इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मालवा क्षेत्र तेजी से मेट्रोपॉलिटन सिटी के रूप में विकसित हो रहा है। पर्यटन, व्यापार और निवेश की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। इससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री मंगलवार को इंदौर में एक निजी होटल के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार के लिए आधुनिक होटल सुविधाओं को महत्वपूर्ण बताया।
सिंहस्थ 2028 के लिए होटल सुविधाओं का विस्तार जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ का आयोजन होना है। ऐसे में इंदौर और उज्जैन सहित आसपास के क्षेत्रों में होटल सुविधाओं का विस्तार महत्वपूर्ण हो जाता है। दोनों शहरों की नजदीकी के कारण सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, पर्यटकों और अन्य लोगों के आने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि व्यापारिक गतिविधियों, कॉर्पोरेट बैठकों और विभिन्न आयोजनों के लिए भी आधुनिक होटल सुविधाओं की जरूरत होती है। नए होटल इन जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित होंगे।
निवेश बढ़ने से पैदा होंगे रोजगार के अवसर
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर व्यावसायिक और पर्यटन से जुड़ी परियोजनाएं विकसित हो रही हैं। इनसे लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री के अनुसार, निवेश बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। पर्यटन और व्यापार का विस्तार प्रदेश की आर्थिक प्रगति में भी योगदान देगा।
नवरात्रि के दौरान नई होटल सुविधा की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि शक्ति की आराधना का पर्व है। ऐसे समय में इंदौर में होटल की नई सुविधा शुरू होना भविष्य की जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। उन्होंने मालवा क्षेत्र में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यापार, पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार से यह क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री एयरपोर्ट से सीधे होटल के उद्घाटन समारोह में पहुंचे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, सांसद शंकर लालवानी, विधायक मधु वर्मा और रमेश मेंदोला सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
