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Dhar Bhojshala SC का आदेश Basant Panchami पूजा औरJumma Namaz होंगे सुरक्षित ढंग से

धार (Madhya Pradesh) का Bhojshala–कमाल मौला मस्जिद परिसर फिर से सुर्खियों में है। इस बार 23 जनवरी 2026 को Basant Panchami और Jumma (Friday) Namaz एक ही दिन पड़ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस विवादित स्थल पर दोनों समुदायों के लिए अलग-अलग टाइमिंग तय कर दी है ताकि पूजा और नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। Supreme Court का बड़ा फैसला सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि: तय की गई Timing इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने दोनों समुदायों की धार्मिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित और व्यवस्थित प्रार्थना सुनिश्चित की है। Dhar Bhojshala का इतिहास और संवेदनशीलता Dhar Bhojshala स्थल हिन्दू धर्म में सरस्वती/वागदेवी मंदिर और मुस्लिम धर्म में कमाल मौला मस्जिद के रूप में माना जाता है। पहले से ही एएसआई (Archaeological Survey of India) की देखरेख में पूजा और नमाज होती रही है। इस साल Basant Panchami और Jumma एक ही दिन पड़ रहे हैं, जिससे दोनों पक्षों की धार्मिक गतिविधियों में टकराव की संभावना थी। सुप्रीम कोर्ट ने संतुलन और समझदारी के साथ आदेश जारी कर विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से हल किया। प्रशासन की तैयारी स्थानीय प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सुरक्षा और crowd management की व्यवस्था मजबूत कर दी है। अलग प्रवेश द्वार, सुरक्षा गार्ड और व्यवस्थापक तैनात किए गए हैं ताकि पूजा और नमाज दोनों सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकें। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला धर्मनिरपेक्षता और communal harmony का उदाहरण है। यह न केवल विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से हल करने का प्रयास है, बल्कि समुदायों के धार्मिक अधिकारों का सम्मान भी सुनिश्चित करता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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यूथ गेम्स

27 जनवरी को टीटी नगर स्टेडियम में खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ

भोपाल। खेलो एमपी यूथ गेम्स के राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के शुभारंभ को लेकर मंत्री विश्वास सारंग ने प्रेसवार्ता में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 27 जनवरी को शाम 6:30 बजे भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उद्घाटन समारोह में प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर अपनी विशेष प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही खेलों के इतिहास पर आधारित नृत्य नाटिका और भव्य आतिशबाजी भी दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण होंगी। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स सफलतापूर्वक चल रहा है। खेल विभाग और विभिन्न खेल संघों के सहयोग से इसका आयोजन एक सफल प्रयोग साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि देश में पहली बार सभी खेल संघों के साथ मिलकर खेलो एमपी यूथ गेम्स का आयोजन किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक और उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि ब्लॉक और जिला स्तर की प्रतियोगिताएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि संभाग स्तर की प्रतियोगिताएं 25 जनवरी तक संपन्न हो जाएंगी। इसके बाद 27 जनवरी से राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं की शुरुआत होगी। ये प्रतियोगिताएं प्रदेश के 9 जिलों में आयोजित की जाएंगी। मंत्री सारंग ने बताया कि 31 जनवरी को भोपाल में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस बार यूथ गेम्स में पहली बार पारंपरिक खेलों जैसे पिट्टू और रस्साकशी के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रोबॉल को भी शामिल किया गया है, जिससे युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और बढ़ी है। उन्होंने यह भी बताया कि ब्लॉक स्तर से अब तक 1 लाख से अधिक खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया है, जो खेलो एमपी यूथ गेम्स की लोकप्रियता और सफलता को दर्शाता है। खेलो एमपी यूथ गेम्स के माध्यम से प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को एक बेहतर मंच मिल रहा है और युवाओं को आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal Viral Video Case पार्किंग विवाद में युवती से मारपीट, शहर में मचा हड़कंप

