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MP Teachers News: 1.5 लाख शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य, सुप्रीम कोर्ट ने दिया 1 साल का अतिरिक्त समय

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MP के करीब 1.5 लाख शिक्षकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा। हालांकि राहत देते हुए कोर्ट ने पात्रता परीक्षा पास करने के लिए एक साल का अतिरिक्त समय भी दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि बच्चों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इसलिए स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए आवश्यक योग्यता और पात्रता परीक्षा बेहद जरूरी है।

क्या है पूरा मामला?

मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं, जिन्होंने अभी तक TET परीक्षा पास नहीं की है। इस मामले को लेकर लंबे समय से कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि सभी संबंधित शिक्षकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर TET पास करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए योग्य और प्रशिक्षित शिक्षकों की आवश्यकता है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देना सरकार और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। ऐसे में पात्रता परीक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने यह भी माना कि कई शिक्षक लंबे समय से सेवा दे रहे हैं, इसलिए उन्हें राहत देते हुए TET पास करने के लिए एक वर्ष का अतिरिक्त समय दिया गया है।

1.5 लाख शिक्षकों पर पड़ेगा असर

इस फैसले का असर मध्य प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों पर पड़ेगा। अब उन्हें निर्धारित अवधि के भीतर TET परीक्षा पास करनी होगी। यदि शिक्षक तय समय में पात्रता परीक्षा पास नहीं करते हैं, तो उनके भविष्य को लेकर प्रशासनिक निर्णय लिए जा सकते हैं।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। पात्रता परीक्षा से यह सुनिश्चित होगा कि बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक आवश्यक शैक्षणिक मानकों को पूरा करते हों।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि शिक्षक तय समय सीमा के भीतर TET परीक्षा पास कर पाते हैं या नहीं।

Manya

manyajadoun42@gmail.com

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स्पंज आयरन से भरे ट्रक की हेराफेरी: 7 लाख की ठगी में दो आरोपी गिरफ्तार, फर्जी नंबर प्लेट लगाकर छिपाई पहचान

रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में स्पंज आयरन से भरे ट्रक की हेराफेरी कर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने महाराष्ट्र भेजे जा रहे माल को रास्ते में ही बेच दिया और ट्रक की पहचान छिपाने के लिए उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50 हजार रुपये नकद, फर्जी नंबर प्लेट लगा ट्रक और अन्य सामान सहित करीब 15 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया है। महाराष्ट्र भेजने के बजाय उरला में बेच दिया माल पुलिस के अनुसार, एक निजी कंपनी ने ट्रक क्रमांक CG 08 AT 3321 में करीब 35 टन 870 किलोग्राम स्पंज आयरन, जिसकी कीमत लगभग 7.07 लाख रुपये थी, महाराष्ट्र भेजने के लिए लोड किया था। लेकिन ट्रक चालक ने रास्ते में बीमारी सहित अन्य बहाने बनाकर वाहन को निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचाया। कुछ समय बाद चालक और वाहन मालिक दोनों से संपर्क भी टूट गया। शिकायत मिलने पर उरला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच से मिले अहम सुराग पुलिस उपायुक्त (उत्तर) दीपमाला कश्यप के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर वाहन मालिक गुमान साहू और उसके साथी मोहम्मद मुख्तार को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चालक रहीमान साहू के साथ मिलकर स्पंज आयरन को रास्ते में ही बेच दिया था। इसके बाद ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसकी असली पहचान छिपा दी गई। फाइनेंस की किश्त जमा करने से खुला मामला जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन की फाइनेंस किश्त जमा कर रहे थे। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले और पूरे मामले का खुलासा हो गया। फरार चालक की तलाश जारी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। वहीं, इस मामले में शामिल चालक रहीमान साहू सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों और अपराध से जुड़ी हर अपडेट के लिए विजिट करें:deshharpal.com

पुरी जगन्नाथ रथयात्रा में भगदड़: एक श्रद्धालु की मौत, बारिश के बीच 10 लाख से अधिक लोग पहुंचे

