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3 जिलों के अपर कलेक्टर समेत 15 आईएएस जाएंगे मसूरी:उज्जैन, अशोकनगर, कटनी कलेक्टर रहे नीरज, सुभाष व दीपक मिड भोपाल के लिए चयनित

भोपाल। मध्यप्रदेश के 15 वरिष्ठ IAS अधिकारियों को मिड कैरियर ट्रेनिंग के लिए मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी भेजा जा रहा है। यह प्रशिक्षण 12 मई से 6 जून 2025 तक आयोजित किया जाएगा। इसमें उज्जैन, अशोकनगर और कटनी के पूर्व कलेक्टरों सहित इंदौर, जबलपुर और सतना के अपर कलेक्टर भी शामिल हैं। राज्य शासन ने सभी चयनित अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए स्वीकृति दे दी है। यह ट्रेनिंग उन अफसरों के लिए अनिवार्य है जिन्होंने अब तक मिड कैरियर ट्रेनिंग नहीं की है और जिनकी सेवानिवृत्ति में एक वर्ष से अधिक का समय बचा है। इस बार 2012 से 2017 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के 15 IAS अधिकारियों को इस ट्रेनिंग के लिए चुना गया है। राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी ने हाल ही में ऐसे 53 अधिकारियों की सूची जारी की थी, जिन्हें अब तक यह प्रशिक्षण नहीं मिल पाया था। अब इन्हें चरणबद्ध तरीके से ट्रेनिंग में शामिल किया जा रहा है। ये अधिकारी जाएंगे मसूरी ट्रेनिंग में: प्रशिक्षण का उद्देश् ( https://deshharpal.com/ ) लाल बहादुर शास्त्री प्रशासन अकादमी 2007 से मिड कैरियर ट्रेनिंग आयोजित कर रही है, जिसका उद्देश्य अधिकारियों की मैनेजमेंट स्किल्स, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक दक्षता को और मजबूत करना है।
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राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम टीआईटी कॉलेज पहुंची:भोपाल के लव जिहाद मामले में हो रही पूछताछ, छात्राओं की सुरक्षा का लिया जायजा

भोपाल में कॉलेज छात्राओं के साथ हुए रेप, ब्लैकमेलिंग और कथित लव जिहाद के गंभीर मामले की जांच तेज हो गई है। राष्ट्रीय महिला आयोग की तीन सदस्यीय टीम सोमवार को रायसेन रोड स्थित टीआईटी कॉलेज पहुंची, जहां उन्होंने कॉलेज प्रशासन, संबंधित अधिकारियों और पीड़िताओं को पढ़ाने वाले शिक्षकों से लंबी पूछताछ की। टीम ने कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की भी बारीकी से जांच की। यह जानने की कोशिश की गई कि क्या पीड़ित छात्राओं ने घटना से पहले कॉलेज प्रबंधन या किसी अन्य अधिकारी को कोई शिकायत दी थी। मौके पर विशेष जांच टीम (SIT) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जो इस मामले में दर्ज हुई एफआईआर के आधार पर जांच कर रहे हैं। महिला आयोग की टीम ने कॉलेज स्टाफ और संबंधित विभाग प्रमुखों से अलग-अलग बातचीत कर आवश्यक जानकारी जुटाई। होटल रेडिसन में महिला आयोग और पुलिस के बीच विशेष बैठक सूत्रों के अनुसार, सोमवार को होटल रेडिसन में महिला आयोग की टीम और भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई, जिसमें केस की वर्तमान स्थिति और आगे की कार्रवाई पर चर्चा हुई। इससे पहले शनिवार को टीम बाग सेवनिया थाने भी पहुंची थी, जहां केस की शुरुआती रिपोर्ट दर्ज हुई थी। रविवार को टीम ने पुलिस अधिकारियों से केस की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी थी। पीड़िताओं को न्याय और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने स्पष्ट किया है कि वह केवल जांच की निगरानी नहीं कर रही, बल्कि सभी पक्षों को आवश्यक सुझाव भी दे रही है ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। आयोग ने भरोसा दिलाया कि पीड़ित छात्राओं को पूर्ण न्याय मिलेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जमीनी जांच के लिए गठित की गई विशेष समिति https://deshharpal.com/ इस हाई-प्रोफाइल केस की गहराई से जांच के लिए महिला आयोग ने एक विशेष समिति बनाई है, जिसमें झारखंड की पूर्व डीजीपी निर्मल कौर, हाईकोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता निर्मला नायक समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। यह समिति भोपाल पहुंचकर जमीनी सच्चाई का आकलन कर रही है।
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पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को गृहमंत्री विजय शर्मा का कॉल:पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को गृहमंत्री विजय शर्मा का कॉल

