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बकरीद पर UP में हाई अलर्ट: CM Yogi बोले- खुले में नमाज और कुर्बानी नहीं होगी

उत्तर प्रदेश में बकरीद 2026 को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर साफ संदेश दिया है कि त्योहार पूरी शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था के बीच मनाया जाए। इस बार प्रशासन खासतौर पर खुले में नमाज, सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को लेकर सतर्क नजर आ रहा है। सरकार की ओर से जारी निर्देशों के बाद प्रदेश के कई जिलों में पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की जा रही है, जबकि स्थानीय प्रशासन को लगातार निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। खुले में नमाज पर रोक, तय जगहों पर ही इजाजत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि बकरीद की नमाज केवल ईदगाह और मस्जिदों में ही अदा की जाएगी। सड़क, चौराहे, पार्क या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर नमाज की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। Public Place पर कुर्बानी करने वालों पर होगी कार्रवाई सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि कुर्बानी सिर्फ तय और अधिकृत स्थानों पर ही की जा सकेगी। खुले में या सार्वजनिक जगहों पर पशुओं की कुर्बानी करने पर कार्रवाई होगी। साथ ही प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूरी तरह रोक रहेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कुर्बानी के बाद साफ-सफाई की व्यवस्था तुरंत की जाए ताकि शहरों में गंदगी या बदबू की समस्या न बने। सोशल मीडिया पर प्रशासन की पैनी नजर बकरीद के दौरान सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर भी प्रशासन सख्त रहेगा। साइबर सेल को एक्टिव मोड पर रखा गया है। पुलिस अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी गलत सूचना पर तुरंत कार्रवाई करें ताकि माहौल खराब न हो। सुरक्षा व्यवस्था होगी हाईटेक त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए संवेदनशील जिलों में CCTV कैमरे, ड्रोन और अतिरिक्त पुलिस बल की मदद ली जाएगी। बाजारों, ईदगाहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की जाएगी। इसके अलावा हर जिले में शांति समिति की बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं, जिसमें धर्मगुरुओं और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की जा रही है। बिजली-पानी और सफाई पर खास फोकस CM योगी ने नगर निगम और स्थानीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि त्योहार के दौरान सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहे। कुर्बानी वाले इलाकों में नियमित सैनिटाइजेशन और कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही बिजली और पानी की सप्लाई बाधित न हो, इस पर भी जोर दिया गया है। भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि बकरीद को आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था का सम्मान जरूरी है, लेकिन कानून का पालन करना भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Premanand Maharaj

Premanand Maharaj Health 9 दिन से नहीं निकली पदयात्रा, भक्तों से की खास अपील

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj)इन दिनों अपनी खराब तबीयत को लेकर चर्चा में हैं। पिछले 9 दिनों से उनकी नियमित पदयात्रा बंद है, जिससे देशभर के भक्त चिंतित नजर आ रहे हैं। इसी बीच प्रेमानंद महाराज का एक भावुक संदेश सामने आया है, जिसने श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं। उन्होंने अपने भक्तों से कहा,“मेरी चिंता मत कीजिए, श्रीजी का ध्यान लगाइए। मैं रहूं न रहूं, हमेशा साथ रहूंगा।” तबीयत बिगड़ने के बाद रुकी पदयात्रा प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा वृंदावन की पहचान बन चुकी है। हर रोज हजारों श्रद्धालु उनके साथ भक्ति और नाम-स्मरण में शामिल होते थे। लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण पिछले 9 दिनों से यह यात्रा पूरी तरह बंद है। महाराजजी के आश्रम से जुड़े लोगों के मुताबिक डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। यही वजह है कि उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों और पदयात्रा से दूरी बनाई हुई है। भक्तों से बोले- भक्ति में मन लगाइए अपने संदेश में प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को एक बड़ी आध्यात्मिक सीख भी दी। उन्होंने कहा कि इंसान शरीर से नहीं, अपने विचारों और भक्ति से लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि वे उनकी बीमारी को लेकर परेशान न हों, बल्कि श्री राधारानी और भगवान के भजन-कीर्तन में मन लगाएं। उनका यह संदेश सोशल Media पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर भावुक हुए श्रद्धालु जैसे ही प्रेमानंद महाराज का वीडियो सामने आया, लाखों भक्तों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना शुरू कर दी। Instagram, Facebook और YouTube पर लोग लगातार उनके लिए प्रार्थना और शुभकामनाएं लिख रहे हैं। कई श्रद्धालुओं ने लिखा कि महाराजजी सिर्फ एक संत नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और मानसिक शांति का सहारा हैं। युवाओं के बीच भी काफी लोकप्रिय हैं प्रेमानंद महाराज प्रेमानंद महाराज अपने सरल शब्दों और भावुक प्रवचनों के कारण युवाओं के बीच भी बेहद लोकप्रिय हैं। सोशल मीडिया पर उनके सत्संग और वीडियो लाखों बार देखे जाते हैं। उनकी बातों में आध्यात्म के साथ जीवन की सच्चाई भी झलकती है, यही वजह है कि हर उम्र के लोग उनसे जुड़ाव महसूस करते हैं। भक्त कर रहे जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना फिलहाल श्रद्धालु यही उम्मीद कर रहे हैं कि प्रेमानंद महाराज जल्द स्वस्थ होकर फिर से पदयात्रा और सत्संग में लौटेंगे। वृंदावन समेत देश के कई हिस्सों में उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए भजन और प्रार्थनाएं की जा रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Twisha

