पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बड़ा कानूनी झटका लगा है। साल 2019 से ब्रिटेन (UK) की जेल में बंद नीरव मोदी के पास अब अपने प्रत्यर्पण (Extradition) को रोकने के लगभग सभी कानूनी विकल्प खत्म हो गए हैं। इसके बाद एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अब उसे जल्द भारत लाया जा सकता है।
क्या है पूरा मामला?
नीरव मोदी पर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से हजारों करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। घोटाले के सामने आने के बाद वह भारत छोड़कर विदेश चला गया था। मार्च 2019 में उसे ब्रिटेन में गिरफ्तार किया गया और तभी से वह वहां की जेल में बंद है।
भारत सरकार लंबे समय से उसके प्रत्यर्पण की कोशिश कर रही है ताकि उस पर भारतीय अदालतों में मुकदमा चलाया जा सके।
क्यों माना जा रहा है बड़ा झटका?
ताजा कानूनी घटनाक्रम के बाद नीरव मोदी के पास अपने प्रत्यर्पण को चुनौती देने के विकल्प काफी सीमित हो गए हैं। इससे भारत भेजे जाने की प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान मानी जा रही है। हालांकि, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में कुछ प्रशासनिक और कानूनी औपचारिकताएं अभी भी पूरी की जानी बाकी हो सकती हैं।
भारत लाने की प्रक्रिया क्या होगी?
यदि सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी हो जाती हैं, तो ब्रिटेन की संबंधित एजेंसियां और भारतीय अधिकारी मिलकर नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे। इसके बाद उसे भारत लाया जा सकता है, जहां उसके खिलाफ दर्ज मामलों की सुनवाई होगी।
