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सीहोर महिला पॉलिटेक्निक की छात्रा ने की आत्महत्या:कॉलेज प्रबंधन ने बताया प्रेम प्रसंग का मामला; पिता बोले- बेटी को बदनाम कर रहे

सीहोर के महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रावास में एक 19 साल की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान भगवतपुरा निवासी रक्षा नायक(19) के रूप में हुई है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। शासकीय महिला पॉलिटेक्निक सीहोर की वार्डन पूजा जारोलिया ने बताया कि छात्रा सीएसी प्रथम वर्ष की छात्रा थी और वो हॉस्टल के कमरा नंबर 17 में रहती थी। रात साढ़े 10 बजे रक्षा के लिए किसी का फोन आया, जो खुद को उसका भाई बता रहा था।उसने कहा कि रक्षा से बात करा दो। इसके बाद रेखा नाम की स्टूडेंट ने दरवाजा खटखटाया तो देखा कि रक्षा फांसी पर लटकी हुई है। दूसरी छात्रा नेहा ने शव को नीचे उतारा और नीतू मैडम उसे अस्पताल ले गईं। घटना के समय रक्षा की रूम मेट रिया एक शादी में गई हुई थी। पिता ने कॉलेज प्रबंधन पर बेटी को बदनाम करने का लगाया आरोप शुक्रवार सुबह परिजन शव को कार में लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। रक्षा के पिता जशमत नायक का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने मौत की सूचना नहीं दी और उनकी बेटी को बदनाम कर रहा है। कॉलेज प्रशासन का दावा है कि छात्रा का किसी से प्रेम प्रसंग था। एसडीएम ने परिजनों को दिया जांच का आश्वासन कोतवाली टीआई रविंद्र यादव ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एसडीएम तन्मय वर्मा ने परिजनों को प्रशासनिक जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन के दावों की पुष्टि के लिए जांच की जा रही है।
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सागर में नवविवाहिता ने फंदा लगाकर किया सुसाइड:फंदे पर झूलता देख पति और सास ने उतारा, 4 माह की गर्भवती थी मृतका

सागर में गढ़ाकोटा थाना क्षेत्र के ग्राम धौनाई में नवविवाहिता ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा बनाया। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंप दिया गया है। पुलिस के अनुसार, सपना पति अनमोल प्रजापति उम्र 20 साल निवासी धौनाई का शव फंदे पर झूलता मिला है। मृतका के पति ने पुलिस को बताया कि वह गढ़ाकोटा में चाट की दुकान पर काम करता है। रोजाना की तरह गढ़ाकोटा दुकान पर गया था। दुकान से वापस लौटा तो मां आंगन में गेहूं साफ कर रही थी। मैं घर में अंदर गया। जहां देखा कि कमरे में पत्नी सपना फंदे पर झूल रही है। पति और मां ने मिलकर फंदे से नीचे उतारा शव उसे देख शोर मचाया तो मां अंदर आ गई। दोनों ने मिलकर सपना को फंदे से नीचे उतारा। तत्काल रहली अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने चेकअप करने के बाद सपना को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा बनाया। मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है पिता का आरोप- शराब पीकर पति करता था विवाद इधर, घटनाक्रम की सूचना पर मृतका के मायके पक्ष के लोग अस्पताल पहुंच गए। मृतका के पिता डालचंद प्रजापति ने बताया कि करीब 4 साल पहले बेटी सपना की विवाह हुआ था। उसका डेढ़ साल का बेटा है। इस समय बेटी करीब 4 माह गर्भ से थी। बेटी को उसके ससुराल पक्ष के लोग परेशान करते थे। पति शराब पीकर आए दिन विवाह कर मारपीट करता था। 15 दिनों से बेटी से बात नहीं करने दे रहे थे: पिता सास, ससुर और देवर भी परेशान करते थे। पिछले करीब 15 दिनों से बेटी से बात भी नहीं करने दे रहे थे। इससे पहले भी गढ़ाकोटा थाने में बेटी को परेशान करने को लेकर शिकायत की थी। पिता ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो।
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एकात्म पर्व के समापन पर ओंकारेश्वर पहुंचे सीएम:बोले- भारत को शस्त्रों की परंपरा से भी सशक्त बनाना होगा; 29 राज्यों के 500 शंकरदूतों ने दीक्षा ली

