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Rafale में उड़ीं President Murmu महिला पायलट Shivangi Singh से की मुलाकात

Ambala (Haryana): भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने बुधवार को हरियाणा के Ambala Air Force Station से Rafale Fighter Jet में उड़ान भरकर नया इतिहास रच दिया। यह उड़ान करीब 40 मिनट तक चली, जिसमें उन्होंने भारतीय वायुसेना की ताकत, अनुशासन और तकनीकी क्षमता को नजदीक से महसूस किया। First Indian President बनीं जिन्होंने दो Fighter Jets में उड़ान भरी President Murmu इससे पहले 2023 में Sukhoi-30 MKI फाइटर जेट में उड़ान भर चुकी हैं। अब उन्होंने Rafale Jet में sortie लेकर इतिहास रच दिया — वे भारत की पहली ऐसी राष्ट्रपति बन गईं जिन्होंने दो अलग-अलग Combat Aircraft में उड़ान भरी है। Ambala Airbase से हुआ Historic Sortie राष्ट्रपति ने No. 17 Squadron ‘Golden Arrows’ के Rafale Jet से उड़ान भरी। यही स्क्वाड्रन 2020 में रफाल को सबसे पहले भारतीय वायुसेना में शामिल करने वाली यूनिट थी।यह sortie लगभग 40 मिनट तक चली और हरियाणा के आसमान में निर्धारित क्षेत्र में पूरी हुई। इस दौरान उनके साथ एक अनुभवी वायुसेना पायलट मौजूद रहे। महिला रफाल पायलट Shivangi Singh से मुलाकात Ambala पहुंचने पर राष्ट्रपति ने भारत की पहली महिला रफाल पायलट Squadron Leader Shivangi Singh से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि “भारत की बेटी आज Fighter Jet उड़ा रही है, यह देश की नारी शक्ति और आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है।” Air Force Chief भी रहे मौजूद इस मौके पर Air Chief Marshal V.R. Chaudhari और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।Sortie के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा — “यह मेरे लिए गर्व और सम्मान का क्षण है। भारतीय वायुसेना की professionalism और dedication को करीब से देखना अद्भुत अनुभव रहा।” Rafale Jet – भारत की हवाई ताकत का Symbol फ्रांस से 2020 में शामिल किया गया Rafale Fighter Jet भारत की वायु शक्ति की रीढ़ बन चुका है। यह जेट हाल ही में Operation Sindoor में भी शामिल रहा था, जिसमें भारत ने दुश्मन ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की थी।रफाल की स्पीड 2,200 km/h से ज्यादा है और यह हवा से हवा और हवा से जमीन — दोनों तरह के मिशन में सक्षम है। Supreme Commander का Modern Touch भारत की राष्ट्रपति होने के नाते Droupadi Murmu सशस्त्र बलों की Supreme Commander हैं। उनका यह sortie केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि यह संदेश देता है कि राष्ट्राध्यक्ष सेना के मनोबल और modernization के साथ खड़ी हैं। President Droupadi Murmu का यह Rafale Sortie भारत के इतिहास में एक गर्व का अध्याय बन गया है। यह न केवल महिला नेतृत्व और empowerment का उदाहरण है, बल्कि भारत की रक्षा शक्ति के नए युग की झलक भी देता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Alinagar में BJP पर नाराजगी: लोगों ने कहा- 'Maithili Thakur को वोट नहीं देंगे, जीतकर दिल्ली चली जाएंगी'

Alinagar में BJP पर नाराजगी: लोगों ने कहा- ‘Maithili Thakur को वोट नहीं देंगे, जीतकर दिल्ली चली जाएंगी’

