मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। हाल के दिनों में युद्धविराम और कूटनीतिक समझौतों की चर्चाओं के बीच एक बार फिर इजरायल (Israel) और लेबनान (Lebanon) के बीच संघर्ष तेज हो गया है। इजरायली सेना द्वारा लेबनान में किए गए ताजा हवाई हमलों में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का स्तर काफी बढ़ गया है।
शांति की कोशिशों के बीच फिर भड़की हिंसा
कुछ समय पहले तक क्षेत्र में संघर्ष को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रयास किए जा रहे थे। अमेरिका समेत कई देशों ने युद्धविराम और बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया था। लेकिन ताजा घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि जमीनी स्तर पर हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया हमले के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ सकता है, जिससे पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति प्रभावित होने की आशंका है।
इजरायल का दावा- सुरक्षा के लिए की कार्रवाई
इजरायली सेना का कहना है कि उसने लेबनान में सक्रिय उन ठिकानों को निशाना बनाया है, जहां से उसके खिलाफ हमलों की योजना बनाई जा रही थी। दूसरी ओर, लेबनान और हिज्बुल्लाह समर्थक समूहों ने इस कार्रवाई को आक्रामक और अस्वीकार्य बताया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलों में रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे आम नागरिकों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।
लेबनान में बढ़ा मानवीय संकट
लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों के सामने सुरक्षित स्थानों पर जाने की चुनौती खड़ी हो गई है। राहत एजेंसियों ने भी क्षेत्र में मानवीय संकट गहराने की चेतावनी दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दोनों पक्ष जल्द संयम नहीं बरतते हैं, तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है।
दुनिया की नजरें मध्य पूर्व पर
इजरायल-लेबनान संघर्ष के नए दौर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान खोजने की अपील की है।
हालांकि मौजूदा हालात को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि क्षेत्र में शांति कब तक लौट पाएगी। फिलहाल मध्य पूर्व एक बार फिर युद्ध और अनिश्चितता के दौर में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है।
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