आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में नगर निगम का सब इंजीनियर 5 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप, 1.12 लाख का बिल पास कराने मांगी थी रकम◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में नीलगिरी के पेड़ काटे, बिल्डर को नोटिस जारी◆BREAKINGदेश-हरपलहरियाणा में 6 HCS अधिकारियों के तबादले, शिक्षा और आयुष विभाग में मिली नई जिम्मेदारी◆BREAKINGदेश-हरपलहरियाणा में गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों पर सख्ती, 2 नवंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश◆BREAKINGदेश-हरपलदिल्ली में छठ पूजा के लिए बनेंगे 1400 से ज्यादा घाट, 6 नवंबर तक तैयारियां पूरी करने के निर्देश◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर NSUI नियुक्तियों में देवेंद्र यादव समर्थक खेमे का दबदबा, रंजीत सिंह को लगा झटका◆BREAKINGछत्तीसगढ़ठोस कचरा प्रबंधन में छत्तीसगढ़ का बेहतर प्रदर्शन, रोजाना 2,612 टन से ज्यादा कचरे का प्रसंस्करण◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल में RGPV की बस डिवाइडर पर चढ़कर बिजली के खंभे से टकराई, 11 घायल; छात्र वेंटिलेटर पर◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में नगर निगम का सब इंजीनियर 5 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप, 1.12 लाख का बिल पास कराने मांगी थी रकम◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर में निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में नीलगिरी के पेड़ काटे, बिल्डर को नोटिस जारी◆BREAKINGदेश-हरपलहरियाणा में 6 HCS अधिकारियों के तबादले, शिक्षा और आयुष विभाग में मिली नई जिम्मेदारी◆BREAKINGदेश-हरपलहरियाणा में गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों पर सख्ती, 2 नवंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश◆BREAKINGदेश-हरपलदिल्ली में छठ पूजा के लिए बनेंगे 1400 से ज्यादा घाट, 6 नवंबर तक तैयारियां पूरी करने के निर्देश◆BREAKINGछत्तीसगढ़बिलासपुर NSUI नियुक्तियों में देवेंद्र यादव समर्थक खेमे का दबदबा, रंजीत सिंह को लगा झटका◆BREAKINGछत्तीसगढ़ठोस कचरा प्रबंधन में छत्तीसगढ़ का बेहतर प्रदर्शन, रोजाना 2,612 टन से ज्यादा कचरे का प्रसंस्करण◆BREAKINGमध्य प्रदेशभोपाल में RGPV की बस डिवाइडर पर चढ़कर बिजली के खंभे से टकराई, 11 घायल; छात्र वेंटिलेटर पर◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Latest Posts

राजेंद्र सलूजा नहीं लिख पाएंगे ‘पूर्व विधायक’, कोर्ट का आदेश:गुना में फर्जी जाति प्रमाण पत्र से बने थे एमएलए, पेंशन की होगी वसूली

फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामला: सुप्रीम कोर्ट के फैसले से गुना के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सलूजा को बड़ा झटका गुना के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह सलूजा को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले में उनकी पेंशन और अन्य सरकारी लाभ वापस लेने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं, अब वह खुद को ‘पूर्व विधायक’ भी नहीं लिख सकेंगे। क्या है पूरा मामला? ➡️ गुना विधानसभा सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है।➡️ वर्ष 2008 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और भाजपा का समर्थन मिला।➡️ सांसी समुदाय का जाति प्रमाण पत्र पेश कर आरक्षण का लाभ लिया और विधायक बने।➡️ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सलूजा सामान्य जाति के हैं और उन्होंने फर्जी प्रमाण पत्र का उपयोग किया।➡️ 2011 में जांच के बाद उनका जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। कोर्ट में 12 साल तक चली कानूनी लड़ाई ✅ जाति प्रमाण पत्र रद्द होने के बाद सलूजा ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जो 2012 में खारिज कर दी गई।✅ 2013 में उनकी पुनर्विचार याचिका भी खारिज हुई।✅ 2016 में पार्षद वंदना मांडरे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें सलूजा की पेंशन और अन्य लाभ रद्द करने की मांग की गई।✅ 2017 में हाई कोर्ट ने इस याचिका को द्वेषपूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया और वंदना मांडरे पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया।✅ वंदना मांडरे ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।✅ 18 मार्च 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने सलूजा को पेंशन और सरकारी लाभों के लिए अयोग्य ठहरा दिया। सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला – 4 बड़े आदेश 1️⃣ सलूजा अब किसी भी तरह की पेंशन के हकदार नहीं होंगे।2️⃣ उनसे अब तक मिली पेंशन और अन्य लाभों की वसूली की जाएगी।3️⃣ वे अब खुद को ‘पूर्व विधायक’ भी नहीं लिख सकेंगे।4️⃣ उनके खिलाफ वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब आगे क्या? ➡️ सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद सलूजा को हर तरह के सरकारी लाभ वापस करने होंगे।➡️ उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता भी खुल गया है।➡️ इस फैसले के बाद फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाकर चुनाव लड़ने वालों के लिए एक सख्त मिसाल कायम हुई है। इस फैसले पर आपकी क्या राय है? कमेंट में बताएं! https://deshharpal.com/ से जुड़ें और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें!
Read more

जहर खाने से पहले बेटे को भेजी प्रॉपर्टी की डिटेल:आखिरी वीडियो में बोले- डॉ. जहीर ने मजबूर किया, बजरंग दल मेरा बदला ले

सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर शाजापुर के दिनेश कुंभकार ने खाया जहर, वीडियो में कही ये बात शाजापुर के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी दिनेश कुंभकार ने सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर जहर खा लिया। यह घटना गुरुवार शाम ग्राम सनकोटा में हुई। जहर खाने के बाद उन्होंने अपने बेटे योजीत को फोन कर इसकी जानकारी दी। परिजनों ने तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया गया। वीडियो में लगाए गंभीर आरोप दिनेश कुंभकार घरों में जाकर इंजेक्शन लगाने का काम करते हैं। जहर खाने से पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने लगातार प्रताड़ना की बात कही और बजरंग दल से बदला लेने की गुहार लगाई। वीडियो में दिनेश ने कहा—“मैं डॉ. दिनेश… डॉ. जहीर मुझे बहुत प्रताड़ित कर रहा था। रोज-रोज मुझे परेशान कर रहा था। रमजान का महीना समझकर मैं उसे छोड़ता रहा, लेकिन उसने मुझे जहर खाने पर मजबूर कर दिया।” “मैं बजरंग दल की टीम से कहता हूं कि मेरा बदला ले, जय श्री राम, जय सियाराम।” पुलिस ने शुरू की जांच इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दिनेश द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविकता की पुष्टि करने के लिए पुलिस वीडियो और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। दिनेश कुंभकार ने सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर गुरुवार शाम जहर खा लिया। इससे पहले उन्होंने अपने बेटे योजीत को वॉट्सऐप पर विस्तृत जानकारी भेजी, जिसमें उन्होंने अपने बैंक खातों, गिरवी रखे गहनों और संपत्तियों का जिक्र किया। बैंकों में बीमा और गिरवी रखे गहनों की जानकारी दी दिनेश ने अपने मैसेज में बताया कि—🔹 यूनिटी बैंक, बंधन बैंक और भारत बैंक में उनका बीमा है।🔹 कैपरी बैंक में गोल्ड लोन और मंगलसूत्र गिरवी रखा गया है।🔹 ज्योतिनगर में संदीप सोनी के पास 265 ग्राम की पायजेब रखी है।🔹 राधास्वामी आश्रम के सामने उनका 22×40 का प्लॉट है। सूदखोरों का नाम लेकर लगाए गंभीर आरोप दूसरे वॉट्सऐप मैसेज में दिनेश ने कुछ लोगों का जिक्र करते हुए बताया कि—🔸 पप्पू विश्वकर्मा, सीताराम विश्वकर्मा, भागीरथ जी टेंट हाउस, ज्योतिनगर की आंटी जी और जितेन पोंटिंग की मां से उन्होंने पैसे लिए थे और मूल राशि से अधिक ब्याज चुका दिया था।🔸 इसके बावजूद ये लोग उन्हें परेशान कर रहे थे और दुकान बंद करवाने की धमकी दे रहे थे।🔸 दिनेश ने प्रशासन से अपने बच्चों के लिए इन सूदखोरों से पैसे वापस दिलाने की गुहार लगाई। बेटे ने किया बड़ा खुलासा जिला अस्पताल में दिनेश के बेटे योजीत ने बताया कि उनके पिता लगातार सूदखोरों के उत्पीड़न से परेशान थे। उन्होंने कहा—🗣️ “पापा ने बताया था कि ये लोग उन्हें धमका रहे हैं और दुकान बंद करवाने की कोशिश कर रहे हैं। हमने इनका ब्याज चुका दिया है, लेकिन फिर भी ये हमें परेशान कर रहे हैं।” पुलिस जांच में जुटी 🔹 लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने बताया कि डॉक्टरों ने दिनेश को इंदौर रेफर कर दिया है और परिवार के लोग उनके साथ गए हैं।🔹 मामले की जांच की जा रही है और आरोपों की सत्यता की पुष्टि की जाएगी। ➡️ क्या प्रशासन इन सूदखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा? इस मामले पर आपकी क्या राय है?https://deshharpal.com से जुड़ें और ताज़ा खबरों के लिए हमें Instagram, Twitter और Facebook पर फॉलो करें
Read more

