फिल्म ‘3 Idiots’ को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अभिनेता आमिर खान ने साफ कहा है कि यह फिल्म सामाजिक मुद्दों पर आधारित थी, लेकिन इसे सोनम वांगचुक की बायोपिक या उनकी कहानी कहना सही नहीं है।
आमिर खान के इस बयान के बाद लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान अभी लद्दाख और वहां के लोगों के अधिकारों की लड़ाई पर है।
20 जुलाई को संसद मार्च करेंगे वांगचुक
सोनम वांगचुक ने बताया कि वे 20 जुलाई को ‘कॉकरोच पार्टी’ के नाम से संसद मार्च निकालने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों का ध्यान लद्दाख के मुद्दों की ओर आकर्षित करना है।
इस दौरान उन्होंने भावुक अंदाज में कहा,
“मैं बस इतना चाहता हूं कि 20 जुलाई तक जिंदा रहूं, ताकि संसद तक अपनी बात पहुंचा सकूं।”
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
क्या है ‘3 इडियट्स’ और वांगचुक का विवाद?
जब साल 2009 में ‘3 इडियट्स’ रिलीज हुई थी, तब कई लोगों ने फिल्म के मुख्य किरदार रैंचो की तुलना सोनम वांगचुक से की थी। हालांकि फिल्म के निर्माता और कलाकार हमेशा कहते रहे हैं कि फिल्म कई वास्तविक घटनाओं और पात्रों से प्रेरित थी, किसी एक व्यक्ति की कहानी नहीं।
अब एक बार फिर आमिर खान के बयान के बाद यह पुराना विवाद चर्चा में आ गया है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
आमिर खान और सोनम वांगचुक के बयानों के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कुछ लोग आमिर खान के बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कई लोग मानते हैं कि फिल्म के किरदार और सोनम वांगचुक के जीवन में कई समानताएं हैं।
अब सभी की नजर 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च पर है, जहां सोनम वांगचुक अपने आंदोलन और लद्दाख के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश करेंगे।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!


