ईरान (Iran) के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Khamenei) की अंतिम यात्रा में लगातार दूसरे दिन भी भारी संख्या में लोग शामिल हुए। देश के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र माने जाने वाले कोम (Qom) शहर में लाखों श्रद्धालुओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पूरे शहर में शोक का माहौल देखने को मिला, जबकि सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी रखी गई।
अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने खामेनेई के सम्मान में नारे लगाए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सड़कों पर लोगों की भीड़ इतनी अधिक थी कि कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। ईरान के विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालु अंतिम दर्शन के लिए घंटों तक इंतजार करते नजर आए।
Jamkaran Mosque में अदा हुई जनाजे की नमाज
खामेनेई की अंतिम यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव जमकरान मस्जिद (Jamkaran Mosque) रहा। यहां बड़ी संख्या में धार्मिक विद्वानों, वरिष्ठ अधिकारियों और आम नागरिकों की मौजूदगी में जनाजे की नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने शांति और देश की स्थिरता के लिए दुआ भी मांगी।
जमकरान मस्जिद शिया समुदाय के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में गिनी जाती है। ऐसे में यहां अंतिम धार्मिक रस्मों का आयोजन विशेष महत्व रखता है। मस्जिद परिसर और उसके आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
देशभर से पहुंचे श्रद्धालु
ईरान के अलग-अलग हिस्सों से लोग कोम पहुंचे ताकि वे अपने नेता को अंतिम विदाई दे सकें। कई परिवार अपने बच्चों के साथ अंतिम यात्रा में शामिल हुए। लोगों का कहना था कि वे खामेनेई के प्रति सम्मान व्यक्त करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए यहां पहुंचे हैं।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील भी की।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजरें
खामेनेई की अंतिम यात्रा पर दुनिया के कई देशों की नजरें टिकी रहीं। इसे ईरान के हालिया इतिहास की सबसे बड़ी सार्वजनिक सभाओं में से एक माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस आयोजन के बाद ईरान की आंतरिक और क्षेत्रीय राजनीति पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।
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