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बिलासपुर में खाद्य विभाग की छापेमारी, 110 किलो बताशा और 22 किलो बूंदी नष्ट; अखाद्य रंग का हो रहा था इस्तेमाल

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बिलासपुर में त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में बिक रही मिलावटी और घटिया मिठाइयों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। बुधवार को विभाग की संयुक्त टीम ने शहर और आसपास के इलाकों में खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान बिना पंजीयन के बताशा बनाने और बूंदी की मिठाई में अखाद्य रंग का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया। टीम ने चांटीडीह के मेलापारा में 110 किलो बताशा और चकरभाठा में 22 किलो बूंदी मौके पर ही नष्ट करा दी। वहीं, बिना वैध पंजीयन के संचालित बताशा निर्माण इकाई को तत्काल बंद करा दिया गया।

गंदगी के बीच तैयार हो रहे थे बताशे

खाद्य विभाग की टीम ने चांटीडीह के मेलापारा स्थित वीर जायसवाल के बताशा निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि यहां अस्वच्छ वातावरण और गंदगी के बीच बताशे तैयार किए जा रहे थे। इसके अलावा निर्माण इकाई का खाद्य विभाग में पंजीयन भी नहीं कराया गया था। अधिकारियों ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए खतरा मानते हुए मौके पर मौजूद 110 किलो बताशे नष्ट करा दिए और निर्माण इकाई को तत्काल बंद करा दिया।

चकरभाठा में बूंदी बनाने में मिला अखाद्य रंग

टीम ने चकरभाठा स्थित उधमदास खेमचंद मिठाई वाला प्रतिष्ठान के किचन की भी जांच की। यहां बूंदी तैयार करने के लिए नॉन फूड ग्रेड कलर यानी अखाद्य रंग का इस्तेमाल किया जा रहा था। खाद्य पदार्थों में इस तरह के रंग का उपयोग स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही 22 किलो बूंदी नष्ट करा दी।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई, फिर भी नियमों की अनदेखी

खाद्य विभाग इससे पहले भी चांटीडीह और शनिचरी इलाके में बताशा दुकानों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी जारी थी। बुधवार की कार्रवाई में चिंगराजपारा स्थित एक अन्य बताशा निर्माण इकाई का भी निरीक्षण किया गया, हालांकि टीम के पहुंचने के समय वहां उत्पादन बंद मिला।

सैंपल जांच के लिए भेजे, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

छापेमारी के दौरान संदिग्ध प्रतिष्ठानों से बेसन के लड्डू और बताशे के नमूने भी लिए गए। इन्हें गुणवत्ता की जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इस संयुक्त कार्रवाई में अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीरसागर पटेल और खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी व प्रतीक तिवारी सहित विभागीय टीम शामिल रही।