बिहार चुनाव के दौरान Alinagar विधानसभा क्षेत्र में माहौल गर्म है। यहां BJP प्रत्याशी Alinagar में BJP पर नाराजगी: लोगों ने कहा- ‘Maithili Thakur को लेकर लोगों में नाराजगी साफ नजर आ रही है। कई स्थानीय लोग कह रहे हैं कि वे मैथिली को वोट नहीं देंगे, क्योंकि “वो बाहरी हैं” और “जीतकर दिल्ली चली जाएंगी”। गांव के कई लोगों का कहना है कि बीजेपी ने स्थानीय कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर बाहर से उम्मीदवार लाकर “पाग” यानी मिथिला की अस्मिता का अपमान किया है। उनका कहना है कि मैथिली ठाकुर भले ही सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हैं, लेकिन जनता अपने बीच के नेता को चाहती है जो हर सुख-दुख में साथ रहे। स्थानीय मतदाताओं का कहना है कि “हम चाहते हैं अपना उम्मीदवार, जो यहीं रहे, हमारे बीच। दिल्ली में रहने वाली मैथिली को क्या पता यहां की परेशानी क्या है?” हालांकि, बीजेपी समर्थकों का तर्क है कि मैथिली ठाकुर युवाओं की पहचान हैं और मिथिला संस्कृति की आवाज हैं। वे मानते हैं कि विरोध सिर्फ कुछ स्थानीय नेताओं तक सीमित है, आम जनता अब भी मैथिली के साथ है। अलीनगर की यह लड़ाई अब सिर्फ सीट की नहीं, बल्कि “स्थानीय बनाम बाहरी” और “अस्मिता बनाम पहचान” की बन चुकी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Tejashwi

Tejashwi- Rahul की जोड़ी ने बदले Bihar Election के समीकरण, Priyanka भी मैदान में उतरीं

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Election 2025) जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, सियासी पारा तेजी से चढ़ता जा रहा है। अब कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। दोनों नेता आज मुजफ्फरपुर के सकरा से महागठबंधन के प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे, जहां उनके साथ तेजस्वी यादव भी मंच साझा करेंगे। यह रैली सिर्फ प्रचार नहीं, बल्कि “एकता का संदेश” देने की कोशिश है। कांग्रेस और राजद दोनों मिलकर यह दिखाना चाहते हैं कि विपक्ष पहले से कहीं ज्यादा संगठित और मजबूत है। राहुल-प्रियंका की जोड़ी से महागठबंधन में नई Energy पिछले कुछ समय से राहुल गांधी प्रचार से दूर थे, जिससे गठबंधन की गति थोड़ी धीमी पड़ गई थी। लेकिन अब प्रियंका गांधी के साथ उनकी एंट्री से पार्टी में नई Energy और Momentum देखने को मिल रहा है। तेजस्वी बने Face, राहुल-प्रियंका कर रहे Strategy Lead महागठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया है। वहीं राहुल और प्रियंका गांधी रणनीति और प्रचार की बागडोर संभाल रहे हैं। दोनों नेताओं की उपस्थिति से कांग्रेस और राजद के बीच एक मजबूत तालमेल दिख रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह ‘Tejashwi as Arjun, Rahul as Krishna’ जैसी जोड़ी है, जो बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव ला सकती है। Rahul Gandhi की Rally से दिखी Opposition Unity राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की पहली संयुक्त रैली के बाद अब दरभंगा, छपरा, गया और समस्तीपुर में भी Joint Rallies आयोजित होंगी। इसका मकसद है Opposition Unity का मैसेज देना और वोटरों को यह दिखाना कि गठबंधन में अब कोई मतभेद नहीं बचा। BJP-JDU पर तीखे हमले राहुल गांधी ने रैली में कहा, “बिहार को नफरत नहीं, विकास चाहिए। जनता अब झूठे वादों से थक चुकी है।” वहीं तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, “अब बिहार को पलटूराज नहीं, युवा सोच चाहिए।” इन बयानों से साफ है कि महागठबंधन की रणनीति सीधे BJP-JDU गठबंधन पर हमला करने और जनता को एक नए विकल्प का भरोसा दिलाने पर केंद्रित है। Bihar Election में बदल सकते हैं समीकरण कांग्रेस के टॉप लेवल लीडर्स के एक्टिव होने से अब बिहार की सियासत में नया मोड़ आ सकता है। राहुल और प्रियंका गांधी की जोड़ी और तेजस्वी यादव का युवा जोश — यह कॉम्बिनेशन महागठबंधन के लिए बड़ा गेम-चेंजर साबित हो सकता है। Bihar चुनाव 2025 में अब लड़ाई पूरी तरह रोमांचक हो गई है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के मैदान में उतरने से महागठबंधन का Campaign Momentum तेजी से बढ़ गया है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या यह Gandhi-Tejashwi Alliance बिहार की सत्ता तक पहुंच पाता है या नहीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ambala में इतिहास रचा: President Droupadi Murmu ने राफेल में भरी उड़ान