Twisha Death Case: जांच के बीच Supreme Court का बड़ा बयान

एक्ट्रेस Twisha की मौत से जुड़े चर्चित मामले में अब सुप्रीम कोर्ट की एंट्री के बाद जांच का माहौल पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। लगातार बढ़ती बहस, टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच अदालत ने दोनों पक्षों को साफ शब्दों में कहा है कि केस को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी से बचा जाए। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद माना जा रहा है कि अब जांच एजेंसियां ज्यादा शांत और निष्पक्ष माहौल में काम कर सकेंगी। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में मीडिया ट्रायल जांच को प्रभावित कर सकता है। राज्य सरकार ने लगाए गंभीर आरोप सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि ट्विशा की सास जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग नहीं कर रही हैं। सरकार का दावा है कि पूछताछ और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रिया में कई बार रुकावटें सामने आई हैं। हालांकि परिवार की तरफ से पहले ही कई सवाल उठाए जाते रहे हैं और उन्होंने जांच को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। पोस्टमॉर्टम के बाद बढ़ी थीं चर्चाएं ट्विशा की मौत के बाद मामला उस समय और ज्यादा चर्चा में आ गया था, जब दिल्ली AIIMS की टीम ने पोस्टमॉर्टम और मेडिकल जांच से जुड़े सैंपल जुटाए। करीब तीन घंटे तक चली मेडिकल प्रक्रिया के बाद कई नए सवाल सामने आए थे। परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों की भावुक तस्वीरें भी सोशल Media पर तेजी से वायरल हुई थीं। सोशल मीडिया पर लगातार चल रही बहस इस केस को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कई लोग इसे न्याय की लड़ाई बता रहे हैं, तो कुछ लोग जांच पर सवाल उठा रहे हैं। टीवी चैनलों पर लगातार चल रही बहस ने भी मामले को और हाई-प्रोफाइल बना दिया। यही वजह रही कि सुप्रीम कोर्ट को मीडिया बयानबाजी पर रोक लगाने जैसी टिप्पणी करनी पड़ी। अब अगली सुनवाई पर टिकी नजर फिलहाल पूरे मामले में लोगों की नजर अब अगली सुनवाई और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में केस से जुड़े कुछ अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब सभी पक्षों पर जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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नमो घाट

Kashi नमो घाट पर हिंसा, बाउंसरों की मारपीट में टूरिस्ट की मौत

वाराणसी के प्रसिद्ध Varanasi स्थित नमो घाट पर हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को हिला दिया है। यहां सुरक्षा में तैनात बाउंसरों द्वारा एक पर्यटक समूह पर कथित रूप से हॉकी रॉड और डंडों से हमला किया गया, जिसमें एक टूरिस्ट की मौत हो गई, जबकि उसके 4 साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ ही मिनटों में माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस मामले ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? जानकारी के अनुसार, पर्यटकों का एक समूह घूमने के लिए नमो घाट पहुंचा था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन किसी बात को लेकर उनकी सुरक्षा में तैनात बाउंसरों से कहासुनी हो गई। कहासुनी धीरे-धीरे बढ़ती गई और फिर अचानक स्थिति हिंसक हो गई। आरोप है कि बाउंसरों ने हॉकी स्टिक और रॉड से पर्यटकों पर हमला कर दिया। इस हमले में एक पर्यटक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चार अन्य घायल पर्यटकों का इलाज अस्पताल में जारी है। Police Investigation: CCTV फुटेज खंगाले जा रहे घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में लिया। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच तेज कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की मदद से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और किसने पहले हमला किया। अधिकारियों ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। काशी में गुस्सा और आक्रोश इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और पर्यटकों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि धार्मिक और पर्यटन के प्रमुख स्थल पर इस तरह की हिंसा बेहद चिंताजनक है। नमो घाट जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदार सुरक्षा एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Marco Rubio

ईरान संकट पर बड़ा Update Marco Rubio बोले – जल्द मिल सकती है Good News

दिल्ली में अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने ईरान-इज़राइल/मिडिल ईस्ट तनाव और संभावित युद्धविराम को लेकर एक बड़ा और उम्मीद भरा बयान दिया है। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तेज हलचल देखने को मिल रही है। “कुछ घंटों में मिल सकती है अच्छी खबर” – Rubio रुबियो ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मौजूदा बातचीत काफी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और “कुछ घंटों के अंदर दुनिया को अच्छी खबर मिल सकती है।” इस बयान के बाद ईरान संकट में किसी बड़े कूटनीतिक समझौते की अटकलें तेज हो गई हैं। बातचीत अंतिम चरण में होने के संकेत सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका और अन्य संबंधित पक्षों के बीच बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। चर्चा में सबसे अहम मुद्दे ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव को कम करना बताए जा रहे हैं। ईरान की भूमिका और वैश्विक असर इस पूरे घटनाक्रम में Iran की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। लंबे समय से चले आ रहे तनाव ने वैश्विक तेल बाजार और सुरक्षा स्थिति पर असर डाला है। अगर समझौता होता है, तो इसे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मीडिया की नजरें टिकीं दिल्ली में दिए गए इस बयान के बाद दुनिया भर के मीडिया हाउस और राजनीतिक विशेषज्ञ लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कई विश्लेषक इसे संभावित “turning point” बता रहे हैं, हालांकि अभी तक किसी भी तरफ से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Twisha

