आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGएंटरटेनमेंटImran Khan भारत छोड़ने के नोटिस पर विवाद, Akshay Kumar और Adnan Sami की Citizenship भी चर्चा में◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Today: सेंसेक्स 1400 अंक उछला, 74 हजार के पार; Nifty में भी तूफानी तेजी◆BREAKINGदेश-हरपलCJI Surya Kant राहुल गांधी के मार्च पर बोले- कोर्ट के बाहर क्या हो रहा, सब पता है◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में कमजोर मानसून से जल संकट का खतरा, महापौर ने मांगा 50 करोड़ का पैकेज◆BREAKINGदेश-हरपलPunjab Protest: झोटा हत्याकांड पर सड़कों पर उतरे लोग, SHO सस्पेंड; DSP पर कार्रवाई की मांग◆BREAKINGमध्य प्रदेशDAVV में शुरू होगा गर्भ संस्कार पर PG डिप्लोमा कोर्स, पहले बैच में 30 विद्यार्थियों को मिलेगा प्रवेश◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Pakistan School Accident: पेशावर में दर्दनाक हादसा, 40 से ज्यादा घायल; राहत-बचाव जारी◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi-NCR Weather Update: दिल्ली में धूल भरी आंधी के बाद बारिश का Alert, ओले गिरने की संभावना◆BREAKINGएंटरटेनमेंटImran Khan भारत छोड़ने के नोटिस पर विवाद, Akshay Kumar और Adnan Sami की Citizenship भी चर्चा में◆BREAKINGबिज़नेसStock Market Today: सेंसेक्स 1400 अंक उछला, 74 हजार के पार; Nifty में भी तूफानी तेजी◆BREAKINGदेश-हरपलCJI Surya Kant राहुल गांधी के मार्च पर बोले- कोर्ट के बाहर क्या हो रहा, सब पता है◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में कमजोर मानसून से जल संकट का खतरा, महापौर ने मांगा 50 करोड़ का पैकेज◆BREAKINGदेश-हरपलPunjab Protest: झोटा हत्याकांड पर सड़कों पर उतरे लोग, SHO सस्पेंड; DSP पर कार्रवाई की मांग◆BREAKINGमध्य प्रदेशDAVV में शुरू होगा गर्भ संस्कार पर PG डिप्लोमा कोर्स, पहले बैच में 30 विद्यार्थियों को मिलेगा प्रवेश◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Pakistan School Accident: पेशावर में दर्दनाक हादसा, 40 से ज्यादा घायल; राहत-बचाव जारी◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi-NCR Weather Update: दिल्ली में धूल भरी आंधी के बाद बारिश का Alert, ओले गिरने की संभावना◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

UP में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, आंधी-बारिश बनी हादसे की वजह

UP में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, आंधी-बारिश बनी हादसे की वजह

UP में एक दर्दनाक हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक गिरने से 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूर मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मदद के लिए दौड़ पड़े। अधिकारियों के मुताबिक तेज आंधी और बारिश के कारण पुल का स्लैब कमजोर हो गया था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। राहत और बचाव टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे में फंसे 3 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि अन्य की तलाश जारी रही। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है। मृत मजदूरों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई मजदूर दूसरे राज्यों से यहां काम करने आए थे और अपने परिवार की रोजी-रोटी के लिए मेहनत कर रहे थे। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। स्थानीय लोगों ने निर्माण कंपनी की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है। वहीं घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है। यह हादसा एक बार फिर निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता नजर आया है। लोगों का कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सख्त नियमों का पालन जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
WhatsApp, Facebook और Instagram के नए Plus फीचर्स आएंगे, यूजर्स को देना पड़ सकता है पैसा

WhatsApp, Facebook और Instagram के नए Plus फीचर्स आएंगे, यूजर्स को देना पड़ सकता है पैसा

दुनियाभर में करोड़ों लोग रोजाना WhatsApp, Facebook और Instagram का इस्तेमाल करते हैं। अब इन प्लेटफॉर्म्स को चलाने वाली कंपनी Meta अपने यूजर्स के लिए एक नया “Plus” या प्रीमियम वर्जन लाने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि इसके लिए यूजर्स को हर महीने कुछ पैसे चुकाने पड़ सकते हैं, लेकिन बदले में कई नए और खास फीचर्स मिलने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Meta अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को और ज्यादा पर्सनल और एडवांस बनाने पर काम कर रही है। नए Plus वर्जन में यूजर्स को ऐसी सुविधाएं मिल सकती हैं, जो अभी फ्री वर्जन में उपलब्ध नहीं हैं। 24 घंटे बाद भी नहीं हटेगी स्टोरी Instagram और Facebook पर अभी स्टोरी सिर्फ 24 घंटे तक दिखाई देती है, लेकिन Plus वर्जन में यूजर्स अपनी स्टोरी को ज्यादा समय तक एक्टिव रख सकेंगे। इससे लोग अपनी खास यादों और जरूरी अपडेट्स को लंबे समय तक शेयर कर पाएंगे। पसंदीदा लोगों की अलग-अलग लिस्ट बना सकेंगे नए फीचर के तहत यूजर्स अपने करीबी दोस्तों, परिवार और ऑफिस के लोगों की अलग-अलग लिस्ट बना पाएंगे। इससे हर पोस्ट और स्टोरी को अपनी पसंद के लोगों तक ही शेयर करना आसान हो जाएगा। यह फीचर प्राइवेसी और पर्सनल कंट्रोल को बेहतर बनाएगा। आम यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा? अगर Meta अपने Plus वर्जन को लॉन्च करता है, तो इससे यूजर्स को फ्री और पेड दोनों विकल्प मिल सकते हैं। जो लोग ज्यादा फीचर्स और बेहतर अनुभव चाहते हैं, वे प्रीमियम प्लान चुन सकते हैं। वहीं सामान्य यूजर्स पहले की तरह फ्री वर्जन इस्तेमाल कर पाएंगे। हालांकि, Meta की तरफ से अभी तक इन फीचर्स और कीमतों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इसे लेकर काफी उत्सुकता बनी हुई है। अधिक जानकारी और ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें Deshharpal News Portal। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Twisha

