देश ने आज 77वां गणतंत्र दिवस (Republic Day) पूरे जोश, गर्व और भावनात्मक माहौल में मनाया। सुबह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने से हुई। इसके बाद कर्तव्य पथ पर भव्य परेड में भारत की सैन्य शक्ति, स्वदेशी तकनीक और सांस्कृतिक विविधता की शानदार झलक देखने को मिली।
शहीदों को नमन से शुरू हुआ गणतंत्र दिवस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर पुष्पचक्र अर्पित किया और देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को नमन किया। यह क्षण भावुक भी था और प्रेरणादायक भी, जिसने पूरे समारोह को गरिमा और गंभीरता प्रदान की।
#RepublicDay2026: Prime Minister Narendra Modi arrives at National War Memorial in Delhi
— ANI (@ANI) January 26, 2026
He will lead the nation in paying homage to the fallen soldiers at the National War Memorial#RepublicDayCelebration🇮🇳
(Source: DD) pic.twitter.com/2WODRuVw1H
कर्तव्य पथ पर भव्य परेड, विदेशी मेहमान भी रहे मौजूद
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अध्यक्षता में आयोजित परेड में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। यह भारत और यूरोप के बीच मजबूत होते रिश्तों का संकेत माना गया।
‘Sindoor Formation’ में वायुसेना का दमदार फ्लायपास्ट
भारतीय वायुसेना ने इस बार ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ नाम से खास फ्लायपास्ट किया। राफेल, सुखोई-30, मिग-29 और जगुआर जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों ने जब आसमान में एक साथ उड़ान भरी, तो पूरा कर्तव्य पथ तालियों से गूंज उठा। कुल 29 विमानों और हेलीकॉप्टरों ने हिस्सा लिया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
स्वदेशी Hypersonic Glide Missile का पहली बार सार्वजनिक प्रदर्शन
परेड का सबसे चर्चित आकर्षण डीआरडीओ की स्वदेशी हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल का डेब्यू रहा। यह मिसाइल बेहद तेज रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है और दुश्मन के रडार से बचना इसके लिए मुश्किल माना जाता है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यह भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
त्रि-सेवा झांकियां और सैन्य शक्ति की झलक
थलसेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त झांकियों में ब्रह्मोस, आकाश और अन्य आधुनिक हथियार प्रणालियां प्रदर्शित की गईं। हर झांकी भारत की बढ़ती सैन्य ताकत और तकनीकी प्रगति की कहानी कह रही थी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दिखी भारत की विविधता
करीब 2,500 कलाकारों ने देश के अलग-अलग राज्यों की लोकसंस्कृति, नृत्य और संगीत की प्रस्तुति दी। इस वर्ष की थीम ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता और देशभक्ति को समर्पित रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई इस रंगारंग कार्यक्रम में खोया नजर आया।
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