Twisha Death Case: Postmortem के बाद सामने आया अपडेट, अंतिम विदाई से पहले मां रो पड़ीं

एक्ट्रेस ट्विशा (Twisha) से जुड़े मामले में दिल्ली से बेहद संवेदनशील और अहम अपडेट सामने आया है। पूरी मेडिकल जांच राजधानी स्थित AIIMS Delhi में की गई, जहां डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने करीब 3 घंटे तक पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया को अंजाम दिया। जानकारी के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम के दौरान डॉक्टरों ने हर जरूरी पहलू को ध्यान में रखते हुए गहन जांच की। शरीर से लिए गए सैंपल को तीन अलग-अलग बॉक्स में सुरक्षित रखकर आगे की फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। अब इन रिपोर्ट्स का इंतजार किया जा रहा है, जो मामले की सच्चाई को स्पष्ट करने में अहम भूमिका निभाएंगी। पोस्टमॉर्टम पूरा होने के बाद जैसे ही पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए ले जाया गया, वहां मौजूद हर शख्स का माहौल भारी हो गया। परिवार, रिश्तेदार और करीबी लोग गहरे सदमे में नजर आए। सबसे ज्यादा भावुक करने वाला पल तब आया जब ट्विशा की मां अपनी बेटी की अर्थी सजने से पहले ही खुद को संभाल नहीं पाईं और रो पड़ीं। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। परिवार की ओर से उम्मीद जताई जा रही है कि जांच रिपोर्ट से मामले में साफ तस्वीर सामने आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा। फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है और सभी की नजरें अब मेडिकल रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Shivraj Motegaonkar

Shivraj Motegaonkar NEET Case Viral Video: छात्रों पर पानी छिड़कने का दावा चर्चा में

NEET-UG पेपर लीक मामले में गिरफ्तार RCC कोचिंग संस्थान के संचालक शिवराज मोटेगांवकर (Shivraj Motegaonkar) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वायरल वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें छात्रों के साथ उनकी बातचीत और कुछ विवादित दावे सामने आने के बाद मामला और गरमा गया है। इस वीडियो ने पूरे NEET घोटाले की जांच और चर्चा को नई दिशा दे दी है। वायरल वीडियो में क्या दिखा? वायरल क्लिप में शिवराज मोटेगांवकर को छात्रों के बीच बातचीत करते हुए देखा जा रहा है। वीडियो में वह छात्रों से पूछते हैं कि उनके मॉक टेस्ट से कितने सवाल असली NEET पेपर में आए थे। कुछ छात्रों के जवाब में यह दावा किया जाता है कि कई प्रश्न मैच हुए थे। इसी वीडियो के दूसरे हिस्सों में उन्हें छात्रों पर पानी छिड़कते हुए और उत्साह बढ़ाने जैसी बातें करते हुए दिखाया जा रहा है। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। “नंबर बढ़ेंगे” और पानी छिड़कने का दावा कितना सच? सोशल मीडिया पर यह भी दावा वायरल है कि उन्होंने छात्रों पर पानी या गंगाजल छिड़ककर कहा कि उनके “नंबर बढ़ जाएंगे” या चयन पक्का है। हालांकि, अब तक किसी भी जांच एजेंसी ने इस तरह के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ये बातें मुख्य रूप से वायरल पोस्ट्स और क्लिप्स के आधार पर फैल रही हैं, जिनकी सत्यता अभी जांच के दायरे में है। CBI जांच में क्या सामने आया? CBI की जांच में इस केस से जुड़े कई अहम पहलू सामने आए हैं: कैसे बढ़ा मामला और बना वायरल ट्रेंड? यह पूरा मामला तब और तेज़ी से वायरल हुआ जब सोशल मीडिया पर वीडियो क्लिप्स अलग-अलग दावों के साथ शेयर किए जाने लगे। परीक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे से जुड़ा होने के कारण छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई। देशभर में प्रतिक्रिया और असर NEET पेपर लीक विवाद के बाद कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और नाराज़गी देखने को मिली है। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सख्त निगरानी की मांग की है। साथ ही कोचिंग सिस्टम की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal Deport Plan: कोर्ट नहीं अब सीधे BSF के हवाले होंगे अवैध प्रवासी, जानें पूरी डिटेल