Ambala में इतिहास रचा: President Droupadi Murmu ने राफेल में भरी उड़ान

Ambala एयरफोर्स स्टेशन पर आज का दिन इतिहास में दर्ज हो गया, जब देश की President Droupadi Murmu ने भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। यह पहली बार है जब किसी भारतीय राष्ट्रपति ने राफेल में उड़ान भरकर भारत की रक्षा शक्ति का अनुभव किया। उड़ान से पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने एयरफोर्स स्टेशन पर मौजूद विभिन्न यूनिट्स का निरीक्षण किया और वायुसेना के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने देश की सुरक्षा में वायुसेना के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि “भारतीय वायुसेना देश की गौरवशाली ताकत है और हम सबको उस पर गर्व है।” राफेल में बैठने के बाद जब राष्ट्रपति ने हाथ हिलाकर सभी को अभिवादन किया, तो वहां मौजूद जवानों ने तालियों से उनका स्वागत किया। इस खास पल ने पूरे देश को गर्व और सम्मान से भर दिया। राष्ट्रपति की यह उड़ान न सिर्फ तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि यह संदेश भी देती है कि भारत की बेटियाँ अब हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं — चाहे वह आसमान ही क्यों न हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Cyclone Montha

Cyclone Montha Landfall in Andhra Pradesh अब ओडिशा, एमपी और यूपी में भारी बारिश का खतरा

भारी तबाही मचाने वाला चक्रवाती तूफान Cyclone Montha मंगलवार शाम आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के तटीय इलाके में लैंडफॉल कर चुका है। काकीनाड़ा और कलिंगपट्टनम (Kakinada–Kalingapatnam) के बीच यह तूफान समुद्र तट से टकराया, जहां हवाओं की रफ्तार 90 से 110 km/h तक रही।भारत मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि Cyclone Montha अब कमजोर होकर “Cyclonic Storm” में तब्दील हो गया है, लेकिन इसके प्रभाव से Andhra, Odisha, Telangana, MP, UP और Rajasthan में भारी बारिश जारी है। Cyclone Montha Landfall के बाद स्थिति लैंडफॉल के बाद आंध्र प्रदेश के कई तटीय जिलों—पूर्वी गोदावरी, कृष्णा, पश्चिम गोदावरी और काकीनाड़ा—में बिजली आपूर्ति ठप है और पेड़ गिरने से सड़कों पर जाम लग गया।IMD ने कहा है कि तूफान के कमजोर पड़ने के बावजूद अगले 24 घंटे तक Heavy Rainfall और Thunderstorm का खतरा बना रहेगा। 1 की मौत, 40,000 से ज्यादा लोग शेल्टर में शिफ्ट आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले के मकानगुडेम गांव में एक व्यक्ति की मौत तब हुई जब तेज़ हवाओं में पेड़ गिर गया।राज्य सरकार ने अब तक 40,000 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों (Relief Camps) में पहुंचाया है।ओडिशा के गंजाम, गजपति, कोरापुट जिलों में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। Rain Alert: कई राज्यों में भारी बारिश Cyclone Montha का असर अब ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है।IMD ने चेतावनी दी है कि बुधवार और गुरुवार को इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) हो सकती है। किसानों को बड़ा नुकसान (Crop Damage Report) सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, Cyclone Montha से आंध्र प्रदेश में लगभग Power & Transport प्रभावित IMD Weather Update: अभी भी खतरा बरकरार IMD ने नए अपडेट में कहा है कि Cyclone Montha धीरे-धीरे कमजोर होकर Deep Depression में बदल सकता है, लेकिन इसके बाद भी कई राज्यों में बारिश और तूफान का असर रहेगा।Red Alert जारी किया गया है — Climate Change और Cyclone की बढ़ती आवृत्ति मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र के बढ़ते तापमान की वजह से बंगाल की खाड़ी में चक्रवातों की संख्या और तीव्रता बढ़ी है।Cyclone Montha भी उसी का परिणाम है, जिसने कुछ ही घंटों में “Deep Depression” से “Severe Cyclone” का रूप ले लिया। Cyclone Montha ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत के तटीय इलाकों में आपदा प्रबंधन और Early Warning System को और मजबूत करने की जरूरत है।सरकारें राहत कार्य में जुटी हैं, लेकिन असली चुनौती अब फसलों के नुकसान और पुनर्वास की है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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सरकार

