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आतंकियों ने रायपुर के कारोबारी को बच्चों के सामने मारी-गोली:रायपुर-भिलाई के 70 लोग फंसे, श्रीनगर में सुरक्षित ठहराया गया, पहलगाम में बाजार-पर्यटन स्थल बंद

पहलगाम में आतंक का कहर: रायपुर के कारोबारी दिनेश मिरानिया की गोली मारकर हत्या, परिवार के सामने हुई वारदात जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पहलगाम में मंगलवार का दिन खून से लाल हो गया। छुट्टियां मनाने गए रायपुर के स्टील कारोबारी दिनेश मिरानिया की आतंकियों ने उनके परिवार के सामने बेरहमी से हत्या कर दी। घटना बैसरन घाटी में हुई, जहाँ वह पत्नी और बच्चों के साथ शादी की सालगिरह मना रहे थे। दिनेश मिरानिया की पत्नी नेहा, बेटा शौर्य और बेटी लक्षिता के सामने ही आतंकियों ने उनका नाम पूछा और फिर गोली चला दी। गोली लगने के बाद उन्हें सेना के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हमले के बाद अफरा-तफरी का माहौल हमले की खबर मिलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सेना ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया और पहलगाम को खाली कराया गया। सभी दुकानों और पर्यटक स्थलों को बंद कर दिया गया। पर्यटकों को होटल में सुरक्षित ठहराया गया है। पीड़ित परिवार से मिले गृह मंत्री, PM और राहुल गांधी की प्रतिक्रिया गृह मंत्री अमित शाह ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और कहा कि आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी घटना की कड़ी निंदा की है और पीड़ितों के साथ संवेदना जताई है। राज्य सरकार का ऐलान – मृतकों को मुआवजा जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। गंभीर घायलों को 2 लाख और मामूली घायलों को 1 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। हमले में 27 टूरिस्टों की मौत, लश्कर-ए-तैयबा ने ली जिम्मेदारी इस आतंकी हमले में कुल 27 लोगों की जान चली गई, जिनमें विदेशी पर्यटक और कई राज्यों से आए लोग शामिल हैं। हमला दोपहर करीब 2:45 बजे हुआ। आतंकियों ने एक-एक कर पर्यटकों से नाम पूछे और उन्हें गोली मार दी। इस जघन्य हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा ने ली है। https://deshharpal.com/ की संवेदना DeshHarpal शोक संतप्त परिवार के साथ इस दुख की घड़ी में खड़ा है और शांति की कामना करता है। हमारी अपील है कि आतंक के खिलाफ देश एकजुट हो, ताकि फिर कभी किसी का परिवार इस तरह ना उजड़े।
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गोलीबारी के बाद मची अफरातफरी…इंजीनियर ने बताई आंखो देखी:बिलासपुर निगम के CE बोले-जवान के गोली मारने की फैली अफवाह, बंद कर दी गई दुकानें, कर्फ्यू सा नजारा

“पहलगाम आतंकी हमला: पर्यटकों में मची अफरातफरी, बिलासपुर से गए अधिकारी बोले- ‘हम उसी जगह जाने वाले थे'” जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के दौरान मची अफरातफरी का ज़िक्र करते हुए बिलासपुर नगर निगम के चीफ इंजीनियर राजकुमार मिश्रा ने DeshHarpal को बताया कि उनका परिवार भी उसी वक्त वहां मौजूद था — और जहां हमला हुआ, वहीं जाने की उनकी योजना थी। “हम सब पूरी तरह सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ पल डराने वाले थे” — राजकुमार मिश्रा राजकुमार मिश्रा, जो श्रीनगर में ट्रेनिंग के सिलसिले में गए थे, 21 अप्रैल की रात अपने परिवार के साथ पहलगाम पहुंचे थे। उनके साथ स्मार्ट सिटी मैनेजर एसपी साहू, उनकी पत्नी रितु साहू और मिश्रा जी की पत्नी मंजू मिश्रा, बेटियां खुशी और ख्याति मिश्रा भी थीं। हमले से पहले तक सब सामान्य था, फिर पल में बदला माहौल मिश्रा ने बताया कि पहलगाम में 22 अप्रैल को बैसरन जाने की उनकी योजना थी — और दुर्भाग्य से वही इलाका हमले की चपेट में आया। उन्होंने कहा: “हम जैसे ही निकलने की सोच रहे थे, तभी हमला हुआ। सेना ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सभी रास्ते बंद कर दिए और हमें होटल में रोक लिया गया।” अफवाह, अफरातफरी और अचानक पसरा सन्नाटा हमले के तुरंत बाद पहले अफवाह फैली कि किसी स्थानीय को सेना ने गोली मार दी है, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। देखते ही देखते सभी दुकानें बंद हो गईं और कर्फ्यू जैसा माहौल बन गया। “चारों तरफ अफरातफरी थी। पर्यटक अपने होटल लौटने की जल्दी में थे। सेना हर कोने पर तैनात थी।” – मिश्रा सुरक्षित वापसी की तैयारी में मिश्रा परिवार मिश्रा ने बताया कि होटल स्टाफ और सुरक्षाबलों ने उनके परिवार की पूरी मदद की। सभी सुरक्षित हैं और अब बिलासपुर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि पहलगाम के खूबसूरत नज़ारे अब डर और चिंता की यादों से जुड़ गए हैं। https://deshharpal.com/DeshHarpal की विशेष रिपोर्ट: एक बार फिर आतंक ने कश्मीर की वादियों को दहला दिया है। जहां एक तरफ देश आतंक के खिलाफ खड़ा है, वहीं दूसरी तरफ पर्यटक और आम लोग हर पल सुरक्षा के भरोसे जी रहे हैं।
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इवनिंग वॉक पर निकले बुजुर्ग के हाथ से मोबाइल छीना:पुलिस ने दो दिन बाद दर्ज की FIR, आरोपी फरार