राजस्व मंत्री बोले- अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा:घुटनों का ऑपरेशन करवाना है; इछावर में कहा- अंतिम सांस तक सेवा करता रहूंगा

मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने की बड़ी घोषणा, अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री और इछावर के विधायक करण सिंह वर्मा ने स्वास्थ्य कारणों के चलते अगला विधानसभा चुनाव न लड़ने की घोषणा की है। उन्होंने यह ऐलान इछावर में मुक्तिधाम के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान किया। घुटनों की सर्जरी कराएंगे, लेकिन कार्यकाल पूरा करेंगे मंत्री वर्मा ने बताया कि लंबे समय से घुटनों में दर्द की समस्या बनी हुई है, जिस वजह से डॉक्टरों ने उन्हें सर्जरी कराने की सलाह दी है। हालांकि, मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा,“अभी मेरी उम्र ही क्या है? मंत्री बने सिर्फ एक साल चार महीने ही हुए हैं। कार्यकाल पूरा करना है, जनता की सेवा जारी रहेगी।” इछावर को सुंदर बनाने का संकल्प कार्यक्रम में मंत्री वर्मा ने किसानों की समस्याओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि सोयाबीन के कम दाम और नामांतरण की दिक्कतों को दूर करने के लिए दिल्ली में तहसील साइबर लॉन्च किया गया है। मंत्री वर्मा ने इछावर को सुंदर बनाने और अंतिम समय तक जनता की सेवा करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे इछावर के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटेंगे। कार्यक्रम में कौन-कौन रहा मौजूद? इस भूमि पूजन कार्यक्रम में कई प्रमुख नेता और अधिकारी शामिल हुए, जिनमें—✅ सीहोर जिला भाजपा अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा✅ भाजपा नेता सन्नी महाजन✅ जिला उपाध्यक्ष कैलाश सुराना✅ इछावर नगर परिषद अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ, किसानों के लिए नई योजनाओं का ज़िक्र मंत्री वर्मा ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का ज़िक्र करते हुए कहा कि उनकी नीतियां किसानों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री को पता है कि किसानों की फसल कब बिक रही है, इसलिए उनके लिए साइबर तहसील योजना शुरू की गई है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि—🔹 किसान सम्मान निधि योजना से किसानों को आर्थिक सहायता मिल रही है।🔹 शिवराज सरकार ने 5000 मकानों का निर्माण कराया है।🔹 हर मकान का निर्माण सुनिश्चित कराया जाएगा।🔹 इछावर को सुंदर और स्वच्छ बनाया जाएगा। ‘अंतिम सांस तक सेवा करूंगा’ मंत्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि हालांकि वे अगला विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन जनता की सेवा अंतिम समय तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा—“मेरे घुटनों की जांच करवाई है, ऑपरेशन करवाना पड़ेगा, इसलिए चुनाव नहीं लड़ूंगा। लेकिन जब तक संभव होगा, तब तक काम करूंगा। इछावर को सुंदर बनाकर जाऊंगा प्रधानमंत्री मोदी का यह फैसला राजनीति में कोई नया संकेत देता है? अपनी राय हमें कमेंट में बताएं। Deshharpal से जुड़ें और ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
Read more
SupremeCourtHearingControversy; Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक, कहा- ‘टिप्पणी असंवेदनशील और अमानवीय’