West Bengal में अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को लेकर राज्य सरकार की कार्रवाई एक बार फिर सुर्खियों में है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार ने अवैध घुसपैठियों की पहचान और उनके डिपोर्टेशन (deportation) की प्रक्रिया को तेज करने के लिए नई रणनीति लागू की है, जिसे “Detect, Delete, Deport” अभियान के नाम से जाना जा रहा है। यह कदम राज्य में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रक्रिया को और सख्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया बताया जा रहा है। क्या है नया सिस्टम? नई व्यवस्था के तहत अगर राज्य में कोई संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी या रोहिंग्या नागरिक पकड़ा जाता है, तो: सरकार का कहना है कि इससे डिपोर्टेशन की प्रक्रिया पहले से काफी तेज और सरल हो जाएगी। “Detect, Delete, Deport” अभियान का मतलब राज्य सरकार की इस पूरी रणनीति को तीन हिस्सों में समझा जा रहा है: Detect (पहचान) अवैध प्रवासियों की पहचान करना और रिकॉर्ड तैयार करना। Delete (हटाना) उनके नाम सरकारी और संबंधित रिकॉर्ड्स से हटाना। Deport (वापस भेजना) उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत देश से बाहर भेजना। प्रक्रिया में क्या बड़ा बदलाव हुआ? नई व्यवस्था के बाद: इस बदलाव को प्रशासनिक स्तर पर “फास्ट ट्रैक डिपोर्टेशन मॉडल” भी कहा जा रहा है। सरकार का पक्ष क्या है? राज्य सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य: सरकार इसे एक जरूरी सुरक्षा सुधार के रूप में देख रही है। राजनीतिक बहस भी तेज इस नीति को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी बहस छिड़ गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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दुर्गापुर

दुर्गापुर सेन Market Incident: राजनीतिक आरोपों के बीच बवाल, व्यापार पर असर

दुर्गापुर के सेन मार्केट इलाके में रविवार को उस समय माहौल अचानक बिगड़ गया जब “BJP के कथित कब्जे” को लेकर उठे आरोपों के बीच व्यापारियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। देखते ही देखते बाजार का सामान्य माहौल तनावपूर्ण हो गया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी फैल गई। विवाद की शुरुआत कैसे हुई? स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुरुआत एक सामान्य बहस से हुई थी, लेकिन कुछ ही देर में बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। इस दौरान कुछ व्यापारियों के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई, जिसके बाद दुकानदारों ने डर और असुरक्षा के चलते अपने-अपने शटर बंद कर दिए। पुलिस ने संभाला हालात घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू कर दी। भीड़ को हटाकर स्थिति को शांत कराया गया और किसी भी तरह की और हिंसा न हो, इसके लिए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। जांच जारी, CCTV खंगाले जा रहे फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मौके पर मौजूद लोगों के बयान एकत्र कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि विवाद की असली वजह क्या थी और झड़प कैसे इतनी बढ़ गई। इलाके में तनाव, लेकिन स्थिति नियंत्रण में इस घटना के बाद इलाके में तनाव जरूर है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। राजनीतिक बयानबाजी भी तेज इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे राजनीतिक दबाव और “कब्जे” के आरोपों से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य इसे आपसी विवाद का परिणाम बता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल न्यू मार्केट आग मामले में छोले-भटूरे दुकान संचालक पर FIR, आज से हॉकर्स की शिफ्टिंग

