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IND vs NZ 2nd ODI 2026 Rajkot में India vs New Zealand का धमाकेदार क्रिकेट शो

राजकोट की शाम, खचाखच भरा स्टेडियम और दोनों तरफ़ से गूंजता शोर—IND vs NZ 2nd ODI सिर्फ़ एक मैच नहीं, बल्कि जज़्बातों की भिड़ंत है। तीन मैचों की वनडे सीरीज़ के इस अहम मुकाबले में टीम इंडिया बढ़त को मजबूत करना चाहती है, जबकि न्यूज़ीलैंड बराबरी के इरादे से उतरेगा। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह दिन खास है, क्योंकि मैदान पर बड़े नाम, तेज़ रफ्तार गेंदबाज़ी और लंबे शॉट्स—सब कुछ देखने को मिलेगा। Rajkot Pitch Report: रन बरसने के आसार राजकोट की पिच आमतौर पर बल्लेबाज़ों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां की सतह पर अच्छा उछाल मिलता है और आउटफील्ड भी तेज़ रहती है, इसलिए चौके-छक्कों की बारिश अक्सर देखने को मिलती है। शुरुआती ओवरों में तेज़ गेंदबाज़ों को स्विंग मिल सकता है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, बल्लेबाज़ी आसान होती जाती है। यही वजह है कि टॉस जीतने वाली टीम अक्सर पहले बल्लेबाज़ी पर नज़र रखती है। India Team: फॉर्म, फायर और फिनिश टीम इंडिया का बैटिंग ऑर्डर इस वक्त गहरी फॉर्म में है। टॉप ऑर्डर से लेकर मिडिल ऑर्डर तक, हर खिलाड़ी अपने रोल को समझते हुए खेल रहा है। राजकोट की सपाट पिच पर भारत का लक्ष्य साफ़ होगा—बड़ा स्कोर बनाना और दबाव में गेंदबाज़ी करना। New Zealand Team: प्लान, प्रिसीजन और पलटवार न्यूज़ीलैंड की टीम हमेशा अनुशासन और स्मार्ट क्रिकेट के लिए जानी जाती है। उनके बल्लेबाज़ शुरुआती ओवरों में संभलकर खेलते हैं और बाद में गियर बदलते हैं। इस मुकाबले में कीवी टीम का फोकस रहेगा—शुरुआत को बड़ा बनाना और भारतीय बल्लेबाज़ों पर जल्दी दबाव डालना। Key Players to Watch हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IPL

IPL से World Cup तक विवाद Mustafizur Rahman, BCCI और Bangladesh के बीच टकराव पर ICC की नजर

T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसा विवाद खड़ा हो गया है, जिसने खेल से ज़्यादा राजनीति और कूटनीति को सुर्खियों में ला दिया है। यह पूरा मामला जुड़ा है बांग्लादेश के तेज़ गेंदबाज़ मुस्ताफिज़ुर रहमान, IPL, BCCI, BCB और ICC से। विवाद की शुरुआत कहां से हुई? IPL 2026 की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने मुस्ताफिज़ुर रहमान को लगभग 9 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। लेकिन इसके कुछ ही समय बाद, BCCI के निर्देश पर KKR को उन्हें रिलीज़ करना पड़ा। इस फैसले ने न सिर्फ क्रिकेट जगत को चौंकाया, बल्कि भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में भी तनाव पैदा कर दिया। BCCI ने आधिकारिक तौर पर कारण स्पष्ट नहीं किया, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में इसे भारत-बांग्लादेश के बीच बढ़ते राजनीतिक और कूटनीतिक मतभेदों से जोड़ा गया। मुस्ताफिज़ुर रहमान की प्रतिक्रिया इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुस्ताफिज़ुर रहमान ने सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया। बांग्लादेश के पूर्व क्रिकेटरों के अनुसार, वह स्थिति को शांत मन से देख रहे हैं और अपने खेल पर फोकस बनाए हुए हैं। IPL के मौजूदा नियमों के अनुसार, चूंकि खिलाड़ी को फ्रेंचाइज़ी की गलती या अनुशासनहीनता के कारण नहीं हटाया गया, बल्कि बोर्ड के निर्देश पर रिलीज़ किया गया, इसलिए उन्हें किसी तरह के मुआवज़े की संभावना भी नहीं के बराबर है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का सख्त रुख मुस्ताफिज़ुर को IPL से हटाए जाने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने कड़ा ऐतराज़ जताया। BCB का कहना है कि: इतना ही नहीं, बांग्लादेश में कथित तौर पर IPL के टीवी प्रसारण पर रोक लगा दी गई, जिससे यह विवाद और गंभीर हो गया। ICC की दो टूक नीति अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने इस पूरे मामले में साफ रुख अपनाया है। ICC का कहना है कि: हालांकि ICC इस समय BCCI और BCB के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रही है ताकि टूर्नामेंट बिना किसी बड़े व्यवधान के हो सके। वर्ल्ड कप पर मंडराता खतरा अगर यह विवाद नहीं सुलझता है, तो इसके असर दूरगामी हो सकते हैं: फिलहाल क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें ICC के अगले कदम और बांग्लादेश के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं। खेल से आगे निकल चुका है मामला यह विवाद अब सिर्फ एक खिलाड़ी या IPL कॉन्ट्रैक्ट तक सीमित नहीं रहा। यह साफ दिखाता है कि कैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कई बार राजनीति और कूटनीति से अलग नहीं रह पाता। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेल की भावना के साथ आगे बढ़ता है या विवादों की छाया में। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vijay Hazare