भोपाल में बुज़ुर्ग से मोबाइल झपट कर भागे बाइक सवार बदमाश, सीसीटीवी में तलाश रही पुलिस भोपाल के पिपलानी इलाके से एक और चौंकाने वाला झपटमारी का मामला सामने आया है। इवनिंग वॉक पर निकले 71 वर्षीय बुज़ुर्ग सुदर्शन शर्मा का मोबाइल बाइक सवार तीन बदमाश झपटकर फरार हो गए। यह घटना 20 अप्रैल की शाम करीब 6:30 बजे छत्रसाल नगर के पास की है, लेकिन एफआईआर मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात दर्ज की गई। बुज़ुर्ग का दर्द — “चलते-चलते झपट लिया और भाग निकले” सुदर्शन शर्मा, जो भवानी धाम कॉलोनी के निवासी हैं, हर दिन की तरह उस शाम भी टहलने निकले थे। तभी अचानक एक बाइक पर तीन युवक उनके करीब आए और उनके हाथ से मोबाइल छीनकर भाग निकले। बुज़ुर्ग कुछ समझ पाते, उससे पहले आरोपी गायब हो चुके थे। झपटमार अब भी फ़रार, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज पिपलानी थाना पुलिस बुज़ुर्ग ने मोबाइल की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की मदद से बदमाशों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में सक्रिय पुराने अपराधियों से पूछताछ की जा रही है ताकि कोई सुराग हाथ लगे। थानेदार बोले: “हम लगातार निगरानी कर रहे हैं। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ़्तार किया जाएगा।” DeshHarpal की अपील भोपालवासियों से अनुरोध है कि बाहर निकलते वक्त सतर्क रहें, खासकर बुज़ुर्गों के साथ। झपटमार बेखौफ घूम रहे हैं और अब आम जनता की सुरक्षा सवालों के घेरे में है।
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पहलगाम के आतंकी हमले के खिलाफ भोपाल में प्रदर्शन:पाकिस्तान का पूतला फूंका, सीएम बोले- आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब मिलेगा

जम्मू-कश्मीर में आतंकी हमला: 27 मासूम सैलानियों की जान गई, पूरे देश में गुस्सा—भोपाल में हुआ आतंकवाद का पुतला दहन जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पहलगाम में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ आतंकियों ने 27 निर्दोष पर्यटकों की जान ले ली। इस हमले के बाद पूरे देश में आक्रोश की लहर है। हर गली, हर नुक्कड़ से एक ही आवाज़ आ रही है—”आतंकवाद मुर्दाबाद!” भोपाल के चार बत्ती चौराहे पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ। आतंकवाद का पुतला फूंका गया, और नारे लगे— “मोदी जी, अब 56 इंच का सीना दिखाना होगा!”“आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब चाहिए!” प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाओं और बच्चियों ने भी हिस्सा लिया, यह दिखाते हुए कि आतंकवाद का कोई मज़हब नहीं होता, और देश का हर नागरिक इसके खिलाफ एकजुट है। सीएम का सख्त संदेश: आतंकियों को मिलेगा करारा जवाब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा: “पहलागाम में हुआ आतंकी हमला एक कायराना और अमानवीय कृत्य है। मैं शहीद हुए सभी लोगों को श्रद्धांजलि देता हूँ और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ। आतंकियों को मुँह तोड़ जवाब मिलेगा।” वहीं, कांग्रेस नेता और मप्र के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा: “अब वक़्त है कि सरकार अपने खोखले दावों को छोड़कर जवाबदेही ले। ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों और बेगुनाहों की जान न जाए।” आरिफ मसूद बोले—‘370 के बाद भी क्यों नहीं थमा आतंक?’ विधायक आरिफ मसूद ने बड़ा बयान देते हुए कहा: “देश आज बहुत दुखद मोड़ पर खड़ा है। आतंकवाद का कोई मज़हब नहीं होता। पूरा देश इस समय शहीदों के साथ है। पुलवामा हमले का सच आज तक सामने नहीं आया, और 370 हटने के बावजूद आतंक क्यों जारी है—इसका जवाब चाहिए।” जब मसूद से पूछा गया कि क्या यह पाकिस्तान प्रायोजित हमला है?उन्होंने कहा: “जो भी इस हमले के पीछे है, अब सरकार को पूरे देश की ताक़त के साथ इसका जड़ से सफाया करना चाहिए। हम सब सरकार के साथ हैं।” अमरनाथ यात्रा को लेकर उन्होंने कहा: “अमरनाथ यात्रा शांतिपूर्ण रहेगी। कश्मीर के हमारे मुस्लिम भाई हर साल इसे सम्मान के साथ सम्पन्न कराते हैं। देश को चिंता करने की जरूरत नहीं, देश एक है।” देश एक सुर में बोला: “अब और नहीं!” अब वक़्त है कि सिर्फ निंदा नहीं, एक्शन चाहिए। जो भी इन मासूमों की जान के पीछे है, उसे हर हाल में सज़ा मिलनी चाहिए। देश की आवाज़ साफ़ है — “आतंक के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई चाहिए!”
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Pahalgam terror attack

