशि का प्रभावी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। बिलासपुर और छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ में दो साल में 2960 हत्याएं: रायपुर सबसे आगे, नक्सल प्रभावित जिलों से भी ज्यादा दर्ज हुए हत्या के मामले

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले दो वर्षों के दौरान हत्या के मामलों के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। गृह विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई 2024 से 30 जून 2026 के बीच प्रदेश में 2,960 हत्या के मामले दर्ज किए गए। इसका मतलब है कि राज्य में औसतन हर महीने 123 और हर दिन करीब 4 लोगों की हत्या हुई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि राजधानी रायपुर में हत्या के मामले नक्सल प्रभावित रहे कई जिलों की तुलना में अधिक दर्ज किए गए हैं। रायपुर में सबसे ज्यादा 169 हत्या के मामले गृह विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दो वर्षों में सबसे अधिक 169 हत्या के मामले रायपुर जिले में दर्ज हुए। इसके बाद जशपुर और रायगढ़ में 114-114, जबकि दुर्ग और सरगुजा में 113-113 हत्या के मामले सामने आए। वहीं बिलासपुर में इस अवधि के दौरान 109 लोगों की हत्या दर्ज की गई। नक्सल प्रभावित जिलों में अपेक्षाकृत कम मामले आंकड़ों के अनुसार, नक्सल प्रभावित रहे कई जिलों में हत्या के मामले राजधानी रायपुर से कम रहे। दो वर्षों के दौरान दर्ज हत्या के मामले इस प्रकार हैं— इन सभी जिलों की तुलना में अकेले रायपुर में कहीं अधिक हत्याएं दर्ज होना कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर संकेत माना जा रहा है। पिछले एक साल में भी रायपुर पहले स्थान पर यदि केवल 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तब भी रायपुर हत्या के मामलों में प्रदेश में सबसे आगे रहा। इस अवधि में हत्या के मामले इस प्रकार रहे— बड़े शहरों में बढ़ रही हत्या की घटनाएं आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के बड़े शहरों में हत्या के मामलों की संख्या लगातार अधिक बनी हुई है। रायपुर लगातार पहले स्थान पर है, जबकि दुर्ग में पिछले वर्ष की तुलना में मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा बलौदाबाजार और कोरिया जैसे जिलों में भी हत्या की घटनाओं में इजाफा देखने को मिला है, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है। हालांकि, इन आंकड़ों के पीछे के कारणों और अपराध नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों पर सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। छत्तीसगढ़ की राजनीति, अपराध, प्रशासन और ताजा खबरों की हर अपडेट के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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अनियमित कर्मचारियों और बेरोजगारी भत्ते को लेकर AAP का सरकार पर हमला, 1 अगस्त से चलाएगी हस्ताक्षर अभियान

रायपुर। आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रदेश में अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण और बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिलने के मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने 1 अगस्त से पूरे प्रदेश में बेरोजगारी भत्ते की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाने का भी ऐलान किया है। 7.30 लाख अनियमित कर्मचारियों का उठाया मुद्दा प्रेस कॉन्फ्रेंस में AAP नेताओं ने कहा कि प्रदेश में 7.30 लाख से अधिक अनियमित कर्मचारी वर्षों से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनके नियमितीकरण का वादा अब तक पूरा नहीं किया गया। पार्टी का आरोप है कि कम मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को 4 हजार रुपये प्रतिमाह विशेष भत्ता भी नहीं मिल रहा है। नेताओं ने यह भी कहा कि वर्ष 2017 के बाद न्यूनतम वेतन का पुनरीक्षण नहीं किया गया है। वहीं, संविदा कर्मचारियों के वेतन में अगस्त 2023 के बाद से कोई बढ़ोतरी नहीं होने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बेरोजगारी भत्ता बंद होने का लगाया आरोप AAP ने दावा किया कि प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में 14.62 लाख से अधिक बेरोजगार पंजीकृत हैं और हर साल करीब दो लाख नए बेरोजगार जुड़ रहे हैं। पार्टी के अनुसार, बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत अंतिम भुगतान अगस्त 2023 में किया गया था, जिसके बाद यह योजना प्रभावी रूप से बंद हो गई। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के युवाओं को न तो रोजगार मिल रहा है और न ही बेरोजगारी भत्ता, जिससे चुनावी वादों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 1 अगस्त से प्रदेशभर में हस्ताक्षर अभियान आम आदमी पार्टी ने घोषणा की कि 1 अगस्त से पूरे प्रदेश में बेरोजगारी भत्ता दोबारा शुरू करने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न कर्मचारी संगठनों के साथ मिलकर अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन भी तेज किया जाएगा। सरकार के सामने रखीं प्रमुख मांगें छत्तीसगढ़ की राजनीति, सरकारी योजनाओं और ताजा खबरों की विस्तृत जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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ग्वालियर में भाजपा नेता के घर करोड़ों की चोरी: 2 किलो सोना, 4 किलो चांदी और नकदी लेकर फरार हुए चोर

