अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत ने एक बार फिर हलचल मचा दी है। Brent Crude Oil की कीमत $100 प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जो करीब छह हफ्तों का सबसे ऊंचा स्तर है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है और इसका असर सीधे Global Oil Market पर दिखाई दे रहा है।
तेल महंगा होने की खबर भारत के लिए भी अहम है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अगर crude oil की कीमत लंबे समय तक ऊंची रहती है, तो Petrol-Diesel और LPG की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
6 हफ्ते में सबसे महंगा हुआ Crude Oil
बुधवार के कारोबार में Brent crude करीब $100.19 प्रति बैरल तक पहुंच गया। बाद में इसकी कीमत लगभग $99.93 प्रति बैरल के आसपास रही। वहीं अमेरिकी WTI crude भी करीब $94.52 प्रति बैरल तक पहुंचा।
तेल की कीमतों में यह तेजी ऐसे समय आई है जब Middle East में हालात सामान्य नहीं हैं। बाजार को डर है कि अगर तनाव और बढ़ा तो तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है।
America-Iran Tension का Oil Market पर असर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव इस समय Oil Market के लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है। Middle East दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। यहां किसी बड़े संघर्ष या सप्लाई रूट में रुकावट का असर पूरी दुनिया में दिखाई दे सकता है।
खास तौर पर Strait of Hormuz को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यहां लंबे समय तक किसी तरह की बाधा आने पर कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है और कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
भारत में Petrol-Diesel Price पर क्या असर होगा?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या महंगे crude oil का असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा?
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमत तय करने में अंतरराष्ट्रीय crude oil price के अलावा कई दूसरे factors भी काम करते हैं। इनमें रुपये और डॉलर की exchange rate, refining cost, freight, taxes और oil companies के margins शामिल हैं।
इसलिए कच्चा तेल $100 पार करने का मतलब यह नहीं है कि पेट्रोल-डीजल की कीमत तुरंत बढ़ जाएगी। लेकिन अगर crude लगातार इसी स्तर पर बना रहता है, तो घरेलू fuel prices पर दबाव जरूर बढ़ सकता है।
LPG Cylinder की कीमत भी अहम
Crude oil की तेजी के साथ LPG को लेकर भी चिंता बढ़ी है। भारत LPG की जरूरत का एक हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में Middle East में supply और shipping routes प्रभावित होने पर import cost बढ़ सकती है।
हालांकि घरेलू LPG Cylinder की कीमत केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर तय नहीं होती। सरकार की pricing policy और अन्य आर्थिक factors भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए अभी LPG की कीमत बढ़ने को लेकर निश्चित तौर पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
महंगा तेल बढ़ा सकता है महंगाई का दबाव
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ पेट्रोल और डीजल तक सीमित नहीं रहता। Transport और logistics महंगे होने पर इसका असर सामान की लागत पर भी पड़ सकता है।
अगर तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसका असर transport, manufacturing और दूसरे कई कारोबारों पर भी देखने को मिल सकता है।
आगे Crude Oil का क्या होगा?
आने वाले दिनों में crude oil की दिशा काफी हद तक Middle East की स्थिति पर निर्भर करेगी। अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता है और supply routes सामान्य रहते हैं, तो तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है।
लेकिन अगर संघर्ष बढ़ता है या Hormuz जैसे महत्वपूर्ण shipping routes प्रभावित होते हैं, तो Brent Crude $100 से ऊपर लंबे समय तक बना रह सकता है।
फिलहाल भारत में लोगों की नजर Petrol-Diesel और LPG के दाम पर रहेगी। अगर crude oil की यह तेजी कुछ समय और जारी रहती है, तो सरकार और oil companies के सामने घरेलू ईंधन कीमतों को संभालने की चुनौती बढ़ सकती है।
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