मंडीदीप में गेल प्लांट से गैस लीक:10 घंटे की मशक्कत के बाद रोका जा सका रिसाव; जयपुर से सेफ्टी टीम जांच करने पहुंची

भोपाल के पास मंडीदीप में गेल प्लांट से गैस लीक, रातभर अफरा-तफरी, सुबह जाकर काबू पाया गया भोपाल से सटे मंडीदीप में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात तकरीबन 12 बजे गेल के गैस प्रोसेसिंग प्लांट में गैस लीक हो गई। जैसे ही इसकी जानकारी मिली, फायर सेफ्टी टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घंटों की मशक्कत के बाद बुधवार सुबह करीब 10 बजे जाकर रिसाव को कंट्रोल किया जा सका। इस दौरान प्लांट के अंदर हड़कंप मच गया। सेफ्टी के लिए अलर्ट मोड पर प्रशासन सावधानी बरतते हुए एनडीआरएफ और एसडीईआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंची। प्लांट के एक किलोमीटर के दायरे में बैरिकेड्स लगाकर आम लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई। नगर पालिका मंडीदीप के फायर फाइटर्स को भी बुलाया गया और एरिया को खाली कराया गया। सतलापुर और मंडीदीप की पुलिस, होमगार्ड्स की टीम ने मौके की कमान संभाली। जयपुर से पहुंची स्पेशल सेफ्टी टीम गंभीरता को देखते हुए गेल की सेफ्टी टीम जयपुर से रवाना होकर तुरंत प्लांट का सेफ्टी ऑडिट करने पहुंच गई है। गेल प्रोजेक्ट मैनेजर का बयान – “स्थिति नियंत्रण में है” गेल के प्रोजेक्ट मैनेजर डी. डोंगरे ने कहा, “गैस लीक को कंट्रोल कर लिया गया है। किसी भी तरह की जनहानि या खतरे की फिलहाल कोई आशंका नहीं है। स्कूल बंद करने या इलाके को खाली कराने जैसी कोई जरूरत नहीं है।” कलेक्टर से लेकर एसपी तक ने लिया जायजा कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा, एसडीएम चंद्रशेखर श्रीवास्तव, एसडीपीओ शीला सुराणा और नायब तहसीलदार नीलेश सरवटे ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने बताया कि गैस लीक की जानकारी उन्हें सुबह 5 बजे मिली थी। अब रिसाव पूरी तरह से बंद है और पूरे एरिया को सैनिटाइज किया जा चुका है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सेफ्टी एसओपी तैयार किया जाएगा। एसपी बोले – सेफ्टी जांच के बाद कारणों का पता चलेगा एसपी पंकज पांडे ने बताया कि फिलहाल प्लांट की सेफ्टी जांच की जा रही है। इसके बाद गैस लीक के पीछे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। क्या करता है ये गेल प्लांट? गेल का ये प्लांट मंडीदीप के सिविल अस्पताल के पास स्थित है। यहां एलएनजी को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) में बदलकर घरेलू, कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए सप्लाई किया जाता है। इस प्लांट की घरेलू गैस स्टोरेज क्षमता 750 एससीएम, कॉमर्शियल 1600 एससीएम और इंडस्ट्रियल 7500 एससीएम है। पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना गौरतलब है कि करीब दो साल पहले भी इसी प्लांट में गैस रिसाव की घटना हुई थी, जब मरकैप्टन लिक्विड के कुछ बूंदें पाइप से नीचे गिर गई थीं। उस दौरान भी इलाके में तेज गंध फैलने से लोगों को आंखों में जलन, उल्टी और चक्कर की शिकायत हुई थी। 👉 देशहरपाल के साथ बने रहें, हम लाएंगे आपको हर अपडेट!
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सगाई में आए मेहमान की हत्या:बीच-बचाव करने पर हंसिया से किया वार, बेटी की शादी से पहले पिता गिरफ्तार