Muskan Negi

muskannegi1302@gmail.com

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Sharad Pawar

Sharad Pawar Health शरद पवार की तबीयत पर आया डॉक्टरों का बड़ा अपडेट

महाराष्ट्र के दिग्गज नेता और NCP (SP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) की सेहत को लेकर उनके समर्थकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 85 साल के शरद पवार इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। पुणे के अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें मुंबई के Breach Candy Hospital में भर्ती कराया गया है। अब डॉक्टरों ने उनकी सेहत को लेकर ताजा जानकारी दी है। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और उनका इलाज जारी है। Sharad Pawar की तबीयत खराब होने की खबर सामने आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में हलचल है। पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर उनके समर्थक तक उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। Breach Candy Hospital में चल रहा इलाज शरद पवार को 4 नवंबर को मुंबई के Breach Candy Hospital में भर्ती कराया गया था। इससे पहले उनका इलाज पुणे के Ruby Hall Clinic में चल रहा था। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिवार ने उनकी आगे की मेडिकल जांच कराने का फैसला किया, जिसके बाद उन्हें मुंबई के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने भी सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी साझा की थी। उन्होंने बताया था कि परिवार उनकी सेहत को लेकर जरूरी जांच और बेहतर इलाज सुनिश्चित करना चाहता है। डॉक्टरों ने बताया कैसी है Sharad Pawar की हालत? 5 नवंबर को सामने आए डॉक्टरों के अपडेट के मुताबिक, शरद पवार की हालत फिलहाल स्थिर है। उन्हें खांसी और सांस से जुड़ी परेशानी के साथ संक्रमण की शिकायत है। डॉक्टर उनकी सेहत पर लगातार नजर रख रहे हैं और जरूरी उपचार दिया जा रहा है। डॉक्टरों की ओर से हालत स्थिर बताए जाने के बाद समर्थकों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, उम्र को देखते हुए उनकी सेहत की लगातार निगरानी की जा रही है। 2 नवंबर को पुणे के Ruby Hall Clinic में हुए थे भर्ती शरद पवार को 2 नवंबर को पुणे के Ruby Hall Clinic में भर्ती कराया गया था। उन्हें लगातार खांसी और सीने में दर्द की शिकायत हो रही थी। इसके बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच की और उन्हें अस्पताल में निगरानी में रखा। Ruby Hall Clinic के चीफ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पुरवेज के. ग्रांट ने बताया था कि उनकी हालत स्थिर है और सीने में दर्द में भी सुधार हुआ है। स्वास्थ्य में सुधार के बाद 4 नवंबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। PM मोदी ने फोन कर जाना शरद पवार का हाल शरद पवार की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे फोन पर बातचीत की थी। पीएम मोदी ने उनका हालचाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान उन्होंने शरद पवार को आराम करने और अपनी सेहत का ध्यान रखने की सलाह भी दी। इस बातचीत के बाद उनके समर्थकों के बीच उनकी सेहत को लेकर चर्चा और तेज हो गई। सुप्रिया सुले ने दी थी अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले लगातार उनकी सेहत से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हैं। मुंबई के Breach Candy Hospital में भर्ती कराए जाने के बाद उन्होंने बताया था कि परिवार उनकी आगे की मेडिकल जांच करा रहा है। फिलहाल परिवार और डॉक्टरों की प्राथमिकता उनकी सेहत में सुधार लाना है। Sharad Pawar Health Update: समर्थकों को है जल्द स्वस्थ होने का इंतजार शरद पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। ऐसे में उनकी तबीयत खराब होने की खबर से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। हालांकि, ताजा मेडिकल अपडेट में उनकी हालत स्थिर बताई गई है। मुंबई के Breach Candy Hospital में उनका इलाज जारी है। अब सभी को उम्मीद है कि वह जल्द स्वस्थ होकर अपने घर लौटेंगे। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है और आगे की जानकारी का इंतजार है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

खंडवा की कृष्णा घड़िए बनीं 3 अनाथ भाइयों की मां, सिंगल मदर ने एक साथ गोद लिए तीनों बच्चे; संघर्षों से भरी है कहानी