मोदी सरकार का बड़ा फैसला! Justice Ranjana Desai को सौंपी 8th Pay Commission की कमान

देश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इसके Terms of Reference (ToR) को भी हरी झंडी मिल गई है। Justice Ranjana Prakash Desai होंगी 8th Pay Commission की चेयरपर्सन सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे इससे पहले Uniform Civil Code (UCC) कमेटी की चेयरपर्सन भी रह चुकी हैं। न्यायिक अनुभव और प्रशासनिक समझ के चलते उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोग में कुल तीन सदस्य होंगे —1️⃣ चेयरपर्सन (Chairperson)2️⃣ पार्ट-टाइम मेंबर (Part-time Member)3️⃣ मेंबर सेक्रेटरी (Member Secretary) 18 महीनों में रिपोर्ट, 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद कैबिनेट के फैसले के अनुसार, आयोग को अपनी रिपोर्ट 18 महीनों के भीतर केंद्र सरकार को सौंपनी होगी। रिपोर्ट में वेतन संरचना (Pay Structure), भत्तों (Allowances), बोनस और पेंशन सुधारों से जुड़ी सिफारिशें शामिल होंगी। सरकार की योजना है कि नई सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू की जाएं। 50 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को होगा फायदा 8th Pay Commission की सिफारिशों से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। अनुमान है कि कर्मचारियों के वेतन में 25% से 35% तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कर्मचारी संगठनों ने फैसले का स्वागत किया केंद्रीय कर्मचारी संघों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और खर्चों को देखते हुए वेतन में संशोधन जरूरी था। वहीं, कुछ आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ेगा, लेकिन उपभोक्ता खर्च में वृद्धि से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। पिछले वेतन आयोगों की झलक वेतन आयोग लागू वर्ष चेयरपर्सन 6th Pay Commission 1 जनवरी 2006 Justice बी.एन. श्रीकृष्ण 7th Pay Commission 1 जनवरी 2016 Justice ए.के. माथुर 8th Pay Commission 1 जनवरी 2026 (संभावित) Justice रंजना प्रकाश देसाई हर 10 साल में केंद्र सरकार वेतन आयोग गठित करती है ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स के वेतन-भत्तों की समीक्षा हो सके। विशेषज्ञों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने से सरकारी खजाने पर बोझ तो बढ़ेगा, लेकिन मध्यम वर्ग की खरीद क्षमता में सुधार आएगा। इससे Domestic Demand और Economic Growth दोनों को बल मिलेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Jaipur

Jaipur Bus Accident मजदूरों से भरी Private Bus में दौड़ा करंट

राजस्थान के Jaipur जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। सोमवार सुबह मजदूरों से भरी एक Private Bus अचानक High Voltage Electric Wire की चपेट में आ गई। कुछ ही सेकंड में Bus में करंट दौड़ गया, जिससे कई मजदूर झुलस गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। हादसा कैसे हुआ जानकारी के अनुसार, यह बस Jaipur से मजदूरों को लेकर पास के औद्योगिक इलाके की ओर जा रही थी। रास्ते में बस का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रहे High-Tension Electric Wire से टकरा गया। टकराते ही बस में ज़ोरदार करंट दौड़ गया और सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस के ऊपर रखे लोहे के पाइप बिजली के तार से छू गए, जिसके कारण करंट पूरे वाहन में फैल गया। Driver ने तुरंत बस रोकी, लेकिन तब तक कई मजदूर झुलस चुके थे। मौके पर अफरा-तफरी घटना के बाद ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे और बस में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला। पुलिस, बिजली विभाग और एंबुलेंस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और घायलों को नज़दीकी अस्पताल पहुंचाया गया। कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। पहले भी हो चुके ऐसे हादसे Rajasthan में यह कोई पहला मामला नहीं है जब राजस्थान में बस बिजली के तार की चपेट में आई हो। इन हादसों के बावजूद कई इलाकों में बिजली के तार अब भी सड़क के बहुत पास हैं, जो किसी भी वक्त बड़ा खतरा बन सकते हैं। प्रशासन की जांच शुरू जयपुर जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। बिजली विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है कि आखिर इतने निचले स्तर पर हाई-वोल्टेज लाइन कैसे चल रही थी। वहीं, पुलिस ने बस चालक और मालिक से पूछताछ शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों का आरोप – लापरवाही से गया हादसा घटना के बाद लोगों में गुस्सा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद बिजली विभाग ने तारों की ऊंचाई नहीं बढ़ाई। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब तक ऐसे हादसे मजदूरों की जान लेते रहेंगे। सुरक्षा को लेकर क्या कहना है विशेषज्ञों का सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए बिजली विभाग और परिवहन विभाग दोनों को जॉइंट सेफ्टी ड्राइव चलानी चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Montha