भोपाल (Bhopal) के कल्पना नगर इलाके में एक मामूली सा पार्किंग विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को चौंका दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया। कैसे शुरू हुआ विवाद? बताया जा रहा है कि एक हिंदू युवती अपने भाई और दोस्तों के साथ मदरसे के पास स्कूटी खड़ी कर रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने वहां वाहन खड़ा करने पर आपत्ति जताई। बात इतनी बढ़ी कि कहासुनी से शुरू हुआ मामला देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। युवती के गंभीर आरोप पीड़िता का आरोप है कि उसे और उसके साथियों को बेल्ट और डंडों से पीटा गया।उसने यह भी बताया कि झगड़े के दौरान उसके बाल उखाड़े गए, और उसके भाई के सिर पर गंभीर चोट आई, जिससे खून बहने लगा। वीडियो में युवती भावुक होकर अपनी आपबीती बताती दिख रही है, जिसने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया। पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए गए।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि: सोशल मीडिया और समाज पर असर वीडियो वायरल होने के बाद लोग दो हिस्सों में बंट गए —कुछ लोग युवती के समर्थन में सामने आए तो कुछ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे-छोटे विवाद कैसे बड़ी हिंसा में बदल जाते हैं, और सार्वजनिक स्थानों पर सहनशीलता की कितनी जरूरत है। Bhopal का यह Parking Dispute Case हमें याद दिलाता है कि शहरों में बढ़ती भीड़ और जगह की कमी कैसे तनाव को जन्म देती है।अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर हैं, जिससे सच सामने आ सके और दोषियों को सजा मिले। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi Indore Visit बॉम्बे हॉस्पिटल में मरीजों से मिले राहुल गांधी, पीड़ितों को देंगे 1 लाख की मदद

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अपने इंदौर दौरे के दौरान सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्होंने इलाज करा रहे मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। राहुल गांधी ने मरीजों से बातचीत कर उन्हें बेहतर इलाज और सहयोग का भरोसा दिलाया। अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों से भी उन्होंने उपचार की स्थिति को लेकर चर्चा की। हॉस्पिटल गेट पर रोके गए कांग्रेस कार्यकर्ता Rahul Gandhi के आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंच गए। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के चलते पुलिस ने कार्यकर्ताओं को गेट पर ही रोक दिया। केवल सीमित नेताओं और अधिकारियों को ही अस्पताल परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई, जिससे कुछ समय के लिए गेट पर हलचल का माहौल रहा। भागीरथपुरा में पीड़ित परिवारों से करेंगे मुलाकात बॉम्बे हॉस्पिटल के बाद Rahul Gandhi का अगला कार्यक्रम भागीरथपुरा क्षेत्र में तय है। यहां वे हालिया घटनाओं से प्रभावित पीड़ित परिवारों से सीधे मुलाकात करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी पीड़ितों के घर जाकर हालात का जायजा लेंगे। पीड़ितों को 1-1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता कांग्रेस की ओर से जानकारी दी गई है कि राहुल गांधी पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में 1-1 लाख रुपये का चेक सौंपेंगे। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह मदद पीड़ितों को तत्काल राहत देने के उद्देश्य से की जा रही है, ताकि वे इस कठिन समय से उबर सकें। मानवीय संवेदना के संदेश के साथ इंदौर दौरा कांग्रेस नेताओं का कहना है कि Rahul Gandhi का यह दौरा राजनीतिक से अधिक मानवीय संवेदना से जुड़ा हुआ है। उनका प्रयास है कि पीड़ित परिवार खुद को अकेला न समझें। राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर शहर में दिनभर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं, वहीं प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े इंतजाम किए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Mohan Yadav

AI Conference में CM Mohan Yadav का बड़ा बयान Yantra–Mantra–Tantra में उलझी दुनिया