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भाजपा नेता और प्रॉपर्टी कारोबारी राजा भैया गुर्जर के घर से करोड़ों रुपये के गहने और नकदी चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना महाराजपुरा थाना क्षेत्र के आदित्यपुरम स्थित उनके घर की है। भाजपा नेता का दावा है कि चोर उनके घर से 2 किलो से अधिक सोना, करीब 4 किलो चांदी और 5 से 10 लाख रुपये नकद ले गए। उनके अनुसार चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपये है। हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड में फिलहाल करीब 1 करोड़ रुपये की चोरी दर्ज की गई है। भोपाल से लौटे, फिर परिवार के साथ गांव चले गए राजा भैया गुर्जर ने बताया कि वह सोमवार रात भोपाल से ग्वालियर लौटे थे। इसके बाद परिवार के साथ अपने पैतृक गांव बसहरा (गोहद, भिंड) में कुलदेवी कालिका माता की पूजा के लिए चले गए। मंगलवार को जब पूरा परिवार वापस लौटा तो घर के ताले टूटे मिले। अंदर जाकर देखा तो अलमारियों के लॉकर टूटे हुए थे और कीमती सामान गायब था। खाली अलमारी देखकर बेहोश हुईं पत्नी घर के अंदर का दृश्य देखकर परिवार के होश उड़ गए। कमरे में अलमारियां टूटी हुई थीं और गहनों के खाली डिब्बे जमीन पर बिखरे पड़े थे। बैग में रखी नकदी भी गायब थी। यह नजारा देखकर राजा भैया गुर्जर की पत्नी सदमे में बेहोश हो गईं। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुश्तैनी गहनों पर चोरों ने किया हाथ साफ भाजपा नेता के मुताबिक चोरी हुए गहनों में— उन्होंने चोरी गए सामान की पूरी सूची पुलिस को सौंप दी है। CCTV से बचकर पहुंचे चोर पुलिस जांच में सामने आया है कि घर में सीसीटीवी कैमरे लगे थे, लेकिन वे केवल ग्राउंड फ्लोर और मुख्य गेट तक सीमित थे। चोरों ने बेहद शातिर तरीके से केवल दूसरी मंजिल को निशाना बनाया, जहां गहने रखे हुए थे और वहां कोई कैमरा नहीं था। आसपास के सीसीटीवी फुटेज में भी कोई संदिग्ध दिखाई नहीं दिया है। पुलिस को आशंका है कि चोर पीछे के रास्ते या छत के जरिए घर में दाखिल हुए। फिंगरप्रिंट और डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी धर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे। इसके अलावा एडिशनल एसपी, सीएसपी, महाराजपुरा थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फोरेंसिक टीम ने अलमारियों और दरवाजों से फिंगरप्रिंट जुटाए हैं। साथ ही साइबर सेल आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। पुलिस ने जल्द खुलासे का किया दावा महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि सूने मकान से बड़ी मात्रा में जेवर और नकदी चोरी होने की शिकायत मिली है। पुलिस सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है। फिंगरप्रिंट, साइबर सेल और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। मध्य प्रदेश और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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इंदौर में हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान की 46 अचल संपत्तियों का खुलासा, बाजार मूल्य 64 करोड़ रुपये से अधिक