Cyclone Montha Impact आंध्र, ओडिशा, केरल में मचा हाहाकार North India में भी दिखेगा असर

IMD का बड़ा अलर्ट – Cyclone Montha आज करेगा Landfall भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि Cyclone Montha (साइक्लोन मोंथा) ने बंगाल की खाड़ी में रफ्तार पकड़ ली है और आज यानी 28 अक्टूबर 2025 की शाम या रात को आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट (Kakinada Coast) से टकराएगा।तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।IMD ने आंध्र प्रदेश के 13 जिलों में Red Alert जारी किया है और लोगों को तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है। आंध्र प्रदेश में Alert Mode – हजारों लोगों को किया गया Evacuate आंध्र प्रदेश सरकार ने पहले ही बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। समुद्र तट के पास के जिलों — काकीनाडा, श्रीकाकुलम, विशाखापट्टनम और विजयवाड़ा — में तेज हवाएं और भारी बारिश शुरू हो गई हैं। Odisha, Kerala और Tamil Nadu में Heavy Rain का अलर्ट साइक्लोन मोंथा का असर सिर्फ आंध्र तक सीमित नहीं रहेगा। Cyclone Montha का असर अब पहुंचेगा उत्तर भारत तक मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोन मोंथा के कमजोर पड़ने के बाद इसका असर मध्य भारत और उत्तर भारत (Central & North India) में देखने को मिलेगा। Government की तैयारी और Relief Work संभावित खतरे और सावधानियां Cyclone Montha से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले आंध्र प्रदेश: काकीनाडा, विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलमओडिशा: गंजाम, गजपति, पुरी, कोरापुटकेरल: कोल्लम, त्रिशूर, तिरुवनंतपुरममध्य प्रदेश: जबलपुर, बालाघाटउत्तर प्रदेश: प्रयागराज, वाराणसीराजस्थान: कोटा, जयपुर IMD का Forecast: कब थमेगा मोंथा का असर? IMD के मुताबिक, Cyclone Montha मंगलवार रात को लैंडफॉल के बाद धीरे-धीरे कमजोर होकर डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा।लेकिन इसका असर 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा, जिससे देश के कई हिस्सों में ठंडी हवाएं और बारिश देखने को मिलेंगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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SIR

Election Commission का बड़ा फैसला 12 राज्यों में शुरू हुआ SIR Second Phase, Voter List होगी अपडेट

भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने एक अहम फैसला लेते हुए देश के 12 राज्यों में Special Intensive Revision (SIR) का दूसरा चरण शुरू करने की घोषणा की है। यह कदम आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को पारदर्शी और त्रुटि-मुक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। क्या है SIR (Special Intensive Revision)? SIR एक विशेष प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची की पूरी जांच और सुधार किया जाता है। इसमें— इसका मुख्य उद्देश्य है कि हर पात्र नागरिक का नाम सूची में सही ढंग से दर्ज हो, ताकि किसी का वोटिंग अधिकार प्रभावित न हो। किन 12 राज्यों में शुरू होगा दूसरा चरण चुनाव आयोग ने बताया कि दूसरे चरण की SIR प्रक्रिया 12 राज्यों में लागू की जाएगी। इन राज्यों में जिला और राज्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर बूथवार जांच करें और मतदाता सूची को अद्यतन करें। आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक कर यह तय किया कि कहाँ पर सूची में सबसे अधिक सुधार की आवश्यकता है। आज रात से फ्रीज़ होगी मतदाता सूची Election Commission ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन 12 राज्यों में यह प्रक्रिया लागू हो रही है, वहाँ आज रात से voter list freeze कर दी जाएगी। यानी इसके बाद कोई नया नाम जोड़ा या हटाया नहीं जा सकेगा। यह प्रक्रिया सूची को स्थिर और प्रमाणिक बनाए रखने के लिए की जा रही है। क्यों ज़रूरी है SIR प्रक्रिया SIR का उद्देश्य केवल तकनीकी सुधार नहीं बल्कि लोकतंत्र को मजबूत बनाना है। अक्सर मतदाता सूचियों में कई त्रुटियाँ पाई जाती हैं जैसे कि— ऐसी त्रुटियाँ चुनाव की सटीकता और विश्वसनीयता को प्रभावित करती हैं, इसलिए SIR इन सबको सुधारने का सबसे प्रभावी तरीका है। इतिहास: कब-कब हुई SIR प्रक्रिया भारत में 1951 से 2004 के बीच अब तक कुल 8 बार Special Intensive Revision की प्रक्रिया हो चुकी है। 2025 में यह नौवीं बार आयोजित की जा रही है, जो देशभर में मतदाता सूचियों की शुद्धता बढ़ाने का एक बड़ा अभियान है। पारदर्शी चुनावों की दिशा में मजबूत कदम Election Commission का यह फैसला आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। आयोग का लक्ष्य है कि 100% eligible voters को सूची में शामिल किया जाए और किसी भी गलत नाम को हटाया जाए। इस कदम से न केवल मतदान प्रतिशत बढ़ेगा बल्कि जनता का विश्वास और पारदर्शिता भी बनी रहेगी। Election Commission का यह कदम भारत के लोकतंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है। 12 राज्यों में शुरू हुई SIR की दूसरी चरण प्रक्रिया से voter list accuracy, transparency और public trust में सुधार आने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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योगी आदित्यनाथ

