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Bihar : एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की आज तेरहवीं

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Bihar में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की आज तेरहवीं का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। परिवार की ओर से करीब 25 हजार लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है।

परिजनों के मुताबिक, तेरहवीं में आसपास के कई गांवों के लोग भी शामिल होंगे। कार्यक्रम की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थीं। बड़ी मात्रा में भोजन बनाया जा रहा है और आयोजन स्थल पर सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

इस बीच भरत तिवारी की मां ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें मौजूदा सरकार पर भरोसा नहीं है। उनका आरोप है कि उनके बेटे के मामले में उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि परिवार अब भी इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर पहले से ही कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं। परिवार लगातार इस कार्रवाई पर सवाल उठाता रहा है। वहीं, तेरहवीं के आयोजन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

परिवार का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का जुटान है जो भरत तिवारी को जानते थे और उन्हें श्रद्धांजलि देना चाहते हैं।

फिलहाल, पूरे इलाके की नजर इस कार्यक्रम पर बनी हुई है। प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।

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Neha Pandey

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Bullet Train

India First Bullet Train: 100 KM के Surat-Vapi सेक्शन पर अगले साल शुरू होगी हाई-स्पीड सेवा

भारत में हाई-स्पीड रेल का सपना अब हकीकत बनने के बेहद करीब है। लंबे समय से चर्चा में रही मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन (Bullet Train) परियोजना का पहला चरण अगले साल शुरू होने की उम्मीद है। शुरुआती दौर में गुजरात के सूरत से वापी के बीच करीब 100 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर बुलेट ट्रेन दौड़ सकती है। यह सिर्फ एक नई ट्रेन की शुरुआत नहीं होगी, बल्कि भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय भी जोड़ेगी। अगले साल यात्रियों को मिल सकती है पहली Bullet Train की सौगात परियोजना पर काम कर रही नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के अनुसार, सूरत-वापी सेक्शन का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। ट्रैक, स्टेशन, बिजली व्यवस्था और सिग्नलिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य अंतिम चरण में हैं। यदि ट्रायल सफल रहता है, तो अगले साल इसी सेक्शन पर नियमित संचालन शुरू किया जा सकता है। 320 KM/H की रफ्तार से बदलेगा सफर का अनुभव भारत की पहली बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि सामान्य परिचालन के दौरान इसकी गति करीब 300 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है। इससे यात्रियों का सफर पहले की तुलना में काफी तेज और आरामदायक हो जाएगा। जिन यात्राओं में आज कई घंटे लगते हैं, उन्हें भविष्य में बहुत कम समय में पूरा किया जा सकेगा। जापान की Shinkansen तकनीक से तैयार हो रहा है प्रोजेक्ट मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट जापान के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। इसमें Shinkansen तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, जिसे दुनिया की सबसे सुरक्षित और समय की पाबंद हाई-स्पीड रेल सेवाओं में गिना जाता है। यही तकनीक जापान में दशकों से लाखों यात्रियों को सुरक्षित सफर का अनुभव दे रही है। 508 KM लंबे कॉरिडोर से जुड़ेगा मुंबई और अहमदाबाद पूरी परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच करीब 508 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर तैयार होगा। इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। साथ ही व्यापार, उद्योग, पर्यटन और निवेश को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। तेजी से आगे बढ़ रहा है निर्माण कार्य परियोजना के तहत एलिवेटेड ट्रैक, स्टेशन, पुल, सुरंग और विद्युत प्रणाली का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। गुजरात में कई हिस्सों में सिविल कार्य पूरा हो चुका है, जबकि ट्रैक बिछाने और आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाने का काम लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण को तय समय पर शुरू करने के लिए सभी एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं। यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं बुलेट ट्रेन में यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। आरामदायक सीटें, आधुनिक सुरक्षा प्रणाली, बेहतर स्टेशन, समय की बचत और तेज यात्रा इसका सबसे बड़ा आकर्षण होंगे। इसके अलावा यह परियोजना पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देगी। भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में जुड़ेगा नया अध्याय विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल मुंबई और अहमदाबाद को जोड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में भविष्य के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की मजबूत नींव भी रखेगी। यदि पहला चरण सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी परियोजनाओं को गति मिल सकती है। Highlights
CM Yogi