ओडिशा के पुरी में गुरुवार को आयोजित विश्वप्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भगदड़ मच गई। हादसे में एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि कई लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना शाम करीब 5 बजे उस समय हुई, जब पारंपरिक पहांडी रस्म के दौरान भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथों की ओर बढ़ने लगे। भीड़ बढ़ने से मची अफरा-तफरी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यात्रा मार्ग पर तैनात स्वयंसेवक (वॉलेंटियर) भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को पीछे हटाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। अफरा-तफरी में कई लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े और कुछ श्रद्धालुओं को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। तेज बारिश के बीच उमड़ी भारी भीड़ हादसे के समय पुरी में तेज बारिश हो रही थी। इसके बावजूद रथयात्रा मार्ग पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। भारी भीड़ और खराब मौसम के कारण व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। शाम को आगे बढ़ा भगवान जगन्नाथ का रथ भगदड़ की घटना के बाद कुछ समय के लिए रथयात्रा प्रभावित रही। शाम करीब 7:30 बजे भगवान जगन्नाथ का रथ आगे बढ़ाया गया, लेकिन कुछ ही दूरी तय करने के बाद पहले दिन की यात्रा रोक दी गई। अब यात्रा शुक्रवार सुबह दोबारा शुरू होगी और लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित गुंडीचा मंदिर तक पहुंचेगी। पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे पुरी की जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान इससे पहले भी भगदड़ की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 18 जुलाई 2015 नवकलेवर वर्ष होने के कारण लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे थे। भगवान बलभद्र के रथ के पास अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। हादसे में दो महिलाओं की मौत हुई थी, जबकि छह लोग घायल हुए थे। 29 जून 2025 गुंडिचा मंदिर के बाहर सरधाबली क्षेत्र में दर्शन के लिए जुटी भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए थे तथा लापरवाही के आरोप में कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी। देश-दुनिया, धर्म और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

ISRO में वैज्ञानिकों के इस्तीफों पर सख्ती: गगनयान समेत अहम मिशनों को देखते हुए DoS ने बदले नियम

नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों और तकनीकी कर्मचारियों के इस्तीफों तथा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) को लेकर सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। अंतरिक्ष विभाग (Department of Space – DoS) ने 14 जुलाई को जारी निर्देश में कहा है कि अब ग्रुप-ए वैज्ञानिक एवं तकनीकी कर्मचारियों के इस्तीफे या VRS आवेदन पहले की तरह सामान्य प्रक्रिया के तहत मंजूर नहीं किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि हाल के महीनों में वैज्ञानिकों के बढ़ते इस्तीफों का असर गगनयान सहित कई राष्ट्रीय महत्व की अंतरिक्ष परियोजनाओं पर पड़ सकता है। अब अंतिम फैसला करेगा अंतरिक्ष विभाग नए आदेश के अनुसार, ISRO के विभिन्न केंद्रों से आने वाले वैज्ञानिकों और तकनीकी अधिकारियों के इस्तीफे या VRS आवेदन अब संबंधित केंद्र निदेशक की स्पष्ट सिफारिश के साथ सीधे अंतरिक्ष विभाग को भेजे जाएंगे। इन मामलों में अंतिम मंजूरी अब विभाग स्तर पर ही दी जाएगी। इससे पहले वर्ष 2020 में ISRO के केंद्र निदेशकों को ऐसे मामलों में निर्णय लेने का अधिकार दिया गया था। किन केंद्रों पर लागू होंगे नए नियम यह निर्देश ISRO के कई प्रमुख संस्थानों को भेजा गया है, जिनमें शामिल हैं— 10 महीनों में 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने छोड़ी नौकरी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले लगभग 10 महीनों में 100 से अधिक वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मचारी ISRO छोड़ चुके हैं। सबसे अधिक इस्तीफे बेंगलुरु स्थित यूआर राव सैटेलाइट सेंटर (URSC) और तिरुवनंतपुरम के विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) से सामने आए हैं। इस्तीफा देने वालों में वरिष्ठ वैज्ञानिक विक्टर जोसेफ टी भी शामिल हैं। वे VSSC में GSLV Mk-III (LVM3) परियोजना के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रह चुके हैं। यही लॉन्च व्हीकल भविष्य के गगनयान मिशन में इस्तेमाल किया जाएगा। निजी स्पेस स्टार्टअप्स की ओर बढ़ रहा रुझान रिपोर्ट्स के मुताबिक, ISRO छोड़ने वाले कई वैज्ञानिक अब निजी अंतरिक्ष कंपनियों से जुड़ रहे हैं। वर्ष 2020 में अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने और भारतीय अंतरिक्ष नीति 2023 लागू होने के बाद देश में स्पेस स्टार्टअप्स की संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में भारत में 400 से अधिक पंजीकृत स्पेस स्टार्टअप्स कार्यरत हैं, जिनमें अब तक करीब 500 मिलियन डॉलर का निवेश हो चुका है। केवल वर्ष 2025 में ही इस क्षेत्र में लगभग 150 मिलियन डॉलर का निवेश दर्ज किया गया। प्रमुख भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स में शामिल हैं— पूर्व ISRO प्रमुख भी स्टार्टअप से जुड़े ISRO के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ भी अब चेन्नई स्थित स्पेस स्टार्टअप अग्निकुल कॉसमॉस के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में ऑब्जर्वर के रूप में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने जनवरी 2025 तक ISRO का नेतृत्व किया और उनके कार्यकाल में चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता तथा आदित्य-L1 मिशन का प्रक्षेपण हुआ। लगातार दो PSLV मिशन रहे असफल हाल के समय में ISRO को कुछ तकनीकी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा है। इन घटनाओं ने ISRO की भविष्य की परियोजनाओं को लेकर चुनौतियां बढ़ा दी हैं। कई बड़े मिशनों पर जारी है काम चुनौतियों के बावजूद ISRO अपने महत्वाकांक्षी मिशनों पर तेजी से काम कर रहा है। इनमें शामिल हैं— इनमें सबसे महत्वपूर्ण गगनयान मिशन है, जिसके सफल होने पर भारत अपने दम पर इंसानों को अंतरिक्ष भेजने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। विज्ञान, अंतरिक्ष और तकनीक से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