इंदौर में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (PTC) में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल (ड्राइवर) फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त की आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच में नए खुलासे हुए हैं। लोकायुक्त के मुताबिक, 19 अक्टूबर तक की जांच में फिरोज खान, उनके परिवार, सहयोगियों और संबंधित फर्म के नाम पर कुल 46 अचल संपत्तियां खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। इन संपत्तियों की अनुमानित वर्तमान बाजार कीमत 64 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है, जबकि इनकी कुल गाइडलाइन कीमत करीब 17.19 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों की चल-अचल संपत्तियों पर अब तक 18.79 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की जानकारी मिली है। लोकायुक्त संपत्तियों के दस्तावेजों, खरीद में इस्तेमाल की गई राशि और संबंधित लोगों की भूमिका का सत्यापन कर रहा है। जांच अभी जारी है। रंगवासा से लसूड़िया मोरी तक जमीन खरीदने की जानकारी जांच के दौरान इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के ग्राम रंगवासा में कई कृषि भूमि की रजिस्ट्रियां सामने आई हैं। ये जमीनें वर्ष 2023 और 2024 में अलग-अलग तारीखों पर खरीदी गई थीं। इसके अलावा, जुलाई 2024 में लसूड़िया मोरी क्षेत्र में रेड कारपेट के पीछे 11.771 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी मिली है। इस जमीन का गाइडलाइन मूल्य करीब 3.85 करोड़ रुपये बताया गया है। लोकायुक्त के मुताबिक, इन जमीनों की खरीद स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर की गई। जांच में सामने आया है कि यह फर्म फिरोज खान की पत्नी हिना खान और इंदौर निवासी युवराज पंवार के संयुक्त नाम से संचालित है। एजेंसी फर्म से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की भी जांच कर रही है। लोकायुक्त की जांच में अब तक सामने आए आंकड़े लोकायुक्त की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जांच में अब तक ये आंकड़े सामने आए हैं: ये आंकड़े जांच के दौरान अब तक जुटाई गई जानकारी पर आधारित हैं। संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, खरीद के लिए इस्तेमाल की गई राशि और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का सत्यापन किया जा रहा है। 14 अक्टूबर को कई ठिकानों पर हुई थी सर्चिंग लोकायुक्त ने 14 अक्टूबर को फिरोज खान के विभिन्न आवासों और अन्य ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की थी। इसके बाद से जांच एजेंसी संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटा रही है। जांच में संपत्तियों की खरीद की तारीख, गाइडलाइन मूल्य और अनुमानित बाजार मूल्य का मिलान किया जा रहा है। आय के ज्ञात स्रोतों और संपत्तियों पर किए गए खर्च के बीच संभावित अंतर का आकलन जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है और मामले में आगे की जानकारी जांच के निष्कर्षों के आधार पर सामने आएगी।

लाहौल-स्पीति में दर्दनाक सड़क हादसा: चंद्रभागा नदी के किनारे गिरी कार, 3 की मौत; चालक समेत 4 घायल