Uttar Pradesh योगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान Mustafabad बनेगा Kabirdham

Mustafabad अब कहलाएगा Kabirdham उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने लखीमपुर खीरी जिले के Mustafabad गांव का नाम बदलने की घोषणा की है। अब यह गांव Kabirdham के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह फैसला संत कबीर दास (Sant Kabir Das) की शिक्षाओं और विचारधारा को सम्मान देने के लिए लिया है। संत कबीर की विरासत को सम्मान देने का निर्णय कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब उन्होंने गांव के लोगों से पूछा कि “यहां कितने मुस्लिम रहते हैं?”, तो जवाब मिला — “कोई नहीं।” उन्होंने कहा, “जब यहां कोई मुस्लिम नहीं रहता, तो गांव का नाम Mustafabad क्यों?” इसलिए अब इस गांव को Kabirdham के नाम से जाना जाएगा। योगी ने कहा कि संत कबीर दास की शिक्षाएं समानता, मानवता और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। यही कारण है कि सरकार ने यह निर्णय लिया ताकि गांव का नाम उसकी सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा रहे। Yogi Government का उद्देश्य — सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करना मुख्यमंत्री ने कहा कि योगी सरकार (Yogi Government) का मकसद उत्तर प्रदेश की संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा को पुनर्जीवित करना है। इससे पहले भी सरकार ने कई ऐतिहासिक नाम बदले हैं — उन्होंने कहा कि यह नाम परिवर्तन किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और संत परंपरा को सम्मान देने का कदम है। फिलहाल यह नाम परिवर्तन प्रस्तावित (Proposed) है और इसे केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही गांव का नाम औपचारिक रूप से Kabirdham किया जाएगा। स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया इस घोषणा के बाद स्थानीय स्तर पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई लोगों ने इसे संत कबीर की विरासत को सम्मान देने वाला निर्णय बताया, वहीं कुछ ने कहा कि सरकार को नाम बदलने के बजाय विकास और रोजगार के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। कबीरधाम — संत परंपरा और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक योगी आदित्यनाथ का यह कदम उत्तर प्रदेश में एक और धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान (Cultural Identity) को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है। Kabirdham नाम संत कबीर की विचारधारा, समानता और एकता के संदेश को दर्शाता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Twisha

Twisha Case Update: जेल में सास के पास मिली ‘The Pregnant King’ किताब, CBI रिपोर्ट से बढ़ा सस्पेंस

