PM Modi अपने तीन देशों के विदेश दौरे के पहले चरण में सोमवार को इंडोनेशिया के लिए रवाना हो गए। यह यात्रा सिर्फ एक औपचारिक विदेश दौरा नहीं मानी जा रही, बल्कि भारत की रक्षा, व्यापार और कूटनीतिक रणनीति के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनमें सबसे ज्यादा नजर संभावित BrahMos Missile Deal पर टिकी हुई है।
भारत-इंडोनेशिया रिश्तों को मिलेगा नया आयाम
भारत और इंडोनेशिया लंबे समय से रणनीतिक साझेदार रहे हैं। इस बैठक में दोनों देश रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल टेक्नोलॉजी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर विचार करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगी।
₹2,500 करोड़ की BrahMos Deal पर बन सकती है सहमति
इस दौरे का सबसे चर्चित पहलू भारत में विकसित BrahMos सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का संभावित निर्यात समझौता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब 2,500 करोड़ रुपये की इस रक्षा डील को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।
अगर यह समझौता होता है तो इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाले प्रमुख देशों में शामिल हो जाएगा। इस सौदे में मिसाइल सिस्टम के अलावा प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और लॉजिस्टिक सपोर्ट जैसी सुविधाएं भी शामिल हो सकती हैं। इससे भारत के रक्षा निर्यात को भी नई मजबूती मिलेगी।
दुनिया के सबसे बड़े Hindu Temple Prambanan का करेंगे दर्शन
प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के प्रसिद्ध प्रांबानन (Prambanan) मंदिर भी जाएंगे। यह मंदिर परिसर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और दुनिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसरों में गिना जाता है।
भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित यह ऐतिहासिक मंदिर भारत और इंडोनेशिया के सदियों पुराने सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों की जीवंत पहचान है। प्रधानमंत्री का यहां जाना केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि साझा विरासत के सम्मान का भी संदेश माना जा रहा है।
जकार्ता में भारतीय समुदाय से भी करेंगे संवाद
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी जकार्ता में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। वे प्रवासी भारतीयों को संबोधित करेंगे और दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी रिश्तों को और मजबूत बनाने पर जोर देंगे।
इंडोनेशिया के बाद ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड का दौरा
इंडोनेशिया यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी जाएंगे। इन दोनों देशों के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा होगी। माना जा रहा है कि यह पूरा दौरा भारत की वैश्विक कूटनीतिक रणनीति को नई गति देगा।
क्यों अहम माना जा रहा है यह दौरा?
ऐसे समय में जब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की रणनीतिक अहमियत लगातार बढ़ रही है, भारत अपने मित्र देशों के साथ सहयोग को मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है। इंडोनेशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया का एक महत्वपूर्ण देश है और उसके साथ रक्षा एवं आर्थिक सहयोग बढ़ाना भारत की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा सिर्फ समझौतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे भारत और इंडोनेशिया के बीच भरोसे, साझेदारी और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
