Chhattisgarh में D.Ed अभ्यर्थियों की नियुक्ति को लेकर मामला फिर गरमा गया है।
Aam Aadmi Party ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर 10 जून तक पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई, तो 11 जून से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai को पत्र लिखा है।
2300 पद खाली होने का दावा
उत्तम जायसवाल ने दावा किया कि राज्य में सहायक शिक्षक के करीब 2300 पद खाली हैं।
इनमें करीब 1600 पद आदिवासी महिला और पुरुष अभ्यर्थियों से जुड़े बताए गए हैं।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से पात्र अभ्यर्थी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।
153 दिनों से जारी है प्रदर्शन
D.Ed अभ्यर्थी पिछले 153 दिनों से रायपुर के तूता धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि नौकरी नहीं मिलने से वे आर्थिक, मानसिक और सामाजिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
AAP नेता ने कहा कि अभ्यर्थी लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया।
कोर्ट के आदेश का भी दिया हवाला
उत्तम जायसवाल ने पत्र में दावा किया कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि सरकार को न्यायालय के निर्देशों का सम्मान करते हुए जल्द नियुक्ति देनी चाहिए।

आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी का आरोप
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को कई बार गिरफ्तार किया गया।
AAP का कहना है कि आंदोलनकारियों को तीन बार जेल भेजा गया और चार दिन तक हिरासत में रखा गया। इसके बावजूद अभ्यर्थियों ने शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखा।
“सरकार जल्द फैसला ले”
उत्तम जायसवाल ने कहा कि नियुक्ति में लगातार देरी के कारण कई अभ्यर्थी मानसिक दबाव में हैं।
उन्होंने इसे सामाजिक और मानवीय संकट बताते हुए सरकार से संवेदनशील निर्णय लेने की मांग की।
साथ ही चेतावनी दी कि यदि 10 जून तक नियुक्ति नहीं हुई, तो 11 जून से आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
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