Twisha Case एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं और मामला और उलझता जा रहा है। जेल से लेकर जांच एजेंसियों तक इस केस में कई अहम अपडेट सामने आए हैं, जिसने लोगों की दिलचस्पी और सवाल दोनों बढ़ा दिए हैं। जेल में किताब मिलने का दावा, सोशल मीडिया में चर्चा तेज जेल में बंद Twisha की सास से जुड़ा एक दावा सामने आया है, जिसमें कहा जा रहा है कि निरीक्षण के दौरान उनके पास से ‘The Pregnant King’ नाम की किताब मिली। इस खबर के बाद मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है। NCW के सामने पेश हुईं सास, दिया बयान इस बीच, ट्विशा की सास ने National Commission for Women के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उन्हें जेल में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है और उनके साथ सभी सुविधाएं सामान्य रूप से मिल रही हैं। आयोग ने उनका बयान दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। CBI को मिली दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, जांच में बड़ा मोड़ दूसरी ओर, जांच एजेंसी CBI को इस केस से जुड़ी दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी मिल गई है। इसे जांच के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि अब इसे पहले की रिपोर्ट से मिलाकर देखा जाएगा जिससे मौत के कारणों और परिस्थितियों पर और स्पष्टता मिल सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ethanol Petrol

Ethanol Petrol सरकार का बड़ा फैसला, E20 Fuel पर Tax खत्म लेकिन जनता परेशान

भारत सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) को बढ़ावा देने के लिए पेट्रोलियम नीति में एक बड़ा बदलाव किया है। नए फैसले के अनुसार 20% से अधिक Ethanol Petrol (E20 और उससे ऊपर) पर एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। सरकार का दावा है कि यह कदम देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता (Energy Independence) की ओर तेजी से ले जाएगा। हालांकि, जमीनी हकीकत थोड़ी अलग नजर आ रही है। पेट्रोल पंपों पर E20 फ्यूल की कीमतों में किसी तरह की बड़ी गिरावट नहीं दिखी है, जिससे आम उपभोक्ताओं के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर टैक्स खत्म होने का फायदा उन्हें क्यों नहीं मिल रहा। पेट्रोल पंप पर असर नहीं, जनता की उम्मीदें अधूरी सरकार के इस फैसले के बाद उम्मीद की जा रही थी कि पेट्रोल के दामों में कुछ राहत मिलेगी, लेकिन फिलहाल E20 पेट्रोल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। कई वाहन चालकों का कहना है कि वे राहत की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन फिलहाल स्थिति पहले जैसी ही है। सरकार का तर्क: पर्यावरण और किसानों दोनों को फायदा सरकारी पक्ष का कहना है कि यह नीति केवल कीमत कम करने के लिए नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सुधार के लिए है। एथेनॉल उत्पादन बढ़ने से किसानों को गन्ना और अन्य फसलों का बेहतर बाजार मिलेगा। साथ ही, इससे प्रदूषण कम करने और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। एक्सपर्ट्स की राय: असर दिखने में लगेगा समय ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत की ईंधन नीति में बड़ा बदलाव है, लेकिन इसका सीधा फायदा आम जनता को तुरंत नहीं मिलेगा। इसका असर धीरे-धीरे आने वाले वर्षों में दिखेगा, जब एथेनॉल सप्लाई चेन और फ्यूल सिस्टम पूरी तरह स्थिर हो जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Oman

Oman Ship Attack अरब सागर में बड़ा हादसा, Indian Crew जहाज़ बना निशाना, 3 नाविक लापता

अरब सागर में एक बार फिर तनावपूर्ण हालात के बीच बड़ा समुद्री हादसा सामने आया है। Oman के तट के पास एक मर्चेंट शिप पर हमला होने की खबर ने पूरे शिपिंग सेक्टर को हिला दिया है। इस जहाज़ पर मौजूद भारतीय क्रू की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। क्या हुआ ओमान के पास? रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना Gulf of Oman (ओमान के पास समुद्री क्षेत्र) में हुई, जहां एक कार्गो/ऑयल टैंकर को निशाना बनाया गया। जहाज़ अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट पर चल रहा था और अचानक हुए हमले के बाद स्थिति बिगड़ गई। जहाज़ पर कुल 24 भारतीय नाविक (crew members) मौजूद थे, जो सामान्य ड्यूटी पर थे। भारतीय क्रू की स्थिति हमले के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू किया गया। भारतीय दूतावास ओमान और स्थानीय एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है और सर्च ऑपरेशन जारी है। जहाज़ पर क्या हुआ? जानकारी के अनुसार जहाज़ पर अचानक विस्फोट जैसी स्थिति या मिसाइल/प्रिसिजन अटैक हुआ, जिसके बाद आग और तकनीकी नुकसान की खबरें सामने आईं। क्रू ने इमरजेंसी अलर्ट भेजकर मदद मांगी। किसने किया हमला? कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स इस घटना को संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से जोड़ रही हैं, लेकिन अभी तक: इस वजह से स्थिति अभी भी काफी संवेदनशील बनी हुई है। यह क्षेत्र क्यों अहम है? Strait of Hormuz (होर्मुज़ जलडमरूमध्य) दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक समुद्री रास्तों में से एक है। भारत की प्रतिक्रिया भारत सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Isha Rikhi