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले पर रोक लगाते हुए उसकी कड़ी आलोचना की। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि किसी नाबालिग लड़की के ब्रेस्ट पकड़ना और उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ना रेप या ‘अटेम्प्ट टु रेप’ की श्रेणी में नहीं आता। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को ‘असंवेदनशील’ और ‘अमानवीय दृष्टिकोण’ बताया है। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी प्रतिक्रिया जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा, “यह बहुत गंभीर मामला है और जिस जज ने यह फैसला दिया, उसकी तरफ से बहुत असंवेदनशीलता दिखाई गई। हमें यह कहते हुए बहुत दुख हो रहा है कि फैसला लिखने वाले में संवेदनशीलता की पूरी तरह से कमी थी।” सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्वतः संज्ञान लिया था। यह फैसला आते ही कानूनी विशेषज्ञों, राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए तुरंत सुनवाई का निर्णय लिया। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी सुप्रीम कोर्ट के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने खुद लिया संज्ञान “कुछ फैसलों को रोकने के पीछे महत्वपूर्ण कारण होते हैं, और यह उनमें से एक है।” हाईकोर्ट का विवादास्पद फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था, “किसी लड़की के निजी अंग पकड़ लेना, उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ देना और जबरन उसे पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश करना रेप या ‘अटेम्प्ट टु रेप’ की श्रेणी में नहीं आता।” हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद महिला संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि यह पीड़िता के अधिकारों का हनन करता है और यौन उत्पीड़न को हल्के में लेने जैसा है। न्यायपालिका पर उठे सवाल यह मामला देश में महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी ढांचे को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फैसले अपराधियों को बचाव का आधार दे सकते हैं और महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों के खिलाफ न्याय मिलने में बाधा बन सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अब पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। इस मामले की अगली सुनवाई जल्द ही होने की संभावना है। (देश हरपल की विशेष रिपोर्ट)
Read more
1 … 153 154 155

Trending News

Editor's Picks

इंदौर में नगर निगम का सब इंजीनियर 5 हजार की रिश्वत लेते ट्रैप, 1.12 लाख का बिल पास कराने मांगी थी रकम

इंदौर। लोकायुक्त ने बुधवार को नगर निगम के जोन-13 में पदस्थ सब इंजीनियर हर्ष गहलोत को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। आरोप है कि उसने पानी के टैंकर के तीन महीने के बकाया बिल का भुगतान कराने के लिए लॉगबुक सत्यापन के बदले 6 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त की टीम ने चाणक्यपुरी चौराहे पर हनुमान मंदिर के सामने ट्रैप की कार्रवाई की। इस दौरान सब इंजीनियर को शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपए लेते पकड़ा गया। तीन महीने से लंबित था 1.12 लाख रुपए का बिल मामले के अनुसार, नायता मुंडला निवासी सोहेल पटेल ने नगर निगम में अपना पानी का टैंकर अटैच कराया था। टैंकर से संबंधित तीन महीने का करीब 1.12 लाख रुपए का बिल भुगतान के लिए लंबित था। बिल पास कराने के लिए लॉगबुक का सत्यापन होना जरूरी था। आरोप है कि इसी सत्यापन के बदले सब इंजीनियर ने सोहेल पटेल से 6 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने बिछाया जाल सोहेल पटेल ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से की थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने उसका सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद बुधवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई और आरोपी सब इंजीनियर को 5 हजार रुपए लेते पकड़ा गया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज लोकायुक्त ने आरोपी सब इंजीनियर हर्ष गहलोत के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 61(2) के तहत केस दर्ज किया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।

