UP को करीब चार साल बाद स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिला है। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को राज्य का नया DGP नियुक्त किया गया है। पदभार संभालने के बाद उन्होंने साफ कर दिया है कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति आगे भी जारी रहेगी।
एक विशेष बातचीत में राजीव कृष्ण ने कहा कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस जनता की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।
Cyber Crime पर विशेष नजर
नए DGP ने माना कि साइबर अपराध आज सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी जैसे मामलों से निपटने के लिए पुलिस की तकनीकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया जाएगा।
Road Safety बनेगी प्राथमिकता
राजीव कृष्ण ने सड़क सुरक्षा को भी अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए ‘Zero Fatality District’ जैसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा। पुलिस यातायात नियमों के पालन और जनजागरूकता अभियानों पर विशेष ध्यान देगी।
महिलाओं की सुरक्षा और जनता का भरोसा
DGP ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा और पुलिस पर जनता के भरोसे को मजबूत करना उनकी कार्ययोजना का अहम हिस्सा रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले व्यक्ति के प्रति नरमी नहीं बरती जाएगी।
तकनीक और आधुनिक पुलिसिंग पर जोर
राजीव कृष्ण पहले भी तकनीक आधारित पुलिसिंग के समर्थक रहे हैं। AI, डेटा एनालिटिक्स, साइबर ट्रेनिंग और आधुनिक जांच प्रणाली के जरिए पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के नए DGP के रूप में राजीव कृष्ण की नियुक्ति को राज्य में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में उनकी नीतियों और फैसलों पर सभी की नजर रहेगी।
