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Vaibhav Suryavanshi

Vaibhav Suryavanshi Team India No. 3 Jersey पहन विदेश दौरे पर रवाना, खुशी से छलके जज्बात

भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) के लिए यह पल किसी सपने के सच होने से कम नहीं था। पहली बार टीम इंडिया की जर्सी हाथ में आते ही उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। उन्हें भारतीय जूनियर टीम की No. 3 Jersey सौंपी गई, जिसे क्रिकेट में जिम्मेदारी और भरोसे का प्रतीक माना जाता है। जर्सी मिलने के बाद वैभव ने कहा कि इस उपलब्धि को शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। उन्होंने इसे अपने जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक बताया। अब वह भारतीय टीम के साथ Ireland और England Tour के लिए रवाना हो चुके हैं, जहां उनके प्रदर्शन पर सभी की नजरें रहेंगी। ‘इस खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता’ टीम इंडिया की जर्सी मिलने के बाद वैभव सूर्यवंशी ने भावुक अंदाज में कहा, “बचपन से भारत के लिए खेलने का सपना देखा था। आज जब टीम इंडिया की जर्सी पहनने का मौका मिला तो लगा कि मेरी मेहनत सफल हो गई। इस खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर सकता।” उन्होंने अपने माता-पिता, कोच और उन सभी लोगों का आभार जताया, जिन्होंने उनके क्रिकेट सफर में हर कदम पर साथ दिया। No. 3 Jersey क्यों मानी जाती है खास? क्रिकेट में नंबर 3 बल्लेबाजी क्रम बेहद अहम माना जाता है। इस स्थान पर उतरने वाले बल्लेबाज को टीम की पारी संभालने, दबाव झेलने और बड़े स्कोर की नींव रखने की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। ऐसे में वैभव को No. 3 Jersey मिलना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन उनके खेल और क्षमता पर पूरा भरोसा जता रहा है। Ireland-England Tour पर बड़ी चुनौती भारतीय जूनियर टीम का आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरा युवा खिलाड़ियों के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेशी पिचों पर खेलने का अनुभव खिलाड़ियों के खेल को नई दिशा देता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार करता है। वैभव सूर्यवंशी के लिए भी यह दौरा खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर होगा। अगर वह यहां बल्ले से अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो भविष्य में सीनियर टीम के चयनकर्ताओं का ध्यान भी अपनी ओर खींच सकते हैं। शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम वैभव ने हाल के समय में घरेलू और आयु वर्ग क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली बल्लेबाजी की है। उनकी तकनीक, संयम और तेज रन बनाने की क्षमता ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। इसी प्रदर्शन का नतीजा है कि उन्हें भारतीय टीम में जगह मिली और अब टीम इंडिया की प्रतिष्ठित जर्सी पहनने का मौका भी मिला। सोशल मीडिया पर मिल रही बधाइयां वैभव सूर्यवंशी की टीम इंडिया जर्सी वाली तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल Media पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया। क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि यह युवा खिलाड़ी आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का बड़ा चेहरा बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी से India-A बनी चैंपियन

वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी से India-A बनी चैंपियन

India-A ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में Sri Lanka-A को 66 रन से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के हीरो रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरे मैच का रुख ही बदल दिया। वैभव सूर्यवंशी की तूफानी फिफ्टी मैच में वैभव सूर्यवंशी ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रनों की धुआंधार पारी खेली, जिसमें कई चौके और छक्के शामिल रहे। उनकी यह पारी टीम की जीत की सबसे बड़ी वजह बनी। फाइनल में India-A का दबदबा फाइनल मुकाबले में India-A ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में Sri Lanka-A की टीम लक्ष्य का पीछा नहीं कर सकी और पूरी टीम 66 रन से मैच हार गई। युवा खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन इस मैच में भारत के युवा खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल दिखाया। खासकर वैभव सूर्यवंशी की पारी ने क्रिकेट फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और उन्हें भविष्य का बड़ा सितारा माना जा रहा है।
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Shubman Gill

Shubman Gill Captain: इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय ODI टीम का ऐलान

इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय वनडे टीम का ऐलान हो गया है और इस बार चयन ने क्रिकेट फैंस के बीच काफी चर्चा पैदा कर दी है। टीम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां युवा स्टार Shubman Gill को वनडे टीम का नया कप्तान बनाया गया है। वहीं अनुभवी दिग्गज Rohit Sharma और Virat Kohli की टीम में वापसी ने माहौल और रोमांचक बना दिया है। इसके साथ ही Shreyas Iyer को उपकप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे टीम में नेतृत्व का संतुलन और मजबूत नजर आ रहा है। Team India में बड़ा बदलाव: नई कप्तानी, नया विज़न BCCI ने इस बार साफ संकेत दिया है कि टीम इंडिया अब भविष्य की ओर देख रही है। शुभमन गिल को कप्तान बनाना एक बड़ा फैसला है, जो बताता है कि अब युवा खिलाड़ियों पर भरोसा बढ़ाया जा रहा है। श्रेयस अय्यर को उपकप्तान बनाना भी एक रणनीतिक कदम है, जिससे टीम के अंदर नेतृत्व की गहराई बनी रहे। रोहित-कोहली की वापसी से बढ़ा अनुभव इंग्लैंड जैसी मुश्किल परिस्थितियों में रोहित शर्मा और विराट कोहली की मौजूदगी टीम इंडिया के लिए बेहद अहम होगी। दोनों खिलाड़ियों का अनुभव विदेशी पिचों पर हमेशा भारत के काम आता है। फैंस के लिए भी यह खबर किसी तोहफे से कम नहीं है, क्योंकि लंबे समय बाद यह दिग्गज एक साथ वनडे टीम में नजर आएंगे। India ODI Squad vs England (संभावित टीम) England Tour 2026 क्यों है इतना अहम? इंग्लैंड का दौरा हमेशा से भारतीय टीम के लिए एक बड़ी परीक्षा रहा है। वहां की स्विंग गेंदबाजी और तेज पिचें बल्लेबाजों की असली परीक्षा लेती हैं। यह सीरीज सिर्फ एक दौरा नहीं बल्कि आने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी का अहम हिस्सा भी मानी जा रही है। फैंस की उम्मीदें और माहौल टीम के ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोग गिल की कप्तानी को लेकर उत्साहित हैं, तो कुछ रोहित और कोहली की वापसी से काफी खुश नजर आ रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vaibhav Suryavanshi

Vaibhav Suryavanshi List-A Cricket में सबसे तेज Fifty, 29 गेंदों में 94 रन से India A को शानदार शुरुआत

भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उन्हें भविष्य का बड़ा खिलाड़ी क्यों माना जा रहा है। श्रीलंका-ए के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में युवा बल्लेबाज ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली, जिसने क्रिकेट रिकॉर्ड बुक में नया अध्याय जोड़ दिया। महज 15 साल की उम्र में वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर List-A Cricket का सबसे तेज Fifty बनाने का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनकी तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत-ए ने मुकाबले की शुरुआत से ही श्रीलंका-ए पर दबाव बना दिया। श्रीलंका-ए का फैसला पड़ा भारी दांबुला में खेले गए फाइनल मुकाबले में श्रीलंका-ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। शुरुआती कुछ मिनटों तक यह फैसला सामान्य लगा, लेकिन जैसे ही वैभव सूर्यवंशी ने अपने शॉट्स खेलने शुरू किए, मैच का पूरा माहौल बदल गया। उन्होंने मैदान के हर कोने में चौके-छक्कों की बरसात कर दी और श्रीलंकाई गेंदबाजों को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास, टाइमिंग और आक्रामकता का शानदार मिश्रण देखने को मिला। 29 गेंदों में 94 रन, शतक से सिर्फ 6 रन दूर वैभव सूर्यवंशी ने केवल 29 गेंदों में 94 रन बनाए। इस यादगार पारी में उन्होंने 10 चौके और 8 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 320 से अधिक रहा, जो इस स्तर के मुकाबले में बेहद शानदार माना जाता है। जब वह शतक के करीब पहुंच रहे थे, तब बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में कैच आउट हो गए। हालांकि वह सिर्फ 6 रन से शतक चूक गए, लेकिन तब तक अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे। 11 गेंदों में Fifty बनाकर बनाया नया World Record इस मुकाबले की सबसे बड़ी उपलब्धि रही वैभव का 11 गेंदों में अर्धशतक। इसके साथ ही उन्होंने List-A Cricket में सबसे तेज Fifty बनाने का नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम उम्र में इस तरह का प्रदर्शन बताता है कि भारतीय क्रिकेट को आने वाले वर्षों में एक और बड़ा मैच विनर मिल सकता है। India A को मिली शानदार शुरुआत वैभव की विस्फोटक बल्लेबाजी का असर पूरे स्कोरबोर्ड पर साफ दिखाई दिया। शुरुआती ओवरों में ही भारत-ए ने तेज गति से रन बनाए और श्रीलंका-ए के गेंदबाज पूरी तरह दबाव में नजर आए। वैभव के आउट होने तक भारत-ए का स्कोर 2 विकेट पर 149 रन पहुंच चुका था। दूसरे छोर से अन्य बल्लेबाजों ने भी अच्छी साझेदारी निभाई, जिससे टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिखाई दी। सोशल मीडिया पर छाए वैभव सूर्यवंशी रिकॉर्डतोड़ पारी के बाद सोशल मीडिया पर वैभव सूर्यवंशी ट्रेंड करने लगे। क्रिकेट प्रशंसकों से लेकर पूर्व खिलाड़ियों तक, सभी ने उनकी बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की। कई लोगों ने इसे भारतीय क्रिकेट के भविष्य की एक शानदार झलक बताया। Match Highlights हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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FIFA World Cup 2026: 32 साल बाद नॉकआउट में पहुंचा USA, Australia को 2-0 से हराया; Morocco की भी शानदार जीत