Isha Rikhi ने तोड़ी चुप्पी! Badshah संग रिश्ते पर दिया ऐसा जवाब, सोशल मीडिया पर हलचल

एंटरटेनमेंट की दुनिया में रैपर और सिंगर Badshah और पंजाबी एक्ट्रेस Isha Rikhi इन दिनों लगातार सुर्खियों में हैं। वजह है दोनों के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाएं, जिन पर अब ईशा रिखी के एक बयान ने नया मोड़ दे दिया है। ईशा रिखी का मजेदार जवाब वायरल हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान जब ईशा रिखी से उनकी पर्सनल लाइफ और शादी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा —“शादीशुदा हूं, बाकी जवाब पतिदेव देंगे।” उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने इसे बादशाह के साथ उनके रिलेशनशिप की तरफ एक इशारा मान लिया। लंबे समय से चल रही थीं अफवाहें पिछले कुछ महीनों से बादशाह और ईशा रिखी को कई इवेंट्स, पार्टियों और आउटिंग्स में साथ देखा गया था। दोनों की साथ में तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहे, लेकिन दोनों ने कभी भी अपने रिश्ते पर खुलकर बात नहीं की थी। अब ईशा के इस बयान के बाद फैंस का मानना है कि दोनों ने बिना नाम लिए ही रिश्ते को लेकर साफ संकेत दे दिया है। सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रिया ईशा रिखी के बयान के बाद इंटरनेट पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इस जोड़ी को “क्यूट कपल” और “पावर कपल” बता रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स बादशाह के जवाब का इंतजार कर रहे हैं। वर्कफ्रंट में दोनों बिजी वर्कफ्रंट की बात करें तो बादशाह लगातार अपने म्यूजिक प्रोजेक्ट्स और स्टेज शोज़ में व्यस्त हैं। वहीं ईशा रिखी भी पंजाबी फिल्मों में सक्रिय हैं और अपनी एक्टिंग से पहचान बना रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
चांदी

Bullion Market Update: चांदी की चमक बढ़ी, सोने की कीमतों में आई कमी

देशभर के सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। जहां एक ओर चांदी की कीमतें तेजी के साथ ₹2,30,493 प्रति किलो तक पहुंच गईं, वहीं सोने के दाम में हल्की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में आए इस उतार-चढ़ाव ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बीते कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी अस्थिरता का असर भारतीय बुलियन मार्केट पर भी साफ दिखाई दे रहा है। डॉलर की मजबूती और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंता के बीच सोने की चमक थोड़ी फीकी पड़ी है। वहीं चांदी की कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है। आज के ताजा सोने के भाव भारतीय बाजार में आज 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,48,860 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। वहीं 22 कैरेट गोल्ड लगभग ₹1,36,450 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए यह गिरावट थोड़ी राहत लेकर आई है। चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड चांदी की कीमतों में आज जबरदस्त उछाल देखने को मिला। कई शहरों में सिल्वर रेट ₹2.30 लाख प्रति किलो के पार पहुंच गया। जानकारों का कहना है कि इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने और ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता की वजह से चांदी में तेजी बनी हुई है। बड़े शहरों में Gold Rate दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में सोने के दाम अलग-अलग रहे। दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि मुंबई और चेन्नई में भी कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं। क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम? मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका और डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण निवेशक फिलहाल सतर्क हैं। यही वजह है कि गोल्ड की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, शादी सीजन और लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट को देखते हुए कई लोग इसे खरीदारी का अच्छा मौका भी मान रहे हैं। निवेशकों के लिए क्या है सलाह? विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं तो मौजूदा गिरावट फायदेमंद साबित हो सकती है। हालांकि, बाजार की चाल को देखते हुए जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। सोने और चांदी की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच आम लोगों की नजर अब अगले कुछ दिनों के बाजार ट्रेंड पर टिकी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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