Twisha Case Investigation: CBI ने तेज की जांच, गिरफ्तारी को लेकर बढ़ा Suspense

Twisha केस की जांच अब ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां हर नई जानकारी लोगों की बेचैनी बढ़ा रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य संदिग्ध मानी जा रही गिरिबाला से लगातार पूछताछ की जा रही है और एजेंसी अब हर छोटे-बड़े सबूत को जोड़कर केस की पूरी सच्चाई सामने लाने की कोशिश में जुटी है। जांच से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस केस में बड़ा कदम उठाया जा सकता है। इसी वजह से गिरिबाला की गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि CBI की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 3D Camera Technology से रिकॉर्ड हो रहा पूरा घर इस हाई-प्रोफाइल मामले में CBI आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। जांच टीम ने घटनास्थल और घर के अंदर के हिस्सों को 3D कैमरे की मदद से रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया है। इससे पूरे घर का डिजिटल मॉडल तैयार किया जाएगा, ताकि घटना के समय की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा जा सके। सूत्रों के अनुसार, टीम घर के हर कमरे, एंट्री और एग्जिट पॉइंट, फर्नीचर की स्थिति और अन्य संदिग्ध जगहों की बारीकी से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि इस डिजिटल रिकॉर्डिंग से जांच एजेंसी को कई अहम सुराग मिल सकते हैं। पूछताछ में सामने आ रहे नए पहलू CBI अधिकारियों ने गिरिबाला से कई दौर की पूछताछ की है। जांच एजेंसी मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और घटनास्थल से मिले संकेतों को एक-दूसरे से जोड़कर पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है। सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान कुछ ऐसे जवाब मिले हैं, जिन्होंने जांच को नई दिशा दी है। यही वजह है कि एजेंसी अब मामले से जुड़े हर व्यक्ति पर नजर बनाए हुए है। इलाके में बढ़ी हलचल ट्विशा केस को लेकर स्थानीय लोगों में भी काफी चर्चा है। इलाके में लगातार CBI की मौजूदगी और जांच टीम की गतिविधियों ने लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि जांच के बाद जल्द सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल CBI हर एंगल से केस की जांच कर रही है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स और तकनीकी टीम की मदद से जुटाए जा रहे सबूत आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ा खुलासा कर सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
बकरीद

बकरीद Special: Delhi से UP तक Security Tight, Bengal और Uttarakhand में हलचल

बकरीद 2026 के मौके पर पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। त्योहार के बीच जहां एक ओर शांति और सौहार्द बनाए रखने की कोशिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर अलग-अलग राज्यों से कुछ चर्चित मुद्दे भी सामने आए हैं। Delhi-UP में मस्जिदों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर Drone से निगरानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश में बकरीद के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों की मदद से लगातार निगरानी शुरू की है। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। West Bengal में Security Tight, Flag March से बढ़ा Confidence पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च निकाला। इसका मकसद लोगों में भरोसा बढ़ाना और किसी भी तरह की अफवाह या तनाव को रोकना है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है और लगातार पेट्रोलिंग जारी है। Uttarakhand में Cow को National Animal बनाने की मांग पर चर्चा उत्तराखंड में बकरीद के दौरान एक अलग ही मुद्दा चर्चा में रहा। कुछ लोगों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई है। इस मांग के बाद स्थानीय स्तर पर बहस शुरू हो गई है और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए है। Administration Alert: Peaceful Celebration की अपील देशभर के प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बकरीद को शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान के साथ मनाया जाए। Administration Alert: Peaceful Celebration की अपील देशभर के प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बकरीद को शांति, भाईचारे और आपसी सम्मान के साथ मनाया जाए।
Read more
Shocking Incident: बंद खदान में कूदा युवक, 4 Hour Rescue Operation के बाद बरामद हुआ शव

Shocking Incident: बंद खदान में कूदा युवक, 4 Hour Rescue Operation के बाद बरामद हुआ शव

एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने कथित तौर पर “जय मां काली” बोलते हुए बंद पड़ी खदान में छलांग लगा दी। यह घटना अचानक हुई, जिससे मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए और देखते ही देखते इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मचा हड़कंप घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और युवक को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया गया। लेकिन खदान की गहराई और अंदर की कठिन परिस्थितियों के कारण राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। 4 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 4 घंटे तक चले लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद टीम को युवक का शव खदान से बाहर निकालने में सफलता मिली। जैसे ही शव बाहर लाया गया, वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और पूरे इलाके में गहरा सन्नाटा छा गया। पुलिस जांच जारी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। सुरक्षा पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खदान लंबे समय से बंद पड़ी थी और वहां सुरक्षा व्यवस्था न के बराबर थी। इसी लापरवाही को लेकर अब प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
G7 Summit

G7 Summit 2026: France जाएंगे PM Modi, Donald Trump से मुलाकात पर टिकी दुनिया की नजर

