भारत और अमेरिका के बीच हुए India–US Interim Trade Deal 2025 ने भारतीय AYUSH और Nutraceutical सेक्टर के लिए नए अवसरों के दरवाज़े खोल दिए हैं। इस समझौते के तहत अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए जाने वाले टैरिफ में भारी कटौती की गई है, जिससे खासतौर पर आयुर्वेद, हर्बल और न्यूट्रास्यूटिकल कंपनियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
अमेरिकी टैरिफ में कटौती से राहत
अब तक भारतीय AYUSH और न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों पर अमेरिका में लगभग 50 प्रतिशत तक टैरिफ लग रहा था। इस कारण भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो गया था।
नए अंतरिम व्यापार समझौते के बाद यह टैरिफ करीब 18 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है, जिससे भारतीय उत्पाद अब पहले की तुलना में ज्यादा किफायती दामों पर उपलब्ध हो सकेंगे।
AYUSH और Nutraceutical सेक्टर क्यों है खास?
भारत का AYUSH सेक्टर — जिसमें आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और हर्बल उत्पाद शामिल हैं — दुनियाभर में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अमेरिका जैसे बड़े बाजार में
अश्वगंधा, हल्दी, अदरक, नीम, हर्बल एक्सट्रैक्ट्स और आयुर्वेदिक सप्लीमेंट्स की मांग लगातार बढ़ रही है।
उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि टैरिफ में कटौती से भारतीय कंपनियों को न केवल लागत में राहत मिलेगी, बल्कि वे अमेरिकी ब्रांड्स और अन्य देशों के सप्लायर्स के साथ बेहतर तरीके से मुकाबला कर पाएंगी।
निर्यात में तेजी की उम्मीद
आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का AYUSH निर्यात अमेरिका को लगभग 688 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। नए टैरिफ स्ट्रक्चर के लागू होने के बाद आने वाले वर्षों में इस आंकड़े के और बढ़ने की संभावना है।
Pharmanza Herbal जैसी कंपनियों का मानना है कि यह बदलाव छोटे और मझोले निर्यातकों के लिए भी बड़ा मौका साबित होगा, जो अब तक ऊंचे टैक्स के कारण अमेरिकी बाजार में कदम रखने से हिचकिचा रहे थे।
सिर्फ AYUSH नहीं, कई सेक्टर होंगे मजबूत
India–US Interim Trade Deal का असर केवल AYUSH और न्यूट्रास्यूटिकल तक सीमित नहीं है।
इससे टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स और होम डेकोर जैसे कई भारतीय निर्यात सेक्टरों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
वहीं भारत ने भी अमेरिका से आने वाले कुछ औद्योगिक और चुनिंदा कृषि उत्पादों पर टैरिफ में आंशिक राहत देने पर सहमति जताई है, जबकि संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को सुरक्षित रखा गया है।
भारतीय ब्रांड्स के लिए क्या बदलेगा?
इस व्यापार समझौते के बाद भारतीय कंपनियों को
- अमेरिका में बेहतर प्राइसिंग पावर
- निर्यात में लंबी अवधि की स्थिर ग्रोथ
- और Brand India (AYUSH) को ग्लोबल लेवल पर मजबूत करने का मौका मिलेगा
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