मध्यप्रदेश: विवाद सुलझाने पहुंचे व्यक्ति की हंसिया से हत्या, आरोपी जंगल से गिरफ्तार जबलपुर: जबलपुर से करीब 50 किलोमीटर दूर ग्राम देवरी में 51 वर्षीय व्यक्ति की हत्या कर दी गई। मृतक सिर्फ दो लोगों के बीच विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन गुस्साए आरोपी ने हंसिया से उसके सिर और कंधे पर हमला कर दिया। कैसे हुआ विवाद? ✅ आरोपी जीवन सिंह ठाकुर (42) की बेटी की सगाई थी।✅ उसने गुरुवार को गांव के बुजुर्गों को भोज पर आमंत्रित किया था।✅ भोज के दौरान गांव का कोदूलाल भी वहां पहुंचा, जिसका कुछ साल पहले जीवन सिंह से विवाद हो चुका था।✅ पहले सुलझा हुआ विवाद फिर से गरमाया और दोनों में गाली-गलौज होने लगी।✅ मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों को शांत कराया, लेकिन कोदूलाल गुस्से में बाहर आ गया। बीच-बचाव में गई जान 📌 गुस्से में जीवन सिंह हंसिया लेकर कोदूलाल के पीछे भागा।📌 ग्रामीणों ने रोकने की कोशिश की, तभी भगत सिंह ठाकुर बीच-बचाव करने आया।📌 जीवन सिंह ने हंसिया से भगत सिंह पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।📌 ग्रामीणों ने तुरंत उसे मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने जंगल से किया आरोपी को गिरफ्तार 🛑 घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।🛑 चरगंवा थाना पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और कुछ घंटों में जंगल से गिरफ्तार कर लिया।🛑 आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। शादी की खुशियां मातम में बदलीं 🚨 आरोपी की बेटी की शादी 20 दिन बाद होने वाली थी।🚨 परिवार खुशियों की तैयारी कर रहा था, लेकिन अब गांव में मातम का माहौल है।🚨 पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। ➡️ इस घटना पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट में बताएं!📲 https://deshharpal.com/ से जुड़ें और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
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मप्र में 5वीं और 8वीं बोर्ड के परिणाम घोषित:कक्षा 5वीं में 92.70% और 8वीं में 90.02% विद्यार्थी उत्तीर्ण

MP Board Result 2024: 5वीं और 8वीं के नतीजे जारी, बालिकाओं का प्रदर्शन शानदार मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कक्षा 5वीं और 8वीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाओं के परिणाम शुक्रवार दोपहर 1 बजे जारी कर दिए गए। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने परीक्षा पोर्टल पर रिजल्ट बटन दबाकर नतीजे घोषित किए। कुल रिजल्ट का प्रतिशत 📌 कक्षा 5वीं का कुल परीक्षा परिणाम: 92.70% (पिछले साल: 90.97%)📌 कक्षा 8वीं का कुल परीक्षा परिणाम: 90.02% (पिछले साल: 87.71%) बालिकाओं ने मारी बाजी ✅ कक्षा 5वीं में: बालिकाओं का पास प्रतिशत 94.12% और बालकों का 91.38%✅ कक्षा 8वीं में: बालिकाओं का पास प्रतिशत 91.72% और बालकों का 88.41% टॉप 10 जिले (5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षा) 📌 5वीं बोर्ड: शहडोल, चंबल, नर्मदापुरम, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सागर, भोपाल।📌 8वीं बोर्ड: नरसिंहपुर, अलीराजपुर, रीवा, झाबुआ, बालाघाट, अनूपपुर, सीहोर, डिंडोरी, बड़वानी, मंदला। रिजल्ट कैसे देखें? 📌 छात्र अपना परीक्षा परिणाम राज्य शिक्षा केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं:🔗 www.rskmp.in/result.aspx📌 रोल नंबर या समग्र आईडी से लॉग इन करके रिजल्ट देखा जा सकता है।📌 शिक्षकों और संस्था प्रमुखों के लिए शाला-स्तरीय परिणाम भी पोर्टल पर उपलब्ध हैं। फेल हुए छात्रों के लिए खास योजना ❌ जो छात्र परीक्षा में असफल रहे हैं, उनके लिए पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी।📌 इसमें विद्यार्थियों को सिर्फ उसी विषय की परीक्षा देनी होगी जिसमें वे फेल हुए हैं। 22.85 लाख छात्रों ने दी परीक्षा 📌 कक्षा 5वीं के कुल परीक्षार्थी: 11,17,961📌 कक्षा 8वीं के कुल परीक्षार्थी: 11,68,866📌 कुल परीक्षा केंद्र: 12,623📌 मूल्यांकन केंद्र: 322 पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था 📌 हर जिले के लिए अलग-अलग प्रश्नपत्र तैयार किए गए थे।📌 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन अंकों की प्रविष्टि के बाद किया गया।📌 राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने शिक्षकों और परीक्षा व्यवस्था में सहयोग करने वालों का आभार जताया। ➡️ MP बोर्ड रिजल्ट को लेकर आपकी क्या राय है? कमेंट में बताएं! https://deshharpal.com/ से जुड़ें और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
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रायपुर निगम में 1529 करोड़ का बजट पेश:4 नए फ्लाई ओवर, 3 विमेंस हॉस्टल, रेस्ट रूम में सेनेटरी वेंडिंग मशीन, बेबी फीडिंग की सुविधा

