UP में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल अभी से तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (SP) ने चुनावी रणनीति को लेकर बड़ा दांव खेलने की तैयारी शुरू कर दी है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव चुनाव की तारीखों से करीब 2-3 महीने पहले ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकते हैं।
इस कदम को पार्टी के अंदर “बगावत रोकने और संगठन को मजबूत करने” की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
पहले से प्रत्याशी उतारने की रणनीति क्यों?
रिपोर्ट्स के अनुसार, सपा चाहती है कि उम्मीदवारों को प्रचार के लिए ज्यादा समय मिले और जमीनी स्तर पर उनकी पकड़ मजबूत हो। समय से पहले टिकट घोषित करने से अंदरूनी असंतोष और टिकट विवादों को भी कम करने की कोशिश होगी।
कांग्रेस के साथ गठबंधन पर क्या है प्लान?
सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर शुरुआती बातचीत में लगभग 80 सीटों का फॉर्मूला चर्चा में है। यह वही मॉडल माना जा रहा है, जिसे दोनों दल 2024 लोकसभा चुनाव में भी आंशिक रूप से आजमा चुके हैं।
हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दोनों दलों के बीच बातचीत लगातार जारी है।
सीट बंटवारे में सबसे बड़ी चुनौती
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि असली चुनौती सीटों के बंटवारे को लेकर होगी। कांग्रेस ज्यादा सीटों की मांग कर सकती है, जबकि सपा अपने मजबूत क्षेत्रों को छोड़ने के मूड में नहीं है।
यही वजह है कि शुरुआती स्तर पर बातचीत “कठिन लेकिन जारी” बताई जा रही है।