मध्यप्रदेश के खंडवा की 49 वर्षीय कृष्णा घड़िए की कहानी हौसले, आत्मनिर्भरता और ममता की मिसाल बन गई है। दसवीं कक्षा में अच्छे नंबरों से पास होने के बाद परिवार ने उनकी शादी कर दी थी। शादी के बाद ससुराल में उन्हें आगे पढ़ने की अनुमति नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। परिवार के फैसले के खिलाफ खड़ी हुईं, पति से रिश्ता खत्म किया और अपनी पढ़ाई पूरी कर सरकारी नौकरी हासिल की। अब कृष्णा ने तीन अनाथ सगे भाइयों को एक साथ गोद लेकर उन्हें नया परिवार और बेहतर भविष्य देने का फैसला किया है। जनजातीय कार्य विभाग में हॉस्टल अधीक्षिका के पद पर कार्यरत कृष्णा अब तीनों बच्चों की मां बन गई हैं। मध्यप्रदेश में पहली बार किसी सिंगल मदर द्वारा एक साथ तीन सगे भाई-बहनों को गोद लेने का यह मामला सामने आया है। तीनों बच्चों ने कोविड महामारी के दौरान अपने माता-पिता को खो दिया था। इसके बाद वे उत्तर प्रदेश की एक संस्था में रह रहे थे। करीब डेढ़ साल तक चली कानूनी प्रक्रिया बुधवार शाम पूरी हुई। सहज समागम फाउंडेशन की संचालक दीपमाला विधानी के मुताबिक, केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के नियमों के तहत कृष्णा घड़िए ने तीनों बच्चों को गोद लिया है। सरकार ने दिया तीन बच्चों को गोद लेने का विकल्प कृष्णा ने बताया कि दुनिया में उनका अपना कोई नहीं है। लंबे समय से उनके मन में बच्चा गोद लेकर परिवार बसाने की इच्छा थी। इसके लिए उन्होंने CARA पोर्टल पर आवेदन किया था। दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के दौरान उन्हें तीन बच्चों का विकल्प मिला। ये तीनों सगे भाई थे और इन्हें एक साथ गोद लेने के लिए कोई परिवार नहीं मिल रहा था। कृष्णा ने बताया कि जब उन्हें तीनों भाइयों को एक साथ अपनाने का विकल्प मिला तो उन्होंने बिना देर किए उन्हें परिवार देने का फैसला किया। उनका मानना है कि ऐसे कई बच्चे हैं, जो आज भी माता-पिता और परिवार के इंतजार में हैं। करीब डेढ़ साल की प्रक्रिया के बाद बुधवार शाम तीनों बच्चों का दत्तक ग्रहण पूरा हो गया। कोविड में माता-पिता को खोया, संस्था में रह रहे थे तीनों भाई तीनों बच्चों के माता-पिता की कोरोना महामारी के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद उनके पालन-पोषण और भविष्य को लेकर संकट खड़ा हो गया। ऐसे में उत्तर प्रदेश की एक संस्था ने उन्हें संरक्षण दिया। तीनों भाई करीब दो से तीन साल तक संस्था में रहे। बाद में CARA की प्रक्रिया के तहत उन्हें एक ही परिवार में गोद देने का विकल्प सामने आया और कृष्णा ने तीनों को अपनाने का निर्णय लिया। बोलीं- तीनों को अच्छी शिक्षा दिलाऊंगी, भविष्य के लिए भी की तैयारी कृष्णा का कहना है कि उन्होंने तीनों बच्चों को गोद लेने का फैसला केवल भावनात्मक रूप से नहीं, बल्कि उनकी पूरी जिंदगी की जिम्मेदारी समझकर किया है। उन्होंने बताया कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उनके पास पर्याप्त संपत्ति है। तीनों के लिए मकान और प्लॉट की व्यवस्था पहले से है। कृष्णा ने कहा कि वह तीनों बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएंगी और उनकी पसंद व योग्यता के अनुसार आगे बढ़ने का मौका देंगी। यदि पढ़ाई पूरी करने के बाद किसी को सरकारी या निजी नौकरी नहीं मिलती है तो उसे अपना व्यवसाय शुरू करवाएंगी। इसके लिए जमीन भी खरीदकर रखी है। उनका कहना है कि बच्चों को जिंदगी में किसी तरह की कमी महसूस नहीं होने देंगी। 10वीं में अच्छे नंबर आए, फिर भी कर दी गई शादी कृष्णा की अपनी जिंदगी भी संघर्षों से भरी रही है। उन्होंने बताया कि जब वह दसवीं कक्षा में थीं, तभी परिवार ने उनकी शादी कर दी थी। शादी के बाद जब परीक्षा का रिजल्ट आया तो उन्होंने अच्छे अंक हासिल किए। वह आगे पढ़ना चाहती थीं, लेकिन ससुराल पक्ष ने उन्हें पढ़ाई जारी रखने की अनुमति नहीं दी। कृष्णा ने पढ़ाई छोड़ने के बजाय परिवार के फैसले के खिलाफ जाने का साहस दिखाया। उन्होंने पति से तलाक लिया और अपनी शिक्षा पूरी करने का निर्णय किया। इसके बाद बारहवीं, ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। लगातार मेहनत के बाद सरकारी नौकरी हासिल की। वह पिछले 26 साल से सरकारी सेवा में हैं और वर्तमान में जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत खालवा क्षेत्र में हॉस्टल अधीक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। 50-60 बच्चों की देखभाल का भी है अनुभव कृष्णा पिछले कई वर्षों से हॉस्टल में रहने वाले करीब 50 से 60 बच्चों के रहने, खाने-पीने, देखभाल और शिक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालती रही हैं। दूसरे बच्चों की परवरिश और उनका भविष्य संवारने के अनुभव के बीच उनके मन में अपना परिवार बनाने की इच्छा भी बनी रही। अब तीन सगे भाइयों को एक साथ गोद लेकर उन्होंने न केवल अपना परिवार बसाया है, बल्कि तीन बच्चों को मां का प्यार और सुरक्षित भविष्य देने की नई शुरुआत भी की है।

बिलासपुर में खाद्य विभाग की छापेमारी, 110 किलो बताशा और 22 किलो बूंदी नष्ट; अखाद्य रंग का हो रहा था इस्तेमाल