प्रधानमंत्री Narendra Modi अगले महीने एक अहम यूरोप दौरे पर जाने वाले हैं। इस दौरान वह फ्रांस में आयोजित होने वाले G7 Summit में हिस्सा लेंगे और फिर स्लोवाकिया का दौरा करेंगे। अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह यात्रा भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बीते कुछ वर्षों में भारत ने दुनिया के बड़े देशों के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई है। ऐसे में पीएम मोदी का यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती ग्लोबल भूमिका का बड़ा संकेत माना जा रहा है। France में G7 Summit में शामिल होंगे पीएम मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron के निमंत्रण पर पीएम मोदी जून में होने वाले G7 Summit में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेता वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बताया जा रहा है कि इस बार समिट में AI Technology, Climate Change, Energy Security, Ukraine Crisis और Global Trade जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। भारत को इस मंच पर लगातार बुलाया जाना यह दिखाता है कि दुनिया अब भारत को एक अहम रणनीतिक साझेदार के तौर पर देख रही है। Donald Trump से मुलाकात की भी चर्चा G7 Summit में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के शामिल होने की संभावना है। ऐसे में पीएम मोदी और ट्रंप की संभावित मुलाकात पर भी सबकी नजरें टिकी हुई हैं। अगर दोनों नेताओं की मुलाकात होती है तो व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक बैठक की पुष्टि नहीं हुई है। Slovakia दौरा क्यों है खास? फ्रांस के बाद पीएम मोदी स्लोवाकिया जाएंगे। यह दौरा इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि दोनों देशों के रिश्तों के इतिहास में पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री स्लोवाकिया का दौरा करेगा। भारत और स्लोवाकिया के बीच पिछले कुछ समय में व्यापार और तकनीकी सहयोग तेजी से बढ़ा है। खासकर ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप सेक्टर में दोनों देशों की दिलचस्पी बढ़ी है। भारत की Global Image हो रही मजबूत अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार मानते हैं कि पीएम मोदी के लगातार विदेशी दौरों का असर भारत की वैश्विक छवि पर साफ दिखाई दे रहा है। चाहे G20 हो, QUAD हो या G7 जैसे बड़े मंच, भारत अब हर जगह मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। यूरोप के साथ मजबूत होते रिश्ते आने वाले समय में भारत के व्यापार, निवेश और टेक्नोलॉजी सेक्टर को भी फायदा पहुंचा सकते हैं। यही वजह है कि पीएम मोदी का यह दौरा राजनीतिक के साथ-साथ आर्थिक नजरिए से भी बेहद अहम माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
IMD

IMD Alert: नौतपा के बीच बदलेगा मौसम, 15 राज्यों में बारिश और तेज हवा संभव

देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली, यूपी और बिहार समेत करीब 15 राज्यों में अगले तीन दिनों तक बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से कई इलाकों में मौसम करवट लेने वाला है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि बारिश की राहत आने से पहले उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में गर्मी ने लोगों की हालत खराब कर दी है। राजस्थान का श्रीगंगानगर एक बार फिर देश का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया, जहां तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। Rajasthan में Heatwave का कहर, श्रीगंगानगर सबसे गर्म राजस्थान इस समय तेज लू और झुलसा देने वाली गर्मी की चपेट में है। श्रीगंगानगर में तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बीकानेर, फलोदी, जैसलमेर और चूरू जैसे शहरों में भी पारा 45 से 47 डिग्री के बीच बना हुआ है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं। गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। कई शहरों में बिजली और पानी की बढ़ती मांग ने भी लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। MP, Delhi-UP में भी लोगों का हाल बेहाल मध्य प्रदेश में नौतपा के दौरान गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। खजुराहो, नौगांव और ग्वालियर जैसे इलाकों में तापमान 46 डिग्री के करीब पहुंच गया। भोपाल और इंदौर समेत कई जिलों में हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी लोगों को उमस और तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है। दिन के समय गर्म हवाएं चलने से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। अगले 72 घंटे में बदल सकता है मौसम IMD के मुताबिक अगले तीन दिनों में राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई जगहों पर तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बदलाव से तापमान में 2 से 4 डिग्री तक गिरावट आ सकती है और लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। क्या होता है नौतपा? मई के आखिरी दिनों में पड़ने वाले नौतपा को साल का सबसे गर्म दौर माना जाता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक यही गर्मी आगे चलकर मानसून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करती है। Health Experts ने दी सावधानी बरतने की सलाह डॉक्टरों और मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। ज्यादा पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का खास ध्यान रखने को कहा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और लू को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में मौसम बदलने तक सतर्क रहना बेहद जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Petrol

₹103 में खरीदो, ₹135 में बेचो! महाराजगंज सीमा पर Petrol Smuggling का खुलासा

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से लगी भारत-नेपाल सीमा इन दिनों पेट्रोल तस्करी को लेकर चर्चा में है। यहां भारत में करीब ₹103 प्रति लीटर मिलने वाला पेट्रोल नेपाल पहुंचते-पहुंचते ₹135 तक बिक रहा है। दोनों देशों के बीच तेल की कीमतों में बड़ा अंतर होने की वजह से सीमा पार अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सीमा से जुड़े गांवों में सुबह से देर रात तक संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही हैं। कुछ लोग बाइक और छोटे वाहनों में बार-बार पेट्रोल भरवाकर नेपाल ले जा रहे हैं। वहां ऊंचे दामों में तेल बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जा रहा है। Border Area में कैसे चल रहा है पूरा खेल? महाराजगंज से लगी भारत-नेपाल सीमा का बड़ा हिस्सा खुला है। कई गांव ऐसे हैं जहां छोटे रास्तों से आसानी से आवाजाही हो जाती है। तस्कर इसी का फायदा उठा रहे हैं। बताया जा रहा है कि पेट्रोल को छोटे कैन, ड्रम और बाइक की टंकियों में भरकर नेपाल पहुंचाया जा रहा है। सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर अचानक बिक्री बढ़ गई है। कई बार आम ग्राहकों को लंबी लाइन में भी लगना पड़ रहा है। ग्रामीणों को शक है कि बड़ी मात्रा में तेल सीमा पार भेजा जा रहा है। Petrol Price Difference बना तस्करी की बड़ी वजह भारत और नेपाल में पेट्रोल की कीमतों का अंतर इस पूरे मामले की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है। भारत में सस्ता मिलने वाला पेट्रोल नेपाल में महंगे दामों पर बिक रहा है। ऐसे में तस्करों को हर लीटर पर अच्छा फायदा मिल रहा है। जानकारों का मानना है कि जब तक दोनों देशों में ईंधन की कीमतों में इतना अंतर रहेगा, तब तक इस तरह की तस्करी को पूरी तरह रोक पाना मुश्किल होगा। प्रशासन और SSB ने बढ़ाई निगरानी मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस, एसएसबी और स्थानीय प्रशासन ने बॉर्डर एरिया में निगरानी बढ़ा दी है। पेट्रोल पंपों पर संदिग्ध खरीदारी पर नजर रखी जा रही है। कई इलाकों में चेकिंग अभियान भी चलाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अवैध तरीके से ईंधन ले जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि खुली सीमा और गांवों के छोटे रास्ते प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता सीमा से जुड़े इलाकों में रहने वाले लोगों का कहना है कि इस अवैध कारोबार का असर अब आम जिंदगी पर भी दिखने लगा है। पेट्रोल की मांग बढ़ने से कई बार स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं सुरक्षा एजेंसियों को भी आशंका है कि इस तरह का नेटवर्क भविष्य में बड़ी समस्या बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
CM Siddaramaiah