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेंद्र साहू से हुई नक्सल मुद्दे पर बातचीत को अपने सोशल मीडिया पर साझा किया है। उन्होंने बताया कि साहू समेत कांग्रेस के कुछ नेताओं ने नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जिसके लिए उन्होंने खुद फोन कर आभार जताया। शर्मा ने लिखा – “हम सब चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो। जो भी इस मुहिम में साथ देगा, उसका सम्मान किया जाएगा।” फोन पर हुई बातचीत में धनेंद्र साहू ने भी सरकार की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा – “जब पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हो रही है, तो विपक्ष में रहकर भी विरोध करना सही नहीं होगा। जो सच है, उसे बोलना चाहिए।” बस्तर में विकास और सम्मान की दोहरी योजना उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बातचीत में बताया कि बस्तर में नक्सल प्रभावित परिवारों के लिए विशेष सर्वे कराकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिए जा रहे हैं। साथ ही ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पुंडम’ जैसे आयोजनों के जरिए स्थानीय युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा, बस्तर में शहीद जवानों और नागरिकों की याद में “बलिदानी स्मारक” बनाए जा रहे हैं। अब तक 500 से ज्यादा स्मारकों की योजना है, जिन पर संगमरमर की प्रतिमा लगाई जाएगी। हर स्मारक पर लगभग 3 लाख रुपये खर्च होंगे। धनेंद्र साहू ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा – “यह उन शहीदों को सच्चा सम्मान है जिन्होंने राज्य की सुरक्षा के लिए जान दी। सरकार का ये कदम सराहनीय है।” झीरम सिर्फ एक पार्टी नहीं, पूरे राज्य का दर्द विजय शर्मा ने बताया कि इस बार वह खुद झीरम घाटी जाएंगे, जहां नेताओं की शहादत हुई थी, और वहां पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इस पर साहू ने कहा – “झीरम जैसी घटनाएं किसी एक पार्टी की नहीं, पूरे राज्य की पीड़ा हैं। ऐसे मौकों पर एकजुटता ही सच्ची राजनीति है।” डिप्टी सीएम अरुण साव का तंज – नक्सलियों पर नरमी आज भी बरकरार? इस पूरे घटनाक्रम पर राज्य के दूसरे डिप्टी सीएम अरुण साव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा – “अगर विपक्ष सरकार के अच्छे कामों का समर्थन करता है, तो यही आदर्श राजनीति है। लेकिन कुछ नेता, जो पांच साल तक नक्सलियों को परोक्ष संरक्षण देते रहे, आज सरकार को फेल बता रहे हैं। इससे साफ है कि उनके मन में अब भी नक्सलियों के लिए नरमी है।” चाहें बस्तर का विकास हो या झीरम की शहादत – नक्सलवाद के खिलाफ एकजुटता की नई तस्वीर उभर रही है।https://deshharpal.com/के साथ – पल-पल की खबर, हरपल।
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छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में फिर आंधी-तूफान:50-60KM/घंटे की रफ्तार से चल रही हवाएं; 6 मई तक ऐसा ही रहेगा मौसम

