MP कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार पर आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि प्रदेश में आदिवासियों की करीब 1.26 लाख हेक्टेयर जमीन का हस्तांतरण किया गया है, जिससे आदिवासी समुदाय के हित प्रभावित हुए हैं।
कांग्रेस ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में भूमि संरक्षण के लिए बने नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए। पार्टी का आरोप है कि जमीन हस्तांतरण के मामलों में पारदर्शिता की कमी रही है और सरकार को इस विषय पर स्पष्ट जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए।
कांग्रेस ने उठाए कई सवाल
कांग्रेस नेताओं ने सरकार से पूछा है कि आदिवासियों की जमीन किन परिस्थितियों में हस्तांतरित की गई और इसके लिए क्या कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई। पार्टी का कहना है कि आदिवासी समुदाय की जमीन और संसाधनों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है।
सरकार से जांच की मांग
कांग्रेस ने मामले की विस्तृत जांच कराने और संबंधित आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार
कांग्रेस के आरोपों के बाद अब भाजपा सरकार की प्रतिक्रिया पर नजरें टिकी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन सकता है।
आदिवासी अधिकारों पर बढ़ी बहस
इस मुद्दे के सामने आने के बाद प्रदेश में आदिवासी अधिकारों, भूमि संरक्षण और विकास परियोजनाओं के बीच संतुलन को लेकर बहस तेज हो गई है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में पारदर्शिता और तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की है।