रायपुर नगर निगम का बजट पेश: शहर को मिलेंगे नए फ्लाईओवर, वर्किंग वुमन हॉस्टल और प्ले जोन रायपुर नगर निगम में मेयर मीनल चौबे ने 1529 करोड़ 53 लाख 28 हजार रुपये का बजट पेश किया है। इस बजट में शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। 4 नए फ्लाईओवर बनेंगे, यातायात होगा सुगम शहर के चार प्रमुख स्थानों पर नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे—✅ उद्योग भवन✅ राजेंद्र नगर✅ सरोना✅ तेलीबांधा चौक ➡️ इन फ्लाईओवरों से यातायात सुगम होगा और ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी। महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं 🔹 तीन जगहों पर वर्किंग वुमन हॉस्टल और विमेन रेस्ट रूम बनाए जाएंगे।🔹 इनमें सेनेटरी वेंडिंग मशीन और बेबी फीडिंग रूम की सुविधा होगी।🔹 पब्लिक प्लेस पर महिला सुरक्षा के लिए सर्विलांस कैमरे लगाए जाएंगे, जिसके लिए 20 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। युवाओं और बच्चों के लिए नई योजनाएं 📚 युवाओं के लिए आधुनिक लाइब्रेरी बनाई जाएगी।🎠 बच्चों के लिए प्ले जोन विकसित किए जाएंगे। स्ट्रीट वेंडर्स को मिलेगा डिजिटल ट्रेनिंग 🔸 स्ट्रीट वेंडर्स को डिजिटल लेन-देन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।🔸 वेंडिंग जोन को विकसित किया जाएगा और मार्केट डेवलपमेंट प्लान के तहत बाजारों का विस्तार होगा। छत्तीसगढ़ महतारी की फोटो वाली फाइल में पेश किया गया बजट 📌 मेयर मीनल चौबे बजट को पीले रंग की मखमली फाइल में लेकर निगम कार्यालय पहुंचीं।📌 इस फाइल पर छत्तीसगढ़ महतारी की फोटो छपी थी, जो संस्कृति और परंपरा के सम्मान का प्रतीक है। ➡️ इस बजट से रायपुर में कितना बदलाव आएगा? अपनी राय कमेंट करें!📲 https://deshharpal.com/ से जुड़ें और ताज़ा खबरों के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
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राजेंद्र सलूजा नहीं लिख पाएंगे ‘पूर्व विधायक’, कोर्ट का आदेश:गुना में फर्जी जाति प्रमाण पत्र से बने थे एमएलए, पेंशन की होगी वसूली

फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामला: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से गुना के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सलूजा को बड़ा झटका गुना के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सलूजा को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले में उनकी पेंशन और अन्य सरकारी लाभ वापस लेने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं, अब वह खुद को ‘पूर्व विधायक’ भी नहीं लिख सकेंगे। क्या है पूरा मामला? ➡️ गुना विधानसभा सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है।➡️ वर्ष 2008 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और भाजपा का समर्थन मिला।➡️ सांसी समुदाय का जाति प्रमाण पत्र पेश कर आरक्षण का लाभ लिया और विधायक बने।➡️ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सलूजा सामान्य जाति के हैं और उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र का उपयोग किया।➡️ 2011 में जांच के बाद उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। कोर्ट में 12 साल तक चली कानूनी लड़ाई ✅ जाति प्रमाण पत्र रद्द होने के बाद सलूजा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जो 2012 में खारिज कर दी गई।✅ 2013 में उनकी पुनर्विचार याचिका भी खारिज हुई।✅ 2016 में पार्षद वंदना मांडरे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें सलूजा की पेंशन और अन्य लाभ रद्द करने की मांग की गई।✅ 2017 में हाई कोर्ट ने इस याचिका को द्वेषपूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया और वंदना मांडरे पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया।✅ वंदना मांडरे ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।✅ 18 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने सलूजा को पेंशन और सरकारी लाभों के लिए अयोग्य ठहरा दिया। सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला – 4 बड़े आदेश 1️⃣ सलूजा अब किसी भी तरह की पेंशन के हकदार नहीं होंगे।2️⃣ उनसे अब तक मिली पेंशन और अन्य लाभों की वसूली की जाएगी।3️⃣ वे अब खुद को ‘पूर्व विधायक’ भी नहीं लिख सकेंगे।4️⃣ उनके खिलाफ वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब आगे क्या? ➡️ सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद सलूजा को हर तरह के सरकारी लाभ वापस करने होंगे।➡️ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता भी खुल गया है।➡️ इस फैसले के बाद फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर चुनाव लड़ने वालों के लिए एक सख्त मिसाल कायम हुई है। इस फैसले पर आपकी क्या राय है? कमेंट में बताएं! https://deshharpal.com/ से जुड़ें और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
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जहर खाने से पहले बेटे को भेजी प्रॉपर्टी की डिटेल:आखिरी वीडियो में बोले- डॉ. जहीर ने मजबूर किया, बजरंग दल मेरा बदला ले

सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर शाजापुर के दिनेश कुंभकार ने खाया जहर, वीडियो में कही ये बात शाजापुर के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी दिनेश कुंभकार ने सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर जहर खा लिया। यह घटना गुरुवार शाम ग्राम सनकोटा में हुई। जहर खाने के बाद उन्होंने अपने बेटे योजीत को फोन कर इसकी जानकारी दी। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया गया। वीडियो में लगाए गंभीर आरोप दिनेश कुंभकार घरों में जाकर इंजेक्शन लगाने का काम करते हैं। जहर खाने से पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने लगातार प्रताड़ना की बात कही और बजरंग दल से बदला लेने की गुहार लगाई। वीडियो में दिनेश ने कहा—“मैं डॉ. दिनेश… डॉ. जहीर मुझे बहुत प्रताड़ित कर रहा था। रोज-रोज मुझे परेशान कर रहा था। रमजान का महीना समझकर मैं उसे छोड़ता रहा, लेकिन उसने मुझे जहर खाने पर मजबूर कर दिया।” “मैं बजरंग दल की टीम से कहता हूं कि मेरा बदला ले, जय श्री राम, जय सियाराम।” पुलिस ने शुरू की जांच इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दिनेश द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविकता की पुष्टि करने के लिए पुलिस वीडियो और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। दिनेश कुंभकार ने सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर गुरुवार शाम जहर खा लिया। इससे पहले उन्होंने अपने बेटे योजीत को वॉट्सऐप पर विस्तृत जानकारी भेजी, जिसमें उन्होंने अपने बैंक खातों, गिरवी रखे गहनों और संपत्तियों का जिक्र किया। बैंकों में बीमा और गिरवी रखे गहनों की जानकारी दी दिनेश ने अपने मैसेज में बताया कि—🔹 यूनिटी बैंक, बंधन बैंक और भारत बैंक में उनका बीमा है।🔹 कैपरी बैंक में गोल्ड लोन और मंगलसूत्र गिरवी रखा गया है।🔹 ज्योतिनगर में संदीप सोनी के पास 265 ग्राम की पायजेब रखी है।🔹 राधास्वामी आश्रम के सामने उनका 22×40 का प्लॉट है। सूदखोरों का नाम लेकर लगाए गंभीर आरोप दूसरे वॉट्सऐप मैसेज में दिनेश ने कुछ लोगों का जिक्र करते हुए बताया कि—🔸 पप्पू विश्वकर्मा, सीताराम विश्वकर्मा, भागीरथ जी टेंट हाउस, ज्योतिनगर की आंटी जी और जितेन पोंटिंग की मां से उन्होंने पैसे लिए थे और मूल राशि से अधिक ब्याज चुका दिया था।🔸 इसके बावजूद ये लोग उन्हें परेशान कर रहे थे और दुकान बंद करवाने की धमकी दे रहे थे।🔸 दिनेश ने प्रशासन से अपने बच्चों के लिए इन सूदखोरों से पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई। बेटे ने किया बड़ा खुलासा जिला अस्पताल में दिनेश के बेटे योजीत ने बताया कि उनके पिता लगातार सूदखोरों के उत्पीड़न से परेशान थे। उन्होंने कहा—🗣️ “पापा ने बताया था कि ये लोग उन्हें धमका रहे हैं और दुकान बंद करवाने की कोशिश कर रहे हैं। हमने इनका ब्याज चुका दिया है, लेकिन फिर भी ये हमें परेशान कर रहे हैं।” पुलिस जांच में जुटी 🔹 लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने बताया कि डॉक्टरों ने दिनेश को इंदौर रेफर कर दिया है और परिवार के लोग उनके साथ गए हैं।🔹 मामले की जांच की जा रही है और आरोपों की सत्यता की पुष्टि की जाएगी। ➡️ क्या प्रशासन इन सूदखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा? इस मामले पर आपकी क्या राय है?https://deshharpal.com से जुड़ें और ताज़ा खबरों के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें
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अक्षर पटेल का ऑलराउंड शो, शुभमन गिल की कप्तानी पारी; भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर पहला वनडे जीता