भोपाल। न्यू मार्केट में 8 अक्टूबर को लगी भीषण आग के मामले में पुलिस ने बालाजी छोले-भटूरे दुकान के संचालक दीप उर्फ दीपू अग्रवाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस की जांच में सामने आया कि दुकान में भट्टी के पास रखे कपड़े में आग लगी थी, जिसके बाद लपटें फैल गईं। हादसे में आसपास की चार अन्य दुकानों और 12 से ज्यादा रेहड़ियों को नुकसान पहुंचा था। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार से हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास हाट बाजार में शिफ्ट करने की तैयारी है। निगम ने चेतावनी दी है कि तय स्थान पर नहीं जाने वाले हॉकर्स का सामान जब्त किया जा सकता है। भट्टी के पास रखे कपड़े में लगी थी आग पुलिस की जांच के मुताबिक, बालाजी छोले-भटूरे दुकान में भट्टी जल रही थी। इसके पास रखे कपड़े में आग लगने के बाद लपटें फैल गईं और आसपास की दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। हादसे में आम्रपाली रेस्टोरेंट, विजय स्टोर, एक कैफे और मोबाइल दुकान को नुकसान पहुंचा था। घटना के बाद आम्रपाली रेस्टोरेंट के संचालक पवन अग्रवाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर टीटी नगर पुलिस ने दुकान संचालक के खिलाफ लापरवाही और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर के मुताबिक, आग भट्टी के पास रखे कपड़े से शुरू हुई थी। वहीं, दुकान में अग्नि सुरक्षा के जरूरी इंतजाम मौजूद थे या नहीं, इसकी जांच नगर निगम कर रहा है। न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच जांचने के लिए मॉकड्रिल आग की घटना के बाद नगर निगम ने न्यू मार्केट में दमकल की पहुंच और रास्तों में आने वाली बाधाओं की जांच शुरू की है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक मॉकड्रिल की गई। इस दौरान दो दमकल वाहनों को पूरे मार्केट में घुमाया गया। जहां दमकल को रुकना पड़ा, वहां से निगम ने सामान जब्त किया। 8 अक्टूबर को आग लगने के दौरान दुकानों के सामने रखा सामान दमकल वाहनों के रास्ते में बाधा बना था। इसी को देखते हुए निगम ने बाजार में अतिक्रमण हटाने और रास्ते खाली रखने की कार्रवाई तेज की है। टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट होंगे हॉकर्स नगर निगम ने बुधवार को पूरे दिन मुनादी कराकर हॉकर्स को गुरुवार से निर्धारित स्थान पर जाने की सूचना दी। अतिक्रमण अधिकारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक, न्यू मार्केट के नो-व्हीकल जोन में रेहड़ी लगाकर व्यवसाय करने वाले हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास स्थित हाट बाजार में विस्थापित किया जाएगा। निगम की योजना न्यू मार्केट को नो-हॉकर्स जोन बनाने की है, ताकि बाजार के रास्ते खुले रहें और आपात स्थिति में दमकल वाहनों को पहुंचने में परेशानी न हो। दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग नगर निगम दुकानों के सामने पीली लाइन की दोबारा मार्किंग भी कर रहा है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू की गई। दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पीली लाइन से आगे सामान रखने पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। निगम का उद्देश्य दुकानों के सामने का रास्ता खाली रखना है, ताकि आग या किसी अन्य आपात स्थिति में बचाव कार्य प्रभावित न हो। आग वाली जगह से 100 फीट दूर भी जलती हैं भट्टियां आग लगने वाली जगह से करीब 100 फीट की दूरी पर छोले-भटूरे की दो अन्य दुकानें भी संचालित हो रही हैं। आसपास दो से तीन नमकीन की दुकानें भी हैं, जहां सुबह से रात तक भट्टियां जलती हैं। ऐसे में आग से बचाव के इंतजामों और भट्टियों के आसपास रखे सामान की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दुकानों में अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित जांच जरूरी मानी जा रही है। चौक बाजार में 22 लाख का फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी सवालों में शहर के पुराने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। जानकारी के मुताबिक, चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए नगर निगम ने करीब 22 लाख रुपये की लागत से अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान इस सिस्टम के काम नहीं करने की बात सामने आई थी। इसके बाद सिस्टम की प्रेशर टेस्टिंग और रखरखाव को लेकर सवाल उठे। जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड और घोड़ा नक्कास समेत शहर के आठ प्रमुख बाजारों में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच और रखरखाव की जरूरत बताई जा रही है। बैरागढ़ के फायर सेफ्टी सिस्टम के रखरखाव पर भी सवाल 17 दिसंबर 2017 को बैरागढ़ के संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगी थी, जिसमें 100 से ज्यादा कपड़े की दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। घटना के बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सिस्टम लगाने के बाद उसके रखरखाव में कमी और उपकरणों पर जंग लगने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। मेन कॉरिडोर में अतिक्रमण और मॉकड्रिल नहीं होने की बात भी कही गई है। न्यू मार्केट की आग के बाद अब सवाल केवल अतिक्रमण हटाने का नहीं, बल्कि बाजारों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच, रखरखाव और आपातकालीन रास्ते खुले रखने का भी है।

भारत की हार पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- पिच नहीं, खराब गेंदबाजी जिम्मेदार