मंच पर भावुक दिखे DK Shivakumar, CM Siddaramaiah को किया प्रणाम

कर्नाटक की राजनीति में उस वक्त भावुक माहौल बन गया, जब उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (CM Siddaramaiah) के पैर छू लिए। यह दृश्य कैमरे में कैद होते ही सोशल media पर तेजी से वायरल हो गया और राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे गया। इस्तीफे की चर्चाओं के बीच वायरल हुआ Video पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व बदलाव और इस्तीफे को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इसी बीच एक कार्यक्रम के दौरान डीके शिवकुमार का यह भावुक अंदाज लोगों का ध्यान खींच ले गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि शिवकुमार मंच पर सिद्धारमैया के पास पहुंचे और सम्मान जताते हुए उनके पैर छुए। इस दौरान वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाकर इस पल का स्वागत किया। Congress में एकता का संदेश या सियासी रणनीति? राजनीतिक माहौल के बीच सामने आया यह दृश्य कांग्रेस के भीतर एक अलग संदेश देता नजर आया। कांग्रेस के दोनों बड़े नेताओं के बीच लंबे समय से राजनीतिक तालमेल और नेतृत्व को लेकर चर्चा होती रही है। कुछ लोग इसे पार्टी में एकता और सम्मान का प्रतीक मान रहे हैं, जबकि विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषक इसे कर्नाटक की अंदरूनी सियासत से जोड़कर देख रहे हैं। Social Media पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने इसे भारतीय संस्कृति और वरिष्ठ नेताओं के सम्मान से जोड़कर देखा, जबकि कुछ लोगों ने इसे सियासी रणनीति बताया। कांग्रेस की तरफ से अभी तक नहीं आया Official Statement हालांकि कांग्रेस की तरफ से अब तक किसी भी तरह के इस्तीफे या नेतृत्व परिवर्तन को लेकर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन इस Emotional Moment ने कर्नाटक की राजनीति में हलचल जरूर बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में पार्टी क्या फैसला लेती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Shivraj Singh Chouhan Book Launch

शिवराज की किताब में बड़ा खुलासा: चुनावी संकट में PM मोदी ने ऐसे संभाला ‘मामाजी’ को

