कर्तव्य पथ पर आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस (Republic Day ) की परेड इस बार सिर्फ एक सरकारी समारोह नहीं, बल्कि बदलते भारत की कहानी बन गई। परंपरा के रंग, आधुनिक तकनीक की चमक और समावेशिता का संदेश — सब कुछ एक ही मंच पर दिखाई दिया। इस साल की परेड में कई ऐसे पल रहे, जो लंबे समय तक याद रखे जाएंगे।
दो Chief Guest, एक मंच
Republic Day के इतिहास में पहली बार दो मुख्य अतिथि आमंत्रित किए गए। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेन की मौजूदगी ने भारत-यूरोप रिश्तों की मजबूती को नए स्तर पर पहुंचाया। दर्शकों के बीच यह चर्चा का बड़ा विषय रहा कि एक साथ दो वैश्विक नेता भारत के लोकतंत्र के इस उत्सव में शामिल हुए।
महिला कमांडेंट के पीछे पूरा पुरुष दस्ता
CRPF की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व जब सहायक कमांडेंट सिमरन बाला ने किया, तो तालियों की गूंज खुद परेड से ज्यादा तेज़ थी। यह सिर्फ एक परेड मूव नहीं था, बल्कि उस बदलाव का संकेत था, जिसमें महिलाएं अब हर मोर्चे पर नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं।
सेना का लाइव युद्ध प्रदर्शन
इस बार परेड में सेना ने ‘बैटल एरे फॉर्मेशन’ के जरिए युद्ध जैसी स्थिति का लाइव डेमो दिखाया। आधुनिक हथियार, तेज़ मूवमेंट और रणनीतिक अभ्यास ने लोगों को रोमांचित कर दिया। कई दर्शकों के लिए यह पल परेड का सबसे दमदार हिस्सा साबित हुआ।
ड्रोन से लेकर ब्रह्मोस तक
AI आधारित सिस्टम, ड्रोन, रोबोटिक यूनिट्स, ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल जैसी प्रणालियों की झलक ने यह साफ कर दिया कि भारत अब रक्षा तकनीक में भी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
दो कूबड़ वाले ऊंट भी बने आकर्षण
परेड में दो कूबड़ वाले बेक्ट्रियन ऊंटों की मौजूदगी ने सभी का ध्यान खींचा। यह नज़ारा जितना अनोखा था, उतना ही यह संदेश भी देता था कि कठिन इलाकों में तैनाती के लिए सेना किस तरह पारंपरिक और आधुनिक संसाधनों का संतुलन बना रही है।
थीम: ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’
इस साल की थीम “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” रही। झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के ज़रिए राष्ट्रीय गीत की ऐतिहासिक यात्रा, आज़ादी की लड़ाई में उसकी भूमिका और आज के भारत में उसकी अहमियत को खूबसूरती से दिखाया गया।
झांकियां और कलाकारों की भव्य प्रस्तुति
करीब 2500 कलाकारों ने मंच संभाला और 30 से ज्यादा झांकियों ने भारत की विविधता, संस्कृति और विकास की कहानी सुनाई। डिजिटल इंडिया, महिला सशक्तिकरण, हरित ऊर्जा और स्टार्टअप इंडिया जैसे विषयों पर आधारित झांकियां खास तौर पर चर्चा में रहीं।
नई सैन्य इकाइयों की पहली झलक
‘भैरव बटालियन’ और ‘शक्तिबान रेजिमेंट’ जैसी नई इकाइयों को पहली बार परेड में शामिल किया गया। यह भारत की बदलती सुरक्षा रणनीति और नई पीढ़ी की सैन्य ताकत का संकेत माना जा रहा है।
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