भीषण गर्मी के बीच एक स्कूल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि 45 डिग्री सेल्सियस तापमान में बच्चों को समर क्लास के लिए स्कूल बुलाया जा रहा था, जबकि जिला कलेक्टर ने पहले ही गर्मी को देखते हुए इस तरह की गतिविधियों पर रोक के निर्देश दिए थे।
इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने आदेशों को नजरअंदाज करते हुए क्लासेज जारी रखीं।
सवाल पूछने पर 10 बच्चों को निकाला
मामला तब और गंभीर हो गया जब कुछ छात्रों और अभिभावकों ने गर्मी में बच्चों को बुलाने पर सवाल उठाए।
आरोप है कि इस पर स्कूल प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए लगभग 10 छात्रों को स्कूल से निकाल दिया।
इस घटना के बाद अभिभावकों में नाराजगी फैल गई है और मामले ने तूल पकड़ लिया है।
“हम अपने नियम खुद बनाते हैं” — स्कूल का बयान
सूत्रों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर स्कूल प्रशासन की ओर से कहा गया कि “हम अपने नियम खुद बनाते हैं”, जिससे विवाद और गहरा गया।
इस बयान के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है।
प्रशासन की नजर में मामला
स्थानीय प्रशासन अब पूरे मामले की जांच कर रहा है।
कलेक्टर के आदेशों की अवहेलना और छात्रों को स्कूल से निकालने जैसे आरोपों को गंभीर माना जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