Vijay Hazare Trophy 2025-26 डेवलपिंग टैलेंट और स्टार प्लेयर्स का जलवा

भारत की घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट Vijay Hazare Trophy 2025-26 अपने रोमांचक मोड़ पर है। मंगलवार को खेले गए 6th Round में दर्शकों ने जबरदस्त मुकाबले देखे। बल्लेबाजों के बड़े स्कोर, तेज गेंदबाजों की धार, और कुछ स्टार खिलाड़ियों की अनुपस्थिति ने इस राउंड को बेहद रोमांचक बना दिया। 6th Round Highlights टूर्नामेंट की रोमांचक तस्वीर छठे राउंड के बाद अंक तालिका और भी दिलचस्प हो गई है। कुछ टीमों ने क्वार्टरफाइनल में जगह पक्की कर ली है, जबकि कई टीमें हर मैच में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष कर रही हैं।बल्लेबाजों के बड़े स्कोर और गेंदबाजों के निर्णायक स्पेल ने यह साफ कर दिया कि अगले राउंड में मुकाबले और भी रोमांचक होंगे। Vijay Hazare Trophy 2025-26 का छठा राउंड घरेलू क्रिकेट के रोमांच और प्रतिभा को दर्शाता है। युवा और सीनियर दोनों खिलाड़ी अपनी टीम के लिए योगदान दे रहे हैं। फैंस के लिए आने वाले मैचों का इंतजार अब और मुश्किल हो गया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IPL

IPL Controversy मुस्ताफिज़ुर को लेकर बांग्लादेश सरकार का बड़ा फैसला, IPL Broadcast बंद

बांग्लादेश में क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बांग्लादेश सरकार ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के प्रसारण पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला अचानक लिया गया, लेकिन इसके पीछे की वजह ने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया है। IPL पर बैन क्यों लगाया गया? इस पूरे मामले की शुरुआत बांग्लादेश के तेज़ गेंदबाज़ मुस्ताफिज़ुर रहमान से जुड़े विवाद से हुई। IPL 2026 सीज़न से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने मुस्ताफिज़ुर को अपनी टीम से रिलीज़ कर दिया। बांग्लादेश में इसे सिर्फ़ एक टीम का फैसला नहीं, बल्कि बांग्लादेशी खिलाड़ी के अपमान और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के हस्तक्षेप के तौर पर देखा गया। क्रिकेट वहां सिर्फ़ खेल नहीं, बल्कि भावना है। जैसे ही यह खबर फैली, बांग्लादेशी फैंस में नाराज़गी साफ़ दिखने लगी। सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हुआ और धीरे-धीरे यह मुद्दा सरकार तक पहुंच गया। सरकार का बड़ा फैसला जनभावनाओं को देखते हुए बांग्लादेश सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए IPL के प्रसारण पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया।इस आदेश के तहत: दर्शकों और ब्रॉडकास्टर्स पर असर इस फैसले का सबसे बड़ा असर सीधे क्रिकेट प्रशंसकों पर पड़ा है। IPL बांग्लादेश में भी बेहद लोकप्रिय लीग है और बड़ी संख्या में लोग इसे नियमित रूप से देखते हैं।इसके अलावा: क्रिकेट से आगे बढ़ता मामला कई क्रिकेट जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा अब सिर्फ़ IPL या एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं रहा। यह फैसला खेल, राजनीति और राष्ट्रीय स्वाभिमान के बीच की जटिल स्थिति को दर्शाता है। अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका असर भविष्य की द्विपक्षीय सीरीज़ और क्रिकेट सहयोग पर भी पड़ सकता है। आगे क्या? अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि: IPL पर लगाया गया यह प्रतिबंध एक याद दिलाता है कि क्रिकेट सिर्फ़ मैदान तक सीमित नहीं रहता। खिलाड़ियों से जुड़ी भावनाएं, देश की प्रतिष्ठा और प्रशंसकों की उम्मीदें—सब मिलकर फैसलों की दिशा तय करती हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद किस मोड़ पर जाकर खत्म होता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BCCI

IPL 2026 Controversy BCCI का बड़ा आदेश, KKR को Mustafizur Rahman को Release करने का आदेश

