IMD का बड़ा अलर्ट – Cyclone Montha आज करेगा Landfall
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि Cyclone Montha (साइक्लोन मोंथा) ने बंगाल की खाड़ी में रफ्तार पकड़ ली है और आज यानी 28 अक्टूबर 2025 की शाम या रात को आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट (Kakinada Coast) से टकराएगा।
तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
IMD ने आंध्र प्रदेश के 13 जिलों में Red Alert जारी किया है और लोगों को तटीय इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
आंध्र प्रदेश में Alert Mode – हजारों लोगों को किया गया Evacuate
आंध्र प्रदेश सरकार ने पहले ही बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं।
- करीब 50,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है।
- राज्य के सभी स्कूल-कॉलेज आज बंद रखे गए हैं।
- मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सभी अधिकारियों को High Alert पर रहने और NDRF टीमों को तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
समुद्र तट के पास के जिलों — काकीनाडा, श्रीकाकुलम, विशाखापट्टनम और विजयवाड़ा — में तेज हवाएं और भारी बारिश शुरू हो गई हैं।
Odisha, Kerala और Tamil Nadu में Heavy Rain का अलर्ट
साइक्लोन मोंथा का असर सिर्फ आंध्र तक सीमित नहीं रहेगा।
- ओडिशा (Odisha) के कई जिलों – पुरी, गंजाम, कोरापुट और गजपति – में अति भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
- केरल (Kerala) और तमिलनाडु (Tamil Nadu) में भी अगले 24 घंटों में तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका है।
राज्य सरकारों ने NDRF टीमों और मेडिकल स्टाफ को तैयार रखा है।
Cyclone Montha का असर अब पहुंचेगा उत्तर भारत तक
मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोन मोंथा के कमजोर पड़ने के बाद इसका असर मध्य भारत और उत्तर भारत (Central & North India) में देखने को मिलेगा।
- मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में 29-30 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाओं (Rain & Strong Winds) का पूर्वानुमान है।
- राजस्थान (Rajasthan) के जयपुर, कोटा और उदयपुर में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
कई जगहों पर Yellow Alert जारी किया गया है।
Government की तैयारी और Relief Work
- NDRF और SDRF की टीमें प्रभावित जिलों में तैनात की गई हैं।
- बिजली और संचार व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए Emergency Units बनाई गई हैं।
- तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए राहत शिविर (Relief Camps) तैयार किए गए हैं।
- मछुआरों और तटीय गांवों के लोगों को समुद्र के पास न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
संभावित खतरे और सावधानियां
- तेज हवाओं से पेड़, बिजली के खंभे और कच्चे मकान गिर सकते हैं।
- स्टॉर्म सर्ज (Storm Surge) और बाढ़ (Flood) की स्थिति बन सकती है।
- लोगों से अपील की गई है कि वे घरों में रहें और सरकारी निर्देशों का पालन करें।
- किसी भी Emergency में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
Cyclone Montha से सबसे ज्यादा प्रभावित जिले
आंध्र प्रदेश: काकीनाडा, विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम
ओडिशा: गंजाम, गजपति, पुरी, कोरापुट
केरल: कोल्लम, त्रिशूर, तिरुवनंतपुरम
मध्य प्रदेश: जबलपुर, बालाघाट
उत्तर प्रदेश: प्रयागराज, वाराणसी
राजस्थान: कोटा, जयपुर
IMD का Forecast: कब थमेगा मोंथा का असर?
IMD के मुताबिक, Cyclone Montha मंगलवार रात को लैंडफॉल के बाद धीरे-धीरे कमजोर होकर डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा।
लेकिन इसका असर 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा, जिससे देश के कई हिस्सों में ठंडी हवाएं और बारिश देखने को मिलेंगी।
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