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NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: NTA से पूछा- पिछली गलती से क्या सीखा

NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: NTA से पूछा- पिछली गलती से क्या सीखा

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से सीधे सवाल किया कि आखिर पिछले विवादों और गड़बड़ियों से उसने क्या सीखा? अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर अब तक कोई सबक नहीं लिया गया, तो यह बेहद दुखद स्थिति है। सुप्रीम Court में NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई के दौरान जजों ने कहा कि लाखों छात्रों का भविष्य इस परीक्षा से जुड़ा होता है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है। कोर्ट ने साफ कहा कि बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियां छात्रों और उनके परिवारों के मन में डर और असमंजस पैदा कर रही हैं। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और CBI से भी जवाब मांगा है। अदालत जानना चाहती है कि पेपर लीक मामले की जांच कहां तक पहुंची है और दोषियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं। जजों ने कहा कि केवल जांच करना काफी नहीं है, बल्कि ऐसी मजबूत व्यवस्था बनानी होगी जिससे मेहनत करने वाले छात्रों का भरोसा बना रहे। देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। कई छात्रों का कहना है कि वे दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत पर सवाल खड़े कर देती हैं। अभिभावकों में भी परीक्षा प्रणाली को लेकर चिंता बढ़ी है। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और सरकार व जांच एजेंसियों के जवाब पर टिकी हुई है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें Deshharpal News Portal हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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AIADMK

TVK Big Boost: AIADMK के तीन विधायक हुए शामिल, तमिलनाडु में बदले सियासी समीकरण

तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला है। राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी AIADMK (All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam) के तीन विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा देकर अभिनेता-राजनेता थलपति विजय की पार्टी TVK (Tamilaga Vettri Kazhagam) का दामन थाम लिया है। इस घटनाक्रम ने राज्य की सियासी हलचल को और तेज कर दिया है। AIADMK में असंतोष के बाद बड़ा फैसला रिपोर्ट्स के अनुसार, इन तीनों विधायकों ने पार्टी नेतृत्व से नाराजगी और संगठन में अनदेखी के आरोप लगाए थे। लंबे समय से चल रहे मतभेदों के बाद उन्होंने AIADMK से इस्तीफा देने का फैसला किया और TVK में शामिल हो गए। पार्टी छोड़ने के बाद विधायकों ने कहा कि वे अब नए राजनीतिक विकल्प और विजन के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं, जहां उन्हें बेहतर नेतृत्व और काम करने की आज़ादी मिले। TVK में तेजी से बढ़ता प्रभाव थलपति विजय की पार्टी TVK हाल के समय में तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से उभरती ताकत बनकर सामने आई है। लगातार नए नेताओं और समर्थकों के जुड़ने से पार्टी का जनाधार बढ़ता दिख रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि TVK अब केवल एक नई पार्टी नहीं, बल्कि राज्य की पारंपरिक DMK और AIADMK राजनीति के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। AIADMK को बड़ा राजनीतिक झटका इस घटनाक्रम को AIADMK के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पहले से ही पार्टी में अंदरूनी खींचतान और नेतृत्व को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अब तीन विधायकों के पार्टी छोड़ने से संगठन की कमजोरी और उजागर हो गई है। तमिलनाडु की राजनीति पर असर इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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West Bengal

West Bengal हावड़ा पुलिस एक्शन वायरल वीडियो, कुख्यात अपराधी को सड़क पर घुमाने से हंगामा

West Bengal के हावड़ा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे राज्य में बहस छेड़ दी है। पुलिस कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक कुख्यात अपराधी को पुलिस हिरासत में सड़क पर ले जाते हुए दिखाया गया है। इस घटना के बाद कानून-व्यवस्था, पुलिस की सख्ती और मानवाधिकारों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। क्या हुआ था हावड़ा में? स्थानीय जानकारी के मुताबिक, हावड़ा पुलिस ने एक ऐसे अपराधी को गिरफ्तार किया है जिसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को इलाके में ले जाया गया, जहां उसका एक वीडियो बन गया और वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आते ही मामला सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा सोशल मीडिया और राजनीतिक मुद्दा बन गया। लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया इस घटना पर लोगों की राय बंटी हुई है। कुछ लोग कह रहे हैं कि यह पुलिस की सख्त कार्रवाई है, जिससे अपराधियों में डर पैदा होगा और कानून का संदेश साफ जाएगा। वहीं दूसरी तरफ कई लोग इसे अनुचित और मानवाधिकारों के खिलाफ बता रहे हैं। असल में, यही टकराव इस पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना रहा है—“कानून का सख्त संदेश या फिर हद से आगे बढ़ी कार्रवाई?” राजनीति भी हुई गर्म इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि राज्य में अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। इसी बीच भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी का नाम भी चर्चा में आया है, जिनके समर्थक इसे कानून व्यवस्था में बदलाव का संकेत मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर बहस जारी वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लगातार बहस चल रही है।एक तरफ लोग पुलिस की सख्ती को सही बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोग इसे कानून प्रक्रिया से बाहर की कार्रवाई बता रहे हैं। हैशटैग और कमेंट्स के जरिए यह मुद्दा अब राज्य से निकलकर राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बनता जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi

PM Modi और Trump की दोस्ती फिर चर्चा में, अमेरिका से आया बड़ा बयान

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर प्रधानमंत्री Narendra Modi की खुलकर तारीफ की है। ट्रम्प ने कहा कि पीएम मोदी उनके “बहुत अच्छे दोस्त” हैं और वह उनके बहुत बड़े फैन भी हैं। उन्होंने भरोसे के साथ यह भी कहा कि “भारत मुझ पर 100% भरोसा कर सकता है।” US Election के बीच आया बड़ा बयान ट्रम्प का यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिका में चुनावी माहौल तेजी से गर्म हो रहा है और दुनिया की राजनीति में भारत की ताकत लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। अपने संबोधन में ट्रम्प ने भारत-अमेरिका रिश्तों को खास बताते हुए कहा कि दोनों देशों की दोस्ती आने वाले समय में और मजबूत होगी। मोदी की Leadership की तारीफ उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि मोदी ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है। ट्रम्प ने अपने पुराने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि जब वह राष्ट्रपति थे, तब भारत और अमेरिका के रिश्तों में काफी मजबूती आई थी। रक्षा, व्यापार और टेक्नोलॉजी जैसे कई बड़े क्षेत्रों में दोनों देशों ने मिलकर काम किया। पहले भी चर्चा में रही Trump-Modi Chemistry ट्रम्प और मोदी की दोस्ती पहले भी कई बार सुर्खियों में रही है। अमेरिका में आयोजित “Howdy Modi” कार्यक्रम हो या फिर भारत में “Namaste Trump” इवेंट, दोनों नेताओं की केमिस्ट्री दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी थी। अब ट्रम्प के ताजा बयान ने एक बार फिर दोनों नेताओं की करीबी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज कर दी हैं। भारतीय-अमेरिकी वोटर्स पर नजर? विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिकी चुनाव से पहले ट्रम्प का यह बयान भारतीय-अमेरिकी समुदाय को साधने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। वहीं भारत में ट्रम्प के इस बयान को सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। भारत-अमेरिका रिश्तों में बढ़ रही साझेदारी भारत और अमेरिका के बीच इस समय रक्षा सहयोग, सेमीकंडक्टर, AI, व्यापार और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे मुद्दों पर लगातार साझेदारी बढ़ रही है। ऐसे में ट्रम्प का यह बयान दोनों देशों के रिश्तों में नई गर्मजोशी का संकेत माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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महाराष्ट्र

Auto-Taxi Drivers Alert: महाराष्ट्र में बिना मराठी मुश्किल होगी नौकरी, RTO कर रहा Verification