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ अपने 35 वर्षों के राजनीतिक और व्यक्तिगत अनुभवों को एक किताब में समेटा है।‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ नाम की इस किताब का विमोचन मंगलवार 26 मई को दिल्ली के पूसा स्थित NASC कॉम्प्लेक्स में हुआ। कार्यक्रम में देश के पूर्व प्रधानमंत्री H. D. Deve Gowda और पूर्व उपराष्ट्रपति M. Venkaiah Naidu विशेष रूप से मौजूद रहे। यह किताब सिर्फ राजनीतिक संस्मरण नहीं, बल्कि भाजपा संगठन, कार्यकर्ता संस्कृति, संकट के समय नेतृत्व और नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व के कई अनसुने पहलुओं को सामने लाती है। किताब में 1990 के दशक से लेकर कोरोना काल, मध्य प्रदेश चुनाव, संगठनात्मक संघर्ष और पहलगाम आतंकी हमले जैसे कई महत्वपूर्ण प्रसंगों का जिक्र किया गया है। 2023 चुनाव से पहले का सबसे भावुक किस्सा किताब का सबसे चर्चित हिस्सा 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। उस समय भाजपा की पहली सूची जारी हुई थी, लेकिन उसमें शिवराज सिंह चौहान का नाम शामिल नहीं था। विपक्ष ने इसे तुरंत मुद्दा बना लिया और यह नैरेटिव बनाया जाने लगा कि “मामाजी का दौर खत्म हो गया है।” इसी दौरान शिवराज सिंह चौहान के एक भाषण की लाइन —“यदि हम चले जाएंगे तो याद बहुत आएंगे”को सोशल मीडिया और विपक्षी नेताओं ने राजनीतिक विदाई के संकेत की तरह प्रचारित करना शुरू कर दिया। शिवराज लिखते हैं कि उस समय वे बेहद मानसिक दबाव में थे। तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आया। किताब के अनुसार, मोदी ने बातचीत की शुरुआत इन शब्दों से की— “मैं मुख्यमंत्री से बात नहीं कर रहा, मैं अपने शिवराज से बात कर रहा हूं।” शिवराज के मुताबिक, इसके बाद मोदी ने राजनीति की नहीं बल्कि उनके मन की बात की। उन्होंने कहा— “इतनी चिंता क्यों कर रहे हो? कुछ दिन एकांत में जाओ, अपने भीतर झांको, मन को शांत करो।” किताब में शिवराज ने लिखा है कि उस समय मोदी किसी प्रधानमंत्री की तरह नहीं, बल्कि बड़े भाई की तरह बात कर रहे थे। उन्हें समझ आ गया था कि यदि शिवराज का मनोबल कमजोर हुआ, तो उसका असर लाखों भाजपा कार्यकर्ताओं पर पड़ेगा। उत्तराखंड जाकर किया आत्ममंथन फोन कॉल के बाद शिवराज सिंह चौहान कुछ दिनों के लिए उत्तराखंड गए। गंगा किनारे समय बिताया और आत्ममंथन किया।वापस लौटने के बाद उन्होंने पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार संभाला। किताब में दावा किया गया है कि उन्होंने सिर्फ 13-14 दिनों में 165 से ज्यादा जनसभाएं और रोड शो किए। भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच यह संदेश गया कि पार्टी नेतृत्व पूरी तरह उनके साथ खड़ा है। पहलगाम आतंकी हमला: “इस बार का ऑपरेशन अलग होगा” किताब की शुरुआत अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के जिक्र से होती है, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब दौरे पर थे, लेकिन घटना के बाद तुरंत भारत लौट आए। शिवराज किताब में लिखते हैं कि हमले के बाद हुई कैबिनेट बैठक में पूरे देश की तरह मंत्रियों के मन में भी गुस्सा और बेचैनी थी। लेकिन नरेंद्र मोदी बेहद शांत दिखाई दे रहे थे। उसी बैठक में उन्होंने कहा— “इस बार का ऑपरेशन अलग होगा। यह सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक से भी अलग होगा। जिन्होंने यह किया है, उन्हें और उनके आकाओं को नहीं छोड़ेंगे।” शिवराज के अनुसार, मोदी का यह बयान भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि एक ठोस रणनीतिक संकल्प था। उन्होंने इसे संकट के समय धैर्यपूर्ण नेतृत्व की मिसाल बताया। 1998 का किस्सा: जब भाजपा कार्यकर्ताओं से पूछा गया था — किसके पास ईमेल आईडी है? किताब में 1990 के दशक का एक दिलचस्प प्रसंग भी शामिल है। उस समय भारत में कंप्यूटर और इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत सीमित था। शिवराज लिखते हैं कि उन्होंने नरेंद्र मोदी को दिल्ली के एक छोटे से कमरे में घंटों डेस्कटॉप कंप्यूटर पर काम करते देखा था। उस समय मोदी भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे थे और तकनीक को लेकर काफी उत्साहित रहते थे। 1998 में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी के दौरान एक बैठक में मोदी ने कार्यकर्ताओं से पूछा— “किसके पास ईमेल आईडी है?” उस दौर में अधिकांश नेताओं और कार्यकर्ताओं को ईमेल की जानकारी तक नहीं थी। शिवराज के मुताबिक, मोदी राजनीति में तकनीक और डिजिटल कम्युनिकेशन की ताकत को बहुत पहले समझ चुके थे। कोरोना काल और कार्यकर्ताओं के लिए मोदी की चिंता किताब में कोरोना महामारी के दौरान के अनुभवों का भी जिक्र है। शिवराज ने लिखा कि महामारी के सबसे कठिन दौर में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार राज्यों के संपर्क में रहते थे। वे सिर्फ प्रशासनिक रिपोर्ट नहीं लेते थे, बल्कि यह भी पूछते थे कि कार्यकर्ताओं, गरीबों और जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंच रही है या नहीं।शिवराज ने दावा किया कि मोदी संगठन और सरकार के बीच तालमेल को लेकर हमेशा बेहद गंभीर रहे। किताब में क्या खास है? ‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ सिर्फ राजनीतिक घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि इसमें नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व के मानवीय पक्ष को सामने लाने की कोशिश की गई है। किताब में खास तौर पर इन विषयों पर फोकस किया गया है—
Read more
1 … 92 93 94 95 96 … 237

Trending News

Editor's Picks

Imran Khan

Imran Khan भारत छोड़ने के नोटिस पर विवाद, Akshay Kumar और Adnan Sami की Citizenship भी चर्चा में

