जापान (Japan) ने इतिहास रचा है। सना ए टाकाइची (Sanae Takaichi) को लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) की नेता चुना गया है और वे जल्द ही जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री (First Woman Prime Minister of Japan) बनने जा रही हैं। उनकी पुष्टि संसद (Diet) द्वारा 15 अक्टूबर 2025 को की जाएगी।
सना ए टाकाइची का राजनीतिक सफर
64 साल की सना ए टाकाइची ने 1993 में संसद के लिए चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर काम किया। जापानी संसद की निचली सभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व केवल 15% है, इसलिए उनकी जीत महिलाओं के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक पल मानी जा रही है।
नीतियां और राजनीतिक दृष्टिकोण
टाकाइची अपनी रूढ़िवादी (Conservative) और राष्ट्रवादी (Nationalist) नीतियों के लिए जानी जाती हैं।
- वह जापान के शांतिवादी संविधान (Pacifist Constitution) में बदलाव और Self-Defense Forces का नाम बदलकर National Defense Army करने की पक्षधर हैं।
- उन्होंने यासुकुनी श्राइन (Yasukuni Shrine) का दौरा किया, जो युद्ध मृतकों को सम्मान देता है। इस कदम पर चीन और दक्षिण कोरिया ने आलोचना की है।
घरेलू स्तर पर, टाकाइची पारंपरिक लिंग भूमिकाओं (Traditional Gender Roles) को बढ़ावा देती हैं। वह समान लिंग विवाह (Same-Sex Marriage) और विवाहित जोड़ों के अलग-अलग उपनाम के अधिकार का विरोध करती हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य मुद्दों को उन्होंने मान्यता दी है, लेकिन उनकी नीतियां अक्सर पितृसत्तात्मक ढांचे (Patriarchal Norms) को मजबूत करती हैं।
राजनीतिक चुनौतियां
टाकाइची के LDP अध्यक्ष बनने के बाद कोमाइटो पार्टी (Komeito Party) ने समर्थन वापस ले लिया, जिससे LDP का संसदीय बहुमत खतरे में आ गया। अब उन्हें प्रधानमंत्री बनने के लिए अन्य पार्टियों से समर्थन जुटाना होगा।
सना ए टाकाइची का प्रधानमंत्री बनना Japan की राजनीति में महिलाओं के लिए ऐतिहासिक सफलता है। लेकिन उनकी रूढ़िवादी नीतियां और राजनीतिक चुनौतियां उनके नेतृत्व को देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण बना सकती हैं।
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