गुरु शंकराचार्य की जयंती पर ओंकारेश्वर में आयोजित एकात्म पर्व के समापन समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “भारत को सिर्फ ज्ञान और शास्त्रों से नहीं, शक्ति और शस्त्रों की परंपरा से भी सशक्त बनाना होगा।” कार्यक्रम में 29 राज्यों से आए 500 शंकरदूतों को दीक्षा दी गई और अद्वैत लोक निर्माण से लेकर धार्मिक नगरों को शराबमुक्त बनाने तक कई बड़े संकल्पों की घोषणा हुई। “धर्म की रक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र दोनों जरूरी” CM मोहन यादव ने कहा कि आदि गुरु शंकराचार्य ने धर्मजागरण के लिए शक्ति की आराधना की थी। आज के भारत को भी ज्ञान, वैराग्य, अध्यात्म के साथ-साथ आत्मरक्षा और सामर्थ्य की आवश्यकता है। उन्होंने दंडी स्वामी की परंपरा को याद करते हुए कहा, “भारत को अब केवल उपदेश नहीं, क्रियात्मक संकल्प चाहिए।” नर्मदा तट पर 500 शंकरदूतों को दीक्षा शुक्रवार सुबह अभय घाट (ओंकारेश्वर) पर 29 राज्यों से आए 500 युवाओं को शंकरदूत की दीक्षा दी गई। स्वामी अवधेशानंद गिरी ने इन शंकरदूतों को अद्वैत वेदांत और शंकराचार्य जी के विचारों के प्रचार-प्रसार का संकल्प दिलाया। खंडवा जिले से पृथ्वी सिंह और अनिमेष ने भी दीक्षा ली। धार्मिक शहरों को बनाया जाएगा शराब मुक्त मुख्यमंत्री ने मंच से ऐलान किया कि राज्य सरकार अब धार्मिक नगरों को शराब मुक्त करने की दिशा में कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गोशाला, गोपालन और दूध उत्पादन को बढ़ावा देने वाली कामधेनु योजना पर भी तेजी से काम कर रही है। हर नगरीय निकाय में बनेगा गीता भवन मुख्यमंत्री ने बताया कि हर नगर में गीता भवन बनाया जाएगा, जहां लोग धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग ले सकें। साथ ही 1 दिसंबर को गीता जयंती का आयोजन पूरे प्रदेश में किया जाएगा। स्वामी अवधेशानंद बोले – “CM मोहन यादव को नर्मदा-क्षिप्रा और बाबा महाकाल ने चुना है” जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कहा कि ओंकारेश्वर में बन रहा अद्वैत लोक केवल शंकराचार्य का नहीं, बल्कि ईश्वरीय चेतना का स्थान होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा, “हो सकता है उनका चयन लोकतंत्र ने किया हो, लेकिन मुझे विश्वास है उन्हें मां नर्मदा, क्षिप्रा और बाबा महाकाल ने मुख्यमंत्री बनाया है।” https://deshharpal.com/का संदेश: शंकराचार्य का दर्शन केवल आध्यात्मिक नहीं, राष्ट्रीय चेतना का वाहक है। भारत को फिर से वैदिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और शक्ति की भावना से जोड़ने की यह यात्रा हर जन के सहयोग से ही संभव है।
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बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराई कार, 4 युवकों की मौत:गुना में शादी समारोह से लौटते समय हादसा; एक गंभीर को भोपाल किया रेफर

बुधवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार युवकों की जान चली गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा रात करीब 2:30 बजे गुना जिले के भदौरा के पास हुआ, जब एक कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। सभी युवक शादी समारोह से लौट रहे थे। कार का पिछला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर, पीछे से टक्कर की आशंका जानकारी के अनुसार, कार का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त मिला है, जिससे अंदेशा है कि उसे किसी भारी वाहन ने पीछे से टक्कर मारी होगी। टक्कर इतनी तेज थी कि गाड़ी के कांच और युवकों के जूते सड़क पर बिखरे पाए गए। शादी से लौट रहे थे युवक, एक की हालत नाजुक शिवपुरी जिले के कोलारस तहसील स्थित रिजौदा गांव से बारात गुना के मावन गांव आई थी। शादी में शामिल होने के बाद कुछ युवक कार से वापस लौट रहे थे। हादसे में गोविंद रघुवंशी (28), सोनू रघुवंशी (35), वीरू कुशवाह (24) और हितेश बैरागी (24) की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों में सुदीप रघुवंशी (24), सुमित रघुवंशी (24) और रवि रघुवंशी (22) शामिल हैं। सुदीप की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है। बाकी दो घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने शुरू की जांच म्याना थाना प्रभारी एसआई गोपाल चौबे ने बताया कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में कार के पीछे से टक्कर की संभावना जताई जा रही है। शवों का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया है। https://deshharpal.com/की अपील:तेज रफ्तार और रात के सफर में सतर्कता बेहद ज़रूरी है। एक छोटी सी चूक कई जिंदगियों को छीन सकती है।
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हिंदू छात्रों से नमाज पढ़वाई…प्रोफेसर गिरफ्तार:पुलिस बोली- कोआर्डिनेटर ने सबूत को प्रभावित किया, बिलासपुर में हिंदूवादी संगठन के विरोध-प्रदर्शन के बाद 8 पर FIR