बिलासपुर में निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में नीलगिरी के पेड़ काटे, बिल्डर को नोटिस जारी

बिलासपुर। मंगला चौक से उसलापुर रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर स्थित एक निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स में नीलगिरी के पेड़ काटने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने पेड़ों की कटाई का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी ने बिना अनुमति पेड़ काटने के मामले में बिल्डर को नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की है। ग्रीन नेट से ढंककर की जा रही थी कटाई स्थानीय लोगों का आरोप है कि पेड़ काटने की गतिविधि छिपाने के लिए निर्माण स्थल के संबंधित हिस्से को ग्रीन नेट से ढंक दिया गया था। हालांकि, लोगों ने पेड़ कटने का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले में निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स का नक्शा स्वीकृत योजना के विपरीत होने की शिकायत भी सामने आई है। इस संबंध में नगर निगम, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग और वन विभाग से जानकारी जुटाई जा रही है। दो पेड़ कटने के बाद रुकवाई गई कार्रवाई एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी के मुताबिक, नीलगिरी के पेड़ काटे जाने की शिकायत दो दिन पहले मिली थी। इसके बाद राजस्व निरीक्षक (आरआई) को मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान वहां दो पेड़ कटे हुए मिले, जिसके बाद पेड़ों की कटाई रुकवा दी गई। एसडीएम ने बताया कि बिना अनुमति पेड़ काटने के मामले में बिल्डर को नोटिस जारी किया गया है। बिल्डर का जवाब मिलने के बाद अर्थदंड लगाने सहित आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके कार्यालय से पेड़ काटने की कोई अनुमति जारी नहीं की गई है। जमीन और निर्माण की अनुमति की भी होगी जांच वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, संबंधित जमीन राजस्व भूमि है। आरोप है कि पेड़ काटने से पहले संबंधित विभागों से अनुमति नहीं ली गई और न ही उन्हें इसकी जानकारी दी गई। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पेड़ काटने के लिए नियमानुसार अनुमति ली गई थी या नहीं। इसके साथ ही निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स के नक्शे और निर्माण कार्य में नियमों के पालन से जुड़ी शिकायतों की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की आगे की कार्रवाई बिल्डर के जवाब और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय होगी।

हरियाणा में 6 HCS अधिकारियों के तबादले, शिक्षा और आयुष विभाग में मिली नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 6 HCS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। तबादला सूची के अनुसार, कुछ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ को वर्तमान कार्यभार के साथ अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। डॉ. शिल्पी पात्र दत्त को एलिमेंट्री एजुकेशन की जिम्मेदारी महिला HCS अधिकारी डॉ. शिल्पी पात्र दत्त को एलिमेंट्री एजुकेशन विभाग में जॉइंट डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन एवं मिड-डे मील) नियुक्त किया गया है। वहीं, डॉ. निर्मल नगर को एलिमेंट्री एजुकेशन विभाग में एडिशनल डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) की जिम्मेदारी दी गई है। सुरेंद्र सिंह और कुलधीर सिंह को अतिरिक्त प्रभार HCS अधिकारी सुरेंद्र सिंह को उनके वर्तमान कार्यभार के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग में एडिशनल डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसी तरह, HCS अधिकारी कुलधीर सिंह को वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ आयुष विभाग में एडिशनल डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। दीपक कुमार को महेंद्रगढ़ में जिम्मेदारी HCS अधिकारी दीपक कुमार को जिला परिषद महेंद्रगढ़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और जिला ग्रामीण विकास एजेंसी (DRDA), महेंद्रगढ़ से संबंधित अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। डॉ. इंद्रजीत शुगर मिल के मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त सरकार ने HCS अधिकारी डॉ. इंद्रजीत को कॉरपोरेशन शुगर मिल का मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। इन प्रशासनिक बदलावों के जरिए विभिन्न विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को आदेशों के अनुसार नई जिम्मेदारियां संभालनी होंगी।