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के तिन्दी क्षेत्र में सोमवार शाम दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। शादी समारोह में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरी एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे चंद्रभागा नदी के किनारे जा गिरी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) उदयपुर पहुंचाया गया है। वीर मंदिर के पास मोड़ पर चालक ने खोया नियंत्रण पुलिस जिला मुख्यालय केलांग से मिली जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार शाम करीब 4 बजे हुआ। हरियाणा नंबर की i20 कार में सात लोग सवार होकर तिन्दी गांव से सलग्रां गांव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इनमें छह लोग सलग्रां गांव और एक व्यक्ति भुजुंड गांव का निवासी था। कार जब तिन्दी के समीप वीर मंदिर के पास एक मोड़ पर पहुंची, तो चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद कार सड़क से नीचे गहरी ढांक में गिरते हुए चंद्रभागा नदी के किनारे जा पहुंची। डीएसपी केलांग केडी शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में चालक की लापरवाही हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस और प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस चौकी तांदी, पुलिस थाना उदयपुर और स्थानीय प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। बचाव दल ने घायलों को निकालकर CHC उदयपुर पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, तीनों मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई के लिए CHC उदयपुर भेजे गए हैं। हादसे में जान गंवाने वालों के नाम पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले तीनों लोग सलग्रां गांव के निवासी थे। चार लोग घायल, चालक भी शामिल हादसे में घायल चारों लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है: घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पंजाब सरकार की 3 महिला IAS अधिकारियों की कमेटी से बातचीत बेनतीजा, अंतिम संस्कार से इनकार

पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में परिवार और पंजाब सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। परिजनों की मांगों पर बातचीत के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित तीन महिला IAS अधिकारियों की कमेटी की पहली बैठक सोमवार को बेनतीजा रही। परिवार और एक्शन कमेटी ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा और धरना जारी रहेगा। सोमवार को तीनों महिला IAS अधिकारी झोटा के पिता भीम सिंह और पत्नी मनप्रीत कौर से मिलने पहुंचीं। इस दौरान परिवार की ओर से गठित एक्शन कमेटी के सदस्य भी मौजूद रहे। बैठक के बाद कमेटी के सदस्यों ने बताया कि सरकार की ओर से रखे गए प्रस्तावों पर सहमति नहीं बन सकी है। मांगपत्र सौंपा, CBI जांच की मांग पर अड़ा परिवार एक्शन कमेटी के सदस्यों के मुताबिक, सरकार की कमेटी को मांगपत्र सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा और अंतिम संस्कार भी नहीं होगा। एक्शन कमेटी ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को परिवार से मिलने आ रहे हैं। कमेटी की मांग है कि अमित शाह परिवार से मुलाकात के दौरान मामले की CBI जांच का ऐलान करें। AAP विधायकों को लानत पत्र देने पहुंचे समर्थक, पुलिस से धक्कामुक्की परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में सोमवार को इंसाफ कमेटी, किसान संगठनों और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के घरों पर लानत पत्र देने का अभियान चलाया। इस दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। लुधियाना में AAP विधायक अशोक पराशर पप्पी के घर की ओर जा रहे अकाली नेताओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। नेताओं ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, जिसके बाद छह नेताओं को आगे जाने की अनुमति दी गई। वहीं, बठिंडा के तलवंडी साबो में विधायक प्रो. बलजिंदर कौर के घर के बाहर पुलिस और किसान व अकाली नेता आमने-सामने आ गए। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ते हुए विधायक की कोठी पर लानत पत्र चिपका दिया। मौड़ मंडी में धरने के दौरान अकाली नेताओं में बहस मौड़ मंडी में विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना के घर के बाहर चल रहे धरने के दौरान भी माहौल गरमा गया। यहां अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के हलका इंचार्ज और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के एक कार्यकर्ता के बीच तीखी बहस हुई। बताया जा रहा है कि विवाद उस समय शुरू हुआ, जब लक्खा सिधाना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर बयान दे रहे थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पंजाब की अलग-अलग सरकारों के कामकाज, पूर्व अकाली सरकार के फैसलों और भाजपा के साथ गठबंधन जैसे मुद्दों पर बहस हुई। पिता बोले- पत्नी भी एक्शन कमेटी में होंगी शामिल परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने कहा कि अब उनकी बहू मनप्रीत कौर खुद एक्शन कमेटी में शामिल होंगी और मीडिया को भी संबोधित करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि एक्शन कमेटी के कुछ सदस्यों ने पहले अमित शाह के विरोध का ऐलान किया था। भीम सिंह के मुताबिक, यदि गृह मंत्री का विरोध किया जाता है, तो परिवार इसे अपने विरोध के रूप में देखेगा। फिलहाल परिवार अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है। सरकार और एक्शन कमेटी के बीच बातचीत में सहमति नहीं बनने से मामले का समाधान निकलने का इंतजार जारी है।

