इजराइल और मध्य पूर्व की मौजूदा परिस्थितियों के बीच अमेरिकी Vice President ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई देशों में इजराइल को लेकर नाराजगी बढ़ रही है और स्थिति ऐसी बनती जा रही है कि “कोई भी उन्हें पसंद नहीं करता।”
उपराष्ट्रपति ने कहा कि इजराइल एक छोटा देश है, जिसकी आबादी करीब 90 लाख है। ऐसे में उसके सामने सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चुनौतियां हैं और उसके पास बड़े देशों की तरह कई विकल्प उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना था कि इजराइल को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई बार कठिन फैसले लेने पड़ते हैं।
उन्होंने माना कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजराइल को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा और अपने नागरिकों की रक्षा को लेकर उसकी चिंताओं को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उपराष्ट्रपति के मुताबिक, किसी भी देश के लिए अपने लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है।
मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे तनाव और संघर्षों के बीच यह बयान ऐसे समय आया है, जब इजराइल की नीतियों को लेकर कई देशों में बहस तेज है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के शीर्ष नेतृत्व की ओर से आया यह बयान आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और इजराइल से जुड़े वैश्विक रिश्तों पर असर डाल सकता है।
दुनियाभर में जारी इस बहस के बीच एक बात साफ है कि इजराइल की सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक समर्थन का मुद्दा आने वाले समय में भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में बना रहेगा।
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