भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। Stock Market में आई इस कमजोरी के चलते BSE Sensex करीब 700 अंक गिरकर 75,613 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं Nifty 50 में भी लगभग 200 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,646 के स्तर पर आ गया।
बाजार में अचानक आई इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। वैश्विक बाजारों में कमजोरी, बढ़ती महंगाई की आशंका और Crude Oil Price के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया।
Crude Oil Price Rise से बाजार पर बढ़ा दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। Crude Oil के 100 डॉलर के पार जाने से भारत की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात के जरिए पूरा करता है।
महंगे कच्चे तेल का असर आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल की कीमतों, महंगाई और कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशकों ने बाजार में सतर्क रुख अपनाया और जमकर बिकवाली की।
Sensex और Nifty में बड़ी गिरावट, निवेशकों को नुकसान
शुक्रवार के कारोबार में सेंसेक्स के कई प्रमुख शेयर दबाव में नजर आए। बैंकिंग, IT, ऑटो और अन्य बड़े सेक्टर के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
निवेशकों ने बाजार में मुनाफावसूली की, जिसके कारण शुरुआती कारोबार के बाद गिरावट और बढ़ती चली गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा समय में निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं और वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।
Global Market Weakness का भारतीय बाजार पर असर
भारतीय शेयर बाजार सिर्फ घरेलू घटनाओं से नहीं बल्कि दुनिया भर के बाजारों की चाल से भी प्रभावित होता है। अमेरिका और अन्य वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
इसके अलावा विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। अगर विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली करते हैं तो बाजार पर दबाव बना रह सकता है।
आगे कैसी रह सकती है Stock Market की चाल?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में Crude Oil Price, Global Market Trend और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर सभी की नजर रहेगी।
हालांकि बाजार में गिरावट के दौरान लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अच्छे शेयरों में अवसर भी बन सकते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय कंपनियों के फंडामेंटल और बाजार की स्थिति को समझकर निवेश करें।
फिलहाल भारतीय शेयर बाजार के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक अनिश्चितता सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा इन संकेतों पर निर्भर करेगी।
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