दशहरे पर PM मोदी और अमित शाह होंगे शामिल, रामलीला स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राजधानी दिल्ली में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार दशहरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अलग-अलग रामलीला आयोजनों में शामिल होंगे। दोनों नेताओं के आगमन को देखते हुए आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी दिल्ली में इंद्रप्रस्थ रामलीला समिति के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं, अमित शाह लाल किला स्थित माधवदास पार्क में श्री धार्मिक रामलीला समिति के आयोजन में शिरकत करेंगे। दोनों नेता प्रतीकात्मक रूप से धनुष से बाण चलाकर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर रहेंगी। आयोजन स्थलों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। दर्शकों की संभावित भीड़ को देखते हुए आसपास की सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किए जा सकते हैं। लोगों को आयोजन स्थलों पर जाने से पहले यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। डिजिटल आतिशबाजी और हाईटेक पुतले होंगे आकर्षण दिल्ली की प्रमुख रामलीला समितियों ने दशहरा उत्सव को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। इस बार डिजिटल आतिशबाजी, आधुनिक तकनीक से तैयार विशाल पुतले और भव्य मंचन दर्शकों के लिए खास आकर्षण होंगे। रामलीला आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन समितियां उत्सव को यादगार बनाने के साथ-साथ दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए भी तैयारियां कर रही हैं। Desh Har Pal वेबसाइट पर देश-दुनिया, राजनीति और त्योहारों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें।

दिल्ली में 6 नए बायोगैस प्लांट लगेंगे, CM रेखा गुप्ता ने किया गोयला डेयरी प्लांट का उद्घाटन

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कैबिनेट मंत्री आशीष सूद के साथ गोयला डेयरी में 200 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली में 6 और बायोगैस प्लांट स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही डेयरी कॉलोनियों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य डेयरी से निकलने वाले गोबर का उचित निस्तारण करना, प्रदूषण कम करना और पशुपालकों को अतिरिक्त आय का अवसर देना है। रोज 200 टन गोबर से बनेगी कंप्रेस्ड बायोगैस मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि गोयला डेयरी में प्रतिदिन करीब 200 टन गोबर निकलता है। उचित निस्तारण नहीं होने पर इसके नालियों के माध्यम से यमुना तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। नए बायोगैस प्लांट में गोबर से प्रतिदिन लगभग 14 हजार घन मीटर कच्ची बायोगैस और 5.6 टन कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) तैयार की जाएगी। तैयार गैस की आपूर्ति पाइपलाइन के जरिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) को की जाएगी। कार्यक्रम में दिल्ली की महापौर प्रवेश वाही, उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत और विधायक संदीप सहरावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नांगली प्लांट में 55 हजार टन गोबर का निस्तारण मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में 200-200 टन प्रतिदिन क्षमता वाले तीन बायोगैस संयंत्र शुरू किए जा चुके हैं। सितंबर 2025 में शुरू हुए नांगली प्लांट में एक साल के भीतर करीब 55 हजार टन गोबर का निस्तारण किया गया। सरकार की योजना दिल्ली में ऐसे और संयंत्र स्थापित कर डेयरी क्षेत्रों में गोबर के प्रबंधन को बेहतर बनाने की है। इससे कचरे के रूप में जमा होने वाले गोबर का इस्तेमाल ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकेगा। पशुपालकों को गोबर के मिलेंगे 67 पैसे प्रति किलो इस परियोजना के तहत संबंधित एजेंसी डेयरी संचालकों से 67 पैसे प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेगी। इससे पशुपालकों को गोबर से अतिरिक्त कमाई होगी और उसके निस्तारण की समस्या भी कम हो सकेगी। इसके अलावा, डेयरी कॉलोनियों में जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए घोषित 50 करोड़ रुपये से स्थानीय स्तर पर सफाई और जलभराव से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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