गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में दो दिनों के भीतर सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक मामले में अवैध शराब पकड़ने गई आबकारी विभाग की टीम पर हमला किया गया, जबकि दूसरे मामले में बिजली का बकाया बिल वसूलने और कनेक्शन काटने पहुंचे विद्युत विभाग के कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। दोनों मामलों में कैंट थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अवैध शराब पकड़ने गई आबकारी टीम पर हमला
कैंट थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार आबकारी विभाग के उप निरीक्षक राधाकृष्ण अटारिया ने बताया कि बुधवार को जिले में अवैध शराब के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई थी।
टीम में सहायक जिला आबकारी अधिकारी एल.आर. करोटिया, एसआई मोहनिश शर्मा, वर्धमान जैन, आरक्षक रामहेत सिंह कुशवाह, अरुण कुमार शर्मा, दिनेश कुमार राठौर, पूजा रघुवंशी और खुशबू रघुवंशी शामिल थे।
दोपहर करीब 4:30 बजे टीम हरिपुर गांव के पास खेतों में पहुंची, जहां अवैध शराब मिलने पर जब्ती की कार्रवाई शुरू की गई। इसी दौरान कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे।
आरोप है कि विरोध के दौरान आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे सरकारी वाहन के चालक दिलीप सांडे घायल हो गए। आरक्षक अरुण शर्मा के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। आरोपियों ने सरकारी वाहन में भी तोड़फोड़ की। पुलिस ने नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बिजली विभाग की टीम से भी की गई मारपीट
दूसरा मामला बिजली विभाग से जुड़ा है। फीडर इंचार्ज अमर सिंह यादव ने शिकायत में बताया कि विभाग की टीम राजस्व वसूली और बकाया बिल के कारण बिजली कनेक्शन काटने के लिए गोकुल सिंह चक बस्ती पहुंची थी।
बताया गया कि उपभोक्ता ओमकारलाल अहिरवार पर 65,626 रुपए का बिजली बिल बकाया है और पिछले छह महीने से भुगतान नहीं किया गया है।
शिकायत के अनुसार, दो दिन पहले जब कर्मचारी कनेक्शन काटने पहुंचे थे, तब उपभोक्ता और उसके परिवार ने विरोध कर कर्मचारियों को कार्रवाई नहीं करने दी।
बुधवार शाम सहायक यंत्री प्रशांत यादव अपनी टीम के साथ दोबारा मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद संजेश अहिरवार, लखन अहिरवार और परिवार की एक महिला ने गाली-गलौज करते हुए कर्मचारियों से धक्का-मुक्की की। आरोपियों ने लाठी लेकर सहायक यंत्री पर हमला करने की कोशिश भी की, जिसके बाद कर्मचारी वहां से जान बचाकर निकले।

पुलिस ने दर्ज किए दोनों मामलों में केस
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तीन दिनों के भीतर कर्मचारियों के साथ दो बार अभद्रता और मारपीट हुई, जिससे वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
कैंट थाना पुलिस ने दोनों मामलों में संबंधित आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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