भोपाल के केरवा डैम की सीमा और उसके आसपास हुए अतिक्रमणों को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्ती दिखाई है। ट्रिब्यूनल ने संबंधित कमेटी को डैम के फुल टैंक लेवल (FTL) और बफर एरिया का अंतिम निर्धारण करने के लिए निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
इस प्रक्रिया में सरकारी रिकॉर्ड, जल संसाधन विभाग के कंटूर और टोपोग्राफिकल मैप, ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट इमेजरी और मौके पर किए जाने वाले भौतिक सत्यापन को आधार बनाया जाएगा। बुधवार को प्रस्तावित ग्राउंड ट्रूथिंग अंतिम समय पर स्थगित कर दी गई। अब गुरुवार को टीम के निरीक्षण करने की संभावना है।
NGT ने FTL और बफर एरिया तय करने के दिए निर्देश
केरवा डैम के आसपास अतिक्रमणों को लेकर हाल ही में हुई सुनवाई में NGT ने कमेटी को उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जलाशय की वास्तविक सीमा का निरीक्षण करने को कहा था।
ट्रिब्यूनल के निर्देशों के अनुसार, FTL और बफर एरिया का अंतिम निर्धारण ड्रोन सर्वे, सैटेलाइट तस्वीरों, ग्राउंड ट्रूथिंग और सरकारी दस्तावेजों के मिलान के बाद किया जाएगा। कमेटी को इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई में पेश करनी है। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को निर्धारित है।
108 सीमा-चिह्नों की भी होगी जांच
उपलब्ध पुराने रिकॉर्ड के अनुसार, केरवा डैम का जलमग्न क्षेत्र लगभग 462.150 हेक्टेयर है। पहले इसकी सीमा को 1,080 कंक्रीट ब्लॉकों और खंभों से चिह्नित किया गया था।
अब भौतिक सत्यापन के दौरान यह भी देखा जाएगा कि इनमें से कितने सीमा-चिह्न मौके पर मौजूद हैं और क्या उनकी स्थिति पुराने रिकॉर्ड से मेल खाती है। इससे जलाशय की वास्तविक सीमा निर्धारित करने में मदद मिलेगी।
पहले की जांच में मिले थे 33 अतिक्रमण
पूर्व में हुई जांच के दौरान केरवा जलाशय क्षेत्र में कुल 33 अतिक्रमण चिह्नित किए गए थे। इनमें 18 संरचनाएं सरकारी भूमि और 15 निजी भूमि से संबंधित बताई गई थीं।
अब ड्रोन सर्वे और जमीनी निरीक्षण के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि पहले चिह्नित अतिक्रमणों में से कितने अभी भी मौके पर मौजूद हैं। साथ ही, उनकी वास्तविक स्थिति और निर्धारित जलाशय सीमा से उनकी दूरी का सत्यापन भी किया जाएगा।
तीन सप्ताह में रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश
NGT ने कमेटी को FTL और उसके बफर एरिया के अंतिम निर्धारण की प्रक्रिया तीन सप्ताह में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत टीम को उपलब्ध सरकारी दस्तावेजों और मौके की स्थिति का मिलान करना होगा।
निरीक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट से केरवा डैम की सीमा और आसपास मौजूद अतिक्रमणों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। हालांकि, अतिक्रमणों को लेकर आगे क्या कार्रवाई होगी, यह निरीक्षण और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा।









































