देश की राजनीति में इस समय तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। एक तरफ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख और अभिनेता Vijay लगातार दूसरे दिन राज्यपाल से मिले, तो दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah आज पश्चिम बंगाल दौरे पर जा रहे हैं। इन दोनों घटनाओं ने राष्ट्रीय राजनीति का तापमान अचानक बढ़ा दिया है।
Vijay की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता ने बढ़ाई हलचल
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर तेजी से गतिविधियां बढ़ रही हैं। TVK चीफ विजय ने एक दिन पहले राज्यपाल को 113 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा था। राज्य में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है, यानी विजय फिलहाल सिर्फ 5 विधायकों के समर्थन से दूर बताए जा रहे हैं।
लगातार दूसरे दिन राज्यपाल से उनकी मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि TVK अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों से लगातार संपर्क बनाए हुए है। कांग्रेस के संभावित समर्थन की अटकलों ने भी तमिलनाडु की राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है।
फिल्मों से राजनीति में आए विजय ने कम समय में युवाओं के बीच मजबूत पकड़ बनाई है। यही वजह है कि उनके हर राजनीतिक कदम पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।
DMK और विपक्ष ने भी तेज की रणनीति
विजय की सक्रियता बढ़ने के बाद डीएमके और उसके सहयोगी दल भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, कई दौर की बैठकों का सिलसिला जारी है। सभी दल सरकार गठन को लेकर अपनी-अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विजय बहुमत साबित कर देते हैं, तो तमिलनाडु की राजनीति में यह सबसे बड़े बदलावों में से एक माना जाएगा।
Bengal Visit पर अमित शाह का फोकस
उधर पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक माहौल गर्म है। अमित शाह आज बंगाल पहुंचकर पार्टी नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे। हाल के राजनीतिक विवादों और सुरक्षा मुद्दों के बीच शाह का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भाजपा बंगाल में संगठन को और मजबूत करने की तैयारी में है। माना जा रहा है कि शाह आगामी रणनीति, संगठन विस्तार और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
South से East तक गर्म हुई देश की राजनीति
तमिलनाडु में विजय की बढ़ती राजनीतिक ताकत और बंगाल में भाजपा की सक्रियता ने देश की राजनीति को नई दिशा दे दी है। एक तरफ TVK सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है, तो दूसरी तरफ भाजपा पूर्वी भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
आने वाले दिनों में तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल दोनों राज्यों से बड़े राजनीतिक फैसले सामने आ सकते हैं, जिनका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी साफ दिखाई देगा।
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