राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर (Jantar Mantar) सोमवार को उस समय तनाव का केंद्र बन गया, जब अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। देखते ही देखते हालात ऐसे बने कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जबकि कुछ के सिर में गंभीर चोट आने की भी खबर है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों का एक समूह बैरिकेडिंग पार कर संसद मार्ग की ओर बढ़ने लगा। पुलिस ने पहले उन्हें रोकने और समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब भीड़ नहीं रुकी तो स्थिति अचानक बिगड़ गई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़ते हुए पार्लियामेंट थाना क्षेत्र तक पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई।
प्रदर्शन के दौरान कैसे बिगड़े हालात?
सुबह से ही जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होने लगे थे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ, लेकिन संसद की ओर मार्च करने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस, धक्का-मुक्की और फिर टकराव की स्थिति बन गई। कुछ ही देर में पूरा इलाका अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि लाठीचार्ज के बाद कई लोग सड़क पर गिर पड़े और कुछ को तुरंत एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, घायलों की आधिकारिक संख्या अभी तक जारी नहीं की गई है।
दीपके बोले- “हमें कोई नहीं रोक सकता”
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे दीपके ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक है और वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा, “हमें कोई नहीं रोक सकता। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं और यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।”
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संसद क्षेत्र की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे नहीं जाने दिया जा सकता था। पुलिस का दावा है कि पहले कई बार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन जब भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी, तब कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
सुरक्षा बढ़ाई गई, ट्रैफिक रहा प्रभावित
घटना के बाद जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है। प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक ट्रैफिक भी प्रभावित रहा, जिससे लोगों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ा।
जांच जारी, प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील
पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और प्रशासनिक कार्रवाई दोनों पर सभी की नजर रहेगी।
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