karnataka की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उथल-पुथल देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 28 मई को अपने आवास पर कैबिनेट ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई है, जिसके बाद उनके CM पद से इस्तीफा देने की अटकलें और तेज हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यह मीटिंग सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाली अहम मुलाकात मानी जा रही है।
ब्रेकफास्ट मीटिंग बनी चर्चा का केंद्र
28 मई को बुलाई गई इस बैठक में पूरे कैबिनेट को आमंत्रित किया गया है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस मीटिंग के जरिए कांग्रेस हाईकमान के निर्देशों और राज्य नेतृत्व को लेकर अंतिम फैसला हो सकता है।
हालांकि अभी तक कांग्रेस या मुख्यमंत्री की तरफ से इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
इस्तीफे की अटकलें क्यों बढ़ीं?
पिछले कुछ दिनों से कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा तेज है।
दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं—राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे—के साथ हुई बैठकों के बाद यह अटकलें और मजबूत हो गई हैं कि राज्य में बड़ा बदलाव हो सकता है।
इसी बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का नाम भी नए नेतृत्व को लेकर लगातार सामने आ रहा है।
दिल्ली में हुई बैठकों के बाद बढ़ी सस्पेंस
हाल ही में दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ हुई बैठकों के बाद कर्नाटक की सियासत में हलचल बढ़ गई है।
सूत्रों का कहना है कि पार्टी राज्य में सत्ता संतुलन और नेतृत्व बदलाव को लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रही है।