विप्रो का Q1 मुनाफा 3,352 करोड़ रुपये, ₹2 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान; रेवेन्यू अनुमान से रहा कम

नई दिल्ली। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 0.6% बढ़कर 3,352 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 3,330 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के बोर्ड ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है। रेवेन्यू में 10.6% की बढ़ोतरी, लेकिन अनुमान से कम पहली तिमाही में विप्रो का कॉन्सोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर 24,479 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 10.6% अधिक है। हालांकि, यह आंकड़ा बाजार विश्लेषकों के अनुमान से थोड़ा कम रहा। रॉयटर्स-LSEG के अनुसार, विश्लेषकों ने कंपनी का रेवेन्यू लगभग 24,776 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। तिमाही आधार (QoQ) पर कंपनी के कुल राजस्व में करीब 1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। आईटी सर्विसेज कारोबार में मिली-जुली तस्वीर विप्रो के प्रमुख आईटी सर्विसेज बिजनेस का राजस्व 2.61 बिलियन डॉलर रहा। वहीं, कॉन्सटेंट करेंसी के आधार पर आईटी सर्विसेज रेवेन्यू में: बड़ी डील्स में 12.9% की शानदार बढ़ोतरी तिमाही के दौरान कंपनी की कुल बुकिंग 3.37 बिलियन डॉलर रही, जो पिछली तिमाही की तुलना में 2.4% कम है। हालांकि, बड़ी डील्स (Large Deals) की बुकिंग में 12.9% की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 1.63 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इसे कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। ऑपरेटिंग मार्जिन और एट्रिशन विप्रो का आईटी सर्विसेज ऑपरेटिंग मार्जिन इस तिमाही में 16% रहा। इस दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो 3,288 करोड़ रुपये रहा, जो शुद्ध आय (Net Income) का 98% है। वहीं, पिछले 12 महीनों का वॉलंटरी एट्रिशन रेट (स्वेच्छा से नौकरी छोड़ने वाले कर्मचारियों की दर) 13.9% दर्ज किया गया। दूसरी तिमाही के लिए कंपनी का अनुमान जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के लिए विप्रो ने अपने आईटी सर्विसेज कारोबार का राजस्व 2.57 बिलियन डॉलर से 2.63 बिलियन डॉलर के बीच रहने का अनुमान जताया है। कंपनी के अनुसार, कॉन्सटेंट करेंसी ग्रोथ अगली तिमाही में -1.5% से 0.5% के बीच रह सकती है। क्या है कॉन्सोलिडेटेड रिजल्ट? कंपनियां आमतौर पर दो तरह के वित्तीय परिणाम जारी करती हैं— इसी वजह से निवेशक किसी कंपनी की वास्तविक वित्तीय स्थिति समझने के लिए कॉन्सोलिडेटेड परिणामों को अधिक महत्व देते हैं। कॉन्सटेंट करेंसी क्या होती है? आईटी कंपनियों को अपने विदेशी ग्राहकों से डॉलर, यूरो और अन्य विदेशी मुद्राओं में भुगतान मिलता है। विनिमय दरों (Exchange Rate) में उतार-चढ़ाव से वास्तविक प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में कॉन्सटेंट करेंसी के आधार पर आंकड़े जारी किए जाते हैं, जिसमें मुद्रा विनिमय दर को स्थिर मानकर कंपनी की वास्तविक कारोबारी वृद्धि का आकलन किया जाता है। विप्रो के बारे में विप्रो लिमिटेड भारत की प्रमुख टेक्नोलॉजी सर्विसेज और कंसल्टिंग कंपनियों में शामिल है और दुनिया के 65 देशों में अपनी सेवाएं प्रदान करती है। अजीम प्रेमजी ने वर्ष 1966 में 21 वर्ष की आयु में कंपनी की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके नेतृत्व में विप्रो ने वनस्पति तेल के कारोबार से आगे बढ़ते हुए आईटी सेवाओं, सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस और वैश्विक कंसल्टिंग के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई। बिजनेस, शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com