FIFA World Cup 2026: 32 साल बाद नॉकआउट में पहुंचा USA, Australia को 2-0 से हराया; Morocco की भी शानदार जीत

FIFA World Cup 2026 में अमेरिका ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 32 साल बाद नॉकआउट राउंड में अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है। ग्रुप-डी के मुकाबले में अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराकर टूर्नामेंट में लगातार दूसरा बड़ा जीत दर्ज की। मैच की शुरुआत से ही अमेरिकी टीम आक्रामक नजर आई। टीम ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण रखा और ऑस्ट्रेलिया की रक्षा पंक्ति पर लगातार दबाव बनाया। पहले हाफ में बढ़त हासिल करने के बाद अमेरिका ने दूसरे हाफ में एक और गोल दागकर जीत सुनिश्चित कर ली। इस जीत के साथ अमेरिका के अंक बढ़ गए हैं और टीम 1994 के बाद पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण तक पहुंचने के बेहद करीब पहुंच गई है। अमेरिकी खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और टीमवर्क ने फैंस को भी काफी प्रभावित किया है। Morocco ने भी दर्ज की अहम जीत दूसरी ओर ग्रुप-सी में मोरक्को ने स्कॉटलैंड को 1-0 से हराकर महत्वपूर्ण तीन अंक हासिल किए। मैच का इकलौता गोल स्टार खिलाड़ी अब्देस्सामद साइबारी ने किया।
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Sreesanth

Sreesanth का बयान: Team India में Dhoni जैसा Mentor की जरूरत, Gambhir पर उठे सवाल

भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है। पूर्व तेज गेंदबाज़ Sreesanth ने टीम इंडिया के मौजूदा सिस्टम पर सवाल उठाते हुए कहा है कि टीम को सिर्फ कोचिंग नहीं, बल्कि MS Dhoni जैसे शांत और समझदार मेंटर की जरूरत है। उन्होंने साथ ही Gautam Gambhir की कोचिंग स्टाइल पर भी टिप्पणी की है, जिससे क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा तेज हो गई है। Sreesanth ने क्या कहा? Sreesanth का कहना है कि आज के समय में सिर्फ नेट प्रैक्टिस और टेक्निकल ट्रेनिंग काफी नहीं है। खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत रखने वाला सिस्टम ज्यादा जरूरी है। उनके अनुसार: उनका इशारा साफ था कि क्रिकेट अब सिर्फ स्किल का खेल नहीं रहा, बल्कि माइंडसेट का भी खेल बन चुका है। MS Dhoni को क्यों बताया “Perfect Mentor”? Sreesanth ने MS Dhoni की leadership style की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि धोनी जैसे खिलाड़ी टीम में एक अलग ही शांति लेकर आते हैं। Dhoni के बारे में उन्होंने कहा: इसी वजह से Sreesanth का मानना है कि Team India को Dhoni जैसा mentor system चाहिए। Gautam Gambhir की Coaching पर सवाल Gautam Gambhir की coaching approach पर बात करते हुए Sreesanth ने कहा कि उनका तरीका काफी सख्त और सीधा है। उनकी चिंता थी कि: हालांकि उन्होंने यह भी माना कि हर कोच का अपना तरीका होता है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। क्यों शुरू हुई यह नई बहस? यह पूरा मामला ऐसे समय पर सामने आया है जब India national cricket team लगातार अपने performance और team management को लेकर चर्चा में रहती है। क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आज के दौर में: सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया Sreesanth के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर फैंस बंट गए हैं। कुछ लोगों का कहना है कि Dhoni जैसा calm leadership model ही सही रास्ता है, जबकि कुछ फैंस Gautam Gambhir की strict coaching approach का समर्थन कर रहे हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vaibhav Suryavanshi Controversy: BCCI ने कहा- मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा बोर्ड, फैसला मैच रेफरी पर छोड़ेंगे