बॉलीवुड में किसी अभिनेता की फिल्म हिट हो या फ्लॉप, उससे जुड़ी खबरें अक्सर चर्चा में रहती हैं। लेकिन जब बात नागरिकता की आती है, तो मामला थोड़ा अलग हो जाता है। अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस मिलने के बाद एक बार फिर अक्षय कुमार, अदनान सामी, आलिया भट्ट और कटरीना कैफ की नागरिकता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। किसी कलाकार का भारत में जन्म लेना, यहां रहना या हिंदी फिल्मों में काम करना उसे अपने आप भारतीय नागरिक नहीं बना देता। वहीं, विदेशी नागरिकता रखने वाले व्यक्ति के भारत में रहने और काम करने के भी कुछ नियम हैं। ऐसे में समझना जरूरी है कि इमरान खान के मामले में क्या सामने आया है और भारत में Citizenship Rules आखिर क्या कहते हैं। Imran Khan को क्यों मिला भारत छोड़ने का नोटिस? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिनेता इमरान खान (Imran Khan) को मुंबई पुलिस ने 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का नोटिस दिया है। इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनकी नागरिकता को लेकर यह मामला चर्चा में आया है। यह विवाद 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए गए थे। इस आंदोलन में इमरान खान की भागीदारी के बाद भाजपा नेता किरीट सोमैया ने उनकी विदेशी नागरिकता का हवाला देते हुए अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद इमरान खान को नोटिस जारी किए जाने की खबर सामने आई। हालांकि, किसी व्यक्ति को नोटिस मिलना और उसके खिलाफ किसी आरोप का अंतिम रूप से साबित होना दो अलग-अलग बातें हैं। इस मामले में नोटिस के आधार और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रखना जरूरी होगा। भारत में Citizenship Rules क्या कहते हैं? नागरिकता मुख्य रूप से Citizenship Act, 1955 के तहत तय होती है। कानून में जन्म, वंश, पंजीकरण और देशीयकरण यानी Naturalisation के जरिए नागरिकता प्राप्त करने के प्रावधान हैं। हर रास्ते के लिए अलग-अलग शर्तें निर्धारित हैं। भारत की नागरिकता से जुड़े 5 जरूरी नियम: नागरिकता से जुड़े नियमों की आधिकारिक जानकारी भारत सरकार के Indian Citizenship Online Portal पर उपलब्ध है। OCI Card क्या है और इसके धारकों को कौन-से अधिकार मिलते हैं? OCI का पूरा नाम Overseas Citizen of India है। कई लोग इसे दोहरी नागरिकता समझ लेते हैं, लेकिन यह भारतीय नागरिकता नहीं है। OCI कार्डधारक विदेशी नागरिक ही रहते हैं और उनके पास किसी दूसरे देश का पासपोर्ट होता है। कार्ड के जरिए पात्र लोगों को भारत आने-जाने और रहने सहित कई सुविधाएं मिलती हैं। हालांकि, वे भारतीय नागरिकों की तरह चुनाव में मतदान नहीं कर सकते और न ही संसद या राज्य विधानसभाओं का चुनाव लड़ सकते हैं। कार्डधारकों पर विदेशी नागरिकों और इमिग्रेशन से जुड़े लागू नियम भी प्रभाव डालते हैं। किसी व्यक्ति के मामले में कार्रवाई की वैधता संबंधित कानून और परिस्थितियों के आधार पर तय होती है। क्या विदेशी नागरिक भारत में Protest कर सकते हैं? इमरान खान के मामले के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या विदेशी नागरिक या OCI कार्डधारक भारत में राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने जैसे अधिकार भारतीय नागरिकों को प्राप्त हैं, जो कानून के तहत उचित प्रतिबंधों के अधीन हैं। विदेशी नागरिकों को ये अधिकार उसी रूप में प्राप्त नहीं हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि किसी प्रदर्शन में विदेशी नागरिक की मौजूदगी अपने आप गैरकानूनी हो जाती है। मामले की परिस्थितियां, लागू इमिग्रेशन नियम, संबंधित गतिविधि और प्रशासन की कार्रवाई के आधार को समझना जरूरी है। इमरान खान के मामले में भी नोटिस जारी करने का आधार और आगे की कानूनी प्रक्रिया अहम होगी। Citizenship Controversy: इन मामलों से क्या समझें? इमरान खान, अक्षय कुमार, अदनान सामी, आलिया भट्ट और कटरीना कैफ की नागरिकता से जुड़े मामले अलग-अलग हैं। इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस मिलने की खबर सामने आई है, अक्षय कुमार को 2023 में भारतीय नागरिकता मिली, जबकि अदनान सामी ने 2016 में भारतीय नागरिकता प्राप्त की थी। दूसरी ओर, आलिया भट्ट और कटरीना कैफ के पास ब्रिटिश नागरिकता है। इन सभी मामलों में एक बात समान है—किसी व्यक्ति की लोकप्रियता, जन्मस्थान या भारत में काम करने से उसकी नागरिकता अपने आप तय नहीं होती। इसके लिए कानूनी प्रावधान और आधिकारिक दस्तावेज मायने रखते हैं। इसलिए नागरिकता से जुड़े किसी भी विवाद को समझते समय सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बजाय तथ्यों, आधिकारिक जानकारी और लागू कानूनों पर भरोसा करना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Today: सेंसेक्स 1400 अंक उछला, 74 हजार के पार; Nifty में भी तूफानी तेजी

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में आज 15 अक्टूबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 1,400 अंक उछलकर 74,000 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी में भी लगभग 400 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों के बीच उत्साह देखने को मिला। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और IT व Auto सेक्टर के शेयरों में खरीदारी को इस उछाल की प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है। पिछले कारोबारी सत्रों में बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच आई इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। हालांकि, बाजार की यह बढ़त आगे कितनी टिकती है, इस पर घरेलू और वैश्विक परिस्थितियों का असर बना रहेगा। Sensex Today: 74 हजार के पार पहुंचा सेंसेक्स शेयर बाजार में खरीदारी बढ़ने से सेंसेक्स में करीब 1,400 अंकों की तेजी आई और यह 74,000 के स्तर के पार निकल गया। प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली। वहीं, निफ्टी भी लगभग 400 अंक चढ़ गया। शेयर बाजार में इस तरह की तेजी निवेशकों की धारणा में सुधार का संकेत दे सकती है। हालांकि, बाजार की वास्तविक स्थिति समझने के लिए यह देखना भी जरूरी है कि तेजी कितने शेयरों में रही और कारोबार के अंत तक बाजार अपनी बढ़त बनाए रखता है या नहीं। Crude Oil Price: कच्चा तेल सस्ता होने से क्यों मिली राहत? कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर हो सकती है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने से देश के आयात खर्च पर दबाव कम हो सकता है। इसका फायदा परिवहन, विमानन और तेल पर निर्भर दूसरे कारोबारों को भी मिल सकता है। साथ ही, तेल की कीमतों में लंबे समय तक नरमी रहने पर महंगाई के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर तुरंत सभी कंपनियों या आम लोगों तक पहुंचे, यह जरूरी नहीं है। इसका प्रभाव रुपये की विनिमय दर, सरकारी करों और घरेलू कीमतों जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है। IT और Auto Stocks में खरीदारी से बाजार को सपोर्ट आज की तेजी में IT और Auto सेक्टर के शेयरों में खरीदारी अहम रही। इन सेक्टरों की बड़ी कंपनियों के शेयरों में बढ़त का असर सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांकों पर पड़ सकता है। आईटी सेक्टर पर निवेशकों की नजर वैश्विक मांग, अमेरिकी बाजारों और कंपनियों के वित्तीय नतीजों के कारण रहती है। वहीं, ऑटो सेक्टर में बिक्री, त्योहारी मांग, कच्चे माल की लागत और ब्याज दरें कंपनियों के प्रदर्शन को प्रभावित करती हैं। इन सेक्टरों में आई खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया, लेकिन निवेशकों को किसी भी कंपनी का शेयर चुनने से पहले उसके कारोबार और वित्तीय स्थिति का आकलन करना चाहिए। Share Market में तेजी के बाद निवेशक क्या करें? सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी तेजी देखकर निवेशकों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या बाजार में निवेश करने का सही समय आ गया है। लेकिन केवल एक दिन की तेजी के आधार पर फैसला लेना जोखिम भरा हो सकता है। निवेश से पहले इन बातों पर ध्यान देना उपयोगी रहेगा: आगे कैसी रहेगी Stock Market की चाल? आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा कई कारकों से प्रभावित हो सकती है। कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक बाजारों का प्रदर्शन, विदेशी निवेशकों की खरीदारी या बिकवाली और कंपनियों के तिमाही नतीजे इसमें अहम भूमिका निभाएंगे। अगर सकारात्मक संकेत बने रहते हैं, तो बाजार को आगे भी समर्थन मिल सकता है। दूसरी ओर, वैश्विक स्तर पर किसी प्रतिकूल घटनाक्रम या निवेशकों की मुनाफावसूली से बाजार में फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, 15 अक्टूबर को सेंसेक्स में करीब 1,400 अंकों और निफ्टी में लगभग 400 अंकों की तेजी शेयर बाजार के लिए बड़ा उछाल है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और IT व Auto शेयरों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि यह तेजी आगे भी जारी रहती है या बाजार में फिर उतार-चढ़ाव शुरू होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
CJI Surya Kant