बिलासपुर | गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित NSS कैंप के दौरान हिंदू छात्रों से जबरन नमाज पढ़वाने के आरोप में NSS को-ऑर्डिनेटर प्रोफेसर दिलीप झा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि ईद के दिन आयोजित कैंप में कुल 159 छात्र मौजूद थे, जिनमें से सिर्फ 4 मुस्लिम छात्र थे। बाकी 155 हिंदू छात्रों से कथित रूप से जबरन नमाज अदा करवाई गई। इस घटना के सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी में हंगामा मच गया। हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, कार्रवाई की चेतावनी जैसे ही मामला सामने आया, हिंदूवादी संगठनों ने विश्वविद्यालय का घेराव किया और सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठनों ने चेतावनी दी थी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके दबाव में आकर कोटा थाने में एफआईआर दर्ज की गई। छात्रों ने लगाए धमकी के आरोप कई छात्रों ने शिकायत में बताया कि जब उन्होंने नमाज पढ़ने से इनकार किया तो उन्हें सर्टिफिकेट न देने की धमकी दी गई। छात्रों ने कोनी थाने में NSS प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. बसंत कुमार, प्रो. दिलीप झा और अन्य स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। प्रोफेसर बोले – कैंप में था ही नहीं, फंसाया जा रहा है इस मामले में प्रोफेसर दिलीप झा का कहना है कि वह उस NSS कैंप में मौजूद ही नहीं थे और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें न नमाज की जानकारी थी और न ही कैंप को-ऑर्डिनेटर ने इस बारे में कुछ बताया। पुलिस का दावा – साक्ष्य प्रभावित करने की कोशिश की गई सीएसपी एवं मीडिया प्रभारी रश्मित कौर चावला ने बताया कि जांच में प्रो. दिलीप झा सहित आठ लोगों पर संगीन आरोप सिद्ध हुए हैं। इनमें डॉ. मधुलिका सिंह, डॉ. ज्योति वर्मा, डॉ. नीरज कुमारी, डॉ. प्रशांत वैष्णव, डॉ. सूर्यभान सिंह, डॉ. बसंत कुमार और टीम लीडर आयुष्मान चौधरी के नाम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और साक्ष्य को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। इसी आधार पर प्रोफेसर दिलीप झा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। देश हरपाल की नजर:https://deshharpal.com/ शैक्षणिक संस्थानों में धर्म को लेकर जबरदस्ती या पक्षपात का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। ऐसी घटनाओं पर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
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स्नैपचेट पर किशोरी से की दोस्ती, मंडला बुलाकर किया रेप:तीन दिन बंधक बनाकर रखा, गैंगरेप का मामला दर्ज, दोनों आरोपी फरार

मंडला के युवक ने जबलपुर की नाबालिग से स्नेपचेट पर दोस्ती की और फिर उसे कान्हा नेशनल पार्क घुमाने का कहकर मंडला बुलाया। जहां दोस्त के घर में तीन दिन बंधक बनाकर उसने और उसके दोस्त ने रेप किया। इसके बाद घर के मालिक ने भी रेप किया। जैसे-तैसे जबलपुर पहुंची किशोरी ने माता-पिता को सारी बात बताई। किशोरी की शिकायत पर देर रात गढ़ा थाना पुलिस ने गैंग रेप का प्रकरण दर्ज किया है। जबलपुर पुलिस की एक टीम मंडला में डेरा डालकर आरोपियों की तलाश में जुटी है। सातवीं में पढ़ने वाली किशोरी की 6 माह पहले मंडला जिले के राजन से स्नेपचेट पर दोस्ती हुई। दोनों के बीच अकसर बातें होने लगीं। इसी बीच दोनों ने एक-दूसरे का मोबाइल नंबर ले लिया। चार दिन पहले राजन ने किशोरी को फोन लगाया और कान्हा नेशनल पार्क घुमाने का झांसा देकर मंडला बुलाया। किशोरी बहकावे में आ गई और सहेली के घर जाने के बहाना बनाकर 26 अप्रेल को मंडला पहुंच गई। राजन उसे अपने दोस्त के घर ले गया, जहां तीन दिन बंधक बनाकर राजन और उसके दोस्त ने रेप किया। जबलपुर में भी दोस्त हैं, तेरे घर तक पहुंच जाएंगे राजन और उसका दोस्त बुधवार दोपहर किशोरी को बाइक पर बैठाकर मंडला बस स्टैंड पहुंचा और यह कहते हुए किशोरी को बस में बैठा दिया कि अगर घर या पुलिस को कुछ भी बताया तो ठीक नहीं होगा। राजन ने धमकी दी कि जबलपुर में भी उसके दोस्त हैं, जो कि तेरे घर तक पहुंच सकते हैं। मां को बताई सारी घटना बुधवार की रात को जबलपुर पहुंची किशोरी ने अपनी मां को बताया कि वह सहेली के यहां नहीं बल्कि अपने एक दोस्त राजन से मिलने मंडला गई थी, जिसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर रेप किया और धमकी देते हुए भेज दिया। देर रात किशोरी को लेकर परिवार वाले गढ़ा थाने पहुंचे और दोनों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। किशोरी की रिपोर्ट पर जबलपुर पुलिस ने राजन और उसके एक अन्य साथी के खिलाफ रेप और पास्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों को पकड़ने पुलिस मंडला रवाना पुलिस की पूछताछ में किशोरी ने बताया कि जब राजन उसे अपने साथ ले गया था, उस दौरान बहुत अंधेरा था, बाइक में कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि रास्ता कहां का और कैसा है। उसने पुलिस को बताया कि जिस दौरान राजन अपने दोस्त के साथ बस स्टैंड छोड़ने आया था, उस दौरान भी बहुत ही सकरी गलियाें से लाया था, जिसके चलते रास्ता ध्यान नहीं है।
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मुस्लिम समाज ने पाकिस्तान का झंडा फाड़ा, पैरों से रौंदा:पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए, युवा बोले- सेना की तरह हमें भी दें ‘फ्री हैंड’

