ग्वालियर हाईकोर्ट में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब स्थिति तनावपूर्ण होती देख जिला प्रशासन ने शहर में धारा 144 लागू कर दी है। यानी अब बिना अनुमति कोई भी धरना, जुलूस या प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा।
दरअसल, 15 अक्टूबर को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और परशुराम सेना ने प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसको लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हैं। शनिवार को पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल भी की गई, जिसमें पुलिसकर्मियों को उपद्रवियों से निपटने का अभ्यास कराया गया।

विवाद की जड़ क्या है
यह विवाद पिछले एक साल से चल रहा है। आजाद समाज, भीम आर्मी और ओबीसी महासभा से जुड़े वकील डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा लगाने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ वकील इसके विरोध में हैं। दोनों पक्षों के बीच कई बार बहस और टकराव की नौबत आ चुकी है।
मामला तब और गरमाया, जब बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर डॉ. अंबेडकर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी वाला वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो पर ग्वालियर और मुंबई के ठाणे में FIR दर्ज हुई। इससे नाराज एक गुट ने प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है।
प्रशासन की तैयारी और शांति की अपील
संभावित प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान और एसपी ने शुक्रवार शाम शहर के व्यापारियों, वकीलों और प्रबुद्ध नागरिकों से बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की।
कलेक्टर ने कहा, “त्योहारों का समय है, सभी लोग शांति और सौहार्द बनाए रखें।”
हालांकि, बैठक में प्रदर्शन का ऐलान करने वाले बार एसोसिएशन अध्यक्ष पवन पाठक और पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा शामिल नहीं हुए।
बैठक में वरिष्ठ वकीलों और व्यापारिक संगठनों ने कहा कि किसी भी उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बाहर से आने वाले भड़काऊ तत्वों पर सख्त निगरानी रखी जाए।
सोशल मीडिया पर सख्त नजर
प्रशासन ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई की जाए। कोई भी अफवाह फैलाने की कोशिश करता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विवाद की पृष्ठभूमि
मई 2025 में जब हाईकोर्ट परिसर में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव आया, तभी से माहौल तनावपूर्ण हो गया था।
इसके बाद दोनों गुटों में टकराव और झड़पें भी हुईं। हंगामे के चलते प्रशासन ने प्रतिमा स्थापना पर रोक लगा दी और प्रतिमा को 15 किमी दूर मूर्तिकार की वर्कशॉप में रखवा दिया गया, जिसकी सुरक्षा में दो पुलिसकर्मी तैनात हैं।
विवादित स्थल पर 11 मई को बार एसोसिएशन ने तिरंगा फहराया, जिसके बाद भी विवाद बढ़ा। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो धक्का-मुक्की और बहस हुई।
अब प्रशासन किसी भी तरह के उपद्रव से बचने के लिए पूरी तैयारी में है ताकि ग्वालियर में शांति बनी रहे।
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