रायपुर। मई की शुरुआत के साथ ही वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रहा है। बीते कुछ दिनों से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने प्रदेश के कई जिलों में कहर बरपाया है। 6 मई तक 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। शनिवार को रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हुई, वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में ओले गिरे। इस बदलाव से तापमान में 4-5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। किसानों पर दोहरी मार: फसलें चौपट, बिजली सेवा ठप तेज आंधी और ओलों ने रबी फसलों, फल-सब्जियों और खासकर आम के उत्पादन को भारी नुकसान पहुंचाया है। भिलाई में पपीते, केले और चीकू की 500 एकड़ खेती बर्बाद हो गई। धमधा क्षेत्र के धौराभाठा गांव में 500 एकड़ पर ऑर्गेनिक खेती करने वाले किसान राजेश पुनिया ने बताया कि करीब 70-80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बिजली आपूर्ति भी प्रभावित तेज अंधड़ से इलेक्ट्रिक पोल और तार टूटने के कारण रायपुर, भिलाई समेत कई जिलों में बिजली आपूर्ति ठप रही। पावर कंपनी की टीम ने युद्धस्तर पर काम करते हुए शुक्रवार शाम तक 80% व्यवस्था बहाल कर दी थी, जबकि शेष शिकायतों का निपटारा देर रात तक जारी रहा। खेतों से बाजार तक असर बदला मौसम क्यों? मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के ऊपर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है, वहीं हरियाणा से केरल तक ट्रफ लाइन बनने से छत्तीसगढ़ में अचानक मौसम बदला है। आगे क्या? राहत भी, गर्मी भी मौसम विभाग ने बताया कि अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहेगी, जिससे थोड़ी राहत महसूस की जा सकती है। https://deshharpal.com/ पर बने रहें, हम आपको पल-पल की सटीक खबर सबसे पहले देंगे।
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KR लॉ कॉलेज में NSUI का हंगामा:बिलासपुर में एनवल फंक्शन में स्टेज पर चढ़कर दी धमकी, अभद्रता व धमकी देने का भी आरोप

बिलासपुर। कौशलेंद्र राव (KR) लॉ कॉलेज में आयोजित वार्षिकोत्सव और पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान NSUI नेताओं ने जमकर हंगामा मचाया। आरोप है कि नेताओं ने छात्राओं से अभद्रता, मंच से माइक छीनने और कार्यक्रम बंद कराने की धमकी तक दी। डिप्टी सीएम के आने से ठीक पहले हुई इस घटना से माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना को लेकर छात्र-छात्राओं ने एसपी से शिकायत कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। छात्राओं ने लगाए गंभीर आरोप छात्रा नेहा तिवारी और अंजूलता साहू ने बताया कि 28 अप्रैल को कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। तभी NSUI के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह, लोकेश नायक, शुभम जायसवाल सहित कई पदाधिकारी पहुंचे और मंच पर चढ़कर कार्यक्रम में बाधा डालने लगे। उन्होंने कार्यक्रम प्रस्तुत कर रही छात्राओं से दुर्व्यवहार किया और माइक छीनकर धमकी भी दी। सम्मान न मिलने पर भड़के NSUI पदाधिकारी छात्रों के अनुसार, NSUI नेताओं ने अपना नाम मंच से पुकारे जाने की मांग की थी। उन्होंने एक पर्ची के माध्यम से मंच संचालन कर रहे छात्र-छात्राओं को अपने नामों के साथ अन्य पदाधिकारियों के नाम मंच पर बुलाने को कहा। जब ऐसा नहीं हुआ, तो NSUI जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह ने गुस्से में मंच पर चढ़कर हंगामा शुरू कर दिया। डिप्टी सीएम के आने से पहले ही माहौल बिगड़ा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम अरुण साव के आगमन से ठीक पहले ही NSUI नेताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। मंच संचालन कर रहे छात्रों से माइक छीनने और मारपीट की धमकी देने की बात सामने आई है। छात्राओं का कहना है कि खराब तबीयत और मौसम के कारण वे तुरंत शिकायत नहीं कर सकीं, लेकिन अब सभी एकजुट होकर न्याय की मांग कर रहे हैं। पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप जानकारी के अनुसार, NSUI जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह पर पहले भी श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, तोरवा के प्रबंधन ने वसूली और स्कूल बंद कराने की धमकी का आरोप लगाया था। उस मामले में भी लिखित शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। https://deshharpal.com/आपके साथ – छात्रों की आवाज़, सच्चाई की पहचान।
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खंडवा में कल 6 सेंटर्स पर NEET-2025 एग्जाम:2400 विद्यार्थी होंगे शामिल, सीएसपी को बनाया प्रभारी; घड़ी पहनकर नहीं दे सकेंगे परीक्षा