आतंकी हमले के विरोध में मुस्लिम समाज का प्रदर्शन, बोले– बॉर्डर पर जाकर लड़ना है, सेना जैसा ‘फ्री हैंड’ चाहिए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से देश भर में आक्रोश है। भोपाल में भी इसका ज़बरदस्त विरोध देखने को मिला। गुरुवार को मुस्लिम समाज के युवा और महिलाएं एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और पाकिस्तान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, मांगी बॉर्डर पर जाने की अनुमति वार्ड 41 के पार्षद मोहम्मद रेहान के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि उन्हें भी भारतीय सेना की तरह “फ्री हैंड” दिया जाए। युवाओं ने कहा कि अब देश का मुसलमान भी आतंकवाद के खिलाफ सीना ठोककर खड़ा है। हमें सीमा पर भेजा जाए, हम देश के लिए जान देने को तैयार हैं। ‘हर बूंद खून वतन पर कुर्बान करने को तैयार’ ज्ञापन में लिखा गया– “हम अपने मादरे-वतन के लिए हर प्रकार के बलिदान को तैयार हैं। हमें सीमा पर जाकर देश की रक्षा करने की अनुमति दी जाए। हम अनुशासन और समर्पण के साथ सेना के निर्देशों का पालन करेंगे।” पाकिस्तान का झंडा फाड़ा, लगाए ‘भारत माता की जय’ के नारे प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पाकिस्तान का झंडा फाड़ा और उसे पैरों तले रौंदा। कलेक्टर कार्यालय के बाहर ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अब समय आ गया है जब भारत का मुस्लिम समाज भी दुश्मनों को करारा जवाब देगा। पार्षद मोहम्मद रेहान बोले– मुसलमान अब चुप नहीं बैठेगा पार्षद रेहान ने कहा, “हम सरकार से मांग करते हैं कि भोपाल के मुस्लिम युवाओं को भी सीमा पर भेजा जाए। हमारे खून की एक-एक बूंद देश के लिए बहाने को तैयार है। पाकिस्तान को अब समझ आ जाना चाहिए कि हिंदुस्तान का मुसलमान भी जाग चुका है।” https://deshharpal.com/
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स्विगी से खिचड़ी ऑर्डर की, मरी हुई मक्खी मिली:युवक भोपाल उपभोक्ता फोरम पहुंचा; होटल वाले को 15 हजार रुपए मुआवजा देना होगा

स्विगी से खाना मंगाया, खिचड़ी में निकली मरी हुई मक्खी; होटल को देना होगा 15 हजार से ज्यादा मुआवजा भोपाल के गौतम नगर निवासी अभिषेक दीक्षित को ऑनलाइन खाना मंगाना महंगा पड़ गया। उन्होंने 25 मार्च 2024 की रात करीब 10:35 बजे स्विगी ऐप से बटर खिचड़ी और लस्सी का ऑर्डर किया। खाना आने पर जब उन्होंने पार्सल खोलने से पहले ही देखा, तो खिचड़ी की पारदर्शी पैकिंग में मरी हुई मक्खी नजर आई। अभिषेक ने तुरंत स्विगी और होशंगाबाद रोड स्थित होटल वृंदावन से शिकायत की, लेकिन दोनों ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। स्विगी ने कहा कि भुगतान होटल को कर दिया गया है, अब वही जिम्मेदार है। जब कोई समाधान नहीं मिला, तो अभिषेक ने मामला उपभोक्ता फोरम में पहुंचाया। फोरम ने होटल को माना दोषी, देना होगा मुआवजा भोपाल उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष योगेश दत्त शुक्ल और सदस्य डॉ. प्रतिभा पांडेय ने मामले की सुनवाई की। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि खाने में मरी हुई मक्खी मिलना होटल की लापरवाही है। स्विगी सिर्फ एक डिलीवरी माध्यम है, इसलिए उस पर कोई जवाबदारी नहीं बनती। 2 महीने में देना होगा 15,130 रुपए मुआवजा अभिषेक के वकील अथर्व मुंझे ने बताया कि फोरम ने होटल को आदेश दिया है कि वह 130 रुपए की ऑर्डर राशि लौटाए और मानसिक पीड़ा व सेवा में कमी के लिए 10 हजार रुपए का मुआवजा दे। इसके अलावा 5 हजार रुपए कानूनी खर्च के तौर पर भी अदा करने होंगे। अगर तय समय में भुगतान नहीं हुआ, तो 9% सालाना ब्याज देना होगा।
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जेनिफर बोलीं- तीन आतंकी थे,पति के सीने में गोली मारी:इंदौर में सुशील की पत्नी ने बिलखते हुए कहा- वो कम उम्र के टेररिस्ट थे

