भोजशाला में सुबह से जुटने लगे श्रद्धालु
मध्यप्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला (Bhojshala) में सोमवार को विशेष हवन-पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला परिसर पहुंचने लगे थे। पूरे परिसर में भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला।
700 साल बाद जली अखंड ज्योति
इस आयोजन का सबसे खास पल तब आया, जब करीब 700 साल बाद भोजशाला परिसर में अखंड ज्योति प्रज्वलित की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच जैसे ही ज्योति जलाई गई, श्रद्धालुओं ने इसे ऐतिहासिक और भावुक क्षण बताया। कई भक्तों की आंखों में खुशी साफ दिखाई दी।
वैदिक मंत्रों और भजन-कीर्तन से गूंजा परिसर
पूरे आयोजन के दौरान भोजशाला परिसर में भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना चलती रही। साधु-संतों और पुजारियों ने विधि-विधान से हवन संपन्न कराया। श्रद्धालुओं ने देश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए पूजा में हिस्सा लिया।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
धार प्रशासन ने आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। परिसर के आसपास पुलिस बल तैनात रहा और अधिकारियों ने लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रखी।
सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा आयोजन
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सहेजने का भी प्रतीक है। भोजशाला में अखंड ज्योति जलने से श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला।
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