बर्मिंघम। ऑलराउंडर अक्षर पटेल के शानदार प्रदर्शन और कप्तान शुभमन गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे मुकाबले में 6 विकेट से हराकर सीरीज में विजयी शुरुआत की। एजबेस्टन मैदान पर खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 262 रन बनाकर हासिल कर लिया। अक्षर पटेल ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। कप्तान शुभमन गिल ने 80 रन बनाए, लेकिन मैच के दौरान क्रैम्प्स की समस्या के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। शुरुआती झटकों के बाद गिल ने संभाली पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 101 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम की पारी को संभाला। श्रेयस 35 रन बनाकर रनआउट हुए, जबकि केएल राहुल बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभालते हुए पांचवें विकेट के लिए 102 रन की अविजित साझेदारी की और भारत को शानदार जीत दिलाई। जो रूट और लियाम डॉसन ने इंग्लैंड को संभाला इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। इंग्लैंड की शुरुआत मजबूत रही और टीम ने 61 रन तक कोई विकेट नहीं गंवाया, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए महज 19 रन के भीतर 5 विकेट झटक दिए। मध्यक्रम में जो रूट ने 76 रन और लियाम डॉसन ने 68 रन की अहम पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से निभाई अहम भूमिका भारतीय गेंदबाजों में अक्षर पटेल सबसे सफल रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने 2-2 विकेट हासिल किए। जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अक्षर पटेल ने टीम इंडिया की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई और भारत ने सीरीज की शानदार शुरुआत की। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CAG रिपोर्ट में जल जीवन मिशन की पोल: छत्तीसगढ़ में 33% नल कनेक्शन गैर-कार्यशील, ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा

रायपुर। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर खामियों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार कमजोर योजना, धीमा क्रियान्वयन, निगरानी की कमी और गलत रिपोर्टिंग के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक स्थिरता प्रभावित हुई है। मार्च 2024 तक की अवधि पर आधारित ‘छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का प्रदर्शन ऑडिट’ रिपोर्ट मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसके लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद मिशन के कार्यों में तेजी आई है। योजना निर्माण में गंभीर खामियां CAG की रिपोर्ट के मुताबिक जल जीवन मिशन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कई स्थानों पर गांव स्तर की कार्ययोजना तैयार किए बिना ही जिला स्तरीय योजनाएं बना दी गईं, जबकि राज्य स्तरीय कार्ययोजना तैयार ही नहीं की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर जल सुरक्षा योजना नहीं बनाई गई, जिससे जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता और योजनाओं के रखरखाव की स्पष्ट रणनीति विकसित नहीं हो सकी। 33 प्रतिशत नल कनेक्शन निकले गैर-कार्यशील रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) लगाए गए। हालांकि, इनमें से 13.31 लाख (करीब 33%) कनेक्शन गैर-कार्यशील पाए गए। इसके पीछे सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप स्थापित नहीं होना प्रमुख कारण बताए गए हैं। ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा राज्य के 19,656 गांवों को मार्च 2024 तक ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64 प्रतिशत) ही इस लक्ष्य तक पहुंच सके। ऑडिट में ऐसे मामले भी सामने आए, जहां अधूरे कार्यों के बावजूद गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित कर दिया गया। किसी भी जिले में 100% कवरेज नहीं मार्च 2024 तक राज्य के 33 में से किसी भी जिले और 146 में से किसी भी विकासखंड में 100 प्रतिशत नल जल कवरेज नहीं था। योजनाओं की प्रगति बेहद धीमी रिपोर्ट के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 29,153 सिंगल विलेज स्कीम में से मार्च 2024 तक केवल 172 योजनाएं पूरी हो सकीं। इनमें भी सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को योजनाओं का संचालन सौंपा गया। वहीं, स्वीकृत 70 मल्टी विलेज स्कीम में से मार्च 2025 तक एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे करीब 9.85 लाख घरों तक सतही जल स्रोतों से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ। सोलर आधारित योजनाओं में भी अनियमितताएं CAG ने पाया कि कई सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक नल कनेक्शन जोड़ दिए गए। इसके कारण 28,984 परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी कमियां रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार केंद्र और राज्यांश मिलाकर 6,480.04 करोड़ रुपये की आवश्यक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही। साथ ही मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि और CSR जैसी योजनाओं के संसाधनों के समन्वय के लिए भी कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई। जल गुणवत्ता जांच की व्यवस्था कमजोर राज्य की 75 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से केवल 4 प्रयोगशालाएं ही सभी 13 निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों की जांच करने में सक्षम पाई गईं। इसके अलावा 37 प्रतिशत प्रयोगशालाओं को NABL की मान्यता प्राप्त नहीं थी। रिपोर्ट में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार जल गुणवत्ता जांच नहीं होने की बात कही गई है। CAG की प्रमुख सिफारिशें रिपोर्ट में सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार मिशन को खराब स्थिति में छोड़कर गई थी, जिसके कारण परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समय-सीमा 2024 से बढ़ाकर 2028 तक कर दी है। मार्च 2026 में स्वीकृत मिशन के दूसरे चरण को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके।