Vaibhav Suryavanshi Controversy: BCCI ने कहा- मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा बोर्ड, फैसला मैच रेफरी पर छोड़ेंगे

भारतीय क्रिकेट में इन दिनों चर्चा का विषय बने वैभव सूर्यवंशी मामले पर Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने अपना रुख साफ कर दिया है। बोर्ड ने कहा है कि इस मामले में वह किसी तरह का सीधा हस्तक्षेप नहीं करेगा और अंतिम फैसला मैच रेफरी के अधिकार क्षेत्र में रहेगा। क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट्स के अनुसार, एक मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी और श्रीलंका के एक खिलाड़ी के बीच विवाद की स्थिति बन गई थी। आरोप है कि इस दौरान वैभव ने श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का दिया, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया। घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्रिकेट प्रशंसकों के बीच भी बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने इस व्यवहार की आलोचना की, जबकि कुछ ने इसे मैच के दौरान भावनाओं का परिणाम बताया। BCCI सचिव ने क्या कहा? BCCI सचिव ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस तरह के मामलों की जांच और कार्रवाई की जिम्मेदारी मैच रेफरी की होती है। उन्होंने कहा कि बोर्ड इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करेगा और नियमों के अनुसार जो भी फैसला होगा, उसे स्वीकार किया जाएगा। मैच रेफरी की रिपोर्ट अहम क्रिकेट के नियमों के तहत मैदान पर हुई किसी भी अनुशासनहीन घटना की समीक्षा मैच रेफरी करते हैं। खिलाड़ियों के व्यवहार, वीडियो फुटेज और अंपायरों की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय की जाती है। ऐसे में इस मामले में भी मैच रेफरी की रिपोर्ट सबसे महत्वपूर्ण मानी
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FIFA World Cup 2026: South Africa ने Czech Republic से 1-1 का ड्रॉ खेला, पेनल्टी से बचाई हार

FIFA World Cup 2026: South Africa ने Czech Republic से 1-1 का ड्रॉ खेला, पेनल्टी से बचाई हार

फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में South Africa और Czech Republic के बीच खेला गया मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा। दोनों टीमों के बीच यह मैच 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। South Africa ने मैच के अंतिम चरण में पेनल्टी के जरिए गोल कर हार को टाल दिया और महत्वपूर्ण एक अंक हासिल कर लिया। सादिलेक ने किया सीजन का सबसे तेज गोल मैच की शुरुआत Czech Republic के लिए शानदार रही। टीम के मिडफील्डर मिखाल सादिलेक ने शुरुआती मिनटों में ही गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिला दी। यह गोल टूर्नामेंट के सबसे तेज गोलों में से एक माना जा रहा है। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद Czech Republic ने लंबे समय तक मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। South Africa ने नहीं मानी हार पहले गोल के बाद South Africa लगातार बराबरी की कोशिश करता रहा। टीम ने कई आक्रमण किए, लेकिन Czech Republic की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने सफलता नहीं मिली। जैसे-जैसे समय बीतता गया, South Africa पर हार का खतरा बढ़ने लगा।
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ODI Match