CM Yogi Statement: ‘जय श्री राम’ पर सपा को घेरा, बोले- जनता सब कुछ याद रखती है

उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग कभी ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने वालों पर लाठी चलाते थे और राम भक्तों पर गोली चलाने के लिए बदनाम थे, वही आज राम भक्ति की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता इतिहास को भूली नहीं है और सच को अच्छी तरह जानती है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता ने पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव देखा है। उनके अनुसार, पहले जिन मुद्दों पर राजनीति होती थी, आज वही लोग बदलते माहौल को देखकर अपनी छवि बदलने की कोशिश कर रहे हैं। सपा पर सीधा राजनीतिक हमला योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी का नाम लिए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए जिन लोगों ने राम भक्तों की भावनाओं की परवाह नहीं की, वे आज खुद को राम भक्त बताने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता को सब याद है और लोकतंत्र में जनता ही अंतिम फैसला करती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में अब कानून-व्यवस्था पहले से कहीं बेहतर हुई है। धार्मिक आयोजनों को सम्मान मिल रहा है और सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करने का काम कर रही है। अयोध्या, विकास और आस्था का किया जिक्र अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर, धार्मिक पर्यटन और प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को भी मजबूत करना है। योगी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश आज निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और धार्मिक आस्था—चारों क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास और सुशासन को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। बयान के बाद सियासत तेज होने के आसार मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है। भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच पहले से जारी राजनीतिक मुकाबले के बीच इस बयान को आगामी चुनावी माहौल से भी जोड़कर देखा जा रहा है। फिलहाल, समाजवादी पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री योगी के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी और तेज हो सकती है। क्या है पूरा मामला? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि “जो जय श्री राम बोलने पर लाठी चलाते थे और राम भक्तों पर गोली चलाते थे, वे आज राम भक्ति की दुहाई दे रहे हैं।” इस बयान को भाजपा ने अपनी वैचारिक राजनीति से जोड़कर पेश किया है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा बता सकता है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में राम मंदिर, आस्था और विकास जैसे मुद्दे लंबे समय से चुनावी विमर्श का अहम हिस्सा रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम में चर्चा का केंद्र बन सकता है।
Amarnath Yatra

Amarnath Yatra Update: 5-8 घंटे का सफर अब 30 मिनट में, 2029 तक शुरू होगी Cable Car Service

Amarnath Yatra Cable Car Project: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। लेकिन कठिन पहाड़ी रास्ते और कई घंटे की पैदल यात्रा अक्सर श्रद्धालुओं के लिए चुनौती बन जाती है। अब इस परेशानी को काफी हद तक कम करने की तैयारी हो चुकी है। सरकार अमरनाथ यात्रा को अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाने के लिए केबल कार प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। तय योजना के मुताबिक अप्रैल 2027 से निर्माण कार्य शुरू होगा, जबकि 2029 तक केबल कार सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। 5 से 8 घंटे की यात्रा घटकर होगी सिर्फ 30 मिनट फिलहाल अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को बालटाल और पहलगाम मार्ग से लंबी चढ़ाई करनी पड़ती है। मौसम, भीड़ और रास्ते की स्थिति के अनुसार यह सफर करीब 5 से 8 घंटे तक का हो सकता है। केबल कार शुरू होने के बाद यही दूरी करीब 30 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए भी बाबा बर्फानी के दर्शन पहले से कहीं ज्यादा सरल हो जाएंगे। अप्रैल 2027 से शुरू होगा निर्माण कार्य परियोजना की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। संबंधित एजेंसियां तकनीकी और पर्यावरण से जुड़ी सभी जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी कर रही हैं। योजना के अनुसार अप्रैल 2027 से Construction शुरू किया जाएगा, ताकि वर्ष 2029 तक केबल कार सेवा श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध हो सके। आधुनिक तकनीक से होगी सुरक्षित यात्रा यह केबल कार परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुसार विकसित की जाएगी। पर्वतीय इलाके की भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम को ध्यान में रखते हुए पूरी व्यवस्था तैयार की जाएगी, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सके। बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिलेगी सबसे बड़ी राहत अभी तक कई श्रद्धालु स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं या अधिक उम्र की वजह से पूरी यात्रा नहीं कर पाते थे। केबल कार शुरू होने के बाद ऐसे श्रद्धालु बिना लंबी पैदल चढ़ाई किए आसानी से अमरनाथ गुफा तक पहुंच सकेंगे। इससे यात्रा के दौरान होने वाली थकान और जोखिम भी काफी कम होंगे। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया बढ़ावा विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने के बाद जम्मू-कश्मीर में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। यात्रा आसान होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय होटल, टैक्सी, दुकानदारों और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को मिलेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अमरनाथ यात्रा बनेगी पहले से ज्यादा आसान बीते कुछ वर्षों में अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं। अब केबल कार परियोजना भी उसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। यदि सब कुछ तय समय पर पूरा हुआ, तो 2029 से श्रद्धालु केवल 30 मिनट में बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए गुफा तक पहुंच सकेंगे।
Bengal

Pipeline Fire in Bengal: भीषण आग से दहला इलाका, 2 की हालत गंभीर, ट्रेन संचालन प्रभावित

