भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ (एमपीसीडीएफ) द्वारा आयोजित सहकारिता सप्ताह (Cooperation Week 2026) का मंगलवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। पूरे सप्ताह चले इस आयोजन में कर्मचारियों और अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समापन समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया, जबकि पूरे कार्यक्रम का केंद्र सहकारिता की भावना और सामूहिक विकास का संदेश रहा।
एमपीसीडीएफ के प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोवानी ने प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने कहा कि सहकारिता की असली ताकत लोगों के आपसी विश्वास, सहभागिता और साझा जिम्मेदारी में छिपी है। यही भावना दुग्ध उत्पादकों और किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे मजबूत माध्यम बनती है।
पूरे सप्ताह हुए कई रचनात्मक आयोजन
सहकारिता सप्ताह के दौरान कर्मचारियों में जागरूकता और भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से कई गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें पौधरोपण अभियान, ई-चौपाल, सहकारिता विषयक सेमिनार, क्विज प्रतियोगिता और संवाद कार्यक्रम शामिल रहे। इन आयोजनों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि सहकारिता के मूल सिद्धांतों को व्यवहार में उतारने के लिए प्रेरित करना भी था।
‘मामूलीराम’ फिल्म से मिली प्रेरणा
कार्यक्रम का सबसे विशेष आकर्षण भारत की श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन के जीवन पर आधारित फिल्म ‘मामूलीराम’ का प्रदर्शन रहा। फिल्म के माध्यम से प्रतिभागियों ने जाना कि किस तरह डॉ. कुरियन के नेतृत्व ने देश में दुग्ध सहकारिता आंदोलन को नई दिशा दी और लाखों किसानों के जीवन में बदलाव लाया। फिल्म देखने के बाद कई प्रतिभागियों ने इसे प्रेरणादायक अनुभव बताया।
एमपीसीडीएफ की उपलब्धियों पर भी हुई चर्चा
समापन समारोह में एमपीसीडीएफ ने बीते एक वर्ष के दौरान हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी भी साझा की। इस दौरान दुग्ध संकलन बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने, प्रसंस्करण क्षमता मजबूत करने, अधोसंरचना विकास और दुग्ध उत्पादकों तक सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने जैसे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। साथ ही आने वाले समय में सहकारी दुग्ध व्यवस्था को और मजबूत बनाने की रणनीतियों पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने साझा किए अपने अनुभव
ग्रुप हेड-प्लांट ऑपरेशंस डी.के. पांडे ने कहा कि किसी भी सहकारी संस्था की सफलता उसके बेहतर संचालन, गुणवत्ता नियंत्रण और टीमवर्क पर निर्भर करती है। यदि सभी मिलकर जिम्मेदारी निभाएं तो हर लक्ष्य को आसानी से हासिल किया जा सकता है।
वहीं ग्रुप हेड-एमएनपी असीम निगम ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते समय के साथ सहकारी संस्थाओं को भी नवाचार और आधुनिक सोच को अपनाना होगा। बेहतर समन्वय और सामूहिक प्रयासों से ही सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।
विजेताओं को मिला सम्मान
सप्ताहभर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं और कार्यक्रमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को समापन समारोह में सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी और पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्साह से भर गया।
कार्यक्रम का संचालन मिलन मिश्रा ने किया। इस अवसर पर एमपीसीडीएफ के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे। समारोह का समापन सहकारिता की भावना को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।
