Amazon Layoffs और Meta Layoffs ने एक बार फिर दुनिया भर के टेक कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले करीब 10 महीनों में दोनों कंपनियां मिलकर लगभग 40 हजार कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं। इन फैसलों के पीछे सबसे बड़ा कारण Artificial Intelligence (AI) पर बढ़ता निवेश, लागत में कटौती और कंपनियों का तेजी से बदलता बिजनेस मॉडल माना जा रहा है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ शुरुआत है या आने वाले समय में टेक सेक्टर में नौकरी जाने का सिलसिला और तेज हो सकता है?
Amazon ने क्यों घटाई अपनी Workforce?
ई-कॉमर्स और क्लाउड सर्विस की दिग्गज कंपनी Amazon ने इस साल कई विभागों में कर्मचारियों की संख्या कम की है। जनवरी 2026 में कंपनी ने करीब 16 हजार कॉर्पोरेट कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया। इसके बाद हाल ही में Artificial General Intelligence (AGI) से जुड़े कुछ प्रोजेक्ट्स में भी टीमों का पुनर्गठन किया गया।
कंपनी का कहना है कि वह AI तकनीक में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। ऐसे में जिन क्षेत्रों में ऑटोमेशन संभव है, वहां संसाधनों का नए तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। Amazon का फोकस अब भविष्य की टेक्नोलॉजी तैयार करने पर है।
Meta भी AI Strategy पर कर रही बड़ा दांव
Facebook, Instagram और WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta ने भी अपने वैश्विक कर्मचारियों का लगभग 10 प्रतिशत, यानी करीब 8 हजार लोगों की छंटनी की है। इसके साथ ही कई नई भर्तियों को भी फिलहाल रोक दिया गया है।
Meta का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI ही कंपनी की सबसे बड़ी ताकत बनने वाला है। इसी वजह से कंपनी अपने खर्चों को कम कर AI इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट टूल्स और नई तकनीकों पर ज्यादा निवेश कर रही है।
आखिर क्यों बढ़ रही हैं Tech Layoffs?
पिछले कुछ वर्षों में टेक कंपनियों ने बड़े पैमाने पर भर्ती की थी। अब बाजार की बदलती परिस्थितियों और AI के बढ़ते इस्तेमाल के कारण कंपनियां अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव कर रही हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक इसके पीछे कई प्रमुख कारण हैं—
- AI और Automation पर लगातार बढ़ता निवेश।
- ऑपरेटिंग कॉस्ट कम करने की रणनीति।
- कंपनियों का बिजनेस मॉडल बदलना।
- दोहराए जाने वाले कार्यों का ऑटोमेशन।
- संगठन को अधिक प्रभावी और तेज बनाना।
क्या आगे भी बढ़ सकता है Layoffs का आंकड़ा?
टेक इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि फिलहाल छंटनी पूरी तरह रुकने वाली नहीं है। आने वाले महीनों में भी कुछ कंपनियां अपने बिजनेस और AI रणनीति के अनुसार कर्मचारियों की संख्या में बदलाव कर सकती हैं।
हालांकि इसका दूसरा पहलू भी है। AI के कारण कुछ पारंपरिक नौकरियां जरूर प्रभावित हो रही हैं, लेकिन दूसरी ओर AI Engineer, Machine Learning Specialist, Data Scientist, Cloud Engineer, Cyber Security Expert और Prompt Engineer जैसी नई भूमिकाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है।
यानी नौकरी के अवसर खत्म नहीं हो रहे, बल्कि उनका स्वरूप बदल रहा है।
कर्मचारियों के लिए क्या है सबसे बड़ी सीख?
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में केवल अनुभव ही नहीं, बल्कि नई तकनीकों की समझ भी उतनी ही जरूरी हो गई है। जो प्रोफेशनल समय के साथ खुद को अपडेट करेंगे और AI से जुड़ी नई स्किल्स सीखेंगे, उनके लिए भविष्य में बेहतर अवसर बने रहेंगे।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
