America और Iran के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। सीजफायर लागू होने के बावजूद अमेरिका ने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। इस हमले के बाद पूरे पश्चिम एशिया में हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। इन हमलों के बाद ईरान ने भी तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए।
हालांकि, दोनों देशों की ओर से अभी तक हमलों में हुए नुकसान और हताहतों के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। लेकिन इन घटनाओं के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीजफायर के दौरान इस तरह की सैन्य कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं। इससे न केवल मध्य पूर्व बल्कि दुनिया के कई देशों की सुरक्षा और तेल बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील कर रहा है। यदि यह तनाव आगे बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी देखने को मिल सकता है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की प्रतिक्रिया तय करेगी कि यह तनाव शांत होगा या फिर क्षेत्र में बड़ा सैन्य संघर्ष देखने को मिलेगा।
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