“उन्होंने मेरी जान बचाने के लिए अपनी जान दे दी…” – पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए सुशील नथानियल की पत्नी का दर्द “उन्होंने मेरी जान बचाने के लिए अपनी जान दे दी…” – यह कहते हुए सुशील नथानियल की पत्नी जेनिफर की आवाज भर आई, आंखें छलक उठीं और शब्द गले में अटक गए। सुशील, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले इंदौर के एलआईसी अधिकारी थे। जेनिफर ने बताया कि हमले के वक्त आतंकियों ने सुशील के सीने पर बंदूक रखकर कहा – “कलमा पढ़ो।” सुशील ने जवाब दिया – “मैं क्रिश्चियन हूं, मुझे कलमा पढ़ना नहीं आता।” इतना कहना ही था कि आतंकी ने उन्हें धक्का दिया और सीने पर गोली मार दी। सुशील की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। हमले में जेनिफर के अलावा उनका बेटा ऑस्टिन और बेटी आकांक्षा भी मौजूद थे। बेटी आकांक्षा को गोली लगी, लेकिन वो बच गईं। सुशील का पार्थिव शरीर बुधवार रात श्रीनगर से दिल्ली होते हुए इंदौर लाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एयरपोर्ट पर श्रद्धांजलि दी और परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया। बेटे ऑस्टिन ने बताया कि हमले के दौरान आतंकियों की उम्र महज़ 15 से 16 साल रही होगी। वे सिर पर कैमरे लगाकर आए थे, कुछ सेल्फी भी ले रहे थे। “वे हर किसी से पूछ रहे थे – ‘मुस्लिम हो?’ अगर जवाब ‘नहीं’ मिला तो गोली मार देते। एक युवक से कलमा पढ़ने को कहा, पढ़ने के बाद उसकी जांच की और कहा – ‘तेरा खतना नहीं हुआ है’ – फिर गोली मार दी।” यह बर्बर हमला 22 अप्रैल को दोपहर 2:45 बजे बैसारन घाटी में हुआ था। इसमें इटली और इजराइल के नागरिकों समेत कुल 27 पर्यटक मारे गए। अन्य मृतक मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा से थे। सुशील की पत्नी जेनिफर खातीपुरा के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। बेटी आकांक्षा सूरत में बैंक ऑफ बड़ौदा में फर्स्ट क्लास ऑफिसर है, जबकि बेटा ऑस्टिन बैडमिंटन खिलाड़ी है। परिवार मूल रूप से जोबट का रहने वाला है। सुशील की शहादत सिर्फ उनके परिवार के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक गहरी चोट है। उन्होंने अपनी जान देकर परिवार को बचाया – ये बलिदान हमेशा याद रखा जाएगाhttps://deshharpal.com/।
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मध्यप्रदेश- पहलगाम हमले में मारे गए सुशील का अंतिम संस्कार:इंदौर में पत्नी ताबूत से लिपटकर रोई, बुआ बोलीं-अब किसका इंतजार करूंगी मैं

इंदौर के सुशील नथानियल को दी गई अंतिम विदाई, पहलगाम आतंकी हमले में हुई थी पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए इंदौर निवासी सुशील नथानियल का अंतिम संस्कार मंगलवार को जूनी इंदौर कब्रिस्तान में ईसाई रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इस मौके पर परिवारजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों के साथ मंत्री तुलसी सिलावट, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सुशील की अंतिम यात्रा उनके निवास वीणा नगर स्थित मकान B-68 से शुरू हुई, जहां पहले उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उनकी पत्नी जेनिफर ताबूत से लिपटकर रो पड़ीं, पिता गहरे सदमे में थे। छोटी बुआ इंदु डावर बार-बार कांपती आवाज में यही कहती रहीं – “अब किसका इंतज़ार करूंगी मैं, बता मुझे?” यह दृश्य देखकर हर किसी की आंखें भर आईं। अंतिम यात्रा में सुशील का पार्थिव शरीर विशेष वाहन से नंदा नगर चर्च ले जाया गया, जहां प्रार्थना सभा आयोजित की गई। इसके बाद उन्हें अंतिम विदाई दी गई। बेटे ऑगस्टिन ने बताया कि हमला सुनियोजित था – “आतंकी कैमरे लेकर आए थे और सेल्फी ले रहे थे।”सुशील अपने परिवार के साथ 18 अप्रैल को छुट्टियां मनाने कश्मीर गए थे। 22 अप्रैल को दोपहर करीब 2:45 बजे बैसारन घाटी में पर्यटकों पर अचानक फायरिंग हुई, जिसमें 27 लोगों की जान चली गई। सुशील भी इनमें शामिल थे। उनकी बेटी आकांक्षा को पैर में गोली लगी थी। सुशील आलीराजपुर की एलआईसी सैटेलाइट शाखा में पदस्थ थे। उनकी पत्नी जेनिफर खातीपुरा स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। बेटी आकांक्षा सूरत में बैंक ऑफ बड़ौदा में फर्स्ट क्लास ऑफिसर हैं, जबकि बेटा ऑगस्टिन एक उभरता हुआ बैडमिंटन खिलाड़ी है। यह परिवार मूल रूप से जोबट का रहने वाला है। देश और शहर ने एक ज़िम्मेदार नागरिक और स्नेही पिता को खो दिया है। सुशील की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकेगाhttps://deshharpal.com/।
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अक्षर पटेल का ऑलराउंड शो, शुभमन गिल की कप्तानी पारी; भारत ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराकर पहला वनडे जीता