देश में तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया के बीच एक अहम बयान सामने आया है। एक AI कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने बुद्धि (Intelligence) के तीन प्रकार बताते हुए समाज और टेक्नोलॉजी के रिश्ते पर गहरी बात रखी। उनका कहना था कि आज की दुनिया यंत्र, मंत्र और तंत्र में उलझ चुकी है और इन सब पर किसी न किसी तरह का षड्यंत्र हावी होता जा रहा है। क्या हैं बुद्धि के तीन प्रकार? CM Mohan Yadav के अनुसार, आधुनिक समाज तीन तरह की बुद्धि से संचालित हो रहा है: 1. यंत्र बुद्धि (Machine Intelligence)यह वह बुद्धि है जो मशीनों, कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दिखाई देती है। तेज़ फैसले लेना, डेटा का विश्लेषण करना और काम को आसान बनाना इसकी पहचान है। 2. मंत्र बुद्धि (Mantra Intelligence)यह इंसान की सोच, विचार, संस्कृति और नैतिकता से जुड़ी होती है। यही वह ताकत है जो सही और गलत का फर्क बताती है और समाज को दिशा देती है। 3. तंत्र बुद्धि (System Intelligence)यह सरकार, प्रशासन, टेक्नोलॉजी और संस्थाओं की व्यवस्था से जुड़ी बुद्धि है, जो पूरे समाज को चलाने का काम करती है। “इन पर षड्यंत्र भारी है” का मतलब मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चिंता जताई कि आज इन तीनों शक्तियों – यंत्र, मंत्र और तंत्र – का उपयोग कई बार जनहित से ज़्यादा निजी फायदे और सत्ता के लिए किया जा रहा है।AI, डेटा और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल लोगों को सशक्त बनाने के बजाय कभी-कभी उन्हें नियंत्रित करने या भ्रमित करने के लिए भी होने लगा है। यही वह “षड्यंत्र” है जिसकी ओर उन्होंने इशारा किया। AI कॉन्फ्रेंस में यह बात क्यों अहम है? आज जब AI हर क्षेत्र में घुस चुका है – शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और शासन तक – तब यह ज़रूरी हो जाता है कि टेक्नोलॉजी के साथ-साथ मानवीय मूल्य और नैतिक सोच भी आगे बढ़े। CM Mohan Yadav का साफ संदेश था कि अगर मशीनें तेज़ हैं तो इंसानों की सोच और भी जिम्मेदार होनी चाहिए। आगे का रास्ता उन्होंने कहा कि AI और टेक्नोलॉजी इंसान की मदद के लिए हों, उस पर हावी होने के लिए नहीं। अगर यंत्र और तंत्र को मंत्र यानी नैतिकता और विवेक से नहीं जोड़ा गया, तो समाज असंतुलन की ओर जा सकता है। CM Mohan Yadav का यह बयान सिर्फ़ टेक्नोलॉजी पर नहीं, बल्कि हमारे भविष्य पर भी एक अहम सवाल खड़ा करता है –क्या हम मशीनों को दिशा देंगे या मशीनें हमें चलाएंगी? हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने सी.आर.सी. भोपाल में दिव्यांगजनों के लिए पतंग महोत्सव में भाग लिया

सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने मकर संक्रांति के अवसर पर समेकित क्षेत्रीय केंद्र (सी.आर.सी.), भोपाल में आयोजित दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, भारत सरकार द्वारा आयोजित पतंग महोत्सव में भाग लिया। इस अवसर पर मंत्री ने दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों से संवाद किया और उन्हें पर्व की शुभकामनाएँ दीं। मकर संक्रांति: सामाजिक समरसता और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश मंत्री श्री सारंग ने कहा कि मकर संक्रांति केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, उल्लास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे आयोजनों से दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को बढ़ावा मिलता है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि दिव्यांगजन समाज की मुख्यधारा का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके सशक्तिकरण, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। दिव्यांगजनों को वितरित किए गए सहायक उपकरण कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री सारंग ने दिव्यांगजनों को 03 बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल और 02 टीचिंग लर्निंग मटेरियल (TLM) किट सहित अन्य सहायक उपकरण वितरित किए। उन्होंने कहा कि ये उपकरण दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन को सहज बनाने और उन्हें शिक्षा एवं स्वावलंबन की दिशा में प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सी.आर.सी., भोपाल परिसर का दौरा और गतिविधियों की जानकारी मंत्री श्री सारंग ने कार्यक्रम के बाद सी.आर.सी. परिसर का भ्रमण किया और संस्थान में संचालित विभिन्न पुनर्वास, शैक्षणिक और प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सी.आर.सी. भोपाल समावेशी विकास और दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का संदेश मंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मविश्वास, परिश्रम और सकारात्मक सोच किसी भी चुनौती को पार करने की कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे सशक्तिकरण के लिए सतत प्रयास करते रहें और समाज में अपने योगदान को बढ़ाएं। पतंग उत्सव में बच्चों का उत्साह कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों द्वारा पतंग निर्माण और पतंग उड़ाने की गतिविधियाँ उत्साहपूर्वक आयोजित की गईं। इन गतिविधियों से बच्चों में सृजनात्मकता, सहभागिता और आत्मविश्वास का विकास हुआ। बच्चों ने पूरे उत्साह और खुशी के साथ पर्व का आनंद लिया। इस अवसर पर सी.आर.सी., भोपाल के निदेशक डॉ. नरेंद्र कुमार, संस्थान के अधिकारी-कर्मचारी, दिव्यांगजनों के अभिभावक और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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कैलाश नारायण

पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश नारायण सारंग की प्रतिमा पर हमला कायस्थ एवं सकल हिंदू समाज ने किया विरोध प्रदर्शन

भोपाल | 14 जनवरी 2026 – पूर्व राज्यसभा सांसद और अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व. श्री कैलाश नारायण सारंग की प्रतिमा के साथ असामाजिक तत्वों द्वारा की गई छेड़छाड़ के विरोध में भोपाल में व्यापक आक्रोश देखने को मिला। रोशनपुरा चौराहे पर बुधवार को कायस्थ समाज और सकल हिंदू समाज के नागरिकों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अटल पथ स्थित पार्क में स्थापित स्व. कैलाश नारायण सारंग की प्रतिमा के साथ आग लगाकर छेड़छाड़ की गई, जो न केवल एक सम्मानित जनप्रतिनिधि का अपमान है, बल्कि समाज की भावनाओं को भी ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है। प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग प्रदर्शन के दौरान उपस्थित समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से आग्रह किया कि इस मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर दोषियों की शीघ्र पहचान की जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। कायस्थ समाज और सकल हिंदू समाज ने स्पष्ट किया कि महापुरुषों और जननायकों की प्रतिमाओं के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ समाज की एकता और शांति को भंग करने का प्रयास है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए दोषियों को शीघ्र दंडित किया जाए और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। विरोध प्रदर्शन में शामिल प्रमुख समाजिक प्रतिनिधि प्रदर्शन में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री अजय श्रीवास्तव नीलू, प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव, प्रदेश अध्यक्ष युवा संगठन संजीव श्रीवास्तव, वेद आशीष, महेन्द्र श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव, उदय सत्य, अग्रवाल समाज से वेंकटेश गोयल, पंजाबी समाज के तेज़ेन्दर सिंह, जाट समाज से शैलेंद्र वर्मा, मुस्लिम समाज से मुस्तकीम बेग, सैनी समाज से महेश सैनी, माहेश्वरी समाज से गिरधर और अरुण राठी, मंडी व्यापारी समाज से हरीश, शिव यादव, यादव समाज से मनोज जैन, जैन समाज से प्रमोद नेमा, अग्रवाल समाज से सुभाष अग्रवाल, पवन सक्सेना, चेम्बर्स के अजय देवनानी, आलोक, अनिल, बृजेश श्रीवास्तव, व्योम खरे, डॉ. ब्रजेश, अभय प्रधान, दिनेश, विनय श्रीवास्तव, दिनेश सक्सेना, अमोल सक्सेना, अनिल राज, प्रमोद प्रधान, दिवाकर श्रीवास्तव, राजकुमार, चित्रांश दीप, विजय, आर.वी. सक्सेना, मधु भटनागर, संजीव श्रीवास्तव, चंदरेश सक्सेना, सौरभ कुलश्रेष्ठ, ब्रजेश श्रीवास्तव, विश्वनाथ भटनागर, मुकेश राठौर, संजय पटेल और सुशील श्रीवास्तव सहित अन्य सामाजिक संगठनों के नागरिक उपस्थित रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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INDORE मौतों पर हाईकोर्ट सख्त: सरकार के जवाब को बताया असंवेदनशील