खंडवा। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2025 इस बार 4 मई को आयोजित होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा परीक्षा पिछली बार की तरह ऑफलाइन मोड में ही ली जाएगी। देशभर की तरह खंडवा शहर में भी परीक्षा की तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के 6 परीक्षा केंद्रों पर कुल 2400 छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। खंडवा के ये स्कूल बने परीक्षा केंद्र परीक्षा के लिए केंद्रीय विद्यालय, उत्कृष्ट विद्यालय, नेहरू स्कूल, कन्या स्कूल सूरजकुंड, एमएलबी स्कूल और एसएन कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा एक ही शिफ्ट में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी, लेकिन छात्रों को सुबह 11:30 बजे से ही प्रवेश दिया जाएगा। चार स्तर की जांच और बायोमेट्रिक से होगी एंट्री परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हर कमरे में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी लाइव निगरानी NEET मुख्यालय से की जाएगी। छात्रों को चार स्तरों की चेकिंग और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद दोपहर 1:30 बजे परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिलेगा। पुलिस तैनात, मोबाइल जैमर और सख्त निगरानी परीक्षा के दौरान पुलिस बल और जिला प्रशासन के अधिकारी केंद्रों पर तैनात रहेंगे। किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए मोबाइल जैमर लगाए जाएंगे। सुरक्षा और संचालन की जिम्मेदारी सीएसपी अभिनव बारंगे को सौंपी गई है। घड़ी, कड़ा, क्लचर और बैंड पर रोक विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र लाना अनिवार्य होगा। घड़ी, कड़ा, हेयर क्लचर, बैंड आदि पहनकर आना प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, एडमिट कार्ड पर एक पासपोर्ट साइज और एक पोस्टकार्ड साइज फोटो लगाना अनिवार्य होगा। परीक्षा के बाद छात्रों को अपना प्रवेश पत्र जमा करना होगा। पेन और स्टेशनरी केंद्र पर मिलेगी छात्रों को परीक्षा के दौरान उपयोग में आने वाली पेन और अन्य जरूरी स्टेशनरी परीक्षा केंद्र पर ही उपलब्ध कराई जाएगी।
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आयुर्विज्ञान विवि जबलपुर का दीक्षांत समारोह:डिप्टी सीएम की घोषणा-श्योपुर, सिंगरौली में खुलेंगे मेडिकल कॉलेज

जबलपुर। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को विस्तार देने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए राज्य के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने शनिवार को घोषणा की कि श्योपुर और सिंगरौली जिलों में जल्द ही नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। यह ऐलान उन्होंने जबलपुर में आयोजित मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह के दौरान किया। इस मौके पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विश्वविद्यालय का नाम बदलकर “महर्षि सुश्रुत आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय” करने की घोषणा भी की। राज्यपाल ने समारोह में 76 मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल भी वितरित किए। एम्स की मांग भी उठी कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद महापौर जगत बहादुर अन्नू ने जबलपुर को एम्स (AIIMS) की सौगात देने की मांग उपमुख्यमंत्री से की। उन्होंने कहा कि “अगर ऐसा होता है तो जबलपुर के लिए यह बहुत बड़ी सौगात होगी।” समारोह में मौजूद रहे राज्य के कई प्रमुख चेहरे यह भव्य कार्यक्रम नेताजी सुभाषचंद्र बोस सांस्कृतिक एवं सूचना केंद्र, घंटाघर के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने की, जबकि मंच पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, कुलपति डॉ. अशोक खंडेलवाल और कुलसचिव पुष्पराज बघेल मौजूद रहे। 32 हजार छात्रों को मिलेगी उपाधि, पार्किंग के लिए शटल और ई-रिक्शा की सुविधा इस दीक्षांत समारोह में 32,000 छात्रों को उपाधियां मान्य की जाएंगी। आगंतुकों की सुविधा के लिए पार्किंग व्यवस्था क्राइस्ट चर्च स्कूल, तैय्यब अली पेट्रोल पंप के पास की गई है, जहाँ से कार्यक्रम स्थल तक शटल और ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।(https://deshharpal.com/)
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फिर 5 हजार करोड़ का कर्ज लेगी मोहन सरकार:एमपी पर पहले से 4.21 लाख करोड़ का कर्ज, 6 मई को दो किश्तों में नया लोन

