जून 2026 में देश में मॉनसून ने इस बार कमजोर प्रदर्शन किया है। मौसम विभाग के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इस महीने सामान्य से लगभग 39.8% कम बारिश दर्ज की गई है। इसे इस सदी के सबसे सूखे जून महीनों में से एक माना जा रहा है।
बारिश की कमी का असर अब खेतों में साफ दिखाई देने लगा है। खासकर खरीफ सीजन की फसलों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। किसान धान, मक्का और दलहन जैसी फसलों की बुवाई को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि जमीन में नमी की कमी बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आने वाले हफ्तों में मॉनसून सक्रिय नहीं हुआ, तो कृषि उत्पादन पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। इससे खाद्य आपूर्ति और कीमतों पर भी दबाव बनने की संभावना है।
हालांकि मौसम विभाग को उम्मीद है कि जुलाई में मॉनसून की रफ्तार बढ़ सकती है और बारिश की स्थिति में सुधार हो सकता है।