आईपीएल 2026 शुरू होने से पहले ही एक बड़ा विवाद सामने आ गया है। Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को निर्देश दिया है कि वह अपनी टीम से बांग्लादेशी तेज़ गेंदबाज़ मुस्ताफिज़ुर रहमान (Mustafizur Rahman) को रिलीज़ करें। केकेआर वही फ्रेंचाइज़ी है, जिसके सह-मालिक बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख़ ख़ान हैं। KKR ने 9.20 करोड़ में खरीदा था Mustafizur आईपीएल 2026 की नीलामी में केकेआर ने मुस्ताफिज़ुर रहमान को लगभग ₹9.20 करोड़ में खरीदा था। यह बोली न सिर्फ चर्चा में रही, बल्कि बांग्लादेशी क्रिकेट इतिहास की सबसे महंगी आईपीएल डील्स में से एक मानी जा रही थी। लेकिन नीलामी के कुछ ही समय बाद यह सौदा विवादों में घिर गया। BCCI ने क्यों दिया Release करने का निर्देश? BCCI की ओर से कहा गया है कि यह फैसला “हालिया घटनाक्रम (recent developments)” को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। दरअसल, मुस्ताफिज़ुर की केकेआर में एंट्री के बाद भारत में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। कुछ राजनीतिक नेताओं और संगठनों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित हिंसा का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि ऐसे समय में किसी बांग्लादेशी खिलाड़ी को आईपीएल में क्यों मौका दिया जा रहा है। शाहरुख़ ख़ान और KKR भी आए निशाने पर विवाद बढ़ने के साथ-साथ सोशल मीडिया पर केकेआर और शाहरुख़ ख़ान को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और बयानबाज़ी देखने को मिली, जिससे मामला क्रिकेट से निकलकर राजनीतिक बहस में बदल गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए BCCI ने हस्तक्षेप किया और केकेआर को मुस्ताफिज़ुर को रिलीज़ करने का निर्देश जारी किया। KKR को मिलेगा Replacement का मौका BCCI ने यह भी साफ किया है कि कोलकाता नाइट राइडर्स को रिप्लेसमेंट खिलाड़ी चुनने की अनुमति दी जाएगी, ताकि टीम की तैयारी और संतुलन पर ज्यादा असर न पड़े। खेल बनाम राजनीति की बहस फिर तेज इस फैसले के बाद एक बार फिर यह बहस तेज़ हो गई है कि क्या खेल को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए। कई क्रिकेट फैंस और एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी खिलाड़ी को उसकी राष्ट्रीयता या राजनीतिक हालात के कारण बाहर करना खेल की भावना के खिलाफ है। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय भावनाओं और सामाजिक परिस्थितियों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। Mustafizur Rahman का IPL 2026 लगभग खत्म फिलहाल हालात को देखते हुए यह माना जा रहा है कि मुस्ताफिज़ुर रहमान का IPL 2026 में खेलना लगभग नामुमकिन है, जब तक कि BCCI अपने फैसले पर दोबारा विचार न करे। यह मामला आने वाले समय में विदेशी खिलाड़ियों की आईपीएल में भागीदारी को लेकर एक अहम उदाहरण बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Usman Khawaja

15 साल का सफर पूरा Usman Khawaja का SCG में International Cricket से संन्यास

ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज़ Usman Khawaja ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर (International Cricket Career) से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। वह अपनी क्रिकेट यात्रा का आख़िरी अध्याय 2025–26 एशेज (Ashes 2025–26) सीरीज़ के पाँचवे टेस्ट में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर खेलकर पूरा करेंगे। यह वही मैदान है जहाँ से उनके टेस्ट करियर की शुरुआत हुई थी और अब यहीं पर यह यादगार सफर समाप्त होगा। SCG का खास महत्व उस्मान ख़्वाजा ने 2011 में SCG में टेस्ट डेब्यू किया था। यही मैदान उनके करियर का नया मोड़ भी बन गया, जब उन्होंने 2022 एशेज में शानदार दो शतक बनाकर टीम को जीत दिलाई। अब यह SCG उनके करियर का अंतिम मंच बन गया है, जो उनके लिए भावनात्मक और यादगार है। 15 साल का शानदार करियर ख़्वाजा का अंतरराष्ट्रीय करियर 15 वर्षों तक फैला और उन्होंने उनकी यह स्थिरता और तकनीक उन्हें ऑस्ट्रेलिया के भरोसेमंद बल्लेबाज़ों में शामिल करती है, खासकर विदेशी सीरीज़ में उनके योगदान को याद किया जाएगा। संघर्ष और प्रेरणा ख़्वाजा ने अपने करियर में नस्लीय पूर्वाग्रह और आलोचनाओं का सामना किया, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कहा कि उनकी कहानी उन लोगों को प्रेरित करेगी जो अलग महसूस करते हैं या हाशिए पर हैं। अपने शर्तों पर विदाई ख़्वाजा ने कहा कि वह क्रिकेट को “अपने शर्तों पर” छोड़ रहे हैं और इस सफर में उन्हें परिवार, कोच और फैंस का पूरा समर्थन मिला। उनके शब्द भावनाओं से भरे हुए थे और उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह हमेशा क्रिकेट के प्रति आभारी रहेंगे। Usman Khawaja की Cricket Legacy उस्मान ख़्वाजा को उनके धैर्य, तकनीक और मानसिक मजबूती के लिए याद किया जाएगा। उनका करियर यह दिखाता है कि संघर्ष, लगन और आत्मविश्वास से हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। SCG में यह आख़िरी एशेज टेस्ट सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि Usman Khawaja के 15 साल के यादगार सफर का समापन होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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इंग्लैंड