एक महीने में फिर कर्ज लेने की तैयारी में मोहन सरकार, RBI से लेगी 5,000 करोड़ भोपाल। नया वित्त वर्ष 2024-25 शुरू हुए अभी एक महीना ही बीता है, और मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार एक बार फिर कर्ज लेने की तैयारी में जुट गई है। अप्रैल महीने में भले ही सरकार ने एक भी रुपया कर्ज न लिया हो, लेकिन मई की शुरुआत में ही 5,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम कर्ज दो किश्तों में उठाया जा रहा है। यह कर्ज भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से लिया जा रहा है, जिसकी प्रक्रिया 6 मई को पूरी होगी और राशि का भुगतान 7 मई को किया जाएगा। 12 और 14 साल की अवधि वाले होंगे दोनों लोन वित्त विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, यह दोनों ऋण लंबे अवधि के होंगे। पहली किश्त 2,500 करोड़ रुपये की है, जिसे 12 साल के लिए लिया जाएगा और यह 7 मई 2037 को चुकाई जाएगी। वहीं दूसरी किश्त भी 2,500 करोड़ की है, लेकिन इसकी अवधि 14 साल होगी और इसे 7 मई 2039 को सरकार को लौटाना होगा। राजस्व अधिशेष का दावा, लेकिन कर्ज पर भरोसा सरकार का दावा है कि बीते वित्त वर्ष 2023-24 में राज्य को 12,487.78 करोड़ रुपये का राजस्व अधिशेष मिला था। उस समय कुल आय 2,34,026.05 करोड़ रुपये और व्यय 2,21,538.27 करोड़ रुपये रहा। चालू वित्त वर्ष 2024-25 में संशोधित अनुमानों के अनुसार सरकार की आमदनी 2,62,009.01 करोड़ और खर्च 2,60,983.10 करोड़ रुपये आंका गया है। यानी सरकार इस बार भी 1,025.91 करोड़ रुपये के अधिशेष में रहने का अनुमान लगा रही है। मार्च में ही लिया था रिकॉर्ड कर्ज( https://deshharpal.com/) गौरतलब है कि बीते वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार ने कुल 61,400 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जिसमें से सिर्फ मार्च महीने में ही 20,400 करोड़ रुपये का लोन उठाया गया—जो किसी भी एक महीने में लिया गया अब तक का सबसे बड़ा कर्ज माना जा रहा है।
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इंदौर में धर्म पूछकर व्यापार करने के लिए लगे पोस्टर:लिखा-धर्म पूछकर गोली मारी जा सकती है तो वैसे ही व्यापार करना पड़ेगा

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है, और उसका गुस्सा इंदौर की सड़कों पर अब भी दिख रहा है। शहर में ‘धर्म पूछकर व्यापार’ करने जैसे संदेश वाले पोस्टर लगाए गए हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। ये पोस्टर सेंट्रल जेल के सामने नजर आए हैं। इन पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद का नाम छपा है, लेकिन अभी तक इन संगठनों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इससे यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पोस्टर किसने और कब लगाए। पोस्टर में लिखा गया है: “अगर धर्म पूछकर गोली मारी जा सकती है, तो अब धर्म पूछकर ही व्यापार होगा… अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए अब नाम पूछना ही पड़ेगा… आदत डालिए नाम पूछने की।” पोस्टर पर जम्मू-कश्मीर का नक्शा भी छापा गया है, जिसमें शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का पार्थिव शरीर और पास बैठी उनकी पत्नी हिमांशी की तस्वीर भी नजर आ रही है। हालांकि इन पोस्टरों की संख्या कम है, लेकिन इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर इसे आंदोलन का रूप देने की कोशिशें की जा रही हैं। पहले भी लगे थे उग्र पोस्टर, ‘नो एंट्री फॉर पाकिस्तानी सिटीज़न्स’इससे पहले इंदौर के छप्पन दुकान क्षेत्र में एक पोस्टर लगाया गया था, जिसमें लिखा था –“सुअरों और पाकिस्तानी नागरिकों को नो एंट्री”इसमें एक सुअर को पाकिस्तानी जनरल के रूप में दिखाया गया था। ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ नारे पर मचा था हंगामादो दिन पहले ही इंदौर में जब पाकिस्तान का पुतला जलाया जा रहा था, उसी दौरान किसी ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगा दिया। इस पर विवाद हुआ और स्थानीय विधायक ने सदर बाजार थाने में शिकायत दर्ज करवाई।इसके बाद पार्षद अनवर कादरी को गिरफ्तार कर लिया गया। पेंटर संगठन ने भी किया विरोध प्रदर्शन इंदौर के पेंटर संगठन ने भी सड़क पर पाकिस्तानी झंडा बनाकर उसके ऊपर “पाकिस्तान मुर्दाबाद” लिखा और विरोध जताया। https://deshharpal.com/ की राय: देशभक्ति में आवेश जरूरी है, पर कानून और समाज की मर्यादाएं बनाए रखना भी उतना ही ज़रूरी है। आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाइए, लेकिन नफरत को नहीं, एकता को ताकत बनाइए।
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4 महीने में वापस मिले 2 करोड़ 73 लाख रुपए:सही समय पर की थी शिकायत, लोगों को कर रहे अवेयर