बिलासपुर में त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में बिक रही मिलावटी और घटिया मिठाइयों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। बुधवार को विभाग की संयुक्त टीम ने शहर और आसपास के इलाकों में खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान बिना पंजीयन के बताशा बनाने और बूंदी की मिठाई में अखाद्य रंग का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया। टीम ने चांटीडीह के मेलापारा में 110 किलो बताशा और चकरभाठा में 22 किलो बूंदी मौके पर ही नष्ट करा दी। वहीं, बिना वैध पंजीयन के संचालित बताशा निर्माण इकाई को तत्काल बंद करा दिया गया। गंदगी के बीच तैयार हो रहे थे बताशे खाद्य विभाग की टीम ने चांटीडीह के मेलापारा स्थित वीर जायसवाल के बताशा निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि यहां अस्वच्छ वातावरण और गंदगी के बीच बताशे तैयार किए जा रहे थे। इसके अलावा निर्माण इकाई का खाद्य विभाग में पंजीयन भी नहीं कराया गया था। अधिकारियों ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए खतरा मानते हुए मौके पर मौजूद 110 किलो बताशे नष्ट करा दिए और निर्माण इकाई को तत्काल बंद करा दिया। चकरभाठा में बूंदी बनाने में मिला अखाद्य रंग टीम ने चकरभाठा स्थित उधमदास खेमचंद मिठाई वाला प्रतिष्ठान के किचन की भी जांच की। यहां बूंदी तैयार करने के लिए नॉन फूड ग्रेड कलर यानी अखाद्य रंग का इस्तेमाल किया जा रहा था। खाद्य पदार्थों में इस तरह के रंग का उपयोग स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही 22 किलो बूंदी नष्ट करा दी। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई, फिर भी नियमों की अनदेखी खाद्य विभाग इससे पहले भी चांटीडीह और शनिचरी इलाके में बताशा दुकानों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी जारी थी। बुधवार की कार्रवाई में चिंगराजपारा स्थित एक अन्य बताशा निर्माण इकाई का भी निरीक्षण किया गया, हालांकि टीम के पहुंचने के समय वहां उत्पादन बंद मिला। सैंपल जांच के लिए भेजे, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई छापेमारी के दौरान संदिग्ध प्रतिष्ठानों से बेसन के लड्डू और बताशे के नमूने भी लिए गए। इन्हें गुणवत्ता की जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संयुक्त कार्रवाई में अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीरसागर पटेल और खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी व प्रतीक तिवारी सहित विभागीय टीम शामिल रही।
Delhi

Delhi Building Accident: पुरानी दिल्ली में बड़ा हादसा, तीन मंजिला इमारत ढही; NDRF ने संभाला मोर्चा

दिल्ली (Delhi) के चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। पुरानी दिल्ली की गली सितारा में एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की खबर है, जबकि एक व्यक्ति घायल बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 6 से 7 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई थी। इमारत गिरते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और प्रशासन को घटना की सूचना दी। इसके बाद दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। सुबह करीब 9:50 बजे हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 9:50 बजे चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सितारा में इमारत गिरने की सूचना मिली। बताया जा रहा है कि इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक उसका बड़ा हिस्सा ढह गया और मलबा आसपास फैल गया। हादसे के बाद दमकल विभाग ने तुरंत रेस्क्यू टीमों को रवाना किया। शुरुआत में कुछ दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त टीमें भी तैनात करनी पड़ीं। दो लोगों की मौत, एक घायल इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं, एक व्यक्ति घायल हुआ है। शुरुआती रिपोर्टों में 6 से 7 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, फंसे हुए लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। रेस्क्यू टीमों की कोशिश है कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जाए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। NDRF और दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की छह यूनिट मौके पर पहुंचीं। इसके अलावा NDRF की टीम को भी बचाव अभियान में लगाया गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। मलबे को सावधानी से हटाया जा रहा है, ताकि अंदर फंसे लोगों तक पहुंचा जा सके। राहत टीमों का पूरा ध्यान संभावित लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है। आखिर क्यों गिरी निर्माणाधीन इमारत? फिलहाल इमारत गिरने की वजह सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट नहीं है कि हादसा निर्माण कार्य में किसी लापरवाही, कमजोर ढांचे या किसी अन्य तकनीकी कारण से हुआ। मामले की असली वजह जांच के बाद ही पता चल सकेगी। पुराने दिल्ली इलाके में सुरक्षा पर फिर सवाल चावड़ी बाजार पुरानी दिल्ली का बेहद व्यस्त इलाका है। यहां संकरी गलियां और आसपास मौजूद पुरानी इमारतों के कारण राहत एवं बचाव कार्य भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में इस हादसे ने एक बार फिर पुरानी और निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की खबर से इलाके में दुख का माहौल है। रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के बाद घटना से जुड़ी बाकी तस्वीर साफ हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Stock Market Today: सेंसेक्स 78,900 के पार, निफ्टी में 400 अंकों का उछाल; FII ने भी लगाया पैसा