महाराष्ट्र में अब ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा जानना जरूरी होने जा रहा है। राज्य सरकार ने 15 अगस्त 2026 तक सभी कमर्शियल ड्राइवरों को बेसिक मराठी सीखने का निर्देश दिया है। इस फैसले के बाद परिवहन विभाग ने पूरे राज्य में विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है, जिसके तहत ड्राइवरों का डाटा कलेक्ट किया जा रहा है और उनकी भाषा क्षमता भी जांची जा रही है। सरकार का कहना है कि इस पहल का मकसद यात्रियों और ड्राइवरों के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना है, ताकि स्थानीय लोगों को सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। 59 RTO में चल रही विशेष जांच महाराष्ट्र के सभी 59 RTO कार्यालयों में फिलहाल ऑटो और टैक्सी चालकों की जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा लाइसेंस, परमिट और पहचान दस्तावेजों के साथ यह भी देखा जा रहा है कि चालक मराठी समझ और बोल पा रहे हैं या नहीं। मुंबई, ठाणे और मीरा-भायंदर जैसे इलाकों में हुए शुरुआती सर्वे में कई ऐसे चालक मिले जो मराठी में सामान्य बातचीत भी नहीं कर पा रहे थे। इसके बाद सरकार ने राज्यभर में यह अभियान तेज कर दिया। सरकार बोली- पहले सीखाइए, फिर सख्ती होगी परिवहन विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल कार्रवाई से ज्यादा फोकस मराठी सिखाने पर रहेगा। इसके लिए यूनियन कार्यालयों, सामाजिक संस्थाओं और कुछ राजनीतिक संगठनों की मदद से “प्रैक्टिकल मराठी” क्लास शुरू की जा रही हैं। इन क्लासेस में ड्राइवरों को रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले शब्द, यात्रियों से बातचीत करने का तरीका और सामान्य संवाद सिखाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे बाहर से आए चालकों को भी स्थानीय माहौल समझने में आसानी होगी। 15 अगस्त के बाद बढ़ सकती है सख्ती सरकार ने संकेत दिए हैं कि 15 अगस्त के बाद नियमों का पालन नहीं करने वाले चालकों पर कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि फिलहाल लाइसेंस रद्द करने जैसी कोई सीधी घोषणा नहीं हुई है, लेकिन विभाग नियमों को लेकर गंभीर नजर आ रहा है। परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने कहा कि महाराष्ट्र में काम करने वाले लोगों को कम से कम बेसिक मराठी जरूर आनी चाहिए। यह स्थानीय संस्कृति और लोगों के सम्मान से जुड़ा विषय है। फैसले पर शुरू हुई राजनीति इस फैसले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कुछ यूनियनों और विपक्षी नेताओं ने इसे भाषा की राजनीति बताते हुए सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रोजी-रोटी कमाने आए लोगों पर अतिरिक्त दबाव नहीं डाला जाना चाहिए। वहीं सरकार का दावा है कि यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि पहले से मौजूद प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य किसी की नौकरी छीनना नहीं बल्कि यात्रियों को बेहतर सुविधा देना है। आम लोगों की क्या है राय? मुंबई और आसपास के इलाकों में कई यात्रियों ने इस फैसले का समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि कई बार भाषा की वजह से सफर के दौरान परेशानी होती है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि मराठी सीखना अच्छी बात है, लेकिन इसे जबरदस्ती लागू नहीं किया जाना चाहिए। फिलहाल 15 अगस्त की डेडलाइन को लेकर पूरे महाराष्ट्र में चर्चा तेज है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Heatwave

Heatwave in India: MP-UP समेत कई राज्यों में लू का असर तेज, दिन में घरों में कैद हुए लोग

देशभर में नौतपा की शुरुआत होते ही गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में Heatwave का असर और तेज हो सकता है। महाराष्ट्र का ब्रह्मपुरी 47.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर रिकॉर्ड किया गया है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। भीषण गर्मी के चलते दोपहर के समय सड़कें खाली नजर आ रही हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। नौतपा शुरू होते ही बढ़ा तापमान हर साल की तरह इस बार भी नौतपा अपने साथ तेज गर्मी लेकर आया है। मान्यता है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब लगातार नौ दिनों तक पड़ने वाली प्रचंड गर्मी को नौतपा कहा जाता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है। इस बार नौतपा की शुरुआत के पहले ही दिन कई शहरों में पारा रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। महाराष्ट्र का ब्रह्मपुरी बना सबसे गर्म शहर विदर्भ क्षेत्र का ब्रह्मपुरी रविवार को देश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां तापमान 47.2°C दर्ज किया गया। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण लोगों को दिन के समय बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। महाराष्ट्र के अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी लू का असर साफ दिखाई दे रहा है। MP और UP के 8 शहरों में 45°C पार मध्य प्रदेश के ग्वालियर, नौगांव, टीकमगढ़ और खजुराहो जैसे शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। वहीं उत्तर प्रदेश के झांसी, बांदा और प्रयागराज समेत कई इलाकों में गर्म हवाओं ने लोगों की हालत खराब कर दी। दोपहर के समय बाजारों में भीड़ कम दिखाई दी और लोग जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकले। मौसम विभाग ने जारी किया Heatwave Alert भारतीय मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में Heatwave Alert जारी किया है। विभाग का कहना है कि अगले 3 से 4 दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। कुछ शहरों में रात के तापमान में भी ज्यादा गिरावट नहीं हो रही, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही। डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तेज गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। गर्मी से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक नौतपा के अगले कुछ दिन और मुश्किल भरे हो सकते हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अपनी सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Yogi

