ओडिशा के पुरी में गुरुवार को आयोजित विश्वप्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भगदड़ मच गई। हादसे में एक श्रद्धालु की मौत हो गई, जबकि कई लोगों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना शाम करीब 5 बजे उस समय हुई, जब पारंपरिक पहांडी रस्म के दौरान भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथों की ओर बढ़ने लगे।
भीड़ बढ़ने से मची अफरा-तफरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यात्रा मार्ग पर तैनात स्वयंसेवक (वॉलेंटियर) भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों को पीछे हटाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
अफरा-तफरी में कई लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े और कुछ श्रद्धालुओं को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

तेज बारिश के बीच उमड़ी भारी भीड़
हादसे के समय पुरी में तेज बारिश हो रही थी। इसके बावजूद रथयात्रा मार्ग पर 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। भारी भीड़ और खराब मौसम के कारण व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

शाम को आगे बढ़ा भगवान जगन्नाथ का रथ
भगदड़ की घटना के बाद कुछ समय के लिए रथयात्रा प्रभावित रही। शाम करीब 7:30 बजे भगवान जगन्नाथ का रथ आगे बढ़ाया गया, लेकिन कुछ ही दूरी तय करने के बाद पहले दिन की यात्रा रोक दी गई।
अब यात्रा शुक्रवार सुबह दोबारा शुरू होगी और लगभग 3 किलोमीटर दूर स्थित गुंडीचा मंदिर तक पहुंचेगी।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
पुरी की जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान इससे पहले भी भगदड़ की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
18 जुलाई 2015
नवकलेवर वर्ष होने के कारण लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे थे। भगवान बलभद्र के रथ के पास अचानक भीड़ बढ़ने से भगदड़ मच गई थी। हादसे में दो महिलाओं की मौत हुई थी, जबकि छह लोग घायल हुए थे।
29 जून 2025
गुंडिचा मंदिर के बाहर सरधाबली क्षेत्र में दर्शन के लिए जुटी भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। घटना के बाद राज्य सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए थे तथा लापरवाही के आरोप में कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई थी।
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