MCG में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराया 15 साल बाद मिली जीत

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेले गए एशेज 2025 के चौथे टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर सीरीज़ में अपनी पहली जीत दर्ज की। यह मुकाबला कई मायनों में ऐतिहासिक रहा—खासकर इंग्लैंड की गेंदबाज़ी, पिच की प्रकृति और दो दिन में खत्म हुए टेस्ट मैच के कारण। टॉस और पिच इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया। MCG की पिच शुरू से ही हरी और तेज़ गेंदबाजों के अनुकूल दिखी, जिसका पूरा फायदा दोनों टीमों के पेस अटैक ने उठाया। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी में सिर्फ 152 रन पर सिमट गई।इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जोश टंग ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट झटके और कंगारू बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ दी। उनके अलावा ब्रायडन कार्स ने भी प्रभावी गेंदबाज़ी की। इंग्लैंड की पहली पारी जवाब में इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी भी टिक नहीं पाई और पूरी टीम 110 रन पर ऑलआउट हो गई।ऑस्ट्रेलिया की ओर से मिचेल स्टार्क और अन्य तेज़ गेंदबाज़ों ने इंग्लिश बल्लेबाज़ों को लगातार परेशान किया। दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया का संघर्ष दूसरी पारी में भी ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाज़ी लड़खड़ाई।टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाई, हालांकि ट्रैविस हेड ने सबसे ज़्यादा जुझारू पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 175 रनों का लक्ष्य रखा। इंग्लैंड की सफल रन चेज़ इंग्लैंड ने लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव जरूर झेला, लेकिन हैरी ब्रूक और जेमी स्मिथ ने समझदारी भरी बल्लेबाज़ी करते हुए टीम को जीत तक पहुंचाया।इंग्लैंड ने 178/6 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम किया। मैच की खास बातें सीरीज़ की स्थिति हालांकि ऑस्ट्रेलिया पहले ही एशेज सीरीज़ अपने नाम कर चुका है, लेकिन इस जीत से इंग्लैंड को आत्मविश्वास मिला है और सीरीज़ अब 3–1 पर पहुंच गई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vaibhav Suryavanshi

Cricket History में नया Chapter 14 साल के Vaibhav Suryavanshi ने तोड़ा 39 साल पुराना World Record

भारतीय क्रिकेट ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। इस बार नाम है वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) — उम्र सिर्फ 14 साल, लेकिन रिकॉर्ड ऐसे जो बड़े-बड़े दिग्गज भी नहीं बना पाए। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में वैभव ने ऐसा शतक जड़ा, जिसने 39 साल पुराने वर्ल्ड रिकॉर्ड को इतिहास बना दिया। Vijay Hazare Trophy में ऐतिहासिक पारी बिहार बनाम अरुणाचल प्रदेश के मुकाबले में Vaibhav Suryavanshi ने बल्लेबाजी करते हुए मैदान पर तूफान ला दिया। उन्होंने सिर्फ 36 गेंदों में अपना शतक पूरा किया, जो पुरुषों की List-A Cricket में अब तक का सबसे कम उम्र में लगाया गया शतक है। यहीं नहीं, वैभव ने अपनी पारी को आगे बढ़ाते हुए 84 गेंदों में 190 रन ठोक दिए। इस दौरान उनके बल्ले से चौके-छक्कों की ऐसी बारिश हुई कि दर्शक भी हैरान रह गए। 39 साल पुराना World Record टूटा इस शतक के साथ Vaibhav Suryavanshi पुरुषों की लिस्ट-A क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। यह रिकॉर्ड पिछले 39 वर्षों से अटूट माना जा रहा था। लिस्ट-A क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय वनडे का मजबूत आधार माना जाता है, इसलिए यह उपलब्धि और भी खास हो जाती है। Double Century से सिर्फ 10 रन दूर मैच के दौरान ऐसा लग रहा था कि Vaibhav Suryavanshi इतिहास की सबसे बड़ी लिस्ट-A पारी खेलने जा रहे हैं। हालांकि वह डबल सेंचुरी से सिर्फ 10 रन दूर रह गए, लेकिन उनकी यह पारी पहले ही रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो चुकी थी। 2025 में रिकॉर्ड्स की झड़ी वैभव सूर्यवंशी का यह पहला बड़ा कारनामा नहीं है। साल 2025 में उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए: क्रिकेट एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं क्रिकेट जानकारों का मानना है कि वैभव की बल्लेबाजी में टाइमिंग, पावर और धैर्य का शानदार मेल है। इतनी कम उम्र में दबाव में खेलना और बड़े शॉट्स लगाना उन्हें खास बनाता है। Indian Cricket को मिला Future Star 14 साल की उम्र में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना कोई सामान्य बात नहीं है। वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) ने साबित कर दिया है कि वह सिर्फ एक टैलेंट नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं। आने वाले समय में उनके इंटरनेशनल क्रिकेट में भी चमकने की पूरी उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BCCI