हैदराबाद। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम की 24 रन से हार के बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने गेंदबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि भारत की हार की वजह पिच नहीं, बल्कि खराब गेंदबाजी थी। गावस्कर के मुताबिक, भारतीय गेंदबाजों ने कई फुलटॉस और खराब लेंथ की गेंदें डालीं, जिससे वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिला। गावस्कर ने कहा कि अगर गेंदबाज अपनी रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर पाते, तो इसके लिए पिच को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि गेंदबाजी में तय योजनाओं को सही तरीके से लागू नहीं कर पाना टीम पर भारी पड़ा। गावस्कर बोले- फुलटॉस डालकर पिच को दोष नहीं दे सकते गावस्कर ने जियोहॉटस्टार पर कहा कि भारतीय गेंदबाजों की कमियों के कारण वेस्टइंडीज बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा। उन्होंने कहा कि अक्सर पिच को लेकर शिकायत की जाती है और कहा जाता है कि वह गेंदबाजों की मदद नहीं कर रही, लेकिन फुलटॉस डालने पर पिच को दोष देना सही नहीं है। उन्होंने गेंदबाजों को सलाह दी कि परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना जरूरी है। फुलटॉस और बल्लेबाजों के लिए अनुकूल लेंथ पर गेंद डालने से उन्हें आसानी से रन बनाने का मौका मिलता है। गावस्कर के मुताबिक, वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने बाद में सही लेंथ और यॉर्कर का इस्तेमाल किया, जिससे भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाया जा सका। दोबारा बिछाई गई पिच पर गेंद रुककर आने की शिकायत हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम की दोबारा बिछाई गई पिच से गेंदबाजों को कुछ मदद मिलने की बात सामने आई। खिलाड़ियों ने बताया कि कुछ मौकों पर गेंद पिच पर रुककर आई और उछाल में भी बदलाव देखने को मिला। हालांकि, गावस्कर का मानना था कि गेंदबाजों को इन परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था। उनके अनुसार, पिच से मिलने वाली संभावित मदद तभी उपयोगी साबित होती है, जब गेंदबाज सही जगह गेंद डालें। इससे पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर भी ऐसी पिचों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं, जिन पर बल्लेबाज और गेंद के बीच बेहतर मुकाबला देखने को मिले। शमार जोसेफ की गेंदबाजी पर भी उठाए सवाल गावस्कर ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज शमार जोसेफ की गेंदबाजी के तरीके पर भी सवाल उठाए। मैच के दौरान जोसेफ की एक बाउंसर भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह के कंधे पर लगी। इसके बाद अर्शदीप विकेट छोड़कर बल्लेबाजी करने लगे, लेकिन जोसेफ ने उनके खिलाफ बॉडीलाइन पर गेंदबाजी जारी रखी और एक और बाउंसर डाल दी। इस पर कमेंट्री के दौरान गावस्कर ने कहा कि जोसेफ स्टंप्स पर गेंदबाजी करने के बजाय अर्शदीप को निशाना बना रहे थे, जबकि उस समय स्टंप्स असुरक्षित थे। दूसरी बार चोटिल होने से बाल-बाल बचने के बाद अर्शदीप आगे बल्लेबाजी जारी नहीं रख सके और 5 रन पर रिटायर हर्ट हो गए। 24 रन से हारा भारत बुधवार को हैदराबाद में खेले गए चौथे टी-20 मुकाबले में वेस्टइंडीज ने भारत को 24 रन से हराया। मैच के बाद भारतीय गेंदबाजी की रणनीति और पिच की भूमिका पर चर्चा तेज हो गई है। गावस्कर की टिप्पणी ने साफ कर दिया कि उनके मुताबिक, हार के लिए परिस्थितियों से ज्यादा गेंदबाजों का प्रदर्शन जिम्मेदार था।

संजू सैमसन ने तिलक वर्मा के विकेट को बताया टर्निंग पॉइंट, बोले- हम अच्छी स्थिति में थे

हैदराबाद। भारतीय ओपनर संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ हार के बाद तिलक वर्मा के विकेट को मैच का टर्निंग पॉइंट बताया। बुधवार को हैदराबाद में खेले गए मुकाबले में भारत को 24 रन से हार का सामना करना पड़ा। सैमसन के मुताबिक, तिलक और नीतीश कुमार रेड्डी की साझेदारी के दौरान भारतीय टीम रन चेज में अच्छी स्थिति में थी, लेकिन तिलक के आउट होते ही मैच का रुख बदल गया। मैच के बाद सैमसन ने कहा, “मैच का टर्निंग पॉइंट वह था, जब तिलक आउट हुए। हम अच्छी स्थिति में थे। हम 10-20 रन आसानी से बना रहे थे। रेड्डी और तिलक दबाव संभाल रहे थे और दोनों बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे।” रेड्डी और तिलक ने 32 गेंदों में जोड़े 70 रन भारत ने 130 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। उस समय टीम को जीत के लिए 50 गेंदों में 118 रन बनाने थे। मुश्किल परिस्थिति में नीतीश कुमार रेड्डी और तिलक वर्मा ने छठे विकेट के लिए 32 गेंदों में 70 रन की साझेदारी कर टीम की वापसी कराई। दोनों की बल्लेबाजी से भारत की जीत की उम्मीदें फिर मजबूत हुईं। हालांकि, जब जीत के लिए 19 गेंदों में 48 रन की जरूरत थी, तब रोमारियो शेफर्ड ने तिलक वर्मा को गलत शॉट खेलने पर मजबूर किया और उनका विकेट हासिल कर लिया। इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई और टीम मुकाबला 24 रन से हार गई। सैमसन ने कहा कि पांच विकेट गिरने के बाद भी टीम के पास मैच में वापसी का मौका था। दो युवा खिलाड़ियों ने दबाव में अच्छी बल्लेबाजी की और वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण का सामना किया। उन्होंने माना कि निचले क्रम के बल्लेबाजों को अंत में बड़ी भूमिका निभानी थी। सैमसन ने कहा कि क्रिकेट में गलतियां होती हैं, लेकिन टीम को सकारात्मक रहकर आगे बढ़ना होगा। ईशान किशन और अभिषेक शर्मा का किया बचाव ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर भी सैमसन ने प्रतिक्रिया दी। ईशान ने तीन गेंदों में छह रन बनाए, जबकि अभिषेक शर्मा 24 गेंदों पर 29 रन ही बना सके। सैमसन ने दोनों खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि एक मैच में खराब प्रदर्शन होना सामान्य है। उन्होंने अभिषेक की पिछली मैच में खेली गई 70 रन की पारी का जिक्र किया और कहा कि ईशान भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं। सैमसन के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल हैं और एक खराब मैच के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन नहीं किया जाना चाहिए। सैमसन ने 23 गेंदों में बनाए 56 रन संजू सैमसन ने खुद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 23 गेंदों में 56 रन बनाए। ईशान किशन के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने तेज गति से रन बनाकर भारतीय टीम को मुकाबले में बनाए रखा। हालांकि, टीम की हार से वह निराश नजर आए। सैमसन ने कहा, “हारने वाली टीम में होने का एहसास अलग होता है। इस समय मैं काफी निराश हूं। मेरा योगदान जीत में आना चाहिए था।” अपनी बल्लेबाजी के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें मैदान पर बल्लेबाजी करने में मजा आया। उनके मुताबिक, बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय ज्यादा सोचने का समय नहीं होता और परिस्थितियों के अनुसार तेजी से खेलना पड़ता है। आखिरी मुकाबले को लेकर सैमसन आश्वस्त सीरीज बराबर होने के बाद सैमसन ने कहा कि भारतीय टीम अगले मुकाबले के लिए तैयार है। उन्होंने आखिरी मैच को फाइनल जैसा बताते हुए कहा कि अब देखना होगा कि टीम आगे कैसा प्रदर्शन करती है। अर्शदीप सिंह की चोट पर भी दिया अपडेट सैमसन ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की चोट को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अर्शदीप अपने कंधे पर बर्फ लगा रहे हैं। सैमसन ने उम्मीद जताई कि गेंद लगने से घायल हुए अर्शदीप जल्द ठीक हो जाएंगे और टीम में वापसी कर सकेंगे।

