कई हफ्तों तक चली भीषण झड़पों और निर्दोष लोगों की पीड़ा के बाद आखिरकार Thailand और Cambodia ने राहत की सांस ली है। दोनों देशों ने आपसी सहमति से तत्काल Ceasefire (संघर्ष विराम) लागू करने का ऐलान किया है। इस फैसले से हजारों विस्थापित परिवारों को अपने घर लौटने की उम्मीद जगी है।
कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह संघर्ष विराम 27 दिसंबर को दोपहर 12 बजे (स्थानीय समय) से प्रभावी हो गया। समझौते पर दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने हस्ताक्षर किए और सीमा पर सभी तरह की सैन्य कार्रवाइयों को रोकने का निर्णय लिया गया।
सीमा पर थमी गोलियां, इंसानियत को मिली राहत
पिछले कुछ हफ्तों में Thailand–Cambodia सीमा पर हालात बेहद चिंताजनक हो गए थे। तोपखाने, रॉकेट हमलों और हवाई हमलों ने आम लोगों की जिंदगी को तहस-नहस कर दिया। स्कूल बंद हो गए, खेत खाली रह गए और करीब पांच लाख से ज्यादा लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए।
इस Ceasefire Agreement के तहत दोनों देशों ने तय किया है कि:
- सेनाएं अपनी मौजूदा स्थिति से आगे नहीं बढ़ेंगी
- कोई नया सैन्य जमावड़ा या उकसावे वाली कार्रवाई नहीं होगी
- नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाया जाएगा
18 सैनिकों की रिहाई और ASEAN की भूमिका
समझौते में यह भी कहा गया है कि यदि संघर्ष विराम 72 घंटे तक बना रहता है, तो थाईलैंड द्वारा हिरासत में लिए गए 18 कंबोडियाई सैनिकों को रिहा कर दिया जाएगा। इसके अलावा, Ceasefire की निगरानी के लिए ASEAN (आसियान) के पर्यवेक्षकों को तैनात किया जाएगा, ताकि दोनों पक्ष समझौते का पालन करें।
पुराना विवाद, नई चुनौती
Thailand और कंबोडिया के बीच सीमा लगभग 817 किलोमीटर लंबी है और इसके कुछ हिस्सों को लेकर दशकों से विवाद चला आ रहा है। इस महीने की शुरुआत में एक पुराना तनाव फिर से हिंसा में बदल गया था, जिससे पहले हुआ संघर्ष विराम भी टूट गया।
इस संघर्ष में 100 से अधिक लोगों की जान गई, जिनमें आम नागरिक भी शामिल थे। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और क्षेत्रीय संगठन लगातार शांति की अपील कर रहे थे।
क्या यह शांति टिक पाएगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह Ceasefire एक अहम कदम है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए सिर्फ हथियारों का शांत होना काफी नहीं है। दोनों देशों को अब बातचीत की मेज पर बैठकर सीमा विवाद का राजनीतिक और कूटनीतिक हल निकालना होगा।
फिलहाल, सीमा पर रहने वाले लोगों के लिए यह खबर किसी उम्मीद से कम नहीं। गोलियों की आवाज़ थम चुकी है और लोग एक बार फिर सामान्य जीवन की ओर लौटने की कोशिश कर रहे हैं।
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