आज भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) ने अपना 47वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया। इस खास मौके पर मध्यप्रदेश के 17 जिलों में पार्टी कार्यालयों के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया।
राजधानी भोपाल स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्राथमिक और सक्रिय सदस्यों का बड़ा सम्मेलन आयोजित हुआ। यहां से मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल वर्चुअली जुड़कर कार्यक्रम का हिस्सा बने।

सीएम का बयान: मजबूत नेतृत्व से हर समस्या का समाधान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जो अपने दुश्मनों को उनके घर में घुसकर जवाब देता है। उन्होंने कहा कि मजबूत और सक्षम नेतृत्व होने पर देश की हर समस्या का समाधान संभव है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश और पार्टी दोनों मजबूत हुए हैं।
सीएम ने भाजपा की तुलना फीनिक्स पक्षी से करते हुए कहा कि पार्टी की विचारधारा अटल और अमर है, जो हर चुनौती के बाद और मजबूत होकर उभरती है।

अटल जी के दौर को भी किया याद
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व को याद करते हुए कहा कि गठबंधन की सरकार होने के बावजूद उन्होंने 24 दलों के साथ सफलतापूर्वक शासन चलाया और अपने वादे पूरे किए।
62 जिलों में कार्यालय बनाने का लक्ष्य
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी की विचारधारा सहभागिता पर आधारित है। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और अटल जी के विचारों को आगे बढ़ाने की बात कही।
उन्होंने बताया कि फिलहाल 17 जिलों में कार्यालय निर्माण शुरू हो रहा है और लक्ष्य है कि अगले स्थापना दिवस से पहले प्रदेश के सभी 62 जिलों में भाजपा के अपने कार्यालय हों।
हर कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा और पुस्तकालय भी होगा, जहां संगठन और विचारधारा से जुड़ी किताबें उपलब्ध रहेंगी।
दिवंगत नेताओं के परिवारों का सम्मान
सम्मेलन के दौरान पार्टी के दिवंगत नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद मंच से उतरकर पूर्व विधायक स्वर्गीय रमेश शर्मा के परिजनों से मिलने पहुंचे, जिसने कार्यक्रम को भावुक बना दिया।
7 से 12 अप्रैल तक ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’
भाजपा 7 से 12 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ चलाएगी। इस अभियान में सांसद, विधायक और सभी बड़े नेता गांव-गांव पहुंचेंगे।
- हर विधानसभा में 50 गांवों का चयन किया जाएगा
- नेता जनसभाओं के साथ पुराने कार्यकर्ताओं के घर जाकर सम्मान करेंगे
- स्वच्छता अभियान में खुद भाग लेंगे
- सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मिलकर उनके अनुभव जानेंगे
पार्टी ने निर्देश दिए हैं कि नेता सिर्फ भाषण न दें, बल्कि जनता के बीच जाकर योजनाओं का वास्तविक प्रभाव समझें और उसे सोशल मीडिया पर साझा करें।
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