बिलासपुर में 7-8 मिनट में हो रही वाहनों की फिटनेस जांच पर सवाल, 800 की फीस के बदले 5 हजार मांगने का आरोप

बिलासपुर। मटियारी-बेलतरा बाईपास स्थित निजी वाहन फिटनेस सेंटर में व्यावसायिक वाहनों की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। मौके पर एक वाहन की फिटनेस जांच महज 7 से 8 मिनट में पूरी होती दिखाई दी। जांच के बाद बाहर निकली एक बस गेट पर दस्तावेज लेते समय ही बंद हो गई। चालक ने दोबारा इंजन स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार लोगों को धक्का लगाकर बस को हटाना पड़ा। घटना ने फिटनेस जांच की गुणवत्ता और प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सेंटर के बाहर सुबह से ही बसों और ट्रकों की कतार लगी थी। कई वाहन मालिक जांच से पहले इंडिकेटर, हेडलाइट और दूसरी लाइटों की खराबियां ठीक कराते नजर आए। कुछ वाहनों पर रेडियम पट्टियां भी लगाई जा रही थीं। कमियां दूर करने के बाद वाहनों को जांच के लिए अंदर भेजा जा रहा था। ढाई साल पहले निजी संस्था को सौंपी गई व्यवस्था करीब ढाई साल पहले तक व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच आरटीओ परिसर में होती थी। बाद में यह व्यवस्था निजी संस्था रोविंग आई सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंप दी गई। इसके बाद फिटनेस सेंटर को मटियारी-बेलतरा बाईपास पर स्थानांतरित कर दिया गया। अब वाहन मालिकों को लगरा स्थित आरटीओ कार्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर इस सेंटर तक जाना पड़ता है। व्यवस्था निजी हाथों में जाने के बाद जांच प्रक्रिया, समय और खर्च को लेकर वाहन मालिकों की शिकायतें सामने आ रही हैं। 29 बिंदुओं की जांच 7-8 मिनट में कैसे? बिलासपुर बस मालिक परिवहन संघ के महासचिव नितिन जुनेजा ने कहा कि फिटनेस जांच निजी हाथों में जाने के बाद वाहन मालिकों की परेशानियां बढ़ी हैं। उनके मुताबिक, कुछ लोग संपर्कों के जरिए जल्दी काम करा लेते हैं, जबकि अन्य वाहन मालिकों को चार-चार घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। इससे उनका समय और पैसा दोनों प्रभावित होते हैं। जुनेजा के अनुसार, फिटनेस जांच के दौरान करीब 29 बिंदुओं की जांच की जानी होती है। इसमें ब्रेक, सस्पेंशन, स्टीयरिंग, लाइट, टायर, उत्सर्जन मानक और अन्य सुरक्षा उपकरणों की स्थिति शामिल है। संबंधित वाहन श्रेणियों में स्पीड गवर्नर और जीपीएस उपकरणों की जांच भी जरूरी हो सकती है। ऐसे में मौके पर 7 से 8 मिनट में जांच पूरी होते दिखाई देने से यह सवाल उठ रहा है कि सभी जरूरी तकनीकी बिंदुओं की जांच किस तरह की जा रही है। हालांकि, जांच की गुणवत्ता और नियमों के पालन की वास्तविक स्थिति रिकॉर्ड और प्रक्रिया की विस्तृत पड़ताल के बाद ही स्पष्ट होगी। 800 रुपये की फीस के बदले 5 हजार मांगने का आरोप कुछ वाहन मालिकों ने आरोप लगाया कि करीब 800 रुपये की निर्धारित सरकारी फीस वाले काम के लिए उनसे 5 हजार रुपये तक मांगे जाते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वाहन मालिकों के मुताबिक, सेंटर के बाहर एजेंट सक्रिय रहते हैं। उनका दावा है कि आरटीओ कार्यालय के पास एजेंटों से बातचीत के बाद उन्हें फिटनेस सेंटर भेजा जाता है। वहीं, सेंटर में दलालों के प्रवेश पर प्रतिबंध होने की बात भी कही जा रही है। इन आरोपों के संबंध में शुल्क का आधिकारिक विवरण, भुगतान की रसीदें और संबंधित रिकॉर्ड सामने आने पर ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सेंटर प्रबंधन का दावा- जांच प्रक्रिया सही फिटनेस सेंटर के मैनेजर नवीन ने बताया कि एक वाहन की जांच में 7 से 8 मिनट लगते हैं। उनके मुताबिक, वाहनों की फिटनेस जांच सही तरीके से की जाती है और जांच क्षेत्र में किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता। उन्होंने बताया कि सेंटर में निगरानी के लिए 36 कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा, वाहन चालकों के लिए पीने के पानी और बैठने की व्यवस्था भी की गई है। फिलहाल, कम समय में फिटनेस जांच पूरी होने और अतिरिक्त रकम मांगे जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच से ही व्यवस्था की पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों के पालन की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
CEC