रायपुर में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा

रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा 16 जुलाई को धार्मिक आस्था, वैदिक परंपराओं और भव्य आयोजन के साथ निकाली जाएगी। वहीं बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा माता सुभद्रा के तीनों रथों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रथयात्रा से पहले 14 जुलाई की शाम 6 बजे भगवान का नेत्रोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और सनातन परंपरा का भी प्रतीक माना जाता है। भक्त और भगवान के मिलन का महापर्व श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा भक्तों और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। वर्ष में केवल इसी अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। 11 वैदिक पंडित कराएंगे विशेष पूजन रथयात्रा के दिन सुबह 11 वैदिक पंडितों के सान्निध्य में भगवान का विशेष अभिषेक, पूजन और हवन कराया जाएगा। चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर सहित विभिन्न सुगंधित द्रव्यों से भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान को गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल वाद्यों की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा की सबसे प्रमुख परंपराओं में शामिल ‘छेरा पहरा’ का निर्वहन इस वर्ष भी किया जाएगा। परंपरा के अनुसार राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई करेंगे। यह परंपरा सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। भजन, झांकियों और लोकनृत्य से गूंजेगा शहर रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों द्वारा भजन-कीर्तन, आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से सपरिवार रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है। रायपुर और छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सरकार और बोर्ड से 10 दिन में मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि “कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता।” हालांकि, नीति को लागू करने में सामने आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, CBSE और संबंधित पक्षों से 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। यह नीति शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू की गई है। इसके तहत छात्रों को दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़नी होगी। इससे कई छात्रों को पहले से पढ़ी जा रही भाषाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। क्या है विवाद? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CBSE ने पर्याप्त तैयारी के बिना नई भाषा नीति लागू कर दी है। उनके मुताबिक कई स्कूलों में संबंधित भाषाओं के शिक्षक, पाठ्यपुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े अहम सवाल और जवाब 1. मामला क्या है? सुप्रीम कोर्ट में CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इनमें कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। हालांकि, CBSE ने 6 जून को संशोधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि इस वर्ष कक्षा 10 के छात्रों को तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। 2. नए नियम में क्या बदलाव हुआ है? पहले कई छात्र अंग्रेजी के साथ एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच या जर्मन) पढ़ते थे। नए नियम के अनुसार अब तीन भाषाओं में से कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य है। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही चुनी जा सकेगी। 3. याचिका किसने दायर की? यह याचिका छात्र यशिका भंडारी, अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी की ओर से दायर की गई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर, मुकुल रोहतगी और गोपाल शंकरनारायणन ने पैरवी की। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। 4. याचिकाकर्ताओं की मुख्य आपत्ति क्या है? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था अचानक लागू कर दी गई। कई भारतीय भाषाओं की किताबें उपलब्ध नहीं हैं और अधिकांश स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक भी नहीं हैं। ऐसे में छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 5. किताबों को लेकर क्या दलील दी गई? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं में से फिलहाल केवल तीन भाषाओं की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं। ऐसे में बाकी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करना व्यवहारिक रूप से कठिन होगा। 6. शिक्षकों की कमी पर क्या कहा गया? याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि नई भारतीय भाषाएं पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता होगी, लेकिन इतने कम समय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण संभव नहीं है। 7. क्या विदेशी भाषाएं बंद हो जाएंगी? नहीं। छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन इसके साथ उन्हें दो भारतीय भाषाएं भी पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में होगी। 8. क्या तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा होगी? नहीं। CBSE ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा (R3) का अलग बोर्ड एग्जाम नहीं होगा, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त परीक्षा का दबाव न बढ़े। 9. अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार, CBSE और NCERT अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी। नई शिक्षा नीति 2020 क्या है? भारत सरकार ने 29 जुलाई 2020 को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को मंजूरी दी थी। यह 34 वर्षों बाद देश की शिक्षा व्यवस्था में किया गया सबसे बड़ा बदलाव माना जाता है। इससे पहले शिक्षा नीति 1986 में लागू हुई थी, जिसे 1992 में संशोधित किया गया था। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना, छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकसित करना है। केंद्र सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से 2030 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। चूंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए इसे लागू करने में केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की भूमिका होती है। देश, शिक्षा और करियर से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

बिलासपुर: CM हेल्पलाइन शिकायतों के खराब निराकरण पर PHE के ईई को नोटिस, कलेक्टर ने अधिकारियों को लगाई फटकार

बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) रूपेश कुमार धनंजय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। टीएल (समय-सीमा) बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा करने के बजाय उनका गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समय-सीमा का पालन करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। एकल शिक्षकीय स्कूलों में जल्द होंगे अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एकल शिक्षकीय स्कूलों में तत्काल अतिथि शिक्षक नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं भी ली जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। जर्जर स्कूल भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएं। ऐसे विद्यालयों के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करने और नए भवन या अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी लगाई फटकार जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए डीएमएफ की राशि का प्रभावी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। बिलासपुर और छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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