कई दिनों की उठापटक के बाद आखिरकार भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में तेजी लौटती दिखाई दे रही है। गुरुवार, 5 नवंबर को बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल आया। सेंसेक्स करीब 1,600 अंक चढ़ गया, वहीं निफ्टी ने भी 400 अंकों से ज्यादा की छलांग लगाई। लगातार छह कारोबारी दिनों से जारी तेजी ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। बाजार में इस तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण हैं। अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की वापसी ने बाजार का माहौल बदल दिया है। इसका असर भारतीय बाजार के साथ-साथ दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों में भी देखने को मिल रहा है। Sensex-Nifty में जोरदार उछाल, निवेशकों की नजर बाजार पर गुरुवार सुबह कारोबार शुरू होते ही बाजार में खरीदारी का माहौल बन गया। बीएसई सेंसेक्स करीब 1,609 अंक उछलकर 78,910 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 50 करीब 418 अंक की बढ़त के साथ 24,378 के आसपास पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 78,900 के पार और निफ्टी 24,400 के करीब पहुंच गया। दोनों प्रमुख इंडेक्स में लगभग 2 फीसदी की तेजी देखने को मिली। बाजार की इस तेजी ने उन निवेशकों को भी राहत दी है, जो पिछले कुछ समय से लगातार गिरावट और बिकवाली के कारण परेशान थे। 6 दिनों में Sensex ने 5,500 से ज्यादा अंक जोड़े शेयर बाजार की तेजी केवल एक दिन की कहानी नहीं है। पिछले छह कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 5,500 अंकों से ज्यादा चढ़ चुका है। लगातार खरीदारी के कारण बाजार में निवेशकों का भरोसा वापस लौटता दिखाई दे रहा है। इस तेजी में बड़ी कंपनियों के शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली है। यानी बाजार में उत्साह सिर्फ सेंसेक्स और निफ्टी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई सेक्टर के शेयरों में भी तेजी आई है। Trump को Midterm Election में झटका, बाजार को मिला सहारा अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने दुनियाभर के निवेशकों का ध्यान खींचा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव में नुकसान हुआ है, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में अपनी स्थिति मजबूत की है। इस नतीजे के बाद अमेरिकी सरकार की टैरिफ और विदेश नीति से जुड़ी योजनाओं पर राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है। निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में अमेरिका की नीतियों को लेकर अनिश्चितता कुछ कम हो सकती है। अमेरिकी राजनीति में आए इस बदलाव का असर वहां के शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। अमेरिकी बाजारों में तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार को भी सकारात्मक संकेत मिले। Crude Oil की कीमतों में गिरावट से भारत को राहत भारतीय बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 93.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। इससे पहले भी कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से आयात करता है। ऐसे में कच्चा तेल सस्ता होने से देश के आयात बिल में कमी आने और महंगाई का दबाव घटने की उम्मीद रहती है। इसके अलावा तेल की कीमतों में गिरावट से एयरलाइन, ऑटो और दूसरी कंपनियों की लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। यही वजह है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में कमी को बाजार के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है। FII की खरीदारी से मजबूत हुआ बाजार विदेशी निवेशकों की वापसी ने भी बाजार को नई ताकत दी है। पिछले कुछ समय से भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने अब खरीदारी शुरू कर दी है। 4 नवंबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में करीब 7,284 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र रहा, जब विदेशी निवेशक नेट बायर बने। विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार में पैसा आने के साथ निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है। बाजार की तेजी में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की भूमिका भी अहम रही है। इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी गुरुवार के शुरुआती कारोबार में कई बड़े शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। खासतौर पर ऑटो, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल्टी सेक्टर में मजबूती रही। शुरुआती कारोबार में IndiGo, Bajaj Finance, Asian Paints, Maruti Suzuki और Mahindra & Mahindra जैसे शेयरों में तेजी दर्ज की गई। बैंकिंग सेक्टर के HDFC Bank और ICICI Bank के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आई मजबूती ने भी बाजार की तेजी को सहारा दिया। निवेशकों की दौलत में 6.6 लाख करोड़ रुपये का इजाफा बाजार में आई तेजी का फायदा निवेशकों की संपत्ति पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 501 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह लगभग 494.4 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह बाजार खुलने के शुरुआती समय में ही निवेशकों की संपत्ति में करीब 6.6 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। आगे कैसी रहेगी Share Market की चाल? लगातार छह दिनों की तेजी के बाद अब निवेशकों की नजर बाजार के अगले रुख पर है। अमेरिका की नई राजनीतिक स्थिति, ईरान से जुड़ा तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे और घरेलू आर्थिक आंकड़े भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। फिलहाल भारतीय शेयर बाजार में लौटी तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान जरूर ला दी है। हालांकि, बाजार में लगातार बढ़त के बाद उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। इसलिए निवेश से जुड़े फैसले जल्दबाजी में लेने के बजाय बाजार की स्थिति और कंपनी के प्रदर्शन को समझना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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