Bengal में मंगलवार को एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया, जब एक पेट्रोकेमिकल्स पाइपलाइन में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग की ऊंची लपटों और घने धुएं ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में कम से कम 15 लोग झुलस गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को खाली कराना शुरू कर दिया, ताकि किसी और को नुकसान न पहुंचे। Railway Track के पास लगी आग, ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हादसे का असर पास से गुजरने वाली रेलवे लाइन पर भी पड़ा। आग और धुएं को देखते हुए रेलवे अधिकारियों ने एहतियातन कुछ समय के लिए ट्रेनों की आवाजाही रोक दी। इससे कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ और यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा। रेलवे की तकनीकी टीम ने ट्रैक का निरीक्षण किया और सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद सेवाओं को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की। दमकल और राहत दल ने संभाला मोर्चा आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। पुलिस, आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पाया गया, हालांकि प्रभावित इलाके की निगरानी अभी भी जारी है ताकि दोबारा कोई खतरा पैदा न हो। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी की आशंका फिलहाल आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शुरुआती जांच में पाइपलाइन में तकनीकी खराबी या गैस रिसाव की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों की टीम पूरे घटनास्थल की जांच कर रही है और विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। प्रशासन ने लोगों से की अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रभावित क्षेत्र के आसपास भीड़ न लगाएं और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। साथ ही घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और स्थिति को जल्द सामान्य करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अहमियत को सामने लाता है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था। फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी है तथा पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
जनरल उपेंद्र द्विवेदी

Army Chief Retirement: ‘हर जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई’, विदाई में बोले जनरल उपेंद्र द्विवेदी

भारतीय सेना के नेतृत्व में मंगलवार को एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी अपने कार्यकाल के पूरा होने के बाद सेवानिवृत्त हो गए। विदाई समारोह में उन्होंने देश की सुरक्षा में सेना की भूमिका, जवानों के समर्पण और हाल के सैन्य अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सेना ने हर चुनौती का पूरी तैयारी और जिम्मेदारी के साथ सामना किया है। अपने संबोधन में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सेना की पेशेवर क्षमता और मजबूत रणनीति का प्रतीक बताया। वहीं, अब सेना की कमान जनरल धीरज सेठ संभालेंगे, जो मंगलवार को नए Chief of Army Staff के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे। “हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया” विदाई समारोह के दौरान जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि सेना की असली ताकत उसके जवान और अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा से लेकर हर संवेदनशील अभियान तक, भारतीय सेना ने हमेशा अपने कर्तव्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने सैनिकों की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि बदलते सुरक्षा हालात के बीच भी सेना ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी दक्षता और अनुशासन के साथ निभाया। उनके अनुसार, यह सामूहिक प्रयास ही भारतीय सेना की सबसे बड़ी पहचान है। Operation Sindoor को बताया सेना की क्षमता का प्रमाण अपने भाषण में जनरल द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने यह साबित किया कि भारतीय सेना किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में तेज़, सटीक और प्रभावी कार्रवाई करने में सक्षम है। उन्होंने इसे केवल एक सफल सैन्य अभियान नहीं, बल्कि सेना के बेहतर समन्वय, आधुनिक रणनीति और जवानों के साहस का उदाहरण बताया। आज जनरल धीरज सेठ के हाथों में होगी कमान जनरल उपेंद्र द्विवेदी के सेवानिवृत्त होने के बाद जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना के नए प्रमुख के रूप में पदभार संभालेंगे। उनके सामने सेना के आधुनिकीकरण, सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने, नई रक्षा तकनीकों को अपनाने और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप सैन्य तैयारियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। रक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि नए नेतृत्व में भारतीय सेना तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनने के साथ-साथ आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली को भी नई गति दे सकती है। उपलब्धियों से भरा रहा जनरल द्विवेदी का कार्यकाल जनरल उपेंद्र द्विवेदी के कार्यकाल में भारतीय सेना ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, सैन्य प्रशिक्षण को आधुनिक बनाने और नई तकनीकों को अपनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अलावा सेना ने कई बड़े सैन्य अभ्यासों और रणनीतिक अभियानों के जरिए अपनी परिचालन क्षमता को भी मजबूत किया। उनके नेतृत्व में सेना ने बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल के अनुसार खुद को लगातार तैयार रखा और राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। नए नेतृत्व से बढ़ीं उम्मीदें जनरल धीरज सेठ के सेना प्रमुख बनने के साथ भारतीय सेना एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। रक्षा विशेषज्ञों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में सेना आधुनिकीकरण की रफ्तार तेज करेगी, नई सैन्य तकनीकों को अपनाएगी और सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी। जनरल उपेंद्र द्विवेदी की विदाई केवल एक कार्यकाल का अंत नहीं है, बल्कि भारतीय सेना के लिए नए नेतृत्व और नई जिम्मेदारियों की शुरुआत भी है। देश की सुरक्षा के प्रति सेना की प्रतिबद्धता पहले की तरह मजबूत रहेगी और यही विश्वास देशवासियों के मन में भी कायम है।

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