Historic ODI Match Team India का 400+ स्कोर, फिर भी गिरे सभी विकेट

India vs Afghanistan ODI Match में भारतीय टीम ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो वनडे क्रिकेट के इतिहास में शायद ही पहले कभी देखने को मिला हो। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में टीम इंडिया ने 402 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, लेकिन इसके बावजूद पूरी टीम ऑलआउट हो गई। यह मैच सिर्फ भारत की बड़ी जीत के लिए नहीं, बल्कि कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स और यादगार पलों के लिए भी चर्चा में रहा। Gill और Ishan की तूफानी बल्लेबाजी ने बदला मैच का रुख भारतीय कप्तान शुभमन गिल और विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने अफगानिस्तान के गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 224 रन की शानदार साझेदारी की, जिसने भारत को बड़े स्कोर की मजबूत नींव दी। शुभमन गिल ने 154 रन की कप्तानी पारी खेली, जबकि ईशान किशन ने 125 रन बनाकर लंबे समय बाद वनडे क्रिकेट में शतक का स्वाद चखा। दोनों बल्लेबाजों ने एक ही ओवर में अपने-अपने शतक पूरे कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। 400 रन के बाद भी ऑलआउट, बना अनोखा रिकॉर्ड भारत ने निर्धारित 50 ओवर पूरे होने से पहले ही 402 रन बना लिए, लेकिन पारी के आखिरी क्षणों में लगातार विकेट गिरने से टीम 49.5 ओवर में ऑलआउट हो गई। आमतौर पर 400 से अधिक रन बनाने वाली टीमों के सभी विकेट नहीं गिरते, इसलिए यह रिकॉर्ड क्रिकेट इतिहास में एक अलग पहचान बना गया। Shreyas Iyer ने Virat Kohli को छोड़ा पीछे मैच में श्रेयस अय्यर ने भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज 3000 रन पूरे करने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया। अय्यर का यह रिकॉर्ड उनके लगातार शानदार प्रदर्शन का प्रमाण माना जा रहा है। Shubman Gill का गोल्डन फॉर्म जारी शुभमन गिल का बल्ला पिछले कुछ समय से लगातार रन बरसा रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ 154 रन की पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद युवा बल्लेबाजों में शामिल हो चुके हैं। कप्तान के रूप में भी उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता जा रहा है। भारत ने सीरीज पर जमाया कब्जा बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय गेंदबाजों ने भी अफगानिस्तान को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। नतीजतन टीम इंडिया ने मुकाबला 170 रन के बड़े अंतर से जीत लिया और तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। Match Highlights हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vaibhav Suryavanshi

India-A के युवा स्टार Vaibhav Suryavanshi फिर फेल, Afghanistan-A के खिलाफ 38 रन बनाकर लौटे

भारत-ए के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) का इंतजार अभी भी जारी है। क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद थी कि अफगानिस्तान-ए के खिलाफ ट्राई सीरीज के अहम मुकाबले में उनका बल्ला बड़ी पारी खेलेगा, लेकिन एक बार फिर ऐसा नहीं हो सका। वैभव ने 38 रन की उपयोगी पारी तो खेली, मगर उसे अर्धशतक में नहीं बदल पाए। इसके साथ ही वह टूर्नामेंट में लगातार चौथी बार बड़ी पारी खेलने से चूक गए। अच्छी शुरुआत के बावजूद नहीं खेल सके बड़ी पारी श्रीलंका में खेली जा रही ट्राई नेशन सीरीज में वैभव सूर्यवंशी शुरुआत तो अच्छी कर रहे हैं, लेकिन लंबी पारी नहीं खेल पा रहे। अफगानिस्तान-ए के खिलाफ भी उन्होंने आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की और कुछ शानदार शॉट लगाए। उनकी बल्लेबाजी देखकर लग रहा था कि इस बार वह आलोचकों को जवाब देंगे, लेकिन सेट होने के बाद विकेट गंवा बैठे। 168/3 के स्कोर तक पहुंची India-A मैच के दौरान भारत-ए के बल्लेबाजों ने मजबूत प्रदर्शन किया और टीम को बेहतर स्थिति में पहुंचाया। वैभव के आउट होने तक भारत-ए का स्कोर 168/3 था। टीम के लिए यह स्थिति काफी मजबूत मानी जा रही थी, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर वैभव के लिए यह एक और अधूरा मौका साबित हुआ। ट्राई सीरीज में लगातार चौथी बार नहीं चला बल्ला पिछले कुछ मुकाबलों में भी वैभव अच्छी शुरुआत के बावजूद बड़ा स्कोर नहीं बना पाए हैं। कभी 20 के आसपास तो कभी 40 रन के करीब पहुंचकर उनका विकेट गिरा है। यही वजह है कि उनके प्रदर्शन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि क्रिकेट जानकारों का मानना है कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के दबाव को संभालना आसान नहीं होता और ऐसे दौर हर खिलाड़ी के करियर में आते हैं। विशेषज्ञों को अब भी है युवा बल्लेबाज पर भरोसा वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, आत्मविश्वास और बड़े शॉट खेलने की क्षमता ने पहले ही क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया है। यही कारण है कि लगातार कुछ पारियों में नाकाम रहने के बावजूद टीम प्रबंधन और प्रशंसक उन पर भरोसा बनाए हुए हैं। अगले मुकाबलों में बड़ी पारी का इंतजार अब सभी की नजर ट्राई सीरीज के अगले मुकाबलों पर रहेगी। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि वैभव जल्द ही अपनी लय हासिल करेंगे और एक बड़ी पारी खेलकर यह साबित करेंगे कि उनमें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा बनने की पूरी क्षमता है। यदि वह अपनी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने में सफल होते हैं, तो आलोचनाओं का दौर भी अपने आप खत्म हो जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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