बकरीद पर UP में हाई अलर्ट: CM Yogi बोले- खुले में नमाज और कुर्बानी नहीं होगी

उत्तर प्रदेश में बकरीद 2026 को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर साफ संदेश दिया है कि त्योहार पूरी शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था के बीच मनाया जाए। इस बार प्रशासन खासतौर पर खुले में नमाज, सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को लेकर सतर्क नजर आ रहा है। सरकार की ओर से जारी निर्देशों के बाद प्रदेश के कई जिलों में पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की जा रही है, जबकि स्थानीय प्रशासन को लगातार निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। खुले में नमाज पर रोक, तय जगहों पर ही इजाजत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा है कि बकरीद की नमाज केवल ईदगाह और मस्जिदों में ही अदा की जाएगी। सड़क, चौराहे, पार्क या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर नमाज की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। Public Place पर कुर्बानी करने वालों पर होगी कार्रवाई सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि कुर्बानी सिर्फ तय और अधिकृत स्थानों पर ही की जा सकेगी। खुले में या सार्वजनिक जगहों पर पशुओं की कुर्बानी करने पर कार्रवाई होगी। साथ ही प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूरी तरह रोक रहेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कुर्बानी के बाद साफ-सफाई की व्यवस्था तुरंत की जाए ताकि शहरों में गंदगी या बदबू की समस्या न बने। सोशल मीडिया पर प्रशासन की पैनी नजर बकरीद के दौरान सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर भी प्रशासन सख्त रहेगा। साइबर सेल को एक्टिव मोड पर रखा गया है। पुलिस अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी गलत सूचना पर तुरंत कार्रवाई करें ताकि माहौल खराब न हो। सुरक्षा व्यवस्था होगी हाईटेक त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए संवेदनशील जिलों में CCTV कैमरे, ड्रोन और अतिरिक्त पुलिस बल की मदद ली जाएगी। बाजारों, ईदगाहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार पेट्रोलिंग की जाएगी। इसके अलावा हर जिले में शांति समिति की बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं, जिसमें धर्मगुरुओं और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की जा रही है। बिजली-पानी और सफाई पर खास फोकस CM योगी ने नगर निगम और स्थानीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि त्योहार के दौरान सफाई व्यवस्था दुरुस्त रहे। कुर्बानी वाले इलाकों में नियमित सैनिटाइजेशन और कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही बिजली और पानी की सप्लाई बाधित न हो, इस पर भी जोर दिया गया है। भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि बकरीद को आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था का सम्मान जरूरी है, लेकिन कानून का पालन करना भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Premanand Maharaj

Premanand Maharaj Health 9 दिन से नहीं निकली पदयात्रा, भक्तों से की खास अपील

वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj)इन दिनों अपनी खराब तबीयत को लेकर चर्चा में हैं। पिछले 9 दिनों से उनकी नियमित पदयात्रा बंद है, जिससे देशभर के भक्त चिंतित नजर आ रहे हैं। इसी बीच प्रेमानंद महाराज का एक भावुक संदेश सामने आया है, जिसने श्रद्धालुओं की आंखें नम कर दीं। उन्होंने अपने भक्तों से कहा,“मेरी चिंता मत कीजिए, श्रीजी का ध्यान लगाइए। मैं रहूं न रहूं, हमेशा साथ रहूंगा।” तबीयत बिगड़ने के बाद रुकी पदयात्रा प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा वृंदावन की पहचान बन चुकी है। हर रोज हजारों श्रद्धालु उनके साथ भक्ति और नाम-स्मरण में शामिल होते थे। लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण पिछले 9 दिनों से यह यात्रा पूरी तरह बंद है। महाराजजी के आश्रम से जुड़े लोगों के मुताबिक डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। यही वजह है कि उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों और पदयात्रा से दूरी बनाई हुई है। भक्तों से बोले- भक्ति में मन लगाइए अपने संदेश में प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को एक बड़ी आध्यात्मिक सीख भी दी। उन्होंने कहा कि इंसान शरीर से नहीं, अपने विचारों और भक्ति से लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि वे उनकी बीमारी को लेकर परेशान न हों, बल्कि श्री राधारानी और भगवान के भजन-कीर्तन में मन लगाएं। उनका यह संदेश सोशल Media पर तेजी से वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया पर भावुक हुए श्रद्धालु जैसे ही प्रेमानंद महाराज का वीडियो सामने आया, लाखों भक्तों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना शुरू कर दी। Instagram, Facebook और YouTube पर लोग लगातार उनके लिए प्रार्थना और शुभकामनाएं लिख रहे हैं। कई श्रद्धालुओं ने लिखा कि महाराजजी सिर्फ एक संत नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और मानसिक शांति का सहारा हैं। युवाओं के बीच भी काफी लोकप्रिय हैं प्रेमानंद महाराज प्रेमानंद महाराज अपने सरल शब्दों और भावुक प्रवचनों के कारण युवाओं के बीच भी बेहद लोकप्रिय हैं। सोशल मीडिया पर उनके सत्संग और वीडियो लाखों बार देखे जाते हैं। उनकी बातों में आध्यात्म के साथ जीवन की सच्चाई भी झलकती है, यही वजह है कि हर उम्र के लोग उनसे जुड़ाव महसूस करते हैं। भक्त कर रहे जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना फिलहाल श्रद्धालु यही उम्मीद कर रहे हैं कि प्रेमानंद महाराज जल्द स्वस्थ होकर फिर से पदयात्रा और सत्संग में लौटेंगे। वृंदावन समेत देश के कई हिस्सों में उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए भजन और प्रार्थनाएं की जा रही हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Twisha