INDORE मौतों पर हाईकोर्ट सख्त: सरकार के जवाब को बताया असंवेदनशील

Indore में हाल ही में हुई मौतों को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर कड़ी नाराज़गी जताई है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार का जवाब असंवेदनशील है और इस गंभीर घटना ने इंदौर जैसे प्रतिष्ठित शहर की छवि को पूरे देश में नुकसान पहुंचाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस तरह से प्रशासन ने मामले को संभाला, वह संतोषजनक नहीं है। कोर्ट ने यह भी माना कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाते, तो हालात इतने गंभीर नहीं होते। इस बीच, इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में 38 नए मरीज मिलने से चिंता और बढ़ गई है। स्थानीय लोग डरे हुए हैं और प्रशासन से तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इलाके में निगरानी कर रही हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि ज़मीनी स्तर पर व्यवस्थाएं अभी भी कमजोर हैं। हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह सिर्फ कागजी जवाब देने के बजाय संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करे, ताकि आगे ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और आम लोगों का भरोसा बना रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल

भोपाल ब्रेकिंग निशातपुरा आरओबी बना विकास की नई पहचान, 9 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

मंत्री विश्वास सारंग ने किया निशातपुरा आरओबी का निरीक्षण भोपाल शहर के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने की दिशा में एक अहम पहल के तहत मंत्री विश्वास सारंग ने निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। यह परियोजना भोपाल के ट्रैफिक सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली मानी जा रही है। देश का पहला आरओबी जो 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा निशातपुरा आरओबी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह देश का पहला रेलवे ओवरब्रिज होगा जो 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से निकलेगा। तकनीकी दृष्टि से यह एक चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट है, जिसे आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से तैयार किया जा रहा है। यह आरओबी भोपाल के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। नवंबर तक पूरा होने का लक्ष्य इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नवंबर माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं ताकि तय समय में आरओबी को आम जनता के लिए खोल दिया जाए। इसके पूरा होते ही वर्षों से चली आ रही यातायात समस्याओं से राहत मिलेगी। नया और पुराना भोपाल होगा सीधे तौर पर जुड़ा निशातपुरा आरओबी के बन जाने से नया और पुराना भोपाल सीधे जुड़ जाएगा। करोंद, छोला और निशातपुरा जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के लोगों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा। अभी इन क्षेत्रों में रेलवे फाटकों के कारण लंबे जाम लगते हैं, जो आरओबी बनने के बाद पूरी तरह समाप्त हो जाएंगे। भोपाल स्टेशन से छोला खेड़ापति तक सीधा मार्ग यह आरओबी भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 से लेकर छोला खेड़ापति हनुमान मंदिर तक बनेगा। इससे स्टेशन क्षेत्र से छोला और करोंद की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी और ट्रैफिक का दबाव वैकल्पिक मार्गों पर बंटेगा। लगभग 9 लाख नागरिक होंगे लाभान्वित इस परियोजना से करीब 9 लाख नागरिकों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है। दैनिक यात्रियों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आपातकालीन सेवाओं के लिए यह आरओबी समय और ईंधन दोनों की बचत करेगा। एयरपोर्ट तक पहुंच होगी और अधिक आसान आरओबी के निर्माण से नये और पुराने भोपाल से छोला क्षेत्र के साथ-साथ राजा भोज एयरपोर्ट तक पहुंच भी अधिक सुगम हो जाएगी। इससे शहर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए कमेटी गठित परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए पीडब्ल्यूडी, रेलवे, एफसीआई सहित संबंधित विभागों के बीच समन्वय हेतु एक विशेष कमेटी बनाई गई है। यह समिति निर्माण की गुणवत्ता और गति पर लगातार नजर रखेगी। भोपाल के विकास को मिलेगी नई गति कुल मिलाकर, निशातपुरा रेलवे ओवरब्रिज भोपाल के लिए एक बड़ी सौगात साबित होने जा रहा है। यह न केवल ट्रैफिक जाम से राहत देगा, बल्कि भोपाल को एक आधुनिक, स्मार्ट और सुगठित शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal Welcomes New Year 2026 पार्टी, म्यूज़िक, डिनर और सुरक्षा की पूरी प्लानिंग