जापान ओपन: पीवी सिंधु क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं, चीन की वर्ल्ड नंबर-5 हान यू को सीधे गेम में हराया

नई दिल्ली। भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। सिंधु ने दूसरे दौर के मुकाबले में चीन की दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी हान यू को मात्र 35 मिनट में 21-16, 21-14 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। इस जीत के साथ सिंधु ने हान यू के खिलाफ अपना दबदबा और मजबूत कर लिया है। दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों में सिंधु 8-1 से आगे हैं। अब क्वार्टर फाइनल में उनका सामना जापान की पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से होगा। ओकुहारा को दूसरे दौर में वॉकओवर मिलने के कारण बिना खेले ही क्वार्टर फाइनल का टिकट मिला है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच के बाद गुरनूर बरार पर ICC की कार्रवाई भारत के तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में ICC आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। मैच के दौरान फील्डिंग करते समय उन्होंने गेंद बल्लेबाज की ओर खतरनाक तरीके से फेंकी थी, जिसके बाद अंपायरों ने इसकी शिकायत दर्ज की। बरार ने अपनी गलती स्वीकार कर ली, जिसके चलते औपचारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। ICC ने उन्हें लेवल-1 उल्लंघन का दोषी मानते हुए एक डिमेरिट पॉइंट और आधिकारिक चेतावनी दी है। निकोलस पूरन का तूफानी शतक, 31 गेंदों में पूरा किया सैकड़ा मेजर लीग क्रिकेट (MLC) में वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज निकोलस पूरन ने इतिहास रचते हुए महज 31 गेंदों में शतक जड़ दिया। MI न्यूयॉर्क की ओर से खेलते हुए उन्होंने वॉशिंगटन फ्रीडम के खिलाफ 5 चौके और 13 छक्कों की मदद से शानदार पारी खेली। उनकी धमाकेदार बल्लेबाजी की बदौलत टीम ने 266 रन का विशाल लक्ष्य खड़ा किया। लॉस एंजिलिस नाइट राइडर्स पहली बार MLC फाइनल में मेजर लीग क्रिकेट के दूसरे मुकाबले में लॉस एंजिलिस नाइट राइडर्स ने सैन फ्रांसिस्को यूनिकॉर्न्स को 7 रन से हराकर पहली बार टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई। पहले बल्लेबाजी करते हुए नाइट राइडर्स ने 20 ओवर में 187/3 का स्कोर बनाया। जवाब में सैन फ्रांसिस्को की टीम 180/4 ही बना सकी। अब फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को ऑकलैंड में खेला जाएगा। स्टेफानी टेलर के लगातार दूसरे शतक से वेस्टइंडीज ने किया क्लीन स्वीप वेस्टइंडीज महिला टीम ने तीसरे वनडे में आयरलैंड को 64 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। टीम की कप्तान स्टेफानी टेलर ने लगातार दूसरे मैच में शतक लगाते हुए 105 रन की शानदार पारी खेली। उनकी बदौलत वेस्टइंडीज ने 257 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया। जवाब में आयरलैंड की पूरी टीम 193 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में भी रहा वेस्टइंडीज का दबदबा स्टेफानी टेलर ने इस पारी के दौरान अपने वनडे करियर का 10वां शतक भी पूरा किया। साथ ही उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रन का ऐतिहासिक आंकड़ा भी पार कर लिया। खेल जगत की ताजा खबरें, लाइव अपडेट और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com

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