Twisha Death Case: जांच के बीच Supreme Court का बड़ा बयान

एक्ट्रेस Twisha की मौत से जुड़े चर्चित मामले में अब सुप्रीम कोर्ट की एंट्री के बाद जांच का माहौल पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। लगातार बढ़ती बहस, टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच अदालत ने दोनों पक्षों को साफ शब्दों में कहा है कि केस को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी से बचा जाए। सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद माना जा रहा है कि अब जांच एजेंसियां ज्यादा शांत और निष्पक्ष माहौल में काम कर सकेंगी। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में मीडिया ट्रायल जांच को प्रभावित कर सकता है। राज्य सरकार ने लगाए गंभीर आरोप सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि ट्विशा की सास जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग नहीं कर रही हैं। सरकार का दावा है कि पूछताछ और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी प्रक्रिया में कई बार रुकावटें सामने आई हैं। हालांकि परिवार की तरफ से पहले ही कई सवाल उठाए जाते रहे हैं और उन्होंने जांच को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। पोस्टमॉर्टम के बाद बढ़ी थीं चर्चाएं ट्विशा की मौत के बाद मामला उस समय और ज्यादा चर्चा में आ गया था, जब दिल्ली AIIMS की टीम ने पोस्टमॉर्टम और मेडिकल जांच से जुड़े सैंपल जुटाए। करीब तीन घंटे तक चली मेडिकल प्रक्रिया के बाद कई नए सवाल सामने आए थे। परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों की भावुक तस्वीरें भी सोशल Media पर तेजी से वायरल हुई थीं। सोशल मीडिया पर लगातार चल रही बहस इस केस को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। कई लोग इसे न्याय की लड़ाई बता रहे हैं, तो कुछ लोग जांच पर सवाल उठा रहे हैं। टीवी चैनलों पर लगातार चल रही बहस ने भी मामले को और हाई-प्रोफाइल बना दिया। यही वजह रही कि सुप्रीम कोर्ट को मीडिया बयानबाजी पर रोक लगाने जैसी टिप्पणी करनी पड़ी। अब अगली सुनवाई पर टिकी नजर फिलहाल पूरे मामले में लोगों की नजर अब अगली सुनवाई और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में केस से जुड़े कुछ अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब सभी पक्षों पर जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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नमो घाट

Kashi नमो घाट पर हिंसा, बाउंसरों की मारपीट में टूरिस्ट की मौत

वाराणसी के प्रसिद्ध Varanasi स्थित नमो घाट पर हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को हिला दिया है। यहां सुरक्षा में तैनात बाउंसरों द्वारा एक पर्यटक समूह पर कथित रूप से हॉकी रॉड और डंडों से हमला किया गया, जिसमें एक टूरिस्ट की मौत हो गई, जबकि उसके 4 साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ ही मिनटों में माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस मामले ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? जानकारी के अनुसार, पर्यटकों का एक समूह घूमने के लिए नमो घाट पहुंचा था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन किसी बात को लेकर उनकी सुरक्षा में तैनात बाउंसरों से कहासुनी हो गई। कहासुनी धीरे-धीरे बढ़ती गई और फिर अचानक स्थिति हिंसक हो गई। आरोप है कि बाउंसरों ने हॉकी स्टिक और रॉड से पर्यटकों पर हमला कर दिया। इस हमले में एक पर्यटक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चार अन्य घायल पर्यटकों का इलाज अस्पताल में जारी है। Police Investigation: CCTV फुटेज खंगाले जा रहे घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को अपने नियंत्रण में लिया। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच तेज कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज की मदद से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और किसने पहले हमला किया। अधिकारियों ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। काशी में गुस्सा और आक्रोश इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और पर्यटकों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि धार्मिक और पर्यटन के प्रमुख स्थल पर इस तरह की हिंसा बेहद चिंताजनक है। नमो घाट जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदार सुरक्षा एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई हो। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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