हरियाणा में गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों पर सख्ती, 2 नवंबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश

चंडीगढ़। हरियाणा के शिक्षा विभाग ने प्रदेश में संचालित गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे स्कूलों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने और 2 नवंबर 2026 तक पूरी जानकारी निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक पत्र में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO) को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। विभाग के मुताबिक, पहले भी इन स्कूलों के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई थी, लेकिन संबंधित कार्यालयों से निर्धारित जानकारी नहीं मिली। गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों पर होगी कार्रवाई शिक्षा विभाग ने अपने पत्र में कहा है कि राज्य के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के खिलाफ तत्काल कड़ा प्रशासनिक संज्ञान लें। अधिकारियों को विभागीय आदेश क्रमांक 7/21-2017 PS (3), दिनांक 24 अप्रैल 2025 के तहत जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों के अनुसार कार्रवाई में देरी नहीं होनी चाहिए। स्कूल बंद कराकर निदेशालय को भेजनी होगी सूची जारी पत्र के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों को गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद कराने की कार्रवाई करनी होगी। इसके साथ ही बंद किए गए स्कूलों की सूची निदेशालय को भेजना भी सुनिश्चित करना होगा। विभाग ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि पहले निर्देश दिए जाने के बावजूद संबंधित कार्यालयों से अब तक आवश्यक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। इसी कारण अधिकारियों को 2 नवंबर 2026 तक हर हाल में रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर भी नजर शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। विभागीय कामकाज में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर नजर रखी जा रही है। जारी पत्र की प्रतियां राज्य के सभी अतिरिक्त जिला उपायुक्तों (ADC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को भी भेजी गई हैं, ताकि संबंधित स्तर पर समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अब जिला स्तर के अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की जानकारी उपलब्ध कराने और नियमानुसार कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

दिल्ली में छठ पूजा के लिए बनेंगे 1400 से ज्यादा घाट, 6 नवंबर तक तैयारियां पूरी करने के निर्देश

नई दिल्ली। दिल्ली में छठ महापर्व की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार राजधानी में 1400 से अधिक छठ घाट विकसित किए जाने की संभावना है, जबकि पिछले साल 1326 घाट बनाए गए थे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को तैयारियों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को 6 नवंबर तक घाटों पर बुनियादी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि तय समय सीमा तक सभी प्रमुख काम पूरे कर लिए जाएं, ताकि बाद में केवल पानी भरने, टेंट लगाने और अंतिम सफाई जैसे कार्य शेष रहें। इस वर्ष छठ पूजा 13 से 16 नवंबर तक मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने छठ पूजा के अवसर पर अवकाश रहने की भी जानकारी दी। ठंड से बचाव के लिए घाटों पर लगेंगे कवर वाले टेंट नवंबर में संभावित ठंड को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बड़े और मध्यम आकार के घाटों पर पर्याप्त कवर वाले टेंट लगाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य पूजा स्थल, मंच के पीछे और अन्य जरूरी स्थानों पर भी टेंट की व्यवस्था की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पर्याप्त शौचालय, चेंजिंग रूम, पेयजल और साफ-सफाई का इंतजाम करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तैयारियां केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से घाटों का निरीक्षण करें और मौके पर मिलने वाली कमियों को समय रहते दूर कराएं, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। भीड़भाड़ वाले घाटों पर CCTV से होगी निगरानी छठ पूजा के दौरान बड़े और अधिक भीड़ वाले घाटों पर CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर टेंडर तैनात करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस स्थानीय आयोजकों के साथ समन्वय करेगी। पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन और संभावित सड़क बंदी की जानकारी पहले से साझा करने को कहा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को घाटों तक पहुंचने में परेशानी न हो। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई विभागों के अधिकारी बैठक में रहे मौजूद छठ पूजा की तैयारियों को लेकर हुई समीक्षा बैठक में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, विधायक अभय वर्मा, चंदन कुमार चौधरी और संदीप सहरावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, नगर निगम (MCD), दिल्ली जल बोर्ड, लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.