BCCI Hikes Women’s Cricket Match Fees भारत की महिला क्रिकेटर्स के लिए बड़ा आर्थिक तोहफा

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने महिलाओं के घरेलू क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए मैच फीस में बड़ा इजाफा किया है। यह कदम महिला खिलाड़ियों की आर्थिक सुरक्षा बढ़ाने और घरेलू क्रिकेट को और पेशेवर बनाने की दिशा में उठाया गया है। नई मैच फीस स्ट्रक्चर (Domestic Women Cricket Fees) पृष्ठभूमि और महत्व पहले, सीनियर महिला खिलाड़ी एक पूरे सीजन में सभी लीग मैच खेलने पर लगभग ₹2 लाख कमा पाती थीं। अब यह वृद्धि उनकी सीजनल कमाई को काफी बढ़ा देगी। BCCI का यह फैसला महिला क्रिकेट की लोकप्रियता और सफलता को देखते हुए आया है। हाल ही में भारतीय महिला टीम ने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे घरेलू क्रिकेट में भी निवेश और समर्थन बढ़ा है। क्यों है यह बदलाव खास? BCCI का यह कदम महिला क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा देने वाला है। इससे भारत में महिलाओं का क्रिकेट और मजबूत और आकर्षक बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Hardik Pandya

Hardik Pandya Rinku Singh T20 World Cup 2026 में Team India की आख़िरी उम्मीद

टी20 क्रिकेट में मैच कब और कैसे पलट जाए, कोई नहीं जानता। ऐसे में किसी भी टीम के लिए सबसे अहम होते हैं उसके finishers। T20 World Cup 2026 से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को लेकर यही चर्चा सबसे ज़्यादा है कि आख़िरी ओवरों में भारत की नैया कौन पार लगाएगा। इस सवाल का जवाब साफ़ तौर पर दो नामों में छिपा है – Hardik Pandya और Rinku Singh। Hardik Pandya: Experience के साथ Power का Combo हार्दिक पांड्या लंबे समय से Team India के सबसे भरोसेमंद white-ball खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। बड़े टूर्नामेंट का अनुभव, तेज़ रन बनाने की क्षमता और दबाव में शांत दिमाग — यही उनकी सबसे बड़ी ताक़त है।टीम मैनेजमेंट हार्दिक को सिर्फ एक फिनिशर नहीं, बल्कि ऐसा खिलाड़ी मानता है जो ज़रूरत पड़ने पर ऊपर आकर भी गेम बदल सकता है। Rinku Singh: Pressure का Player, Crowd का Favourite रिंकू सिंह ने कम समय में जो पहचान बनाई है, वह काबिल-ए-तारीफ है। IPL से लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट तक, रिंकू ने बार-बार दिखाया है कि आख़िरी ओवरों का दबाव उन्हें डराता नहीं, बल्कि और खतरनाक बना देता है।उनकी T20 World Cup टीम में वापसी इस बात का सबूत है कि चयनकर्ता उन्हें भारत का X-factor finisher मानते हैं। Sirf Last Overs नहीं, Flexible Role हालाँकि हार्दिक और रिंकू को आमतौर पर फिनिशर कहा जाता है, लेकिन उनकी भूमिका सिर्फ आख़िरी 4-5 ओवरों तक सीमित नहीं होगी।अगर शुरुआती विकेट गिर जाते हैं, तो ये दोनों पारी को संभाल सकते हैं। वहीं, अगर टॉप ऑर्डर अच्छी शुरुआत दे देता है, तो यही खिलाड़ी डेथ ओवर्स में विपक्षी गेंदबाज़ों की कमर तोड़ सकते हैं। Team India को मिलेगा Strategic Advantage दो मजबूत फिनिशरों की मौजूदगी से भारत को बड़ा फायदा मिलेगा। टॉप ऑर्डर बिना किसी डर के खुलकर खेल पाएगा, क्योंकि पीछे हार्दिक और रिंकू जैसे मैच-विनर मौजूद होंगे।टी20 जैसे फॉर्मेट में यही भरोसा कई बार मैच जिताने का कारण बनता है। Fans को है बड़ी उम्मीद भारतीय फैंस को उम्मीद है कि T20 World Cup 2026 में हार्दिक पांड्या का अनुभव और रिंकू सिंह की निडर बल्लेबाज़ी मिलकर भारत को खिताब के और करीब ले जाएगी।अगर ये जोड़ी अपने फॉर्म में रहती है, तो विपक्षी टीमों के लिए आख़िरी ओवर सबसे बड़ा सिरदर्द बन सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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रानी कमलापति स्टेशन पर दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट, 29 मिनट खड़ी रही ट्रेन

भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह दूरंतो एक्सप्रेस में यात्रियों और पैंट्री कर्मचारियों के बीच मारपीट हो गई। घटना सुबह करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। सामान चढ़ाने और यात्रियों के आने-जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद बढ़ गया, जिसके चलते ट्रेन करीब 29 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। आरोप है कि पैंट्री कर्मचारियों ने एकजुट होकर यात्रियों पर हमला किया। विवाद के दौरान कर्मचारियों द्वारा चेन पुलिंग किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया गया कि ट्रेन रानी कमलापति स्टेशन पर पहले ही निर्धारित समय से 3 घंटे 33 मिनट की देरी से पहुंची थी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शांत कराया विवाद घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और यात्रियों व पैंट्री कर्मचारियों के बीच चल रहे विवाद को शांत कराया। जीआरपी टीआई अमित शर्मा के मुताबिक, पीड़ित यात्री बेंगलुरु जा रहा था। उन्होंने बताया कि रानी कमलापति स्टेशन पर इस मामले में शिकायत नहीं मिली। वहीं, नागपुर में जीरो पर प्रकरण दर्ज किए जाने की सूचना है। मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित जीआरपी के स्तर पर की जाएगी।

मध्यप्रदेश में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए, 330 विकासखंडों में होगा खेल महोत्सव

मध्यप्रदेश में पारंपरिक और आंचलिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार करीब साढ़े सात करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रही है। खेल विभाग ने इसके लिए छोटे शहरों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 330 विकासखंडों में हर साल पारंपरिक खेल महोत्सव आयोजित किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेलों को संरक्षण देना और ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान करना है। सरकार की इस पहल से स्थानीय खेलों को प्रतियोगिताओं और व्यवस्थित प्रशिक्षण के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। पिट्ठू से मलखंभ तक, कई खेल होंगे शामिल प्रस्तावित योजना में पिट्ठू, गदा और साइकिल रेस जैसे पारंपरिक व आंचलिक खेलों को शामिल किया गया है। इसके अलावा कबड्डी, खो-खो, पैदल चाल, तीरंदाजी और मलखंभ जैसे खेलों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पारंपरिक खेल महोत्सव में विकासखंड स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इन स्पर्धाओं के लिए पूरे प्रदेश में एक समान नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के समान अवसर मिल सकें। छोटे शहरों में खुलेंगे प्रशिक्षण केंद्र खेल विभाग का मानना है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई पारंपरिक खेल लंबे समय से स्थानीय संस्कृति का हिस्सा रहे हैं। हालांकि, इन खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को अक्सर औपचारिक प्रशिक्षण और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिल पाता। प्रस्तावित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से ऐसे खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने की योजना है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। आधुनिक खेलों से जोड़ने की भी तैयारी खेल विभाग इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेगा। इसके बाद उन्हें आगे के प्रशिक्षण के लिए तैयार करने की योजना है। विभाग पारंपरिक खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को आधुनिक खेल व्यवस्था से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम कर रहा है। इस पहल के जरिए पारंपरिक खेलों को नई पहचान देने के साथ-साथ ग्रामीण युवाओं की खेलों में भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक खेलों के केंद्र स्थापित किए जाएंगे: विश्वास सारंग खेल मंत्री विश्वास सारंग के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कई देशी खेल प्रचलित हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर खेलने के अवसर सीमित हैं। अब इनके केंद्र स्थापित कर इन खेलों को बढ़ावा देने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित योजना में टीम आधारित और व्यक्तिगत, दोनों तरह के खेलों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है।

एशियन पैरा गेम्स में भारत का धमाकेदार प्रदर्शन, दूसरे दिन जीते 24 मेडल; कुल पदक 35 हुए

जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। प्रतियोगिता के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 24 मेडल जीते, जिनमें 5 गोल्ड, 6 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक 9 गोल्ड, 11 सिल्वर और 15 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए हैं। दूसरे दिन एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारत ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज तीनों मेडल जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। वहीं, निषाद कुमार ने हाई जंप में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। सिमरन शर्मा और दीप्ति जीवनजी ने भी क्रमशः 200 मीटर और 400 मीटर रेस में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। शूटिंग में मनीष नरवाल ने सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा भी हासिल किया। डिस्कस थ्रो में भारत का क्लीन स्वीप पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने तीनों पदक जीतकर अपना दबदबा कायम किया। देवेंद्र कुमार ने 781 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल हासिल किया। राकेश ने 771 पॉइंट्स लेकर सिल्वर, जबकि प्रदीप कुमार ने 669 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इस मुकाबले की खास बात यह रही कि प्रदीप कुमार ने 51.15 मीटर का सबसे लंबा थ्रो किया, इसके बावजूद उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला। इसकी वजह यह है कि इस स्पर्धा में अलग-अलग तरह की शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी एक साथ मुकाबला करते हैं। इसमें F43, F44, F62 और F64 कैटेगरी के खिलाड़ी शामिल थे। खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति और थ्रो करने की क्षमता में अंतर होने के कारण उनके प्रदर्शन का आकलन रजा पॉइंट्स सिस्टम के आधार पर किया जाता है। इस प्रणाली में खिलाड़ी की कैटेगरी के अनुसार प्रदर्शन को अंक दिए जाते हैं, जिससे अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के परिणामों की निष्पक्ष तुलना की जा सके। निषाद कुमार ने हाई जंप में जीता दूसरा गोल्ड भारतीय पैरा-एथलीट निषाद कुमार ने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.02 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। यह इन गेम्स में उनका दूसरा गोल्ड है। इससे पहले वह लॉन्ग जंप में भी पहला स्थान हासिल कर चुके हैं। हाई जंप में खिलाड़ियों को एक निश्चित ऊंचाई पर रखी बार को बिना गिराए पार करना होता है। हर सफल प्रयास के बाद बार की ऊंचाई बढ़ाई जाती है और सबसे अधिक ऊंचाई पार करने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। T47 पैरा-एथलेटिक्स की वह श्रेणी है, जिसमें हाथ से जुड़ी शारीरिक दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। निषाद की इस उपलब्धि से भारत के पदक अभियान को मजबूती मिली है। प्रणव सूरमा को गोल्ड, राम रतन सिंह ने जीता सिल्वर पुरुषों की डिस्कस थ्रो F51/F52/F53 स्पर्धा में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रणव सूरमा ने 932 रजा पॉइंट्स के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि राम रतन सिंह 809 पॉइंट्स लेकर दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें सिल्वर मेडल मिला। प्रणव ने अपने छह प्रयासों में 11.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया। इस स्पर्धा में भी अलग-अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है। इसलिए केवल थ्रो की दूरी के आधार पर विजेता तय नहीं होता। प्रणव और राम रतन के अंकों ने उन्हें क्रमशः पहला और दूसरा स्थान दिलाया। भारत की पदक तालिका पर नजर दूसरे दिन के शानदार प्रदर्शन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 35 हो गई है। एथलेटिक्स में लगातार मिल रही सफलताओं और शूटिंग में मनीष नरवाल की उपलब्धि ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। प्रतियोगिता के अगले दिनों में भी भारतीय खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
SBI