Bhopal शहर न्यू ईयर 2026 (New Year Eve 31 December) को लेकर पूरी तरह तैयार है। साल की आख़िरी रात को यादगार बनाने के लिए शहर के होटल, रिज़ॉर्ट, क्लब और फार्महाउस में ज़ोरदार तैयारियाँ चल रही हैं। डीजे नाइट, लाइव म्यूज़िक, डिनर पार्टी से लेकर फैमिली फंक्शन तक — हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ खास रखा गया है। Bhopal New Year Party 2026: होटल और रिज़ॉर्ट्स में धमाल Bhopal के बड़े होटल और रिज़ॉर्ट्स इस बार न्यू ईयर को भव्य अंदाज़ में मनाने जा रहे हैं। कई जगहों पर पहले से ही बुकिंग तेज़ हो चुकी है। इन सभी जगहों पर एंट्री टिकट, कपल पास और फैमिली पैकेज उपलब्ध हैं। Club & DJ Night in Bhopal: युवाओं के लिए खास युवाओं के बीच क्लब और डीजे पार्टी का क्रेज़ इस साल भी बरकरार है।शहर के कई पब और रेस्टो-बार में: का आयोजन किया जा रहा है। कई जगह स्टैग एंट्री लिमिटेड रखी गई है, इसलिए पहले से जानकारी लेना ज़रूरी है। New Year Trend 2026: घर की पार्टी और दोस्तों के साथ सुकून इस बार एक बड़ा ट्रेंड यह भी देखने को मिल रहा है कि कई लोग घर पर ही न्यू ईयर सेलिब्रेशन करना पसंद कर रहे हैं।छोटे ग्रुप, छत पर पार्टी, BBQ, बोनफायर और दोस्तों के साथ सादा लेकिन खास जश्न — यह विकल्प खासतौर पर परिवारों और प्रोफेशनल्स को पसंद आ रहा है। Bhopal New Year Security: पुलिस अलर्ट, ड्रोन से निगरानी न्यू ईयर को देखते हुए भोपाल पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पुलिस का साफ संदेश है — जश्न मनाइए, लेकिन नियमों के साथ। New Year 2026 Bhopal: शराब और नियम राज्य सरकार की ओर से अस्थायी लाइसेंस की सुविधा दी गई है, ताकि होटल और आयोजक कानूनी रूप से शराब परोस सकें।बिना अनुमति या सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने पर कार्रवाई की जाएगी। Bhopal में New Year 2026 Celebration हर मायने में खास होने जा रहा है।जहाँ एक ओर होटल और क्लबों में ज़ोरदार पार्टियाँ होंगी, वहीं दूसरी ओर लोग घर और दोस्तों के साथ सादगी भरा जश्न भी मनाएंगे।मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के बीच शहर नए साल का स्वागत उत्साह, संगीत और खुशियों के साथ करने को तैयार है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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