इंदौर में ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच एक राहतभरी खबर सामने आई है। क्राइम ब्रांच इंदौर ने जनवरी से अप्रैल 2025 के बीच साइबर ठगी के शिकार हुए नागरिकों को ₹2 करोड़ 73 लाख रुपए वापस दिलवाए हैं। ठगी का शिकार हुए लोगों ने साइबर हेल्पलाइन और एनसीआरपी पोर्टल के जरिए शिकायतें दर्ज कराईं, जिसके बाद क्राइम ब्रांच की फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीमों ने तेजी से कार्रवाई की। एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि शहर में साइबर ठगी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है, लेकिन इंदौर पुलिस की सक्रियता से पीड़ितों को राहत भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि “केवल 4 महीनों में ही 2.73 करोड़ रुपए पीड़ितों के खातों में वापस कराना बड़ी उपलब्धि है।” क्राइम ब्रांच ने पहले भी ठगी का शिकार हुए लोगों को करोड़ों रुपए की रकम वापस दिलाई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो: साइबर ठगी से बचाव के लिए जागरूकता अभियान भी जारी क्राइम ब्रांच “साइबर पाठशाला” जैसे अभियानों के जरिए लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के उपाय भी सिखा रही है।अगर कोई ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होता है तो तुरंत 7049124445 पर कॉल करें या 1930 / NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। https://deshharpal.com/की सलाह: सतर्क रहें, जागरूक रहें और ठगी की शिकायत में देरी न करें।
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अक्षर पटेल का ऑलराउंड शो, शुभमन गिल की कप्तानी पारी; भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर पहला वनडे जीता

बर्मिंघम। ऑलराउंडर अक्षर पटेल के शानदार प्रदर्शन और कप्तान शुभमन गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे मुकाबले में 6 विकेट से हराकर सीरीज में विजयी शुरुआत की। एजबेस्टन मैदान पर खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 262 रन बनाकर हासिल कर लिया। अक्षर पटेल ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। कप्तान शुभमन गिल ने 80 रन बनाए, लेकिन मैच के दौरान क्रैम्प्स की समस्या के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। शुरुआती झटकों के बाद गिल ने संभाली पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 101 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम की पारी को संभाला। श्रेयस 35 रन बनाकर रनआउट हुए, जबकि केएल राहुल बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभालते हुए पांचवें विकेट के लिए 102 रन की अविजित साझेदारी की और भारत को शानदार जीत दिलाई। जो रूट और लियाम डॉसन ने इंग्लैंड को संभाला इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। इंग्लैंड की शुरुआत मजबूत रही और टीम ने 61 रन तक कोई विकेट नहीं गंवाया, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए महज 19 रन के भीतर 5 विकेट झटक दिए। मध्यक्रम में जो रूट ने 76 रन और लियाम डॉसन ने 68 रन की अहम पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से निभाई अहम भूमिका भारतीय गेंदबाजों में अक्षर पटेल सबसे सफल रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने 2-2 विकेट हासिल किए। जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अक्षर पटेल ने टीम इंडिया की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई और भारत ने सीरीज की शानदार शुरुआत की। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CAG रिपोर्ट में जल जीवन मिशन की पोल: छत्तीसगढ़ में 33% नल कनेक्शन गैर-कार्यशील, ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा

रायपुर। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर खामियों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार कमजोर योजना, धीमा क्रियान्वयन, निगरानी की कमी और गलत रिपोर्टिंग के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक स्थिरता प्रभावित हुई है। मार्च 2024 तक की अवधि पर आधारित ‘छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का प्रदर्शन ऑडिट’ रिपोर्ट मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसके लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद मिशन के कार्यों में तेजी आई है। योजना निर्माण में गंभीर खामियां CAG की रिपोर्ट के मुताबिक जल जीवन मिशन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कई स्थानों पर गांव स्तर की कार्ययोजना तैयार किए बिना ही जिला स्तरीय योजनाएं बना दी गईं, जबकि राज्य स्तरीय कार्ययोजना तैयार ही नहीं की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर जल सुरक्षा योजना नहीं बनाई गई, जिससे जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता और योजनाओं के रखरखाव की स्पष्ट रणनीति विकसित नहीं हो सकी। 33 प्रतिशत नल कनेक्शन निकले गैर-कार्यशील रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) लगाए गए। हालांकि, इनमें से 13.31 लाख (करीब 33%) कनेक्शन गैर-कार्यशील पाए गए। इसके पीछे सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप स्थापित नहीं होना प्रमुख कारण बताए गए हैं। ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा राज्य के 19,656 गांवों को मार्च 2024 तक ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64 प्रतिशत) ही इस लक्ष्य तक पहुंच सके। ऑडिट में ऐसे मामले भी सामने आए, जहां अधूरे कार्यों के बावजूद गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित कर दिया गया। किसी भी जिले में 100% कवरेज नहीं मार्च 2024 तक राज्य के 33 में से किसी भी जिले और 146 में से किसी भी विकासखंड में 100 प्रतिशत नल जल कवरेज नहीं था। योजनाओं की प्रगति बेहद धीमी रिपोर्ट के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 29,153 सिंगल विलेज स्कीम में से मार्च 2024 तक केवल 172 योजनाएं पूरी हो सकीं। इनमें भी सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को योजनाओं का संचालन सौंपा गया। वहीं, स्वीकृत 70 मल्टी विलेज स्कीम में से मार्च 2025 तक एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे करीब 9.85 लाख घरों तक सतही जल स्रोतों से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ। सोलर आधारित योजनाओं में भी अनियमितताएं CAG ने पाया कि कई सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक नल कनेक्शन जोड़ दिए गए। इसके कारण 28,984 परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी कमियां रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार केंद्र और राज्यांश मिलाकर 6,480.04 करोड़ रुपये की आवश्यक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही। साथ ही मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि और CSR जैसी योजनाओं के संसाधनों के समन्वय के लिए भी कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई। जल गुणवत्ता जांच की व्यवस्था कमजोर राज्य की 75 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से केवल 4 प्रयोगशालाएं ही सभी 13 निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों की जांच करने में सक्षम पाई गईं। इसके अलावा 37 प्रतिशत प्रयोगशालाओं को NABL की मान्यता प्राप्त नहीं थी। रिपोर्ट में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार जल गुणवत्ता जांच नहीं होने की बात कही गई है। CAG की प्रमुख सिफारिशें रिपोर्ट में सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार मिशन को खराब स्थिति में छोड़कर गई थी, जिसके कारण परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समय-सीमा 2024 से बढ़ाकर 2028 तक कर दी है। मार्च 2026 में स्वीकृत मिशन के दूसरे चरण को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके।