CJI Surya Kant राहुल गांधी के मार्च पर बोले- कोर्ट के बाहर क्या हो रहा, सब पता है

राहुल गांधी के मार्च और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार, 15 अक्टूबर को सुनवाई हुई। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अदालत को बाहर दिए जा रहे बयानों और अंदर चल रही कार्यवाही, दोनों की जानकारी है। न्यायपालिका किसी दबाव में काम नहीं करती। राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के अन्य नेताओं की ओर से 12 अक्टूबर को निकाले गए मार्च के बाद यह मामला चर्चा में है। दूसरी ओर, SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग से लगातार सवाल पूछ रहा है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों से वास्तविक मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। अब इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट की आगे की सुनवाई पर सबकी नजर है। CJI सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान क्या कहा? सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका को किसी तरह के दबाव या धमकी से प्रभावित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अदालत को पता है कि बाहर क्या कहा जा रहा है और कोर्ट के भीतर क्या हो रहा है। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब सुप्रीम कोर्ट के बाहर हुए राजनीतिक मार्च और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विवाद जारी है। अदालत ने इस मामले में संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। हालांकि, नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि किसी नेता के खिलाफ आरोप साबित हो गए हैं। अंतिम निर्णय सुनवाई और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर होगा। Rahul Gandhi March: 12 अक्टूबर को क्या हुआ था? 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के कई नेताओं ने दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया था। इस दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विरोध जताया गया। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम गलती से नहीं हटना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी अपनी मांगें रखीं। विपक्ष इस मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर देख रहा है। वहीं, चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया को चुनाव व्यवस्था का जरूरी हिस्सा बताया जाता है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की CJI से मुलाकात क्यों नहीं हुई? मार्च से पहले राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने CJI सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था। वे SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपना पक्ष रखना चाहते थे। हालांकि, CJI ने मुलाकात के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने संकेत दिया कि न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को उचित कानूनी माध्यम से अदालत के सामने रखा जाना चाहिए। इसका मतलब यह है कि यदि किसी पक्ष को चुनाव प्रक्रिया या मतदाता सूची को लेकर शिकायत है, तो वह संबंधित नियमों के तहत याचिका दाखिल कर सकता है। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलता है। SIR Controversy: मतदाता सूची से नाम हटाने पर क्यों है विवाद? SIR को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि मतदाता सूची को अपडेट करते समय वास्तविक मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। विपक्ष का आरोप है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने से पात्र मतदाताओं को परेशानी हो सकती है। वहीं, चुनाव आयोग की प्रक्रिया का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित और अन्य कारणों से अपात्र हो चुके मतदाताओं के रिकॉर्ड को अपडेट करना है। ऐसे में पारदर्शिता, उचित सत्यापन और शिकायतों के समय पर समाधान की भूमिका अहम हो जाती है। किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं होने पर उसके मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है, इसलिए इस प्रक्रिया में सावधानी बरतना जरूरी है। Supreme Court Hearing: अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट में SIR से संबंधित याचिकाओं पर आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। अदालत संबंधित पक्षों के जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले पर विचार करेगी। राहुल गांधी के मार्च से जुड़े विवाद में भी अदालत की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। फिलहाल, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, अदालत की गरिमा और मतदाता सूची की पारदर्शिता इस पूरे मामले के प्रमुख पहलू बने हुए हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

