जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम (Pahalgam) में हुए आतंकी हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को अब ऐसे डिजिटल सबूत मिले हैं, जो इस हमले के तार पाकिस्तान से जुड़ने की ओर इशारा कर रहे हैं। जांच में सामने आया है कि आतंकियों के पास मिले मोबाइल फोन पहले पाकिस्तान भेजे गए थे और उनमें हमले की जगह बायसरन घाटी से जुड़ी अहम जानकारियां भी मौजूद थीं।
हमले से पहले की गई थी पूरी रेकी
NIA अधिकारियों के मुताबिक, आतंकियों के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। फोन में मौजूद लोकेशन डेटा, स्क्रीनशॉट और तस्वीरों से पता चलता है कि हमले से पहले बायसरन इलाके की बारीकी से रेकी की गई थी।
जांच एजेंसियों को मिले रिकॉर्ड बताते हैं कि आतंकियों ने हमले से करीब एक सप्ताह पहले इलाके के रास्तों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संभावित टारगेट्स की जानकारी जुटाई थी। इससे साफ है कि हमला अचानक नहीं बल्कि पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया।
पाकिस्तान से जुड़े मिले मोबाइल फोन
जांच के दौरान बरामद दो स्मार्टफोन एजेंसियों के लिए अहम सुराग बने हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये मोबाइल फोन चीन में बने थे और बाद में पाकिस्तान भेजी गई खेप का हिस्सा थे। इनमें से एक डिवाइस कराची और दूसरा लाहौर पहुंचा था।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन डिवाइसों का इस्तेमाल आतंकियों के बीच संपर्क और हमले की तैयारी के लिए किया गया। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने के बाद इन्हें हमले से पहले सक्रिय किया गया था।
डिजिटल सबूतों ने खोले कई राज
फोन से मिले डेटा में बायसरन घाटी की लोकेशन, मैप्स और कई तस्वीरें शामिल हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि इन जानकारियों ने यह साबित करने में मदद की है कि आतंकियों ने पहले से इलाके का अध्ययन किया था और हमले की रणनीति तैयार की थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, आज के दौर में डिजिटल फॉरेंसिक जांच आतंकवाद के मामलों में सबसे महत्वपूर्ण हथियार बन चुकी है। मोबाइल डेटा, चैट रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री कई बार ऐसे राज खोल देते हैं जो पारंपरिक जांच में सामने नहीं आते।
NIA की नजर पूरे नेटवर्क पर
एजेंसी अब केवल हमले में शामिल आतंकियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन लोगों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है जिन्होंने किसी भी रूप में मदद पहुंचाई हो। जांच का फोकस इस बात पर भी है कि पाकिस्तान से जुड़े उपकरण आतंकियों तक कैसे पहुंचे और स्थानीय स्तर पर किसने उनकी सहायता की।
घाटी में बढ़ाई गई सुरक्षा
हमले के बाद पूरे पहलगाम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
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