उज्जैन में इस बार Jagannath Rath Yatra 2026 आस्था, परंपरा और भव्यता का अद्भुत संगम बन गई। धार्मिक नगरी में पहली बार भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा तीन अलग-अलग रथों पर निकाली गई। हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने और पूरा शहर जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंज उठा।
इस भव्य यात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान जगन्नाथ का 35 फीट ऊंचा नंदीघोष रथ (Nandighosh Rath) रहा। आकर्षक सजावट और पारंपरिक शैली में तैयार किए गए इस विशाल रथ पर भगवान जगन्नाथ विराजमान हुए। रथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त सड़क किनारे मौजूद रहे और भगवान की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए।
ढाई लाख की खास पोशाक में सजे भगवान जगन्नाथ
इस बार भगवान जगन्नाथ का श्रृंगार भी बेहद खास रहा। प्रभु को पहनाई गई विशेष पोशाक को जापानी धागों, मोतियों और बारीक कारीगरी से तैयार किया गया है। इस पोशाक की कीमत करीब 2.5 लाख रुपये बताई जा रही है।
पोशाक में पारंपरिक डिजाइन के साथ आधुनिक कारीगरी का सुंदर मेल देखने को मिला। भगवान के इस दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्तों ने इसे रथ यात्रा का सबसे आकर्षक पल बताया।
Ujjain में पहली बार 3 Rath Yatra का आयोजन
उज्जैन में पहली बार भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के लिए अलग-अलग रथ तैयार किए गए। इससे यात्रा का स्वरूप पहले से ज्यादा भव्य दिखाई दिया। आयोजन समिति की ओर से यात्रा को सफल बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं।
रथों की सजावट, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई स्तरों पर तैयारियां की गईं। यात्रा मार्ग पर भक्तों ने फूलों की बारिश कर भगवान का स्वागत किया।
भक्ति में डूबा उज्जैन, हजारों भक्त बने साक्षी
रथ यात्रा के दौरान उज्जैन का माहौल पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग गया। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचते नजर आए। लोगों ने भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की।
उज्जैन की यह Jagannath Rath Yatra न सिर्फ धार्मिक आयोजन रही, बल्कि शहर की संस्कृति और परंपरा का भी प्रतीक बनी। तीन रथों पर निकली यह यात्रा आने वाले वर्षों में भी श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार आयोजन के रूप में याद की जाएगी।
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