बर्मिंघम। ऑलराउंडर अक्षर पटेल के शानदार प्रदर्शन और कप्तान शुभमन गिल की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को पहले वनडे मुकाबले में 6 विकेट से हराकर सीरीज में विजयी शुरुआत की। एजबेस्टन मैदान पर खेले गए मैच में भारत ने 259 रन के लक्ष्य को 45.2 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 262 रन बनाकर हासिल कर लिया। अक्षर पटेल ने नाबाद 57 रन बनाए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर ने भी नाबाद 52 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को जीत तक पहुंचाया। कप्तान शुभमन गिल ने 80 रन बनाए, लेकिन मैच के दौरान क्रैम्प्स की समस्या के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा। शुरुआती झटकों के बाद गिल ने संभाली पारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। रोहित शर्मा 11 रन और विराट कोहली 5 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद कप्तान शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर ने तीसरे विकेट के लिए 101 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम की पारी को संभाला। श्रेयस 35 रन बनाकर रनआउट हुए, जबकि केएल राहुल बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभालते हुए पांचवें विकेट के लिए 102 रन की अविजित साझेदारी की और भारत को शानदार जीत दिलाई। जो रूट और लियाम डॉसन ने इंग्लैंड को संभाला इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने 47.5 ओवर में 258 रन बनाए। इंग्लैंड की शुरुआत मजबूत रही और टीम ने 61 रन तक कोई विकेट नहीं गंवाया, लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने जोरदार वापसी करते हुए महज 19 रन के भीतर 5 विकेट झटक दिए। मध्यक्रम में जो रूट ने 76 रन और लियाम डॉसन ने 68 रन की अहम पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 121 रन की साझेदारी कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। अक्षर पटेल ने गेंद और बल्ले दोनों से निभाई अहम भूमिका भारतीय गेंदबाजों में अक्षर पटेल सबसे सफल रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट अपने नाम किए। वहीं प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार ने 2-2 विकेट हासिल किए। जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे को एक-एक सफलता मिली। गेंद और बल्ले दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले अक्षर पटेल ने टीम इंडिया की जीत में सबसे अहम भूमिका निभाई और भारत ने सीरीज की शानदार शुरुआत की। क्रिकेट और खेल जगत की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CAG रिपोर्ट में जल जीवन मिशन की पोल: छत्तीसगढ़ में 33% नल कनेक्शन गैर-कार्यशील, ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा

रायपुर। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन (JJM) के क्रियान्वयन को लेकर कई गंभीर खामियों का खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार कमजोर योजना, धीमा क्रियान्वयन, निगरानी की कमी और गलत रिपोर्टिंग के कारण ग्रामीण पेयजल योजनाओं की प्रभावशीलता और दीर्घकालिक स्थिरता प्रभावित हुई है। मार्च 2024 तक की अवधि पर आधारित ‘छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन का प्रदर्शन ऑडिट’ रिपोर्ट मंगलवार को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में पेश की। रिपोर्ट सामने आने के बाद राज्य सरकार ने इसके लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया, जबकि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद मिशन के कार्यों में तेजी आई है। योजना निर्माण में गंभीर खामियां CAG की रिपोर्ट के मुताबिक जल जीवन मिशन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। कई स्थानों पर गांव स्तर की कार्ययोजना तैयार किए बिना ही जिला स्तरीय योजनाएं बना दी गईं, जबकि राज्य स्तरीय कार्ययोजना तैयार ही नहीं की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि राज्य स्तर पर जल सुरक्षा योजना नहीं बनाई गई, जिससे जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता और योजनाओं के रखरखाव की स्पष्ट रणनीति विकसित नहीं हो सकी। 33 प्रतिशत नल कनेक्शन निकले गैर-कार्यशील रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक 50 लाख ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। जनवरी 2025 तक 40.10 लाख फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) लगाए गए। हालांकि, इनमें से 13.31 लाख (करीब 33%) कनेक्शन गैर-कार्यशील पाए गए। इसके पीछे सूख चुके जल स्रोत, अधूरी ओवरहेड टंकियां, बिजली कनेक्शन का अभाव और सोलर पंप स्थापित नहीं होना प्रमुख कारण बताए गए हैं। ‘हर घर जल’ लक्ष्य भी अधूरा राज्य के 19,656 गांवों को मार्च 2024 तक ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जाना था, लेकिन केवल 716 गांव (3.64 प्रतिशत) ही इस लक्ष्य तक पहुंच सके। ऑडिट में ऐसे मामले भी सामने आए, जहां अधूरे कार्यों के बावजूद गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित कर दिया गया। किसी भी जिले में 100% कवरेज नहीं मार्च 2024 तक राज्य के 33 में से किसी भी जिले और 146 में से किसी भी विकासखंड में 100 प्रतिशत नल जल कवरेज नहीं था। योजनाओं की प्रगति बेहद धीमी रिपोर्ट के अनुसार जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत 29,153 सिंगल विलेज स्कीम में से मार्च 2024 तक केवल 172 योजनाएं पूरी हो सकीं। इनमें भी सिर्फ 32 ग्राम पंचायतों को योजनाओं का संचालन सौंपा गया। वहीं, स्वीकृत 70 मल्टी विलेज स्कीम में से मार्च 2025 तक एक भी योजना पूरी नहीं हो सकी, जिससे करीब 9.85 लाख घरों तक सतही जल स्रोतों से पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य प्रभावित हुआ। सोलर आधारित योजनाओं में भी अनियमितताएं CAG ने पाया कि कई सोलर आधारित पेयजल योजनाओं में निर्धारित क्षमता से अधिक नल कनेक्शन जोड़ दिए गए। इसके कारण 28,984 परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी कमियां रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य सरकार केंद्र और राज्यांश मिलाकर 6,480.04 करोड़ रुपये की आवश्यक वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही। साथ ही मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जिला खनिज न्यास (DMF), सांसद निधि और CSR जैसी योजनाओं के संसाधनों के समन्वय के लिए भी कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई। जल गुणवत्ता जांच की व्यवस्था कमजोर राज्य की 75 जल परीक्षण प्रयोगशालाओं में से केवल 4 प्रयोगशालाएं ही सभी 13 निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों की जांच करने में सक्षम पाई गईं। इसके अलावा 37 प्रतिशत प्रयोगशालाओं को NABL की मान्यता प्राप्त नहीं थी। रिपोर्ट में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में भी निर्धारित मानकों के अनुसार जल गुणवत्ता जांच नहीं होने की बात कही गई है। CAG की प्रमुख सिफारिशें रिपोर्ट में सरकार को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं, जिनमें शामिल हैं— सरकार ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार CAG रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि दिसंबर 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली कांग्रेस सरकार मिशन को खराब स्थिति में छोड़कर गई थी, जिसके कारण परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकीं। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की समय-सीमा 2024 से बढ़ाकर 2028 तक कर दी है। मार्च 2026 में स्वीकृत मिशन के दूसरे चरण को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा सके।

रायपुर में 16 जुलाई को निकलेगी भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा

रायपुर। राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथयात्रा 16 जुलाई को धार्मिक आस्था, वैदिक परंपराओं और भव्य आयोजन के साथ निकाली जाएगी। वहीं बाहुड़ा यात्रा 24 जुलाई को आयोजित होगी। मंदिर परिसर में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भगवान जगन्नाथ, बलभद्र तथा माता सुभद्रा के तीनों रथों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रथयात्रा से पहले 14 जुलाई की शाम 6 बजे भगवान का नेत्रोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सांस्कृतिक एकता, भाईचारे और सनातन परंपरा का भी प्रतीक माना जाता है। भक्त और भगवान के मिलन का महापर्व श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एवं विधायक पुरंदर मिश्रा ने बताया कि रथयात्रा भक्तों और भगवान के प्रत्यक्ष मिलन का महापर्व है। वर्ष में केवल इसी अवसर पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ मंदिर से बाहर निकलकर श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं। 11 वैदिक पंडित कराएंगे विशेष पूजन रथयात्रा के दिन सुबह 11 वैदिक पंडितों के सान्निध्य में भगवान का विशेष अभिषेक, पूजन और हवन कराया जाएगा। चंदन, केसर, कस्तूरी, कपूर सहित विभिन्न सुगंधित द्रव्यों से भगवान का दिव्य स्नान कराया जाएगा। इसके बाद भगवान को गजामूंग महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और मंगल वाद्यों की गूंज के बीच भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान करेंगे। राज्यपाल और मुख्यमंत्री निभाएंगे ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा की सबसे प्रमुख परंपराओं में शामिल ‘छेरा पहरा’ का निर्वहन इस वर्ष भी किया जाएगा। परंपरा के अनुसार राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भगवान के रथ के आगे सोने की झाड़ू से मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई करेंगे। यह परंपरा सेवा, समर्पण और विनम्रता का संदेश देती है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। भजन, झांकियों और लोकनृत्य से गूंजेगा शहर रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों द्वारा भजन-कीर्तन, आकर्षक सांस्कृतिक झांकियां और पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। “जय जगन्नाथ” के जयघोष के साथ मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। श्रद्धालुओं से की गई विशेष अपील श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति ने प्रदेशभर के श्रद्धालुओं से सपरिवार रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और सनातन संस्कृति की इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है। रायपुर और छत्तीसगढ़ की धार्मिक, सांस्कृतिक और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, सरकार और बोर्ड से 10 दिन में मांगा जवाब