SBI ग्राहकों का डेटा Dark Web पर मिलने से बढ़ी चिंता, जांच में जुटा बैंक

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों की निजी जानकारी डार्क वेब पर मिलने का मामला सामने आया है। बैंक की शुरुआती जांच में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड में व्यक्तिगत जानकारी उजागर होने की पहचान की गई है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और पते जैसी जानकारियां शामिल हैं। इस खबर के सामने आने के बाद ग्राहकों की डेटा सिक्योरिटी को लेकर चिंता बढ़ गई है। SBI ने कहा है कि इस घटना से बैंक के सामान्य कामकाज, वित्तीय प्रदर्शन और सेवाओं पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। वहीं, डेटा कहां से आया, कितने ग्राहकों की जानकारी प्रभावित हुई और इसके पीछे क्या वजह रही, इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए जांच की जा रही है। SBI Data Leak: कैसे सामने आया डेटा लीक का मामला? बैंक के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को उसे अपने Threat Intelligence Service Provider, Defence Cyber Agency और भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) से डार्क वेब पर ग्राहकों का डेटा उपलब्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद SBI ने शुरुआती स्तर पर करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इस प्रक्रिया में 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड ऐसे मिले, जिनमें व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मौजूद थी। हालांकि, डार्क वेब पर मिले सभी रिकॉर्ड के बारे में अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। बैंक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि डेटा कितना वास्तविक है और किस माध्यम से बाहर पहुंचा। ग्राहकों की कौन-सी निजी जानकारी हुई उजागर? शुरुआती जांच में सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों से जुड़ी कई तरह की जानकारियां शामिल बताई गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: इनमें से कुछ जानकारियों का इस्तेमाल साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, किसी ग्राहक का नाम, मोबाइल नंबर और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी पता होने पर ठग खुद को बैंक कर्मचारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में ग्राहकों के बैंक खातों से पैसे निकलने या किसी खास तरह की धोखाधड़ी होने की पुष्टि नहीं हुई है। SBI ने जांच के लिए उठाए जरूरी कदम डेटा लीक की जानकारी मिलने के बाद बैंक ने अपने साइबर सिक्योरिटी प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए। साथ ही, मामले की विस्तृत जांच के लिए CERT-In से सूचीबद्ध एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया गया है। जांच में यह पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है कि डेटा का स्रोत क्या था, जानकारी कैसे उजागर हुई और इससे ग्राहकों की सुरक्षा पर कितना असर पड़ सकता है। बैंक के अनुसार, जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल डेटा लीक के पीछे किसी व्यक्ति या समूह की भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। क्या SBI ग्राहकों के बैंक खाते खतरे में हैं? डेटा लीक की खबर सुनकर ग्राहकों के मन में सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या उनके बैंक खाते सुरक्षित हैं? यहां एक बात समझना जरूरी है। ग्राहकों का नाम, मोबाइल नंबर या पता सामने आने का मतलब यह नहीं है कि उनके बैंक खाते भी हैक हो गए हैं। निजी जानकारी का उजागर होना और खाते से पैसे निकलना दो अलग-अलग बातें हैं। SBI ने कहा है कि इस घटना से उसके मुख्य कामकाज और सेवाओं पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ा है। हालांकि, निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल करके फर्जी कॉल, मैसेज और ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा सकती है। इसलिए ग्राहकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। Data Leak के बाद ग्राहकों को क्या करना चाहिए? डिजिटल बैंकिंग के दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में SBI ग्राहकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। 1. OTP और PIN किसी को न बताएं: बैंक अधिकारी बनकर फोन करने वाला व्यक्ति भी आपसे OTP, ATM PIN या CVV मांगे, तो जानकारी साझा न करें। 2. संदिग्ध लिंक से बचें: KYC अपडेट, बैंक खाता बंद होने या रिफंड मिलने के नाम पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें। 3. बैंक खाते पर नजर रखें: अपने खाते के लेनदेन की नियमित जांच करें। कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखे तो तुरंत बैंक से संपर्क करें। 4. फर्जी कॉल से सावधान रहें: अगर कोई व्यक्ति बैंकिंग जानकारी बताकर आपका भरोसा जीतने की कोशिश करे, तो उसकी पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें। 5. साइबर ठगी होने पर शिकायत करें: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या भारत सरकार के आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। ध्यान रखें कि किसी ठग के पास आपकी कुछ निजी जानकारी होने का मतलब यह नहीं है कि वह बैंक का अधिकृत प्रतिनिधि है। SBI Data Leak मामले में अब आगे क्या होगा? फिलहाल SBI डेटा लीक मामले की जांच जारी है। बैंक यह पता लगाने में जुटा है कि डार्क वेब पर उपलब्ध जानकारी कहां से आई और घटना का वास्तविक दायरा कितना बड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही डेटा लीक की वजह और ग्राहकों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर ज्यादा स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। तब तक ग्राहकों के लिए अपनी बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखना और संदिग्ध गतिविधियों से सतर्क रहना सबसे जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi HighCourt

Delhi HighCourt: सौरव दास-आशुतोष रांका ने वापस ली याचिका, Bond की शर्तों पर कोर्ट के सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi HighCourt) में बुधवार, 21 अक्टूबर को CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों नेताओं ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई गई थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद दोनों ने अपनी याचिका वापस ले ली। जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की बेंच ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब इस मामले में दूसरी कानूनी प्रक्रिया अपनाने का विकल्प मौजूद है, तो सीधे हाईकोर्ट का रुख क्यों किया गया। कोर्ट ने दोनों नेताओं की ओर से शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों पर भी टिप्पणी की। Jantar Mantar Protest Case: क्या है पूरा मामला? सौरव दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिया गया था। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर उस स्थान पर प्रवेश किया था, जिसे प्रदर्शन स्थल के रूप में पहले ही अधिसूचित सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। शुरुआत में उनकी हिरासत पांच दिन के लिए तय की गई थी। 19 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ाने का आदेश दिया था। इसी फैसले को चुनौती देते हुए दोनों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। Court Remarks: बॉन्ड की शर्तों पर क्या कहा? सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड और उसके कथित उल्लंघन को लेकर सवाल उठाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटना के बाद दूसरे लोगों के भी नियमों का उल्लंघन करने की आशंका बढ़ सकती है। दोनों नेताओं की ओर से पेश वकील ने हिरासत बढ़ाने के आदेश और जमानतदारों से जुड़ी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका पक्ष था कि दोनों ने आवश्यक जमानतदार पेश किए थे, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में रखा गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले में उपलब्ध वैकल्पिक कानूनी उपाय अपनाने की बात कही। इसके बाद दोनों नेताओं की ओर से याचिका वापस लेने का फैसला किया गया। याचिका वापस लेने का क्या मतलब है? सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका वापस लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि हाईकोर्ट ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय दिए बिना याचिका वापस लेने की अनुमति दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों को पहले स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष चल रही प्रक्रिया के नतीजे का इंतजार करने और जरूरत पड़ने पर उचित अपीलीय मंच का रुख करने की सलाह दी। इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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