इंदौर में कमजोर मानसून से जल संकट का खतरा, महापौर ने मांगा 50 करोड़ का पैकेज

इंदौर। मध्य प्रदेश में कमजोर मानसून के कारण आने वाले महीनों में जल संकट की आशंका बढ़ गई है। प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सामान्य तौर पर करीब 37 इंच बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक केवल 23 इंच वर्षा दर्ज की गई है। हालात को देखते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जल प्रबंधन के लिए 50 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने की मांग की है। जल संकट से निपटने की रणनीति तैयार करने के लिए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और इंदौर नगर निगम सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की जा रही है। 40 लाख आबादी, रोजाना 750 से 800 एमएलडी पानी की मांग इंदौर की आबादी करीब 40 लाख है। शहर में घरेलू जरूरतों के लिए प्रतिदिन लगभग 620 एमएलडी पानी की आवश्यकता होती है। औद्योगिक, व्यावसायिक, संस्थागत और अन्य उपयोगों को शामिल करने पर कुल मांग बढ़कर 750 से 800 एमएलडी तक पहुंच जाती है। वर्ष 2008 में भी शहर में करीब 20 इंच बारिश हुई थी, जिसके कारण जल संकट की स्थिति बनी थी। अब 18 साल बाद कम बारिश ने एक बार फिर गर्मियों में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। डीमार्ट के पास नर्मदा की पाइपलाइन फूटी, अंडरपास बंद कम बारिश के बीच पानी की बर्बादी से जुड़ी समस्या भी सामने आई है। गुरुवार सुबह बंगाली चौराहे से बायपास के बीच डीमार्ट के पास नर्मदा जलापूर्ति की पाइपलाइन फूट गई। पाइपलाइन से तेज दबाव के साथ पानी निकलने लगा, जिससे सड़क पर जाम लग गया। पानी भरने के कारण अंडरपास भी बंद करना पड़ा। भूजल दोहन 90 प्रतिशत के करीब विशेषज्ञों के मुताबिक, इंदौर की बड़ी आबादी नर्मदा जलापूर्ति पर निर्भर है। इसके जरिए शहर को प्रतिदिन करीब 440 एमएलडी पानी मिलता है। हालांकि, लीकेज और अन्य कारणों से लगभग 22 प्रतिशत पानी बर्बाद हो जाता है। शहर में एक लाख से अधिक निजी बोरवेल हैं। इसके अलावा नगर निगम के करीब 6,500 बोरवेल और हाइड्रेंट भी हैं। केंद्रीय भूजल बोर्ड की 2025 की रिपोर्ट में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को क्रिटिकल जोन में रखे जाने का उल्लेख है। रिपोर्ट के मुताबिक, भूजल दोहन का स्तर करीब 90 प्रतिशत है। इसमें और वृद्धि होने पर जल संकट की स्थिति गंभीर हो सकती है। पिछली गर्मियों में 700 टैंकरों से पहुंचाना पड़ा था पानी पिछली गर्मियों में बोरवेल पर निर्भर आबादी के करीब 40 प्रतिशत हिस्से को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ा था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगभग 700 टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति करनी पड़ी थी। इस बार तालाबों में कम जलभराव, भूजल का लगातार दोहन और जलापूर्ति नेटवर्क में पानी की बर्बादी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौतियां बन सकती हैं। ऐसे में शहर की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहतर जल प्रबंधन, लीकेज पर नियंत्रण और उपलब्ध जल स्रोतों का प्रभावी उपयोग अहम होगा।
Punjab

Punjab Protest: झोटा हत्याकांड पर सड़कों पर उतरे लोग, SHO सस्पेंड; DSP पर कार्रवाई की मांग

Punjab में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद लोगों में गुस्सा है। इसी के विरोध में गुरुवार, 15 अक्टूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया गया। राज्य के कई शहरों में बाजार बंद रहे और कुछ जगहों पर स्कूल-कॉलेज भी नहीं खुले। बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर प्रदर्शनकारियों ने जाम लगाया। वहीं, झोटा का परिवार न्याय की मांग पर अड़ा है और उसने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। दूसरी ओर, संबंधित SHO को सस्पेंड किए जाने की खबर सामने आई है। परिवार और प्रदर्शनकारी अब मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और नशे के अवैध कारोबार पर सख्ती की मांग कर रहे हैं। Punjab Bandh Today: बाजार बंद, सड़कों पर उतरे लोग परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने 15 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान किया था। इस बंद को विभिन्न राजनीतिक दलों, किसान संगठनों और कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिला। मानसा, बठिंडा, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर समेत कई शहरों में बंद का असर देखने को मिला। कई बाजारों में दुकानें नहीं खुलीं, जबकि कुछ इलाकों में निजी स्कूल और कॉलेज भी बंद रहे। बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को चालू रखने की अपील की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने सरकार से इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने और जांच में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग की। बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर जाम, यातायात प्रभावित पंजाब बंद के दौरान बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे पर प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित हुआ। कई जगहों पर लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। कुछ अन्य मार्गों पर भी जाम की स्थिति बनी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक परिवार को न्याय का भरोसा नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रह सकता है। बंद के कारण आम लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवार ने शव का अंतिम संस्कार करने से किया इनकार परविंदर सिंह झोटा का शव मानसा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। परिवार ने मांग की है कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए। इसके साथ ही पोस्टमॉर्टम PGIMER चंडीगढ़ में कराने की मांग भी उठाई गई है। झोटा के पिता भीम सिंह का कहना है कि परिवार को न्याय चाहिए और हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिवार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के DGP गौरव यादव के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। परिवार का विरोध केवल आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। वह यह जानना चाहता है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी थी। फिलहाल अंतिम संस्कार को लेकर परिवार का रुख सख्त बना हुआ है। Parvinder Singh Jhota Murder Case: मुख्य आरोपी गिरफ्तार परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे और कथित तौर पर मेडिकल स्टोरों पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के मुद्दे उठाते थे। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, घटना से पहले झोटा का मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार के साथ विवाद हुआ था। इसी दौरान गोली चलने से झोटा की मौत हो गई। घटना के समय वह कथित तौर पर फेसबुक लाइव भी कर रहे थे। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया। अब पुलिस हत्या के पीछे की परिस्थितियों और विवाद के कारणों की जांच कर रही है। मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका होने या साजिश से जुड़े पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। SHO सस्पेंड, DSP पर कार्रवाई की मांग हत्या के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले में मानसा की संबंधित SHO बिएंत कौर को सस्पेंड किए जाने की खबर सामने आई है। वहीं, DSP और अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। परिवार और प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच हो और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। DSP के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश और अन्य विभागीय कदमों की अंतिम स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। फिलहाल इस मामले में पुलिस की जवाबदेही भी विरोध का एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। आरोपी की दुकान में तोड़फोड़, घर के हिस्से पर बुलडोजर कार्रवाई झोटा की हत्या के बाद मानसा में आक्रोशित लोगों ने आरोपी की मेडिकल दुकान में तोड़फोड़ की। इसके बाद दुकान को नुकसान पहुंचने और आग लगाए जाने की खबरें सामने आईं। प्रशासन ने आरोपी के घर के एक हिस्से को भी गिराया। इन घटनाओं के बीच इलाके में तनाव बढ़ गया और पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी पड़ी। प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान देने की चुनौती है। CM भगवंत मान ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जाएगा और जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विपक्षी दलों ने राज्य में कानून-व्यवस्था और नशे के अवैध कारोबार को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। झोटा हत्याकांड ने पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले लोगों की सुरक्षा का मुद्दा भी फिर चर्चा में ला दिया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.