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की नई थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि “कोई भी भाषा सीखना कभी बेकार नहीं जाता।” हालांकि, नीति को लागू करने में सामने आ रही व्यावहारिक चुनौतियों को देखते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, CBSE और संबंधित पक्षों से 10 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी। यह नीति शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू की गई है। इसके तहत छात्रों को दो भारतीय भाषाएं और एक विदेशी भाषा पढ़नी होगी। इससे कई छात्रों को पहले से पढ़ी जा रही भाषाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। क्या है विवाद? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि CBSE ने पर्याप्त तैयारी के बिना नई भाषा नीति लागू कर दी है। उनके मुताबिक कई स्कूलों में संबंधित भाषाओं के शिक्षक, पाठ्यपुस्तकें और आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी से जुड़े अहम सवाल और जवाब 1. मामला क्या है? सुप्रीम कोर्ट में CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 1 जुलाई 2026 से कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इनमें कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। हालांकि, CBSE ने 6 जून को संशोधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया था कि इस वर्ष कक्षा 10 के छात्रों को तीसरी भाषा (R3) की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। 2. नए नियम में क्या बदलाव हुआ है? पहले कई छात्र अंग्रेजी के साथ एक भारतीय और एक विदेशी भाषा (जैसे फ्रेंच या जर्मन) पढ़ते थे। नए नियम के अनुसार अब तीन भाषाओं में से कम-से-कम दो भारतीय भाषाएं होना अनिवार्य है। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में ही चुनी जा सकेगी। 3. याचिका किसने दायर की? यह याचिका छात्र यशिका भंडारी, अमनदीप कौर और अर्पण रॉय चौधरी की ओर से दायर की गई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर, मुकुल रोहतगी और गोपाल शंकरनारायणन ने पैरवी की। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। 4. याचिकाकर्ताओं की मुख्य आपत्ति क्या है? याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था अचानक लागू कर दी गई। कई भारतीय भाषाओं की किताबें उपलब्ध नहीं हैं और अधिकांश स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक भी नहीं हैं। ऐसे में छात्रों और स्कूलों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। 5. किताबों को लेकर क्या दलील दी गई? सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने कहा कि 22 भारतीय भाषाओं में से फिलहाल केवल तीन भाषाओं की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हैं। ऐसे में बाकी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करना व्यवहारिक रूप से कठिन होगा। 6. शिक्षकों की कमी पर क्या कहा गया? याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि नई भारतीय भाषाएं पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता होगी, लेकिन इतने कम समय में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण संभव नहीं है। 7. क्या विदेशी भाषाएं बंद हो जाएंगी? नहीं। छात्र फ्रेंच, जर्मन, जापानी जैसी विदेशी भाषाएं पढ़ सकते हैं, लेकिन इसके साथ उन्हें दो भारतीय भाषाएं भी पढ़नी होंगी। विदेशी भाषा तीसरी या अतिरिक्त चौथी भाषा के रूप में होगी। 8. क्या तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा होगी? नहीं। CBSE ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में तीसरी भाषा (R3) का अलग बोर्ड एग्जाम नहीं होगा, ताकि छात्रों पर अतिरिक्त परीक्षा का दबाव न बढ़े। 9. अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार केंद्र सरकार, CBSE और NCERT अपना जवाब दाखिल करेंगे। इसके बाद 29 जुलाई को अदालत इस मामले में आगे की सुनवाई करेगी। नई शिक्षा नीति 2020 क्या है? भारत सरकार ने 29 जुलाई 2020 को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) को मंजूरी दी थी। यह 34 वर्षों बाद देश की शिक्षा व्यवस्था में किया गया सबसे बड़ा बदलाव माना जाता है। इससे पहले शिक्षा नीति 1986 में लागू हुई थी, जिसे 1992 में संशोधित किया गया था। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना, छात्रों में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकसित करना है। केंद्र सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से 2030 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। चूंकि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए इसे लागू करने में केंद्र और राज्य सरकारों दोनों की भूमिका होती है। देश, शिक्षा और करियर से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

बिलासपुर: CM हेल्पलाइन शिकायतों के खराब निराकरण पर PHE के ईई को नोटिस, कलेक्टर ने अधिकारियों को लगाई फटकार

बिलासपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं मिलने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) रूपेश कुमार धनंजय को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। टीएल (समय-सीमा) बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का केवल औपचारिक निपटारा करने के बजाय उनका गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समय-सीमा का पालन करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी। एकल शिक्षकीय स्कूलों में जल्द होंगे अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एकल शिक्षकीय स्कूलों में तत्काल अतिथि शिक्षक नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं भी ली जाएं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। जर्जर स्कूल भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में कक्षाएं संचालित नहीं की जाएं। ऐसे विद्यालयों के लिए वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करने और नए भवन या अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को भी लगाई फटकार जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े कार्यों की समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए डीएमएफ की राशि का प्रभावी और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित किया जाए। बैठक में दिए गए प्रमुख निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभाग समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। बिलासपुर और छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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