रायपुर में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा

रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा 16 जुलाई को धार्मिक आस्था, वैदिक परंपराओं और भव्य आयोजन के साथ निकाली जाएगी। वहीं बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा माता सुभद्रा के तीनों रथों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रथयात्रा से पहले 14 जुलाई की शाम 6 बजे भगवान का नेत्रोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और सनातन परंपरा का भी प्रतीक माना जाता है। भक्त और भगवान के मिलन का महापर्व श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा भक्तों और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। वर्ष में केवल इसी अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। 11 वैदिक पंडित कराएंगे विशेष पूजन रथयात्रा के दिन सुबह 11 वैदिक पंडितों के सान्निध्य में भगवान का विशेष अभिषेक, पूजन और हवन कराया जाएगा। चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर सहित विभिन्न सुगंधित द्रव्यों से भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान को गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल वाद्यों की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा की सबसे प्रमुख परंपराओं में शामिल ‘छेरा पहरा’ का निर्वहन इस वर्ष भी किया जाएगा। परंपरा के अनुसार राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई करेंगे। यह परंपरा सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। भजन, झांकियों और लोकनृत्य से गूंजेगा शहर रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों द्वारा भजन-कीर्तन, आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से सपरिवार रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है। रायपुर और छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सरकार और बोर्ड से 10 दिन में मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि “कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता।” हालांकि, नीति को लागू करने में सामने आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, CBSE और संबंधित पक्षों से 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। यह नीति शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू की गई है। इसके तहत छात्रों को दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़नी होगी। इससे कई छात्रों को पहले से पढ़ी जा रही भाषाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। क्या है विवाद? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CBSE ने पर्याप्त तैयारी के बिना नई भाषा नीति लागू कर दी है। उनके मुताबिक कई स्कूलों में संबंधित भाषाओं के शिक्षक, पाठ्यपुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े अहम सवाल और जवाब 1. मामला क्या है? सुप्रीम कोर्ट में CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इनमें कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। हालांकि, CBSE ने 6 जून को संशोधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि इस वर्ष कक्षा 10 के छात्रों को तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। 2. नए नियम में क्या बदलाव हुआ है? पहले कई छात्र अंग्रेजी के साथ एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच या जर्मन) पढ़ते थे। नए नियम के अनुसार अब तीन भाषाओं में से कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य है। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही चुनी जा सकेगी। 3. याचिका किसने दायर की? यह याचिका छात्र यशिका भंडारी, अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी की ओर से दायर की गई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर, मुकुल रोहतगी और गोपाल शंकरनारायणन ने पैरवी की। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। 4. याचिकाकर्ताओं की मुख्य आपत्ति क्या है? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था अचानक लागू कर दी गई। कई भारतीय भाषाओं की किताबें उपलब्ध नहीं हैं और अधिकांश स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक भी नहीं हैं। ऐसे में छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 5. किताबों को लेकर क्या दलील दी गई? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं में से फिलहाल केवल तीन भाषाओं की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं। ऐसे में बाकी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करना व्यवहारिक रूप से कठिन होगा। 6. शिक्षकों की कमी पर क्या कहा गया? याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि नई भारतीय भाषाएं पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता होगी, लेकिन इतने कम समय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण संभव नहीं है। 7. क्या विदेशी भाषाएं बंद हो जाएंगी? नहीं। छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन इसके साथ उन्हें दो भारतीय भाषाएं भी पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में होगी। 8. क्या तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा होगी? नहीं। CBSE ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा (R3) का अलग बोर्ड एग्जाम नहीं होगा, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त परीक्षा का दबाव न बढ़े। 9. अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार, CBSE और NCERT अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी। नई शिक्षा नीति 2020 क्या है? भारत सरकार ने 29 जुलाई 2020 को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को मंजूरी दी थी। यह 34 वर्षों बाद देश की शिक्षा व्यवस्था में किया गया सबसे बड़ा बदलाव माना जाता है। इससे पहले शिक्षा नीति 1986 में लागू हुई थी, जिसे 1992 में संशोधित किया गया था। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना, छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकसित करना है। केंद्र सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से 2030 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। चूंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए इसे लागू करने में केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की भूमिका होती है। देश, शिक्षा और करियर से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

बिलासपुर: CM हेल्पलाइन शिकायतों के खराब निराकरण पर PHE के ईई को नोटिस, कलेक्टर ने अधिकारियों को लगाई फटकार

बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) रूपेश कुमार धनंजय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। टीएल (समय-सीमा) बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा करने के बजाय उनका गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समय-सीमा का पालन करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। एकल शिक्षकीय स्कूलों में जल्द होंगे अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एकल शिक्षकीय स्कूलों में तत्काल अतिथि शिक्षक नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं भी ली जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। जर्जर स्कूल भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएं। ऐसे विद्यालयों के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करने और नए भवन या अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी लगाई फटकार जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए डीएमएफ की राशि का प्रभावी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। बिलासपुर और छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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