Anti-CEC Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज, 16 अक्टूबर को Tiranga March

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली में राजनीतिक माहौल गर्म है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके, AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी चर्चा तेज है। इस पूरे विवाद के केंद्र में चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई है। 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पुलिस ने कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। इसके बाद CJP और छात्र संगठनों ने कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं, पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित सुरक्षा जोखिमों को प्रतिबंधों की वजह बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस और हंगामे को लेकर क्या है अपडेट? 15 अक्टूबर को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में अभिजीत दिपके, नेहा बोरा और कपिल सिब्बल की प्रेस कॉन्फ्रेंस प्रस्तावित थी। इसका संबंध CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन और प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई से था। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामा होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस घटना के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक बयान और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी सामने आना जरूरी है। इससे पहले 11 अक्टूबर को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के बाहर प्रदर्शनकारियों के जुटने और नारेबाजी के बाद पुलिस की मौजूदगी बढ़ गई थी। इस घटनाक्रम ने विरोध प्रदर्शन को लेकर चल रहे विवाद को और चर्चा में ला दिया था। CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग क्यों? CJP और कई विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान अनियमितताएं हुई हैं और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठते हैं। विरोध करने वाले संगठनों का कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होनी चाहिए। उनका तर्क है कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और मतदाता सूची में किसी भी तरह की गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने किसी भी गलत काम के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। ऐसे में SIR से जुड़े दावों और आपत्तियों का आकलन आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर किया जाना जरूरी है। सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत से बढ़ा विवाद CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने के मामले में हिरासत में लिया गया था। बाद में दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की खबर सामने आई। CJP ने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध की आवाज को दबाया जा रहा है। संगठन के नेताओं ने साफ किया कि CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर उनका आंदोलन जारी रहेगा। दिल्ली पुलिस ने अपने पक्ष में कहा कि प्रदर्शन की अनुमति, पहले के घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। नेहा बोरा समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए घटनाक्रम के दौरान AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई राजनीतिक और छात्र संगठनों से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया गया था। इस कार्रवाई में CJP के नेता और अन्य प्रदर्शनकारी भी शामिल थे। इसके बाद छात्र संगठनों और विपक्षी नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि विरोध दर्ज कराने के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और संभावित अव्यवस्था का हवाला दिया। इस पूरे मामले ने प्रदर्शन की अनुमति और लोकतांत्रिक अधिकारों के बीच संतुलन को लेकर बहस छेड़ दी है। 16 अक्टूबर को तिरंगा मार्च का ऐलान CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में शाम 5 बजे तिरंगा मार्च का आह्वान किया है। उन्होंने लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ जुटने की अपील की है। दिपके के मुताबिक, इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह संदेश देना है कि तिरंगा फहराना अपराध नहीं है। यह आह्वान CJP नेताओं की हिरासत और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर हुए विवाद के बाद किया गया है। अब इस कार्यक्रम पर भी लोगों की नजर है। प्रशासन की अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद ही आयोजन की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। Jantar Mantar Protest: आगे क्या होगा? दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से शुरू हुआ विवाद अब SIR, मतदाता सूची, प्रदर्शन की अनुमति और पुलिस कार्रवाई जैसे कई मुद्दों से जुड़ गया है। एक तरफ CJP और अन्य संगठन अपने विरोध को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत पर जोर दे रही है। फिलहाल, प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुई कथित घटना की पुष्टि, तिरंगा मार्च को लेकर प्रशासन का रुख और SIR से संबंधित कानूनी कार्यवाही आगे की अहम कड़ियां होंगी। इन घटनाक्रमों से तय होगा कि दिल्ली में जारी Anti-CEC Protest आगे क्या मोड़ लेता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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